मैंने अपनी सुंदर और चुदक्कड़ प्रेमिका के साथ भाई बहन रोल प्ले का आनंद लिया। मैंने उसे बताया कि वह मेरी बहन बन जाएगी। उसने मान लिया और मुझे भाई कहने लगी।
मेरा नाम आर्यन है। मैं लखनऊ में रहता हूं। मेरी उम्र तेईस साल है और मैं सुंदर तथा हैंडसम हूं। मेरी प्रेमिका शिखा भी तेईस वर्ष की है। वह भी लखनऊ की रहने वाली है।
मेरी प्रेमिका बहुत हॉट लगती है। उसका शरीर चौंतीस तीस छत्तीस है। उसकी चोदने वाली नजर किसी को भी देखती है। हमारे रिश्ते में कई साल बीत गए हैं। हमारे बीच कोई भ्रम नहीं था। हमारा संबंध बहुत अच्छा चल रहा है। हम दोनों अपने यौन जीवन से बहुत खुश थे। मैं और मेरी प्रेमिका ने कई बार संभोग किया था।
लेकिन अब मुझे अपने यौन जीवन में कुछ और मजे चाहिए थे। इसी बदलाव के दौरान हमने भाई बहन रोल प्ले किया। मैं और मेरी प्रेमिका ने एक दिन मेरे घर पर मिलने का कार्यक्रम बनाया। उस दिन मैं अकेला था। मेरे घर पर कोई नहीं था।
बारह बजे मेरी प्रेमिका घर आई। जब मैंने दरवाजा खोला तो वह अंदर घुस गई। वह चुस्त जींस और क्रॉप टॉप पहने हुए बहुत सेक्सी लग रही थी।
उसमें घुसते ही मैंने उसे पीछे से पकड़ लिया और उसे जोर से हग करके किस करने लगा। उसकी नरम कमर मेरी हथेलियों में आ गई। मैंने अपनी छाती को उसकी पीठ से चिपका लिया। उसकी गर्म सांसें मेरे चेहरे पर पड़ रही थीं। मैंने उसके होंठों को अपने होंठों में ले लिया। पहले हल्का किस, फिर गहरा और जोरदार। मेरी जीभ उसके मुंह में घुस गई। हम दोनों की जीभें एक दूसरे से उलझ रही थीं। उसकी लार का मीठा स्वाद मेरी जीभ पर फैल गया।
शिखा की सांसें तेज हो गईं। उसका शरीर मेरे आलिंगन में थोड़ा कांप रहा था। मैंने उसके क्रॉप टॉप के नीचे अपनी उंगलियां फेरनी शुरू कीं। उसकी चिकनी त्वचा पर मेरी हथेली गर्मी महसूस कर रही थी। उसके स्तन मेरी छाती से दब रहे थे। मैंने उसे और जोर से अपने शरीर से सटा लिया। मेरी हथेली उसकी पीठ पर नीचे की ओर सरक गई और उसकी जींस के ऊपर से उसके नितंबों को सहलाने लगी।
वह बोलने लगी, “थोड़ा रुक जाओ… पानी पी लेने दो।”
उसकी आवाज में हल्की सी हांफ थी। वह मुझे धक्का देकर खाना बनाने चली गई। पानी पीने के बाद वह उधर खड़ी होकर मुस्कुराने लगी। मैं उसके पास गया और उसे किचन की स्लैब पर उठाकर बैठा दिया। मैं शिखा को चुंबन देने लगा। वह पानी भी पीने देने की मांग करने लगी। वह फिर से अपने हाथ में पकड़े गिलास से पानी पीने लगी।
मैंने उससे पूछा कि अगर तुम सिर्फ पानी पी रही हो तो मैं भी कुछ पी सकता हूं। शिखा मेरा प्यार क्या पी जाएगा। मैंने कहा कि वह अपनी जान का दूध और चूत का पानी पिएगा। शिखा बोली मेरा बाबू अच्छा दूध पिएगा। मेरा बच्चा प्यासा है चलो पी लो।
मैंने बस इतना कहा और उसे कमरे में उठा कर बिस्तर पर पटक दिया। फिर मैं उसके ऊपर चढ़ गया और उसके बूब्स को दबाने लगा। वह भी पूरी तरह से गर्म हो गई थी।
मैंने उससे कहा शिखा आज चुदाई में एक कहानी बताओ। मेरे राजा बताओ क्या मसाला डालना है। मैं हर चीज में तैयार हूं। मैंने कहा कि आज हम भाई बहन बन जाएं। तुम पागल हो गए हो क्या वह बोली। बहन भाई की चुदाई कैसे होगी। फिर मैंने कहा तो वह मान गई।
मैंने पूछा क्या आज मेरी बहन को चोदने का अवसर मिलेगा। शिखा बोली हां मेरे भाई आज आप बहन का लंड बन सकते हैं। बहन तुम्हारा शरीर बहुत सुंदर है मैंने कहा। शिखा बोली हां भाई इसीलिए मैं खुश हूं कि मेरा भाई मेरे ऊपर मर गया और सब लोग देख रहे हैं।
मैंने पूछा कि अब तक मेरी प्यारी बहन की चूत को कितने लोगों ने चोदा है। शिखा बोली बहुतों ने चोदा है। लेकिन आज वास्तविक मनोरंजन अपने भाई से चुदने में होगा।
मैंने कहा मेरी प्यारी बहन मैं बहुत दिनों से तुम्हें चोदने का विचार कर रहा था। आज मौका मिल गया है तो मैं पूरी तरह से चोदूंगा।
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शिखा बोली अब तू सिर्फ अपनी बहन की चुदाई करेगा। यह कहते ही मैं उसके ऊपर लेट गया और उसके टॉप को उतार कर दूर फेंक दिया। फिर उसके होंठों को काटने लगा ब्रा के ऊपर से दूध मसलने लगा। वह भी मेरी मदद करने लगी।
कुछ देर बाद मैंने उसकी जींस भी उतार दी और उसे अलग कर दिया। उसने अपने दूध हिलाते हुए मेरी तरफ देखा और हंस पड़ी। मैंने उसकी ब्रा भी खोल दी। अब वह मेरे सामने सिर्फ पैंटी में थी।
मैं उसके एक दूध को मुंह में लेकर चूसने लगा और दूध को हाथ से भरकर आटे की तरह गूंधने लगा। वह अपने दूध को पकड़कर मेरे मुंह में ठेलने लगी और आह आह करने लगी।
मैंने कहा मेरी बहन का दूध सुंदर है। तुम्हारी चूची चूसने में मजा आया। इतने दिन से मैं तुम्हें सोच सोचकर मुठ मारता था।
शिखा बोली, “आह साले बहनचोद, तुम्हारे लिए अपने सामान फुलाए हैं। भोसड़ी वाले अब मुठ मारना नहीं होगा। जब आप चाहें तो अपनी बहन की चूत में अपना लिंग डाल सकते हो।”
मैं जोश में आ गया। उसके मुंह से गाली सुनकर मैंने अपनी एक उंगली उसकी गीली चूत में डाल दी। वह चिल्लाई, “अह उईईई!” और अपनी कमर हिलाने लगी। उसकी आंखें बंद हो गईं और सांसें तेज हो गईं।
मैं भी उत्तेजित होकर कह रहा था, “मेरी प्यारी बहना, तुम परेशान मत हो। आज मैं तुम्हें मेहनत से पूरी रांड बनाकर चोद दूंगा, कुतिया। हल्की छिनाल।”
अब मैं नीचे आकर उसकी पैंटी उतारकर उसकी चूत को सहलाने लगा। वह मेरी सगी बहन जैसी लग रही थी। उसकी हरकतें देखकर मेरा जोश और बढ़ गया।
मैं अब उसकी चूत चाटने लगा। शिखा ने कहा, “रंडी बहन की चूत चूस लो। मेरे राजा भाई, अच्छे से चाटो। आज से ये चूत आपकी है। अब से तुम्हारी बहन सिर्फ तुम्हारे लिए अपनी चूत प्रदान करेगी।”
मैंने कहा, “रंडी साली आज मैं तुम्हारी चूत का भोसड़ा बना दूंगा। आज से तुम कहीं नहीं चुदवाने जाओगी, सिर्फ तुम्हारा भाई तुम्हें चोदेगा।”
शिखा बोली, “मैं भी ग्रुप सेक्स का मजा लेना चाहती हूं। आज मुझे चोद दो। फिर बाद में अपने सभी दोस्तों से भी चुदाई करवाना। मुझे सब जगह से अपने आप को चुदवाना है।”
मैं उसके मुंह से ऐसी बात सुनकर पागल हो गया। मैं उस पर चढ़ गया। मैंने पूछा कि क्या मेरी प्यारी बहन अपने भाई का लंड नहीं चूसेगी।
उसने इतना कहते ही लंड को मुंह में लेकर गले तक चूसने लगी। शिखा पहले तो धीरे-धीरे लंड के सिरे को चाटने लगी। उसकी गर्म और नम जीभ लंड के ऊपर नीचे घूम रही थी। फिर उसने पूरा लंड मुंह में ले लिया और जोर-जोर से चूसने लगी। गलप… गलप… गूं… गूं… की आवाजें कमरे में गूंज रही थीं। वह कभी तेजी से मुंह ऊपर-नीचे कर रही थी, कभी लंड को गले तक ले जाकर रुक जाती थी।
वह अपनी जीभ से लंड के नीचे वाले हिस्से को सहला रही थी और बीच-बीच में अंडों को भी चूस लेती थी। फिर उसने लंड को मुंह से निकालकर हाथ से मुठ मारते हुए सिरे को चाटा। शिखा की आंखें ऊपर की ओर देख रही थीं और वह पूरी तरह से मेरे लंड में खोई हुई थी। वह कभी-कभी लंड को गहरी गले तक ले जाती और थोड़ी देर वहां रोके रखती। फिर तेजी से मुंह हिलाने लगती। उसकी लार लंड पर बह रही थी और पूरी चमक रही थी।
मैं उसके मुंह को चोदने लगा और उसके बालों को पकड़ा। शिखा ओह गलप गलप गोंऊ गूं। वह मजेदार सेक्सी आवाजें निकालने लगी।
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उसको कुछ मिनट तक चूसने के बाद मैंने पीछे से उसकी चूत में लंड सैट करके जोर से धक्का मारा। उसने चिल्लाकर कहा कि मर गई। भाई भोसड़ी में क्या पेला गया है। हाय भैन के लौड़े टूट गए। निकाल दें। तुमने तो बहन को मार डाला साले। निकाल इसे जल्दी।
मैंने उसे कसकर पकड़ा और फिर एक धक्का लगाकर पूरा लंड चूत में डाल दिया। उसकी टाइट चूत ने मेरे लंड को पूरी तरह जकड़ लिया। फिर मैं बिना परवाह किए उसको धकाधक चोदने लगा। हर धक्के के साथ उसके नितंब मेरी जांघों से टकरा रहे थे। पच… पच… पच… की आवाज पूरे कमरे में गूंज रही थी। मैं उसे गंदी गालियां देने लगा। हम दोनों के बीच गाली गलौज होने लगी।
सच में अपनी बहन को चोदना बहुत अच्छा है। शिखा बोली, “अपनी बहन को चोदने की सोचो। तुम्हारी दूसरी बहन भी बहुत प्यारी लगती है।”
मैं जोर से शिखा की चूत में धक्के मारता रहा। मेरे हाथ उसके बाल पकड़े हुए थे और दूसरा हाथ उसके स्तनों को मसल रहा था। शिखा बोली, “तेरी बहन बहुत सुंदर है उसके बहुत बड़े दूध हैं। रंडी यह बहुत अच्छा होगा। आह… हां… और जोर से…”
मैंने कहा कि मैं भी उसको चोदूंगा लेकिन पहले इस बहन को चोदूंगा। तुम भी अच्छी तरह चुदवा रही हो और उससे कम नहीं है।
शिखा बोली, “हां मेरे माधरचोद भाई। भैन के लौड़े तुम्हें घर का माल ही अच्छा लगता है। आह… हाय…”
हमारी चुदाई लगभग आधा घंटा तक इसी तरह रोमांचक हुई। मैंने उसे अपनी बहन मानकर पूरा दिन चूत और गांड चोदा। वह मेरी बहन की तरह नंगी रही और हम घर में अकेले रहे। मैं भी उसे भाई की तरह पेलता रहा।
जब हम दोनों आराम से बैठकर मनोरंजन कर रहे थे शिखा ने पूछा अगर मैं सच में तुम्हारी बहन होती तो क्या तुम मुझे चोदते। हां उसने कहा। तुम्हारी बहन इतनी सुंदर है तो दूसरी लड़की को क्यों चोदना चाहते हो। फिर मैं अगर तुम्हारा सगा भाई होती तो आज तुम्हें अधिक खुशी से चोदता।
शिखा बोली तो तुम अपनी बहन को चोद क्यों नहीं देते। तुम भी अपने भाई से चुदवा ले भैन की लौड़ी मैंने कहा।
शिखा ने कहा अबे कुत्ते वह छोटा है। मैंने कहा लेकिन तुम्हें जैसी बहन को देखकर उसका लंड भी खड़ा होता होगा। वह अपनी दीदी को भी चोदना चाहता होगा।
शिखा ने कहा कि अगर सभी भाई तेरे जैसे हो जाएं तो किसी दूसरे से चुदने की जरूरत नहीं होगी। मैंने कहा कि घर में बहन भाभी चाची बुआ मॉम या किसी भी रिश्तेदार की चूत चुदाई करना सबसे सुरक्षित और हमेशा मजा आता है।
शिखा भोसड़ी वाले बताओ कि कब आप अपनी बहन की चूत में अपना लौड़ा डाल रहे हो। मैं मैं अभी भी अपनी बहन को चोद रहा हूं कुतिया। फिर तुम जिस बहन की बात कर रहे हो मैं उसे कभी भी चोद दूंगा।
शिखा ने हंसते हुए कहा जब अपनी बहन को चोद ले तब बताना कि कैसी चूत लगी। मैंने कहा कि मैं तुम्हें अगली बार उसके बाजू में लिटाकर चोद भी दूंगा। अब बताओ कि अपने छोटे भाई के लंड को कब अपने बिल में डाल रही हो।
यार तू मेरी ग्रुप में चुदाई करवा दे उसने हंसते हुए कहा। वास्तव में मुझे बहुत अच्छा लगता है कि दो या दो से अधिक लौड़े मिलकर मेरी जवानी को कुचल दें।
मैंने कहा कि मैं भी करवाऊंगा। पहले अपने छोटे भाई से कब चुद रही हो। शिखा बोली मैंने पहले वाले भाई से चुदकर बहुत मजा लिया था अब मैं उस भाई से जल्द ही चुदना चाहूंगी।
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यह कहते हुए शिखा फिर से मुझे किस करने लगी। उसके नंगे स्तन मेरी छाती से रगड़ खा रहे थे। जल्द ही हम दोनों एक बार फिर गर्म हो गए। इस बार मैंने शिखा की गांड में लंड डाला। वह भी मरवाने का मजा लेने लगी। उसकी गांड टाइट थी, हर धक्के पर वह कराह उठती और अपनी कमर पीछे की ओर हिलाती।
मैंने पहले लंड को उसके गांड के छेद पर रगड़ा। शिखा की सांसें तेज हो गईं। फिर मैंने धीरे से सिरा अंदर डाला। वह थोड़ा सा कराही, “आह… धीरे…” मैंने उसके कूल्हों को पकड़कर धीरे-धीरे पूरा लंड उसके गांड में उतार दिया। अंदर की गर्मी और टाइट दबाव अद्भुत था।
फिर मैंने रफ्तार बढ़ानी शुरू की। धीमे धक्कों से शुरू करके तेज और गहरे धक्के मारने लगा। पच… पच… पच… की आवाज कमरे में भर गई। शिखा जोर-जोर से कराहने लगी, “आह राहुल… हां राहुल भाई… चोदो अपनी बहन की गांड… आह… और जोर से भाई… राहुल… मारो…”
उसके मुंह से अपने असली भाई राहुल का नाम सुनकर मैं बहुत खुश हो गया। मेरा लंड और भी सख्त हो गया। मैंने उसे और तेजी से चोदना शुरू कर दिया। शिखा की आंखें बंद थीं और वह लगातार राहुल… राहुल… बोलती जा रही थी। मैंने एक हाथ से उसके बाल पकड़े और दूसरे से उसके स्तन मसलते हुए उसे पूरी ताकत से पेला।
कुछ देर बाद उसकी गांड थोड़ी ढीली पड़ गई और वह पूरी तरह मजे लेने लगी। मैं लगातार तेजी से धक्के मारता रहा। आखिर में हम दोनों एक साथ स्खलित हो गए।
हम दोनों एक बार फिर स्खलित हो गए और कुछ बीस मिनट बाद नंगे ही सो गए।
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