नमस्ते दोस्तों। आबिदा अपनी नई कहानी के साथ फिर हाजिर है।
मैं कराची में रहती हूँ। उम्र अट्ठाईस साल है। रंग गोरा है। कद पाँच फुट नौ इंच है। वजन सत्तावन किलो है। फिगर छत्तीस-चौबीस-पैंतीस है। लोग मुझे खूबसूरत कहते हैं। मैं उन्नीस साल की उम्र से चुदवा रही हूँ। यह वाकिया मैं आपको पिछले साल का सुना रही हूँ।
अम्मी अपने रिश्तेदारों से मिलने सुक्कुर गई हुई थीं। घर पर मैं और मेरा भाई होते थे। भाई को एक कंपनी में अच्छी जॉब मिली हुई थी और वह खुश था।
एक दिन भाई ने मुझसे कहा बजी जिब्रान के बेटे की सालगिरह है। उसने कहा है परिवार भेजने को। सो प्लीज आप जाओ और उसकी बेगम की मदद भी करो। मैंने पूछा कब है तो उसने कहा रविवार को। वह शुक्रवार का दिन था। मैं मान गई। वह खुश हो गया। उसने जिब्रान को फोन पर बताया कि बजी आएगी पार्टी में।
रात को मैंने भाई से कहा कि मुझे तो ब्यूटी पार्लर जाना है मगर अब समय ही नहीं है। उसने कहा फिक्र न करो। मैं जिब्रान को कहता हूँ वह इंतजाम कराएगा। उसने जिब्रान को कॉल की और कहा बजी को पार्लर जाना है मगर कहीं समय ही नहीं मिलता। प्लीज आप कोई इंतजाम करो।
शनिवार को जिब्रान ने एक पार्लर से अपॉइंटमेंट बनाकर भाई को बताया कि रविवार सुबह दस बजे अपनी बजी को लेकर पार्लर छोड़ आओ। और उसने भाई को पता समझाया। मुझे जिब्रान की यह बात अजीब लगी मगर कुछ नहीं बोली।
रविवार को भाई मुझे पार्लर छोड़ गया और कहा कि जब फारिग हो जाओ तो कॉल करना। आ जाऊँगा लेने। पार्लर से करीब चार बजे फारिग हुई। पार्लर की कहानी फिर कभी सही। मैं बन ठन कर रांड की तरह तैयार थी।
भाई को कॉल की। वह आया। मैं समझी थी वह अपनी मोटरबाइक ले आएगा। मगर मुझे अच्छा लगा जब वह जिब्रान की कार ले आया था। उसने मुझे स्कर्ट और ब्लाउज में देखकर शरारती स्माइल दी और कहा बजी तुम तो वीआईपी लग रही हो। मैं हँस दी तो उसने कहा आज की पार्टी की चीफ गेस्ट आप हो क्या। मैंने कहा मुझे क्या पता।
ऐसे ही हम बातें करते रहे और वह मुझे जिब्रान के घर ले गया। पार्लर में मुझे तो पता चल गया था कि जिब्रान मुझे चोदने का प्लान बनाए बैठा है। मगर मैं सोच रही थी कि भाई को भी पता है कि वह अपनी बहन को चुदवाने के लिए ले जा रहा है। इन्हीं सोचों में जिब्रान का घर आ गया।
भाई ने गाड़ी से उतरकर बेल बजाई तो जिब्रान ने दरवाजा खोला। भाई जिब्रान से बोला यह मेरी बजी है। और मुझे कहा यह जिब्रान है मेरा बहुत अच्छा दोस्त। जिब्रान ने हाथ बढ़ाया तो मैंने भी अपना हाथ उसके हाथ में दे दिया। उसने हाथ छोड़ा नहीं और खींचता हुआ अंदर ले गया।
मैं जिब्रान के भेजे हुए स्कर्ट और ब्लाउज में थी और उसकी मेरी बदन से नजर ही नहीं हट रही थी। उसने भाई से कहा यार तुम्हारी बजी तो बहुत खूबसूरत है। भाई हँसने लगा और खुश हो गया।
भाई के बैठे हुए ही जिब्रान का एक हाथ मेरी टाँग पर था और मेरी स्कर्ट को ऊपर खिसकाने की कोशिश कर रहा था। फिर उसने भाई को कहा यार गाड़ी से ब्रीफकेस तो ले आओ। भाई जैसे बाहर जाने लगा तो जिब्रान ने उसके पास जाकर कुछ कहा और वह मुस्कराता हुआ बाहर चला गया।
जिब्रान मेरे पास आकर सोफे से नीचे बैठकर मेरी टाँगें खोलने की कोशिश की। मैंने उसे रोकना चाहा और उसका हाथ पकड़ लिया। मगर वह माना नहीं और जोर लगाकर टाँगें खोल लीं। मेरी टाँगें खुलीं तो चूत उसके सामने थी और उसका हाथ चूत पर चला गया।
मैं उसे रोकती रही मगर उसने अपना काम जारी रखा और मेरी चूत चाटने लगा। मेरी आ आह निकल गई मगर संभल गई और उसे कहा भाई आ जाएगा। जिब्रान ने कुछ नहीं कहा और चूत चाटता रहा। मैं मुकम्मल गरम हो गई थी। मेरी आँखें बंद हो गई थीं। पूरा सुरूर ले रही थी और जिब्रान के हाथ मेरे निप्पल्स पकड़ चुके थे।
थोड़ी देर के बाद जिब्रान की उँगली चूत में घुस गई। मैंने कहा यह क्या कर रहे हैं आप। उसने कहा चोदने के लिए तैयार। मैंने कहा रांड बुलाई है क्या। जिब्रान बोला नहीं दोस्त की बहन ही हो मगर बुलाया चोदने के लिए है। मैंने कहा भाई ने तो कहा था सालगिरह है। जिब्रान बोला हाँ सालगिरह की खुशी में ही चुदाई पार्टी रखी है। तुम्हारे भाई को कोई कॉल गर्ल ही लाने को कहा था। उसने कहा मेरी बहन आ जाएगी तो मैं बहुत खुश हुआ। वैसे तुम्हें कोई ऐतराज है क्या।
मैंने कहा नहीं ऐतराज तो नहीं। जिब्रान बोला यह हुई न बात। अब छोड़ो दोस्त भाई बहन और मजा लो भी और दो भी। मैंने कहा क्या भाई को पता है कि यहाँ मेरी चुदाई होगी। जिब्रान बोला जाहिर है कॉल गर्ल तो चुदाई के लिए ही बुलाई जाती है न। मैंने कहा हाँ यह तो है। जिब्रान ने पूछा प्राइवेट चलती हो। मैंने कहा नहीं। फिर बोला बस कभी कभी हो जाता है। जिब्रान बोला चलो अच्छा है मजा आएगा।
फिर उसने मेरे बदन पर हमला कर दिया। बातों बातों में वह दोनों कपड़े मेरे बदन से अलग कर चुका था। मैं बिल्कुल नंगी थी। उसने फिर मेरी चूत चाटना शुरू कर दी और मैं आहें उफ्फ करती रही।
थोड़ी देर के बाद उसने मुझे काउच पर लिटाया और अपने शॉर्ट उतार दिए। उसका लंड तीर की तरह खड़ा था और मुझे चूसने की दावत दे रहा था। मैं उसका लंड देखकर घबरा गई। वह कम से कम एक फुट लंबा तो जरूर होगा। उसका खड़ा लंड मुझे घूरता रहा और जिब्रान इंतजार करता रहा कि मैं उसका लंड चूसूँ। मैंने मुँह खोला तो वह खुश हो गया और अपना लंड मेरे होठों से लगा दिया।
मैं थोड़ा शरमाते थोड़ा लजाते उसका लंड चाटना शुरू किया। लंड का टोपा मेरे मुँह में नहीं जा पा रहा था इसलिए जुबान से चाटती और हाथ से हिलाती रही। जिब्रान बड़ी मुश्किल से अपनी आवाज रोक रहा था।
थोड़ी देर के बाद वह मेरे ऊपर लेट गया। मैंने कहा रुक जाओ भाई न आ जाए तो मजा खराब हो जाएगा। उसने कहा उसकी फिक्र न करो। उसे पता है। वह कॉल करके आएगा। और मेरे मम्मे दबाने लगा और गाल चूमने लगा जबकि उसका लंड चूत से खेल रहा था और अंदर जाने की कोशिश कर रहा था। मेरी सिसकियाँ जारी थीं।
थोड़ी देर में उसने मेरी टाँगें खोलीं। लंड चूत पर रखा। मम्मों में हाथ डालकर निप्पल पकड़ लिए और होठों को होठों में जकड़कर चूमने लगा। एक लम्हे के बाद उसने चूत पर लंड का दबाव बढ़ा दिया। चूत पहले ही गीली थी मगर लंड मोटा था इसलिए लंड चूत के शुरू में ही फँस गया और मेरी सिसकी निकल गई। उसने कहा दर्द हो रहा है क्या। मैंने ना में सर हिलाया और कहा तुम्हारा लंड मोटा है। उसने कहा ले तो लोगी न। मैं जब तक कोई जवाब दूँ उसने जोर लगाया और उसका लंड मेरी चूत फाड़ता हुआ आधा अंदर चला गया। मेरी चीख निकल गई। वह थोड़ा रुका और दूसरा झटका मारा। लंड और अंदर गया। मेरी आहें उफ्फ भरती रहीं।
तीसरे झटके से उसका पूरा का पूरा लंड मेरी चूत में अंदर घुस चुका था और उसके तटे मुझे टच कर रहे थे। फिर उसने जोरदार चुदाई शुरू कर दी। उसका लंड मेरी चूत में अंदर बाहर अंदर बाहर होता रहा और मैं आहें उफ्फ और चोदो चिल्लाती रही। उसके हाथ कभी मेरे मम्मों पर और कभी मेरी हिप्स पर थे और पूरी ताकत से मेरी चूत चोद रहा था।
जारी रहेगी।
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