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संध्या चाची की रासलीला

ये कहानी मेरे आँख के सामने घटित हुई है और सच्चाई है। मेरा नाम संकेत है उम्र तेईस साल। मैं कोलकाता में रहकर पढ़ाई करता हूं। बचपन से ही मैं इलेक्ट्रॉनिक गैजेट में काफी इंटरेस्टेड रहता हूं। ये कहानी मेरी सगी चाची संध्या के बारे में है जिनका कहानी में मैं नाम से जिक्र करूंगा। मुझे नहीं पता था कि वो इतनी ज्यादा चुदासी है। उनका उम्र छत्तीस साल रंग गोरा छत्तीस तीस अड़तीस एकदम गठीला बदन घने काले लंबे बाल।

मेरा परिवार पुरुलिया में रहता है। मेरे दादाजी रेलवे में नौकरी करते थे तबसे हम लोग पुरुलिया में बस गए हैं। वास्तविक घर ओडिशा के संबलपुर में है। मेरे चाचा जी इलेक्ट्री डिपार्टमेंट में नौकरी करते हैं। अब कहानी पर आते हैं। मेरी चाची एक एनजीओ से जुड़ी हैं जो महिलाओं को स्वावलंबी बनाती है जो म्युनिसिपालिटी से संचालित होता है।

एक बार कोलकाता में पूरे राज्य से अलग-अलग ऐसे ही एनजीओ की महिलाओं को ट्रेनिंग के लिए बुलाया गया था। संध्या के ग्रुप से संध्या और दीपा भी इसमें हिस्सा लेने वाली थी। दीपा विधवा थी उसकी उम्र कोई चालीस होगी। कुछ साल पहले उसके पति का देहांत हो गया था।

चाचा जी को उनके ऑफिस से छुट्टी नहीं मिल पाई तो उन्होंने मुझे कॉल किया कि संकेत पांच दिनों का ट्रेनिंग है तुम्हें अपने चाची के साथ रहना होगा क्योंकि पहली बार वो ऐसे अकेले जा रही थी। चूंकि मेरा कॉलेज में इलेक्शन होने वाले थे तो कॉलेज में पढ़ाई हो नहीं रही थी मैंने हां कह दिया।

संध्या और दीपा करीब ग्यारह बजे वहां होटल पहुंच गए। एक बड़ा सा होटल था। वहीं रहना भी था और ट्रेनिंग भी वहीं होना था। मैं भी वहां पहुंच गया। उनके साथ उनके एनजीओ के हेड भी थे उनका नाम सुनील राव था। उम्र पैंतालीस देखने में स्मार्ट हैंडसम। कोई भी उनका दीवाना बन जाए।

एक रूम संध्या और दीपा को मिला था एक सुनील को और एक मुझे क्योंकि हर एक फैमिली मेंबर को भी रूम मिला था। और तीनों कमरे सामने ही थे। पर मेरे कमरे में टीवी खराब था तो मैंने संध्या के कमरे का दूसरा चाभी भी अपने पास रखा था। सब फ्रेश होने चले गए और फिर थोड़ी देर बाद लंच का टाइम हो गया।

अब चार बजे उनका ओरिएंटेशन था। सब एक दूसरे से जान पहचान कर रहे थे। मैं संध्या के कमरे में टीवी देखने लगा। थोड़ी देर बाद संध्या और दीपा आए। हम सब साथ बैठे हुए थे। फिर वो दोनों बातें करने लगे। फिर दीपा मेरे कमरे की चाभी लेकर रेस्ट करने चली गई और संध्या मेरे अपने बेड पर मेरे साथ लेट गई और रेस्ट करने लगी। मैं तब तक टीवी देख रहा था।

करीब नौ बजे संध्या को सुनील का कॉल आता है और वो डिनर के लिए नीचे रेस्टोरेंट में बुलाता है। हम सब डिनर करने चले गए। वहां उनको मैंने बात करते हुए सुना कि हर दिन शाम में यहां अलग-अलग जगहों के बॉस की तरफ से हर दिन पार्टी दी जाएगी। ये सुनकर संध्या और दीपा बहुत खुश हो गए। पर संध्या धीरे से दीपा से कहती है वो पार्टी में पहनने लायक कुछ कपड़े तो लाई ही नहीं है।

और ये बात सुनील सुन लेता है और कहता है कि उसका टेंशन मत लो वो देख लेगा क्या कर सकता है। फिर सुनील बताता है कि कल की पार्टी उसके तरफ से रहेगी। फिर डिनर के बाद हम सब अपने-अपने कमरे में आकर सो गए।

अगले दिन ब्रेकफास्ट के बाद उनका ट्रेनिंग शुरू होता है। दो बजे तक ट्रेनिंग के बाद लंच होता है और संध्या का कॉल आता है मुझे लंच के लिए नीचे बुलाती है। लंच के बाद मैं देखता हूं कि सुनील संध्या को एक पैकेट देता है और कान में कुछ बोलता है जिसे सुनकर संध्या हंसती है। संध्या वो पैकेट लेती है और सुनील से कुछ बात करने के बाद अपने कमरे में आ जाती है।

अब मैं संध्या और दीपा एक ही कमरे में बैठे होते हैं। मैं कान में हेडफोन लगा कर गाना सुनता हूं पर एक्चुअली में मैं सुनता कुछ नहीं हूं और संध्या और दीपा की बातें सुनने की कोशिश करता हूं। दीपा संध्या से पूछती है कि पैकेट में क्या है तो संध्या बोलती है एक डिजाइनर साड़ी है जो सुनील ने उसे गिफ्ट किया है और आज शाम की पार्टी में उसे पहनकर आने बोला है।

ये सब सुनकर मैं चौंक जाता हूं कि संध्या भी शायद सेक्स की भूखी है पर आज तक वैसे कभी पता नहीं चला। फिर मैं सोचता हूं कि आज तो पक्का कुछ होने वाला है और आज मैं ये किसी भी हाल में देखूंगा जरूर।

थोड़ी देर बाद एक लेडी आती है जिसका नाम राखी है वो संध्या से कुछ बात करती है फिर वो चली जाती है और संध्या बाथरूम जाती है नहाने के लिए। उसी टाइम मैं मौका देखकर संध्या के फोन में एक चिप लगा देता हूं ताकि मैं उसकी बातें सुन सकूं। करीब तीस मिनट बाद वो नहाकर निकलती है उसके बाल भीगे हुए कमाल लग रही थी।

फिर राखी आती है और संध्या को अपने साथ ले जाती है। जाते टाइम संध्या वो पैकेट अपने साथ ले जाती है। दीपा तब वॉशरूम में थी तो मैं भी संध्या के पीछे छुपकर जाता हूं। वो दोनों एक कमरे में गए जहां कई छोटे-छोटे केबिन जैसे बने थे और एक दूसरे से जुड़े हुए थे मतलब दूसरे केबिन से वहां सब कुछ दिख सकता है। मैं धीरे से सामने वाले केबिन में बैठ गया और देखने लगा।

राखी दरअसल एक ब्यूटिशियन है वो संध्या का मेकअप करती है उसके बाल बनाती है फिर उसको वो साड़ी पहनाती है जो सुनील ने उसे गिफ्ट किया था। कसम से क्या कयामत लग रही थी संध्या। मुझे नहीं पता था कि वो इतनी हॉट साड़ी इतने आसानी से पहन सकती है क्योंकि मैंने तो हमेशा उसे एक घरेलू औरत की तरह ही देखा है। नेवी ब्लू ट्रांसपेरेंट साड़ी गोल्डन कलर की स्लीवलेस ब्लाउज ब्रा नहीं थी क्लिवेज साफ दिख रहा था लंबे घने बाल होंठ बिल्कुल लाल माथे पर एक छोटी सी बिंदी।

मन तो हुआ कि उसे किसी तरह मैं ही चोद लूं। फिर संध्या ने राखी से कहा कि बालों को ऐसे स्टाइल करके बांधो कि बस एक हेयरपिन हटाते ही बाल पूरे खुल जाएं। राखी ने बहुत अच्छे से वैसा ही किया। अब संध्या पूरी तरह से सज संवर कर तैयार थी। शाम भी हो चुका था पार्टी शुरू हो चुकी थी।

संध्या वहां से जाने लगी तो मैं भी उसके पीछे वहां से चला गया। पार्टी में बहुत सारी महिलाएं पहले से आ चुकी थीं। सुनील भी वहीं था। मैं ऊपर ही एक कोने में बैठकर नीचे सब कुछ देखने लगा। वहां की रोशनी धीमी थी।

जैसे ही संध्या पार्टी में पहुंचती है तो वहां के सारे मर्द बस उसे ही देखते रहते हैं। सुनील संध्या के पास आता है और उसके कान में धीरे से कहता है कि आज तो आप यहां कुछ मर्दों का जान ही ले लोगी। संध्या मुस्कुराती है। फिर सुनील कहता है कि आपके बाल खुले होते तो खूबसूरती में चार चांद लग जाता तो संध्या हंसते हुए कहती है तो आप ही खोल लो। तो सुनील कहता है जब सही समय आएगा तो मैं खुद खोल लूंगा।

अब संध्या एक दूसरे के हाथों में हाथ डाले हुए पार्टी का मजा ले रहे थे और दूसरे लोगों से मिल रहे थे। थोड़ी देर बाद वहां अनाउंसमेंट होता है कि अब कपल डांस होगा जो भी जिसके साथ डांस करना चाहता है पार्टनर ढूंढ लेंगे।

अब संध्या के पास तो जैसे मर्दों का लाइन लग गया हो पर संध्या तो आज किसी को अपना दिल दे चुकी थी। जब सुनील ने संध्या से डांस के लिए पूछा तो उसने तुरंत हां कह दिया। अब स्लो म्यूजिक चालू होता है और लाइट बहुत डिम रहती है। संध्या और सुनील तो एक दूसरे में ऐसे खोये हुए थे मानो जन्मों जन्मों का रिश्ता हो।

सुनील का एक हाथ संध्या के हाथ में और दूसरा संध्या के पीठ पर और करीब रहकर दोनों डांस करते हैं। फिर सुनील संध्या को पीछे घुमाता है। अब सुनील संध्या के बालों पर लगा पिन हटा देता है और संध्या के काले घने बाल खुल जाते हैं। सुनील धीरे से संध्या के बालों को एक साइड करता है और संध्या की पीठ को अपने सीने से लगा कर धीरे धीरे डांस करने लगता है।

उसका एक हाथ संध्या के पेट पर रहता है जिसे वो धीरे धीरे सहलाता है और अपने मुंह को संध्या की गर्दन के पास रखता है। अब संध्या की आंखें बंद हैं और वो पूरे मजा लेकर डांस कर रही है। अब सुनील संध्या की गर्दन पर किस करता है। संध्या जैसे बेकाबू हो जाती है उसकी मुंह से सिसकारी निकल जाती है और वो पलट कर सुनील से लिपट जाती है।

उनके सामने डांस कर रहे कुछ कपल ये देख लेते हैं पर उन्हें ये परवाह नहीं है। सुनील और संध्या बस अपने में खोये रहते हैं। अब वो एक दूसरे की तरफ मुंह करके डांस कर रहे होते हैं। इतने में सुनील अपना होंठ संध्या के होंठ के पास लाता है। संध्या समझ जाती है और वो पहल करके किस करना शुरू कर देती है।

थोड़ी देर ऐसे ही किस करने के बाद उनको एहसास होता है कि आसपास बहुत कोई उनको देख रहा होता है तो सुनील संध्या से पूछता है कि रूम में चले क्या तो संध्या कहती है रुको मैं संकेत से पूछती हूं वो तो नहीं है। फिर संध्या मुझे कॉल करती है और पूछती है कि कहां हो तो मैं झूठ बोल देता हूं कि मैं अपने रूम में हूं कॉलेज का कुछ असाइनमेंट पूरा करना था तो वहीं कर रहा हूं। और संध्या ओके बोलकर फोन रख देती है।

अब वो सुनील को कहती है कि मेरे रूम में चलो। सुनील पूछता है वहां अगर दीपा आ जाए तो संध्या कहती है कि मैं उसे मना कर देती हूं और उसको बोल दूंगी कि आज रात वो आपके कमरे में सो जाए। मैं मौका देखकर तुरंत वहां से निकल जाता हूं और कुछ स्पाई कैमरा जो मेरे बैग में हमेशा रहता है उसे लेकर तुरंत संध्या के कमरे में लगा देता हूं और अपने लैपटॉप में फीड लेकर चुपचाप अपने रूम में उन दोनों के कामलीला का इंतजार करता हूं।

थोड़ी देर बाद संध्या और सुनील कमरे में आते हैं और आते ही संध्या सुनील को किस करना शुरू कर देती है। थोड़ी देर बाद सुनील संध्या को पीछे घुमाता है और उसके गले के पीछे किस करता है। संध्या सिसकारी लेती है। वो धीरे धीरे अपना जीभ नीचे पीठ की तरफ लाता है और संध्या सिसकारियों से पूरा कमरा भर देती है।

अब सुनील संध्या को बेड पर लेटा देता है और उसके साड़ी को साइड करके पेट पर किस करता है। संध्या उफ ओह सुनील बहुत अच्छा लग रहा है। सुनील अब संध्या को पलट देता है और उसके पीठ पर किस करता है। संध्या को तो जैसे जन्नत मिल गया हो पूरी तरह से सिसकारियों से सुनील का साथ देती है।

अब संध्या को खड़ा करके उसके साड़ी और पेटीकोट पूरा निकाल देता है। अब संध्या उस हॉट ब्लाउज और पैंटी में बस रह जाती है और गजब की सेक्सी लग रही थी। उसी दिन मैंने सोच लिया कि एक न एक दिन संध्या को चोदूंगा जरूर।

अब संध्या एक-एक करके सुनील के सारे कपड़े निकाल देती है बस सुनील अब चड्डी में रहता है। उसका आठ इंच मोटा लंबा तना हुआ लंड देखकर संध्या मदहोश हो जाती है। संध्या सुनील के लंड को चड्डी के ऊपर से पकड़कर बोलती है सुनील आज इस लंड का पूरा रसपान करूंगी मुझे आज वो सुख दे देना जिसकी मैं प्यासी हूं।

सुनील कहता है आज तो तुम्हें अपनी रानी बनाकर चोदूंगा और तुम्हें स्वर्गलोक की सैर कराऊंगा। अब संध्या सुनील को गर्दन पर किस करते हुए धीरे धीरे उसके छाती पर और पूरे शरीर पर किस करती है। सुनील भी संध्या के बालों के साथ खेलते रहता है। ये सब देखकर ऐसा लग रहा था जैसे मैं कोई पोर्न मूवी देख रहा हूं। संध्या का गोरा गदराया बदन जिस्म पर बस कुछ कपड़े जैसे जन्नत की कोई परी हो।

अब सुनील संध्या को पीछे करके लेटा देता है और उसके नंगी पीठ पर जीभ फेरता है धीरे धीरे नीचे की तरफ जीभ लाता है और संध्या की पैंटी को नीचे सरकाता है। सुनील अब संध्या के चूतड़ों पर अपना जीभ फेरता है। कुछ देर बाद वो संध्या को सीधा करता है और उसकी पैंटी पूरा खोल देता है। संध्या अब सिर्फ ब्लाउज में थी। उसकी चूत बिल्कुल चिकनी और पानी से भरा हुआ।

अब सुनील संध्या की चूत चूसने लगता है। संध्या ओह सुनील प्लीज फक माय पुस्सी कम ऑन सुनील। ये सब सुनकर तो मैं जैसे बेकाबू हो उठा था। थोड़ी देर बाद संध्या बेड से उठती है और सुनील की चड्डी खोल देती है। संध्या अब सुनील के मोटे लंड को अपने हाथ में लेकर खेलने लगती है जैसे किसी बच्चे को अपना मनपसंद खिलौना मिल गया हो।

संध्या कहती है सुनील आज पहली बार में अपने मुंह में लंड लेना चाहती हूं। सुनील क्यों तुमने अपने पति का लंड कभी नहीं चूसा। संध्या इतना छोटा लंड चूसने में मजा भी आएगा इसलिए नहीं मन होता है। फिर वो लंड अपने मुंह में लेती है और चूसने लगती है।

सुनील लग तो नहीं रहा कि पहली बार लंड चूस रही हो। संध्या आपका लंड जैसे चाहता है बस वही कर रही हूं। थोड़ी देर बाद संध्या बेड पर लेट जाती है और अपने पैर फैला देती है। संध्या सुनील अब मत तड़पाओ आ भी जाओ। सुनील हां डार्लिंग अब तुम्हें जन्नत दिखाऊंगा।

अब सुनील पहले संध्या के ब्लाउज को खोल देता है फिर संध्या की चूत पर अपने लंड का सुपड़ा रखता है और धीरे से उसे धक्का देता है। संध्या की चीख निकल जाती है। संध्या ओह सुनील मार डालोगे क्या। सुनील नहीं मेरी जान इतनी जल्दी कहां अभी तो बहुत कुछ बाकी है।

फिर सुनील धीरे धीरे धक्का देता है और संध्या की चीखें निकलने लगती हैं। सुनील स्पीड बढ़ाता है और जोर जोर धक्का देने लगता है। अब संध्या को मजा आने लगा था अब उसकी चीखें सिसकारी में बदलने लगी थीं और वो भी सुनील के चेस्ट पर किस करने लगती है। सुनील और जोश में आ जाता है।

थोड़ी देर इसी पोजीशन में करने के बाद संध्या कहती है कि सुनील मुझे अब ऊपर आना है। संध्या पूरी नंगी उठ खड़ी होती है। सुनील लेट जाता है और अब संध्या सुनील के लंड पर बैठ जाती है और अपनी चूत लंड में घुसा देती है और उछल उछल कर मजा लेती है। अब संध्या जोर जोर से चिल्लाते हुए पूरे मजा ले रही है।

संध्या ओह सुनील फक मी हार्ड प्लीज सुनील बहुत मजा आ रहा है। सेक्स करते करते संध्या सुनील के हाथों से अपने बालों को खेलने का इशारा करती है। सुनील जैसे ही उसके बालों से खेलता है संध्या और जोश में आ जाती है। थोड़ी देर बाद संध्या और सुनील एक साथ झड़ जाते हैं और संध्या अब सुनील के ऊपर ही लेट जाती है दोनों एक दूसरे से किस करते हैं।

थोड़ी देर के बाद दोनों उठते हैं और बाथरूम चले जाते हैं। वहां भी सुनील नहाते हुए संध्या की चूत का पूरा मजा लेता है। तो ये थी मेरी चाची की गैर मर्द के साथ पहली चुदाई। अगले दिन भी संध्या किसी दूसरे मर्द से चुदती है जिसकी कहानी अगले भाग में लिखूंगा। उम्मीद है ये कहानी आप सभी को पसंद आई होगी।

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⚠️ महत्वपूर्ण अस्वीकरण

ये सभी कहानियाँ केवल काल्पनिक हैं।
इनका वास्तविक जीवन से कोई संबंध नहीं है।

सेक्स हमेशा सहमति पर आधारित होना चाहिए।
बिना सहमति के कोई भी कार्य गलत और दंडनीय है।

इन कहानियों से प्रेरित न हों।
बस पढ़ें, आनंद लें और भूल जाएं।