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सीनियर ने जूनियर को पढ़ाया फिर चोदा

मेरा नाम राज है, उम्र 22 साल। ग्वालियर का रहने वाला हूं। पहली बार जिस लड़की से शारीरिक संबंध बनाए उसका नाम शीना था। उम्र 19 साल। ग्वालियर की ही।

मैं इंजीनियरिंग का छात्र था। कॉलेज में नए बैच का एडमिशन हुआ था। उनमें 1 लड़की थी शीना। देखने में अच्छी लगती थी। पर कभी उसके बारे में गलत नहीं सोचा था। 1 तो मैं सीनियर था। दूसरा उसका स्वभाव बहुत मीठा था। उसकी आवाज इतनी प्यारी थी कि कोई भी उससे बात करके खुश हो जाता। मेरे हंसमुख स्वभाव की वजह से वह मुझसे काफी घुलमिल गई थी।

धीरे धीरे 1 दूसरे के घर आना जाना शुरू हो गया। वह मेरे घर के पास ही रहती थी। परीक्षा का समय करीब आने लगा था। 1 दिन उसने मुझे फोन किया और बोली कि सर मुझे 1 सब्जेक्ट में प्रॉब्लम आ रही है। कल मेरा प्रैक्टिकल है। मुझे पढ़ा दीजिए। मैंने कहा इतनी रात में। वह बोली सर प्लीज। मैंने अपने घर वालों से इजाजत लेकर उसके घर चला गया।

उस दिन पहली बार उसे नाइट सूट में देखा था। गुलाबी रंग का। क्या गजब लग रही थी। जुलाई के महीने में गर्मी पड़ रही थी। मुझे भी लग रही थी। मैंने उससे कहा तो उसने एसी ऑन कर दिया। मैं उसे पढ़ाने बैठ गया। पढ़ाते पढ़ाते मुझे नींद की झपकी आने लगी और मैं सो गया। जब उसने मुझे देखा तो आवाज दी पर मैं इतना मगन था कि ध्यान ही नहीं आया। तब उसने मुझे हिलाया। उस दिन पहली बार उसने मुझे छुआ था। क्या स्मूथ त्वचा थी उसकी।

खैर मैं उठा। अपना चेहरा धोकर आया ताकि नींद न आए। फिर उसे दोबारा पढ़ाने लगा। उसका सब्जेक्ट खत्म करवाकर अपने घर वापस आ गया और आकर सो गया। उस दिन से वह मेरे सपनों में आने लगी। मुझे लगा यह सब गलत है तो मैंने उससे बात करना बंद कर दिया। पर उसे यह अच्छा नहीं लगा कि मैं उसे नजरअंदाज करूं। जब भी वह मेरे सामने आती थी मैं उस जगह से हट जाता था।

1 दिन वह मेरे घर ही आ गई। उसने मेरी मम्मी से पूछा कि मैं कहां हूं। मम्मी ने कहा अपने कमरे में है। वह अंदर आ गई। मैं एकदम से उसे यहां देखकर फंस गया। मैंने कहा बेटा अब कहां जाओगे। उसने मुझसे पूछा क्या बात है। आप मुझे नजरअंदाज क्यों कर रहे हो। मैंने कहा मैं नजरअंदाज नहीं कर रहा। बस थोड़ा व्यस्त था। वह बोली नजरअंदाज करने में और व्यस्त होने में बहुत फर्क है। मैं सब समझती हूं। आप मुझसे बात नहीं करना चाहते हो ना। और रोने सा चेहरा बना लिया।

अब मैं भी तो इंसान ही हूं। क्या करता फिसल गया। मैंने उससे कहा चलो कहीं घूमकर आते हैं। हम घूमने के लिए निकल गए। तब उसने मुझसे दोबारा पूछा आप मुझे रीजन बताओ कि बात क्यों नहीं कर रहे थे। मैंने फिर टालने की कोशिश की तो वह मुझसे जिद करने लगी। सही सही बताओ क्या बात है। तब मैंने उसे बता दिया कि ऐसी ऐसी बात है। इसलिए मैं तुम्हें नजरअंदाज कर रहा था। वह शर्मा गई और बोली आप मेरे सबसे अच्छे दोस्त हो।

कुछ दिन बीत गए। 1 दिन दोपहर में उसका कॉल आया कि आप क्या कर रहे हो। मैंने कहा कुछ नहीं। मूवी देख रहा हूं। वह बोली मैं घर पर अकेली हूं और बोर हो रही थी। आप आ जाओ यहीं बैठकर देखते हैं मूवी। मैंने कहा ठीक है। मैं डीवीडी लेकर उसके घर चला गया। डीवीडी प्लेयर में लगाकर मूवी देखने लगे। मूवी में इमरान हाशमी का 1 सीन आ गया। वह इतना जबरदस्त था कि मेरी हालत खराब हो गई। मैंने शीना की तरफ देखा तो उसकी भी हालत खराब हो चुकी थी। मैंने पूछा क्या हुआ। उसने कहा राज आई लव यू। मैं ऐसी बात सुनकर हक्का बक्का रह गया। मेरा तो उस पर उसी दिन दिल आ गया था।

खैर मैंने उसे गले लगा लिया और उसे चुंबन लेने लगा। इमरान हाशमी स्टाइल में। पता नहीं क्या हुआ कि मेरे हाथ अपने आप उसके स्तनों पर पहुंच गए। उसके नरम स्तनों का अनुभव क्या गजब था कि कभी समझाया नहीं जा सकता। स्तनों की नरमी ऐसी होती है कि रुई की भी नहीं होती होगी।

दोस्तों 1 बात बता दूं। शारीरिक संबंध ऐसी चीज है जिसे आप जितने आराम से करोगे उतना ही ज्यादा मजा आएगा। मतलब हर 1 1 धक्के की गर्मी का अनुभव करो। कभी भी आपने शादीशुदा लोगों को फटाफट संबंध बनाते नहीं देखा होगा और न ही सुना होगा। असल में जब तक 1 दूसरे की भावनाओं को नहीं समझते हो मजा नहीं आता। तेज तेज धक्के सब ब्लू फिल्मों से देख देखकर लोग करने लगते हैं। इसमें कोई मजा नहीं आता। बल्कि आप जल्दी थक भी जाते हो। संबंध का मजा ही आराम से एकदम चाय की चुस्की के जैसे जितने आराम से करोगे उतना ज्यादा मजा बढ़ता है।

खैर जब मैंने उसके स्तन दबाए तो उसे इतने मजे आने लगे कि उसने मुझे जोर से अपनी बाहों में जकड़ लिया। हम 1 दूसरे को चुंबन करते हुए ही बिस्तर पर लेट गए और काफी देर तक ऐसे ही पड़े रहे। अचानक मेरा सेल बजा और मेरा ध्यान टूटा। किसी जरूरी काम की वजह से मुझे जाना पड़ा। खैर मैं वहां से चला गया। कहते हैं ना जो होता है अच्छे के लिए होता है। मेरा काम हो जाने के बाद मैंने उसे कॉल करके पूछा क्या कर रही हो। उसने कहा आज रात को मम्मी डैडी कोई नहीं है। आप आज यहां आओ प्लीज। मैं बोला ठीक है।

मैंने अपने घर जाकर खाना वगैरह खाया और अपनी किताबें लेकर तथा 1 कंडोम का पैकेट लेकर उसके घर चल दिया। जब उसके घर पहुंचा तो वह खाना बना रही थी और मुझसे खाना खाने को बोलने लगी। मैंने कहा नहीं मैं खाकर आया हूं। वह बोली नहीं थोड़ा तो खाना पड़ेगा। मैं खास आपके लिए बना रही हूं। फिर उसके इतना कहने पर मैंने कहा ठीक है थोड़ा खा लूंगा। जब उसका खाना बन गया तो उसने कहा मैं नहाकर आती हूं। मैंने सोचा चलो मैं भी साथ में ही नहा लेता हूं और उसके साथ बाथरूम में चला गया।

फिर बाथरूम में जाकर पहले तो कपड़े उतारे फिर शावर चालू किया। हम दोनों ने साथ में शावर लिया। शावर लेने के बाद मैंने उसे अपनी बाहों में उठाया और बिस्तर पर ले जाकर लिटा दिया। तौलिये से उसका पूरा शरीर पोंछ दिया। फिर किचन में जाकर फ्रिज से 1 बर्फ का टुकड़ा ले आया और उसके माथे से बर्फ फेरने लगा। उसका पानी चूसने लगा। धीरे धीरे नीचे उतरने लगा। फिर गला और फिर स्तन फिर नाभि। सबसे ज्यादा मजा यहीं आता है दोस्तों। नाभि में पानी भर के पियो। फिर जब नीचे उतरा तो उसकी योनि की गर्मी से बर्फ 10 सेकंड में ही पानी हो गई। मैं उसकी योनि को चाटने लगा। क्या स्वाद था दोस्तों। आप कल्पना भी नहीं कर सकते। उस समय निकलने वाली आवाजें इतना मजा देती हैं कि पूछो मत। जोश 4 गुना बढ़ जाता है।

शारीरिक संबंध ऐसी चीज है जिसे आप जब तक खुद सही ढंग से नहीं करोगे तो मजा नहीं आएगा। मैंने उसे चाट चाट कर इतना ज्यादा बेहाल कर दिया था कि वह बस आहें भरती रह गई। लेटे लेटे आहें ही भरती रही और मेरे सिर के बालों को नोचने लगी। कुछ ही देर में वह डिस्चार्ज हो गई। मैंने उसकी पूरी तरलता को चूस लिया और उसके बगल में जाकर लेट गया। वह आवाजें बंद होने का नाम ही नहीं ले रही थी। आह आह करती रही।

फिर वह उठी और मेरे लिंग को हाथ में लिया और उसे प्यार से सहलाने लगी। उसके बाद उसे लॉलीपॉप के जैसे चूसने लगी। धीरे धीरे लिंग महाराज अपनी असली औकात में आ गए और फनफनाने लगे खड़े होकर। वह एकदम से डर गई। यह क्या हो गया। मैंने उसे प्यार से समझाया कि कुछ नहीं। यही तो मजा है इसका असली पगली। और उसे चूसने के लिए कंटिन्यू करता रहा। खैर जब बहुत देर हो गई तो मैंने उसे बगल से लिटाया और उसके पैरों को अपने कंधे पर रखने के बाद अपने लिंग पर 1 कंडोम चढ़ाया। फिर उसकी योनि पर थोड़ी देर तक धीरे धीरे ऊपर ही रगड़ता रहा तो वह गिड़गिड़ाने लगी। आह प्लीज अब डाल दो। रहा नहीं जाता है मुझसे। मैंने कहा सब्र करो जानू सब्र का फल मीठा होता है और एकदम से 1 तगड़ा धक्का लगा दिया।

वह इसके लिए अभी तैयार नहीं थी और एकदम से दर्द के मारे बहुत जोर से चीख पड़ी। आह। मैंने जल्दी से उसके होठों को अपने होठों से दबा लिया और थोड़ी देर आराम से पड़ा रहा। थोड़ी देर के बाद उसने जब सांस ली तो मैंने 1 और तगड़ा झटका लगा दिया। उसकी चीख निकल गई। आह मां। उसकी हालत ऐसी हो गई थी कि उसकी आंखों से आंसू निकलने लगे। मैंने कहा यदि कोई प्रॉब्लम है तो रहने दो। तो बोली नहीं आराम से करो। बस मैंने धीरे धीरे करके अपना 7 इंच का लिंग पूरा अंदर कर दिया और हर 1 1 धक्के के मजे लेने लगा। आह। मैंने उससे पूछा क्यों तुम्हें भी मजा आ रहा है ना। तो बोली जानू आह ऐसा मजा कभी नहीं आया। आह ऐसा सुख किसी चीज में नहीं है। जानू तुम बहुत ही बढ़िया कर रहे हो। धीरे धीरे करके मैंने हल्की हल्की स्पीड बढ़ा दी। करीब 15 20 मिनट के बाद मैं डिस्चार्ज हो गया। इतनी देर में वह भी 2 बार डिस्चार्ज हो चुकी थी।

फिर मैंने उसे अपनी बाहों में जकड़ कर बगल में लेट गया और थोड़ी खामोशी का मजा लेने लगा। फिर मैंने उसे जोर से चुंबन किया। गालों पर। उसने भी लेटे लेटे मेरी छाती के बालों में उंगली घुमाना शुरू कर दी। दोस्तों ऐसा लग रहा था जैसे कि मैं जन्नत में घूम रहा हूं। खैर जब हम बिस्तर से उठे तो बिस्तर पर लाल लाल खून के निशान बन गए थे। वह देखकर डर गई और मैं मुस्कुरा कर उससे बोला अब तुम कुंवारी नहीं रही मेरी डार्लिंग। और वह हंसने लगी। उसके बाद हमने 1 साथ स्नान किया और उसके बाद खाना खाया। फिर लेट गए।

दोस्तों उस रात मैंने उसे 3 4 बार चुदाई की। सुबह जब मैं जाने लगा तो उसने मुझे चुंबन दिया और बोलने लगी आगे जब भी मौका मिलेगा हम यह करेंगे। मगर अब मेरी पढ़ाई खत्म हो चुकी है और मैं दिल्ली में रहता हूं। ग्वालियर आना जाना लगा रहता है। मैंने उसके साथ कईयों बार संबंध बनाए और उसकी कई सहेलियों को भी चोदने का मजा लिया।

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⚠️ महत्वपूर्ण अस्वीकरण

ये सभी कहानियाँ केवल काल्पनिक हैं।
इनका वास्तविक जीवन से कोई संबंध नहीं है।

सेक्स हमेशा सहमति पर आधारित होना चाहिए।
बिना सहमति के कोई भी कार्य गलत और दंडनीय है।

इन कहानियों से प्रेरित न हों।
बस पढ़ें, आनंद लें और भूल जाएं।