मेरी माँ रूपा ३३ साल की विधवा हैं। उनका मस्त फिगर है ३४-३२-३८। जब मैं १४ साल का था तब हमारे घर के बगल में एक आंटी रहती थीं। उनके घर में बस वो और उनके पति थे। बच्चे इंजीनियरिंग कॉलेज में पढ़ते थे। अंकल ज्यादातर काम में व्यस्त रहते थे।
एक बार आंटी ने अपने घर पर पूजा आयोजित की। हमारे बगल में घर होने के कारण उन लोगों से हमारा काफी पत्ता था। हमारे घर की छत जॉइंट थी। पूजा शाम में थी सो तैयारी जोर शोर से थी।
आंटी ने मिठाई यानी प्रसाद बनवाने के लिए हलवाई बुलाया था। दो हलवाई आए थे वो बहुत हट्टे-कट्टे थे। वो लड्डू बनाने लगे। थोड़ी देर में आंटी आई और मेरी माँ से बोली कि प्लीज रूपा तुम थोड़ी देर के लिए मेरे घर चली जाओ और अच्छे से प्रसाद बनवा देना मैं पूजा का सामान लेकर आती हूं।
तो माँ बोली कि कोई बात नहीं लेकिन माँ नहा कर जाना चाहती थी। तो आंटी बोली कि गर्मी इतनी ज्यादा है प्लीज जल्दी चली जाओ लड्डू बनवाकर जब आना तो नहा लेना। माँ बोली ठीक है।
माँ उस दिन घर पर नाइट पहनी थी जो कि आगे से पूरा खुलता था। उसमें बटन लगे हुए थे। उसकी नाइट थोड़ी ट्रांसपेरेंट भी थी। माँ अक्सर पैंटी नहीं पहनती हैं। वो पिंक कलर की ब्रा पहनी हुई थी।
फिर आंटी के जाने के बाद माँ आंटी के घर चली गई। मैं छत पर पतंग उड़ा रहा था और प्रसाद उनके आंगन में बन रहा था जो कि छत वाले ग्रिल से साफ दिख रहा था। ग्रिल पर बहुत सारे सामान रखे होने से नीचे वाले को ऊपर कुछ पता नहीं चल पा रहा था।
जब माँ हलवाईयों के पास पहुंची तो वो माँ को देखकर एकदम मस्त हो गए। वो दोनों ५०+ उम्र के लग रहे थे। फिर माँ वहां पहुंचकर चेयर पर बैठ गई फिर कुछ बातें करने लगी।
फिर जब लड्डू बांधने का समय आया तो माँ जमीन पर बैठ गई। माँ कुछ इस तरह उनके सामने बैठी थी कि उनकी चिकनी चूत की हल्की हल्की झलक उन दोनों हलवाईयों को मिल रही थी।
फिर थोड़ी देर बाद माँ किचन में किसी काम से गई तो वो दोनों हलवाई अपने में बात करने लगे और माँ को चोदने की प्लानिंग करने लगे।
माँ जब वापस आई तो वो दोनों माँ के बदन को घूरने लगे। फिर एक हलवाई उठकर बाहर टॉयलेट करने गया और वो उधर से एक इंसेक्ट टिड्डा पकड़कर लेते आया और मेन गेट भी बंद कर दिया।
फिर वो आकर बैठ गया लेकिन हाथ में वो इंसेक्ट को लिए हुए था फिर वो माँ से बोला कि हिलिएगा नहीं आपके पैर के पास कुछ आधा दिख रहा है। माँ तो डर गई फिर वो पास आकर उस टिड्डे को माँ की नाइट में डाल दिया।
अब वो इंसेक्ट माँ की नाइट के अंदर चलने लगा माँ की हालत खराब होने लगी। फिर माँ नाइट उठाकर अंदर झांकने लगी। फिर मेरी माँ लगा कोई जहरीली चीज है इसीलिए डर के कारण अपनी नाइट खोलकर खोलकर चढ़ाई नीचे फेंक दी।
और इधर माँ केवल ब्रा में खड़ी थी। माँ शर्म से लाल पीली हो रही थी। फिर दूसरा हलवाई आकर माँ को पीछे से पकड़ लिया। इतने में दूसरा हलवाई माँ की ब्रा का हुक भी खोल दिया फिर क्या माँ की चूचियां दिखने लगी।
माँ दूर भागने लगी लेकिन वो सब इतने हट्टे कट्टे थे कि उसकी एक न चली फिर वो लोगों ने माँ को जमीन पर लिटा दिया। माँ के आंखों में आंसू थे वो चिल्ला भी रही थी लेकिन उसके मुंह को एक हलवाई ने हाथ से पकड़े हुए था।
माँ को समझ में नहीं आ रहा था कि इतने में दोनों हलवाई अपना लुंगी खोल दिए और उनका १० इंच और १२ इंच का लंड देखकर माँ की हालत खराब हो गई।
फिर एक ने अपना लंड माँ के मुंह में डाल दिया। माँ चूसने लगी लेकिन लंड ज्यादा बड़ा होने के कारण आधा ही चूस पा रही थी। इतने में दूसरा हलवाई माँ की चूत से अपना लंड सटाकर एक धक्का मारा लेकिन लंड अंदर नहीं गया फिर वो वहां रखे हुए डिब्बे में से घी निकालकर माँ की चूत में लगा दिया।
फिर एक जोर का झटका मारा उसका लंड जड़ तक चूत में समा गया। माँ की चीख निकल गई लेकिन इतने में दूसरा हलवाई लंड को उसके मुंह के और अंदर डाल दिया।
काफी देर चोदने के बाद हलवाई अंदर ही अपना वीर्य गिरा दिया। जब वो लंड को बाहर निकाला तो माँ की चूत बहुत बड़ा सा दिख रहा था जिसमें से लगभग एक कटोरी उसका वीर्य बाहर आया होगा।
इसके बाद दूसरा हलवाई माँ की चूत को माँ की नाइट से पोंछकर साफ किया फिर अपने १२ इंच के लंड को उसके चूत पर रखकर जोर का धक्का मारा जिससे लंड पूरा अंदर चला गया माँ जोर से चीखी।
फिर हलवाई ने २० मिनट तक चोदा तब तक माँ ४-५ बार झड़ चुकी थी। उसके बाद इस हलवाई ने भी माँ की चूत के अंदर अपना वीर्य गिरा दिया।
और जब इसने लंड वापस निकाला तो माँ की चूत को देखकर ऐसा लगा जैसे वो घोड़े के लंड से चुदाई हो। उसके पूरे जांघ पर उसका वीर्य गिरा था।
इतने में किसी की गेट खटखटाने की आवाज आई। फिर माँ जल्दी से नाइट डाल ली और गेट की तरफ भागी। इतने में हलवाई सब भी प्रसाद बनाने लगे।
जब माँ गेट खोली तो सामने आंटी थी। आंटी बोली कि क्या बात है तुम इतनी पसीने पसीने क्यों हो तो माँ बोली कि आग के सामने बैठने से ऐसे हुई है।
लेकिन आंटी समझ गई थी क्योंकि माँ जल्दबाजी में हलवाई का वीर्य पोंछना भूल गई थी जो कि पूरे घर में टपका हुआ था। और माँ के पैर से होकर उसके स्लिपर में लगा।
Related Posts