दोस्तों मेरा नाम अविका है मेरी उम्र तीस साल की है मुझे सेक्स कहानी पढ़ना बहुत पसंद है और सेक्स करना बेहद पसंद है इसलिए आज मैं अपनी खुद की कहानी प्रस्तुत करने जा रही हूं कैसे मेरे कॉलेज के प्रोफेसर ने मुझे चोदा और मेरी गांड़ मारी पूरा मजा कराए।
एक दिन की बात है जब मैं कॉलेज में पढ़ती थी वहां मेरी दोस्ती हरीश से हुई हरीश कॉलेज में प्रोफेसर थे मेरी उनसे अच्छी दोस्ती हो गई प्रोफेसर होने के कारण पूरे कॉलेज में पहचान बना रखी थी।
एक दिन प्रोफेसर हरीश का मेरे पास फोन आया उस समय रात के नौ बज रहे थे सर ने कहा अविका तुमसे मिलकर कुछ बात करना है थोड़ा मिलोगी क्या कुछ जरूरी बात है।
पहले तो मैंने मना किया नहीं सर इतनी रात हो रही है हम कल मिलते हैं सर ने कहा अविका कुछ जरूरी बात करनी है मैंने हां बोल दिया और मैं सर से मिलने चली गई।
सर गाड़ी से आए थे मुझे गाड़ी पर बैठाया और अपने साथ कॉलेज ले गए उसी कॉलेज में लड़कों का हॉस्टल भी है जहां सर रहते हैं।
रास्ते में कुछ जंगल जैसा सुनसान रास्ता था सर ने वहां गाड़ी रोकी और मुझे उतरने को कहा मुझे अजीब सा लगा सर ने यहां गाड़ी क्यों रोकी भला।
उस समय मैंने काली टीशर्ट और लोअर पहन रखा था सर बस मेरे जिस्म को घूरे जा रहे थे जैसे कोई भूखा शिकारी अंधेरे में उनकी आंखें चमक रही थीं।
अंधेरे का फायदा उठाकर सर ने मुझे कसकर पकड़ लिया मैंने कहा सर क्या कर रहे हो वो बोले आज तेरी जवानी पीना है जानएमन।
मैंने बोला सर आप कैसी बातें कर रहे हो वो बोले तू कॉलेज आई थी जब से मेरी नजर है तुझ पर साली क्या लगती है और मुझे अपनी बाहों में भर लिया उनकी मजबूत बाहों में मेरा नाजुक शरीर दब गया।
वहीं बेंच लगी हुई थी वहां हरीश बैठ गए मुझे अपनी गोद में बिठाकर मेरे होंठ चूसने लगे उन्होंने मेरे निचले होंठ को काटा चूसा और जीभ अंदर डाल दी।
होंठ चूसते चूसते मेरी टीशर्ट के अंदर हाथ डाल दिया और मेरे चूचे दबाने लगे मेरे अंदर भी करंट लग गया और मैं भी मजे से दबवाने लगी।
अपने चूचे उनकी ओर देने लगी मुझे भी मजा आने लगा मेरी चूत से पानी आने लगा मैंने अपनी कमर हिलानी शुरू कर दी।
हरीश जोर जोर से मेरे चूचे मसलने लगे और उंगलियों से निप्पल घुमाने लगे और मैं भी हरीश की हरकतें देख अपने आप को रोक न पाई और मजे से होंठ चूसने लगी।
मेरे चूचे दबाते दबाते हरीश ने मेरा हाथ उसके पैंट की जिप पर रख दिया मैंने उसकी पैंट की जिप खोली उसका मोटा घोड़े जैसा लिंग बाहर निकला और उसको दबाने लगी गर्म और सख्त लिंग हाथ में आते ही मेरा शरीर और गर्म हो गया।
मैंने अपने हाथ से हरीश की मूठ मारना शुरू किया तेजी से ऊपर नीचे करते हुए लिंग को सहलाती रही हरीश ने मेरे मुंह में अपना मोटा लिंग पेल दिया।
मैंने उसके लिंग को बहुत देर तक चूसा जीभ से चाटा और गहरी गहरी चूसती रही फिर हरीश ने मेरा लोअर उतारकर मुझे घोड़ी बना दिया और मेरी गांड़ में लिंग को पेल दिया और जोर जोर से मेरी गांड़ मारने लगा।
मैं आ आ आ आ हू हु करने लगी मेरी गांड़ से फच फच की आवाजें आने लगी हर धक्के के साथ मेरा पूरा शरीर हिल रहा था।
फिर हरीश ने मेरी चुदाई की ओर जोर जोर से मुझे चोदने लगा उन्होंने पहले चूत में कई धक्के दिए फिर वापस गांड़ में लिंग डालकर रगड़ने लगे इस तरह मेरे ही कॉलेज के प्रोफेसर ने मुझे कॉलेज के खुले जंगल में अंधेरी रात में चोदा और मजा दिलाया।
दोस्तों आपको मेरी कहानी कैसे लगी टिप्पणी में जरूर बताना यह असली कहानी है मैं पहली बार लिख रही हूं आगे भी कहानी पढ़ना है तो जरूर टिप्पणी करें।
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