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लंड को पूरा चाट के साफ किया आंटी ने

मेरा नाम जसकरन है। मैं लुधियाना में रहता हूं। मैं एक बहुत ही चुदाई करने वाला लड़का हूं और हमेशा चूत और गांड ढूंढता रहता हूं। मैं एक गिगेलो भी हूं और अब तक कई औरतों को पूरा मजा दे चुका हूं। अब ज्यादा समय न लेते हुए बात उस गैस एजेंसी पर मिली आंटी की चुदाई पर आती है जो मुझे एजेंसी में मिली।

हुआ यह कि मेरे गैस कार्ड पर कुछ औपचारिकता के लिए मैं गैस एजेंसी गया। वहां काउंटर पर एक आंटी बैठी थीं जिनकी उम्र कोई 35 साल होगी। मगर उन्होंने अपने बदन को इतना अच्छा संभाला था कि उनकी छातियां बहुत बड़ी बड़ी थीं जिन्हें देख कर मेरी नजर बार बार उनकी छातियों पर जा रही थी।

जब वे कार्ड देख रही थीं तो मैं उनकी छातियां देख रहा था। उन्होंने मुझे नोटिस कर लिया था और मुस्करा कर बोलीं कि आप अपना मोबाइल नंबर दे दो। मैं क्लियर करके आपको फोन कर दूंगी। मैं ठीक कह कर चला आया।

रात को मेरे फोन पर संदेश आया। फिर मैंने भी जवाब दिया। फिर संदेश आया कि सिर्फ नजर से चोदते हो या असल में भी कर सकते हो। मैं चौंक गया। फिर बहुत पूछने पर उन्होंने बताया कि वे गैस एजेंसी वाली आंटी हैं।

मुझे समझ आ गया कि वे एक बहुत ही प्यासी आंटी हैं। तभी तो उन्होंने मुझे इतना चौंकाने वाला जवाब दिया था। मैंने भी सोचा कि जब चूत खुद ही लंड चाहती है तो देर क्यों की जाए।

उन्होंने बताया कि उनके पति भी सेक्स में काफी कमजोर थे और उन्होंने आज तक सेक्स को सही तरीके से मजा नहीं लिया है। मेरी नजरों से समझ में आ गया था कि मैं सेक्स को काफी जानता हूं। उनकी चूत आज भी गाजर और मूली जैसी शांत लगती आई है। लेकिन असल सेक्स जब तक न मिले प्यास नहीं बुझती।

वे बोलीं कि तुम मेरी प्यास बुझाओगे ना। मैं बोला कि बिल्कुल बुझाऊंगा। यही तो मेरा काम है। फिर मैंने बताया कि मैं एक गिगेलो हूं और अब तक कई आंटियों की चूत और गांड की हवस मिटा चुका हूं। तो वे बहुत खुश हो गईं।

वे बोलीं कि बस अब तो मेरी चूत और गांड के बुरे दिन दूर हो जाएंगे। और बताया कि जल्द ही वे मुझे अपने घर बुलाएंगी। मैं भी काफी खुश था और रोज उनकी छातियों को सोच सोच कर हस्तमैथुन करता और सोचता कि कैसी उनकी चूत होगी। कैसी उनकी गांड होगी। बहुत बेसब्री से उस दिन का इंतजार करने लगा।

फिर कई दिन तक सेक्स बातें करते रहे। फोन सेक्स भी हुआ। फिर एक दिन उन्होंने मुझे अपने घर बुलाया और मैं काफी जोश में आ गया। अगले दिन मैं एकदम अच्छी तरह तैयार हो कर उनके घर पहुंच गया।

वहां पहुंच कर घंटी बजाई। आंटी ने दरवाजा खोला। आंटी ने मैक्सी पहन रखी थी और उन्हें देख कर लग रहा था कि उन्होंने अंदर कुछ नहीं पहना था। उनकी छातियां साफ झलक रही थीं। मैं छातियां देख कर गर्म होने लगा तो आंटी ने कहा कि अब अंदर आओगे या बाहर ही सब करोगे। मैं शर्मा गया। फिर अंदर एक सोफे पर बैठ गया।

आंटी मेरे लिए चाय लेने रसोई में गईं। चाय लेकर आईं और मैं चाय पीने लगा। आंटी ने मेरे पैर छू कर बैठ गईं। फिर उन्होंने बताया कि वे तीन साल से प्यासी हैं और आज तुम मेरे साथ जो चाहो कर सकते हो।

फिर आंटी ने अपने होंठ मेरे होंठ पर रख दिए और मैं उन्हें जवाब देने लगा। फिर आंटी ने पैंट के ऊपर से ही मेरा लंड सहलाने लगीं। मेरा लंड पूरा खड़ा हो गया था। वे बोलीं कि चलो कमरे में चलते हैं।

हम कमरे में जैसे ही घुसे तो आंटी ने मुझे बिस्तर पर गिरा दिया और झट से मेरी पैंट खोल कर मेरा लंड बाहर निकाल कर मुंह बहुत जोर जोर से चूसने लगीं। मेरा लंड दर्द देने लगा था। फिर मेरा पानी निकल गया और फिर उन्होंने खूब रगड़ कर पूरा पानी पी लिया।

मैं भी जोश में आकर उनके ऊपर आ गया और उन्हें पूरा नंगा करके मैं उनकी छातियों पर टूट पड़ा। बहुत स्वादिष्ट छातियां थीं आंटी की। मैं उन्हें निचोड़ निचोड़ कर चूसने लगा और वे भी बहुत तेज आवाज से मजा लेने लगीं।

फिर उन्होंने मुझे नीचे धकेला। मैं उनकी चूत पर अपनी जीभ चलाने लगा। वे चिल्लाने लगीं कि आह मजा आ रहा है। हां चलता रह मेरी चूत। बहुत सालों बाद असली मजा आ रहा है। फिर मैंने अपनी एक ऊंगली उनकी गांड में डाल दी। वे चिल्ला उठीं कि मर गई। अब चोदो।

अब मेरा लंड भी उफान मारने लगा था तो मैंने आंटी को करवट में लिटा कर बिस्तर के नीचे उतार कर अपना लंड उनकी चूत पर रगड़ने लगा। वे बोलीं कि अब डाल दो। तो मैंने लंड को चूत पर दबाया तो वे मुंह सिकोड़ कर मजा लेने लगीं और मैंने तेज तेज धक्के लगाने लगा।

वे भी अपनी गांड उछाल उछाल कर चुदवाने लगीं। फिर मैं डॉगी स्टाइल में चोदने लगा। वे चिल्ला चिल्ला कर मुझे और जोश दे रही थीं। फिर आंटी ने मुझे लिटा कर मेरे लंड पर उछलने लगीं।

फिर उन्होंने मेरा लंड बाहर निकाल कर अपनी गांड के छेद पर रख कर धीरे धीरे चुदने लगीं। मुझे बहुत ज्यादा मजा आ रहा था। फिर मैंने कहा कि मैं झड़ने लगा हूं तो आंटी ने लंड को बाहर निकाल कर अपने मुंह में ले लिया और मैं उनके मुंह में झड़ गया।

फिर हम बाथरूम में गए और वहां शावर के नीचे खड़े हो कर एक दूसरे को नहलाने लगे। दोनों एक बार फिर चुदाई के लिए तैयार हो गए। आंटी घुटनों पर बैठ गईं और मेरा लंड चूसने लगीं। मुझे बहुत मजा आ रहा था।

फिर आंटी ने कहा कि अब चोदो जस। चोदो मुझे। तो मैंने उनकी एक टांग को अपने हाथों में लेकर अपना लंड उनकी चूत में डाल दिया और धक्के मारने लगा। पूरे बाथरूम में फच फच आवाजें आ रही थीं।

10 मिनट तक चुदाई के बाद आंटी जमीन पर डॉगी बन गईं और अपनी गांड को बाहर निकाल कर मुझे गांड में लंड डालने को बोलीं। तो मैंने एक झटके में अपना पूरा लंड उनकी गांड में डाल दिया। उनकी सिसकियां निकल गईं और वे गांड को आगे पीछे करने लगीं।

मैंने अपने एक हाथ से उनकी छातियां दबाने लगा और दूसरे हाथ से उनकी चूत सहलाने लगा। वे अब तक दो बार झड़ चुकी थीं तो मैं भी झड़ने वाला था। 10 मिनट तक गांड को तेजी से चोदने के बाद मैं उनकी गांड में ही झड़ गया और हम बाथरूम में ही थक कर एक दूसरे से लिपट कर जमीन पर लेट गए।

फिर उसके बाद मैंने आंटी को रात के 2 बजे तक चोदा। फिर वे अपने पति के साथ कहीं और शिफ्ट हो गईं। आज भी जब उनकी याद आती है तो लंड खड़ा हो जाता है।

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⚠️ महत्वपूर्ण अस्वीकरण

ये सभी कहानियाँ केवल काल्पनिक हैं।
इनका वास्तविक जीवन से कोई संबंध नहीं है।

सेक्स हमेशा सहमति पर आधारित होना चाहिए।
बिना सहमति के कोई भी कार्य गलत और दंडनीय है।

इन कहानियों से प्रेरित न हों।
बस पढ़ें, आनंद लें और भूल जाएं।