टेलीग्राम चैनल जॉइन करें - रोज़ाना नई कहानी अपडेट के लिए

हसबंड ने खुद चुदवाया विदेशी से

मेरा नाम पूनम अग्रवाल है। मैं 46 साल की गोरे रंग की एक शादीशुदा औरत हूं। मैं अब तो चुदाते-चुदाते काफी मोटी हो गई हूं और मेरी फिगर अब 42-32-40 है पर शादी के वक्त मैं बिल्कुल स्लिम थी। मेरी हाइट भी करीब 5 फुट 4 इंच है। मैं बीए पास हूं। अंग्रेजी आती है पर फ्लुएंटली बोल नहीं पाती। फॉरेन एक्सेंट में बोली हुई अंग्रेजी तो कभी-कभी समझ भी नहीं पाती।

मेरी शादी आज से 23 साल पहले हुई थी। मेरे पति पियूष अग्रवाल एक इंजीनियर हैं और सांवले कलर के हैं। पियूष एक एमएनसी में सर्विस करते हैं। वे मुझे बहुत प्यार करते हैं। हम दिल्ली में रहते हैं। मेरा सिर्फ एक बेटा है जो अब 20 साल का है और साउथ इंडिया के एक इंजीनियरिंग कॉलेज में हॉस्टल में रहकर इंजीनियरिंग डिग्री कर रहा है। मेरे पति पियूष के साथ मेरी सेक्स लाइफ बहुत ही अच्छी है क्योंकि पियूष सेक्स में बहुत मजा लेते हैं और मुझे बहुत गरम करके चोदते हैं, हालांकि शादी के वक्त वे बिल्कुल अनाड़ी थे। पियूष का लंड लंबा तो है लेकिन पतला सा है। लटका हुआ लंड तो करीब 4 इंच लंबा और करीब 2 इंच मोटा होता है लेकिन जब पूरा तनकर खड़ा हो जाता है तो करीब 6 इंच लंबा और 3 इंच मोटा हो जाता है। पहले तो पियूष मुझे एक दिन में कई-कई बार बिल्कुल नंगा करके चोदते थे। ऑफिस से आते और खुद बिल्कुल नंगे हो जाते और अपना 4 इंच लंबा और 2 इंच मोटा लंड हिला-हिलाकर दिखाते और इतना गरम कर देते कि मैं भी पागल होकर अपने सब कपड़े उतारकर बिल्कुल नंगी हो जाती थी और इसी हालत में उनके साथ शाम की चाय पीती थी। एक हाथ में उनका लंड पकड़कर हिलाती रहती और दूसरे में चाय का प्याला। चाय पीते-पीते पियूष मेरी चूत में अपनी उंगली अंदर-बाहर करते रहते और कभी-कभी चूत चाट भी लेते। अभी भी हम दोनों बहुत किंकी सेक्स गेम्स भी साथ-साथ खेलते हैं। मैं पियूष का लंड भी चूसती हूं और वे भी मेरी चूत में अपनी जीभ डाल-डालकर खूब चटाते हैं। मैंने तो कई बार पियूष के लंड को चूस-चूसकर अपने मुंह में झड़ भी दिया और झड़ा हुआ सारा वीर्य पी गई। पियूष के जॉब में टूरिंग भी काफी है। पियूष मुझसे कुछ भी नहीं छुपाते, सब बात बता देते हैं।

3 साल पहले वे एक हफ्ते के टूर पर लंदन गए थे। उन्होंने बताया कि वहां उन्होंने एक 45 साल की ब्रिटिश विधवा लेडी को, जिसके मकान में वे पेइंग गेस्ट बनकर रहे थे, 5 दिन खूब चोदा। यह बताने के बाद उन्होंने मुझसे पूछा कि मुझे बुरा तो नहीं लगा। यह सुनकर भी मुझे बुरा नहीं लगा क्योंकि पियूष मुझे बहुत प्यार करते हैं। मैंने कहा कि किसी को चोदने से आपका लंड कोई घिस तो नहीं गया ना। किसी प्यासे को पानी पिलाना तो अच्छी बात है। पियूष को मैं कहूंगी कि वे अपनी लंदन की चुदाई की कहानी कभी आपको अलग से सुनाएं।

पियूष की कंपनी 2 साल में एक बार अपने सारे एम्प्लॉइज को 1 लाख रुपये तक वाइफ के साथ दुनिया में कहीं भी घूमने जाने के लिए एलटीसी देती है। अभी पिछले साल हम दोनों अकेले ग्रीस घूमने गए थे। वहां पियूष और मैं एक एडल्ट न्यूड रिजॉर्ट भी गए, जहां हम 2 दिन और 1 रात रहे। वहां पहुंचकर पियूष ने मुझे उस रिजॉर्ट के रूल्स के बारे में बताया। वहां आने वाले सभी टूरिस्ट हर समय बिल्कुल नंगे होकर रह सकते थे। रिजॉर्ट के एम्प्लॉइज भी बिल्कुल नंगे रहते थे। लेकिन बिना दूसरे की मर्जी के उसके साथ चुदाई नहीं कर सकते थे। अगर किसी का मन किसी दूसरे टूरिस्ट के साथ चुदाई करने का हो तो उसे उस टूरिस्ट से पॉलिटली चुदाई की रिक्वेस्ट करके परमिशन लेनी जरूरी थी। हां किसी को भी किसी दूसरे टूरिस्ट या रिजॉर्ट के एम्प्लॉई को देखकर उसके सामने ही मस्टर्बेट करने की पूरी आजादी थी। वहां पियूष ने मुझे सी बीच पर बिल्कुल नंगे होकर घूमने और नहाने के लिए मना लिया। जब मैंने कहा कि मुझे शर्म लगती है तो पियूष ने कहा कि यहां हमें जानने वाला कोई नहीं है इसलिए शर्म कैसी। यह मेरा पहला एक्सपीरियंस था, लेकिन क्योंकि वहां हमें कोई भी जानता नहीं था इसलिए मुझे भी शर्म की कोई बात नहीं लगी और मैं पियूष की बात मान गई। उस दिन हम वहां बीच पर कई घंटे हजारों बिल्कुल नंगे मर्द और औरतों के बीच खुद भी बिल्कुल नंगे होकर घूमते रहे, समुद्र में नहाए और मैंने उस दिन पहली बार कई तरह के लंड और चूत देखे और कई लोगों को तो बीच पर ही सबके सामने चुदाई करते हुए भी देखा।

कई नंगे मर्दों ने तो मेरी नंगी चूत देख-देखकर मेरे सामने ही अपनी मुठ भी मारी। वहां कोई भी किसी के साथ कोई जबरदस्ती नहीं कर रहा था और कई नंगी लेडीज तो परमिशन लेकर 2-2 आदमियों से भी चुदाई के मजे ले रही थीं।

पियूष ने मुझे बताया कि यहां पर आने वाले कपल्स अपने पार्टनर बदलकर भी चुदाई करते हैं। मैंने पहली बार अपने हसबंड के अलावा इतने सारे बिल्कुल नंगे मर्दों के कई शेप के लंड देख रही थी। कुछ आदमियों के लंड तो करीब 8 इंच लंबे थे। ज्यादातर मर्दों के लंड इतनी नंगी औरतों की चूत देखकर बिल्कुल तने खड़े हुए थे जबकि कुछ के लंड चोद-चोदकर और मुठ मार-मारकर झड़कर लटके हुए भी थे। मुझे लगता है कि ज्यादातर औरतों की चूत भी बिल्कुल गीली होगी क्योंकि मेरी चूत यह सब पहली बार देखकर बिल्कुल गीली हो गई थी और मैं मन ही मन वहीं पर पियूष के लंड से भी लंबे लंड से चुदवाना चाह रही थी। जब हम बीच पर नंगे बैठकर सुस्ता रहे थे तो हमारे पास एक मिडिल एज्ड यूरोपियन कपल जो करीब 40-45 की एज ग्रुप का था, वहीं बीच पर बैठा था। उस आदमी का लंड करीब 6 इंच लंबा था और करीब 3 इंच मोटा था पर बाबाजी के घंटे की तरह लटका हुआ था और उसकी जांघों पर किसी सांप की तरह पड़ा था और वह आदमी लगातार मेरी तरफ ही देख रहा था। मुझे यह सोचकर मजा आया कि मैं इस उम्र में भी इतनी सेक्सी लगती हूं कि इतने सारे पराये मर्द मुझे घूर-घूरकर मेरे सारे नंगे बदन का मजा ले रहे हैं। शायद इसलिए क्योंकि मेरी चूचियां काफी बड़ी-बड़ी और भारी हैं। और मैंने अपनी झांटें काफी ट्रिम की हुई थीं जिसके कारण मेरी चूत के दोनों गीले ओंठ भी खुले हुए साफ नजर आ रहे थे। मेरी नजर भी लगातार उसके लंबे लटकते हुए लंड पर ही थी। उधर पियूष उसकी पार्टनर को लगातार देखे जा रहा था और वह उसके इस तरह लगातार देखने से बेशर्मी के साथ मुस्करा रही थी। तभी उसने अपनी दोनों टांगें फैला दीं और पियूष को अपनी बिना झांटों वाली साफ-छट गोरी चूत का खुला नजारा दिखाना शुरू कर दिया। वह आदमी अभी भी मुझे लगातार देख रहा था। मेरे बदन में सेक्स की अजीब सी सिहरन होने लगी और मैंने भी उत्तेजित होकर उस गोरे आदमी को अपनी टांगें फैलाकर अपनी पूरी खुली चूत के दर्शन कराना शुरू कर दिया। मेरे देखते-देखते उस गोरे आदमी का लंड तनकर 8 इंच लंबा और करीब 4 इंच मोटा मूसल जैसा हो गया। उसके लंड का सुपड़ा भी अपना घूंघट उतारकर बाहर निकल आया। शायद उस रिजॉर्ट पर उस आदमी का लंड बाकी सभी मर्दों के लंड के मुकाबले सबसे लंबा और मोटा था।

यह सब देखकर पियूष ने मेरी चूत में उंगली डालकर देखा और हिंदी में कहा कि तुम्हारी चूत तो बहने वाली है। क्या तुम्हें इस आदमी का लंड देखने में इतना मजा आ रहा है। मैंने कहा हां, मुझे इस गोरे आदमी के गधे जैसे लंड के साइज को देखकर मजा आ रहा है। यह आदमी तो बड़ी अच्छी चुदाई करता होगा। इसकी औरत तो मस्त हो जाती होगी। तुम्हारे लंड से तो काफी लंबा और मोटा है इसका। यह सुनकर पियूष ने मुझे बताया कि उसका लंड भी उसकी औरत की बिना झांटों वाली साफ-छट गोरी चूत देखकर मस्त हो रहा है। उन लोगों को हिंदी नहीं आती थी इसलिए वे कुछ नहीं समझ सके। लेकिन शायद वे यह समझ गए कि हम उनके लंड और चूत के बारे में ही बात कर रहे हैं। तभी वे दोनों उठकर हमारे बिल्कुल पास आकर बैठ गए और पियूष से अंग्रेजी में बात करने लगे। पियूष ने हिंदी में ट्रांसलेट करके मुझसे पूछा यह रॉबर्ट और उसकी वाइफ जूली हैं। बेल्जियम से यहां हमारी तरह ही घूमने आए हैं। रॉबर्ट को तुम्हारी चूत बहुत पसंद आई है। वे पूछ रहे हैं कि अगर तुम बुरा न मानो तो वे तुम्हें चोदना चाहते हैं और जूली भी मेरे 6 इंच लंबे लंड का स्वाद लेना चाहती है। मैं उनको क्या जवाब दूं। यह सुनकर मेरी चूत तो बिल्कुल गीली हो गई और मेरी नजर रॉबर्ट के लंड पर ही चिपक गई जो बिल्कुल फनफनाकर कुतुब मीनार की तरह खड़ा हो गया था। मैंने धीरे से हिंदी में पियूष से कहा आप जानो, मैं क्या कहूं। पियूष मेरी तरफ हंसकर बोला पूनम डार्लिंग, चुदवा लो, बहुत मजा आएगा। तुम्हारी चूत कोई घिस तो नहीं जाएगी। प्यासे को पानी पिलाना तो पुण्य का काम होता है। मेरे लंड से तो रोज ही चुदती हो, आज टेस्ट भी बदल जाएगा, बेचारे का भी भला हो जाएगा। देखो अगर तुम किसी दूसरे मर्द से भी चुद जाओ तो भी मुझे कोई ऑब्जेक्शन नहीं है, यहां कोई हमें जानता भी नहीं है इसलिए कोई खतरा भी नहीं है। ऐसा मौका बार-बार नहीं मिलता। मैं शर्माकर हंस दी और बोली ठीक है, जैसा आप ठीक समझते हो। पियूष ने तभी अंग्रेजी में दोनों को मेरी अपनी वाइफ बताकर इंट्रोडक्शन कराया और साथ-साथ मस्त करने के लिए येस कर दी और कहा कि वे शाम को रिजॉर्ट में हमारे कमरे में आ जाएं और अपना रूम नंबर भी दे दिया। जैसा मैंने कहा, कि यह एक न्यूड रिजॉर्ट था और ज्यादातर लोग रिजॉर्ट में भी नंगे ही रहते थे, यहां तक कि रेस्तरां में भी बिल्कुल नंगे ही चले जाते और खाना खाते। रूम सर्विस के लिए जो वेटर या वेट्रेस आते वे भी बिल्कुल नंगे होते थे। वहां शर्म नाम की कोई चीज नहीं थी। शाम को जैसे ही हम दोनों अपने कमरे में पहुंचकर नहाने की सोच ही रहे थे कि रॉबर्ट और जूली दोनों हमारे कमरे में आ गए।

वे दोनों अब भी बिल्कुल नंगे थे। पियूष ने कहा कि हम नहाने ही जा रहे थे और उन दोनों को सोफे पर बैठने को कहा। इस पर रॉबर्ट और जूली दोनों साथ-साथ अंग्रेजी में बोले हाउ अबाउट टेकिंग बाथ टुगेदर। पियूष ने उन्हें ओके कहा और मुझसे बोला चलो हम 4ों सब साथ-साथ ही नहा लेते हैं, फिर चुदाई करेंगे और हम सब बाथरूम में चले गए। मैं रॉबर्ट की तरफ देखकर मुस्कुरा दी। उसका खड़ा हुआ लंड देखकर मेरा हाथ अनजाने में मेरी चूत पर चला गया और मैं अपनी चूत में उसके सामने ही उंगली करने लगी। यह देखकर पियूष बोला अरे तुम क्यों अपनी चूत में उंगली कर रही हो। तुम तो अपने हाथ से रॉबर्ट के लंड का मजा लो और फिर जमकर चुदवाओ। रॉबर्ट व्हाई डोंट यू हेल्प हर। रॉबर्ट ने तभी एक हाथ से मेरी चूचियों को मसलना शुरू कर दिया और दूसरे हाथ की 2 उंगलियां मेरी चूत में डाल दीं। मुझसे रहा नहीं गया और मैं भी अपने एक हाथ से उसके लंबे और मोटे लंड को कसकर पकड़कर आगे-पीछे करने लगी। उसके लंड का सुपड़ा पियूष के लंड के सुपड़े से काफी बड़ा था और बिल्कुल पिंक कलर का था। उधर जूली और पियूष शावर के नीचे एक-दूसरे से चिपटे खड़े थे और जूली पियूष के लंड को पकड़कर खींच-खींचकर हिला रही थी। पियूष एक हाथ से जूली के दोनों नंगे चूतड़ों को मसल रहे थे और दूसरे हाथ से उसकी चूत में उंगली से चोद रहे थे। मैंने भी रॉबर्ट के तने हुए लंड को इतना चूसा कि उसके सुपड़े से चिकना-चिकना पानी निकलने लगा। हम दोनों वहीं बाथरूम फ्लोर पर उनहत्तर के पोज में लेट गए। रॉबर्ट की जीभ मेरी चूत में आग लगा रही थी। मैं रॉबर्ट के लंड को हाथ से पकड़कर खींच-खींचकर चूस रही थी। तभी रॉबर्ट मेरे मुंह में ही झड़ गया।

मैं तो उसके लंड से निकले डिस्चार्ज की क्वांटिटी देखकर ही हैरान रह गई। करीब 1 कटोरी सफेद-सफेद गाढ़ा-गाढ़ा माल उसके लंड से निकला जो मेरे मुंह में भर गया। मैं धीरे-धीरे उस सारे खट्टे-खट्टे माल को अपनी जीभ से चाट-चाटकर पी गई। पियूष के लंड से तो इसका करीब आधा माल ही निकलता है। मेरा मन अभी भरा नहीं था इसलिए उसके झड़े हुए लंबे लटकते हुए लंड को मैंने फिर से चूसना शुरू कर दिया। रॉबर्ट अभी भी मेरी चूत चाटने में लगा था। मैं तो यह सोचकर मजे में बिल्कुल पागल सी हो गई कि कोई दूसरा मर्द मेरी चूत मेरे हसबंड के सामने ही चाट रहा है। उधर जूली भी अब शावर के नीचे बैठकर पियूष का लंड जोर-जोर से चूस रही थी। इस तरह नहाने-नहाने में ही हम सभी बहुत गरम हो गए।

जब रॉबर्ट से नहीं रहा गया उसने मुझे वहीं बाथरूम के फ्लोर पर कुतिया की तरह पोज बनाकर बैठा दिया और मेरी दोनों टांगें फैलाकर पीछे से मेरी चूत में अपना 8 इंच लंबा और 4 इंच मोटा गधे जैसा लंड पेल दिया और एक जोरदार धक्का लगाया। मेरी चूत चुदाने के लिए बिल्कुल गीली होकर इतनी खुल गई थी कि एक ही धक्के में रॉबर्ट का पूरा लंड गपक गया। उसके धक्कों में मुझे इतना मजा आ रहा था कि मैं भी अपने चूतड़ उछाल-उछालकर अपनी चूत में उसके लंड के धक्कों का मजा लेने लगी।

2-3 धक्कों में ही मेरी चूत फुच-फुच करने लगी। 4-5 धक्कों में ही मैं झड़ गई। लेकिन रॉबर्ट के लंबे लंड के धक्के जारी थे और उसके बाद तो मैंने पहली बार मल्टीपल ऑर्गेज्म का मतलब जाना क्योंकि हर दूसरे धक्के पर मेरी चूत पानी छोड़ रही थी। मुझे रॉबर्ट से चुदाने में बहुत मजा आ रहा था कि मैं सिसकियां भर रही थी। मैं एक्साइटमेंट में हिंदी में कई बार बोल भी पड़ी मुझे और जोर से चोदो। पूरा लंड पेल दो। हाई, मेरी चूत फाड़ डालो। रॉबर्ट भी अंग्रेजी में कुछ-कुछ बोल रहा था जो मेरी समझ में नहीं आया। मुझे रॉबर्ट से इस तरह खुलकर मस्ती में चुदाते हुए देखकर पियूष इतने उत्तेजित हो गए कि उनके लंड से जूली के मुंह में ही पिचकारी छूट गई। जूली ने उनका सारा सीमेन अपनी जीभ से चाट-चाटकर पी लिया और फिर से पियूष का लंड चूसने लगी। शायद पियूष को मुझे दूसरे मर्द से चुदता हुआ देखकर बहुत मजा आया तभी इतनी जल्दी झड़ गए थे। करीब मुझे 15-20 मिनट तक रॉबर्ट ने कई सारे पोज में कभी आगे से, कभी पीछे से, कभी खड़े-खड़े और कभी अपने लंड पर बैठाकर वहीं पर पियूष और जूली के सामने चोदा और मेरी चूत में अपना सारा माल एक बार फिर से निकाल दिया। हम दोनों अब थककर अलग हो गए। मैं सोच रही थी कि अगर रॉबर्ट इंडियन होता और उसको हिंदी भी आती तो कितना मजा आता। हम खुलकर एक-दूसरे से लंड और चूत की बातें भी करते। मेरी चूत से रॉबर्ट का सारा माल निकल-निकलकर मेरी जांघों पर टपक रहा था। रॉबर्ट अभी भी मेरी चूचियां मसल रहा था। उसका लंड मेरी चूत के रस से गीला होकर चमक रहा था और गधे के लंड की तरह नीचे लटक गया था। तब तक हमारी चुदाई देखकर पियूष का लंड फिर से तनकर खड़ा हो गया और तभी जूली ने पियूष को नीचे फ्लोर पर पीठ के बल लिटा दिया और पियूष के लंड पर अपनी गीली चूत रखकर ऐसे बैठी कि पियूष का लंड उसकी चूत में फिसलता हुआ पूरा का पूरा अंदर चला गया।

जूली अब पियूष के ऊपर चढ़कर जोर-जोर से अपने चूतड़ उछाल-उछालकर पियूष के लंड को अपनी चूत में पिलवा रही थी। उसके मम्मे लटकते हुए जोर-जोर से पियूष के चेहरे के सामने हिल रहे थे और वे उन्हें दोनों हाथों से मसल रहे थे। मैंने पहली बार पियूष को किसी दूसरी औरत से चुदाते हुए देखा और मैं उत्तेजित होकर फिर से गरम हो गई। मैंने फिर से रॉबर्ट के लंड को चूसना शुरू कर दिया। रॉबर्ट भी मेरी चूत में उंगली डाल-डालकर और निकालकर उंगली में लगे मेरे और उसके झड़े हुए माल को चाटने लगा। इतने जोर से झड़कर भी मेरी चुदास शांत नहीं हुई थी और मेरा मन कर रहा था कि मैं सारी रात रॉबर्ट के उस मोटे और लंबे लंड से मजे लेती रहूं। तभी पियूष के लंड ने जूली की चूत में पिचकारी मार दी। इस तरह खेलते-खेलते करीब-करीब 3 घंटे निकल गए तब पियूष ने बोला कि चलो अब रेस्तरां में चलकर खाना खा लेते हैं। हम सभी बाथरूम से एक शावर लेकर बाहर आ गए और नंगे ही रेस्तरां की ओर चल दिए। रॉबर्ट का गधे जैसा लंबा लंड चलते समय उसकी दोनों टांगों के बीच लटका हुआ ऐसे मस्ताना होकर झूल रहा था कि मैं उसके लंड पर से नजर हटा ही नहीं पा रही थी। मैं अभी भी रॉबर्ट के लटकते हुए लंड को देख-देखकर इतना मस्त होती जा रही थी कि मेरी चूत में फिर से खुजली होने लगी। जूली और पियूष तो चिपक-चिपककर चल रहे थे और पियूष का लंड जूली ने अपने हाथ में थाम रखा था।

रेस्तरां में भी मैं एक हाथ से रॉबर्ट के लंड से ही खेलती रही और रॉबर्ट मेरी चूचियों और चूत से। रेस्तरां में बैठे सभी लोग यही काम कर रहे थे। हमारे पास बैठा कपल तो हमारे खेल देखकर इतना गरम हो गया कि वहीं डाइनिंग टेबल पर ही चुदाई करने लगा। खाना खाकर जब हम वापस अपने कमरे की तरफ आ रहे थे तो रॉबर्ट ने पियूष को अपना बेल्जियम का एड्रेस दिया और कहा वी आर लीविंग टुमॉरो मॉर्निंग। थैंक्स फॉर लवली इवनिंग टुगेदर। योर वाइफ इज वेरी सेक्सी। व्हेनएवर यू कम टू बेल्जियम प्लीज स्टे विद अस सो दैट वी कैन अगेन लाइक दिस। वी वुड वेलकम यू। पियूष ने भी अपना एड्रेस दिया और उन दोनों को इंडिया इनवाइट किया और कहा वी आर ऑल्सो लीविंग टुमॉरो। वी रियली एन्जॉयड योर कंपनी। पियूष ने मुझे हिंदी में ट्रांसलेट करके बताया कि ये लोग कल अपने घर वापस जा रहे हैं और हमें बेल्जियम अपने घर पर इनवाइट कर रहे हैं। मैंने पियूष से पूछा कि आज रात तो यहीं पर हैं ना। पियूष बोला हां, लेकिन। मैंने कहा आज रात तो हम सब एक कमरे में ही। पियूष ने मुस्कराकर मुझे गले से लगाकर चूम लिया और बोला मजा आ गया पूनम, तुम बहुत सेक्सी हो। मैं बोली पियूष मेरा मन अभी भरा नहीं है। मैं पूरी रात इतने लंबे और मोटे लंड का मजा लेना चाहती हूं। मैं तो अभी भी उसके मोटे और लंबे लंड की भूखी हूं। फिर मौका शायद न मिले। पियूष ने कहा मैं तो डर रहा था कहीं तुम्हें बुरा न लगे। मैं भी जूली की चूत में अपना लंड रात भर डालकर चोदना चाहता हूं। फिर पियूष ने रॉबर्ट और जूली से कहा माई वाइफ वांट्स योर कॉक फॉर द होल नाइट इन हर कंट। शी वांट्स टू गेट फक्ड थरॉली बाय यू। वुड यू माइंड टू स्टे इन आवर रूम फॉर द होल नाइट एंड फक माई वाइफ थ्रूआउट द नाइट। आई शैल ऑल्सो फक जूली होल नाइट। वे दोनों मुस्कराए और तैयार हो गए। फिर तो सारी रात एक ही कमरे में सारी बत्तियां जलाकर अलग-अलग बिस्तर पर हम 4ों ने एक-दूसरे को देख-देखकर जी भरकर ऐसी चुदाई की मैं जीवन भर कभी भूल नहीं सकती। उस रात रॉबर्ट के उस लंबे लंड से मैं पता नहीं कितनी बार झड़ी। रॉबर्ट ने भी मेरी चूत में पता नहीं कितनी पिचकारियां मारी होंगी। मेरी चूत का सुबह तक उसके लंड ने खुला भोसड़ा बना दिया था। उधर जूली ने भी पियूष से चुदवा-चुदवाकर पियूष के लंड को पूरा निचोड़कर सिर्फ 3 इंच की लटकी हुई लुल्ली जैसा कर दिया। सुबह दोनों बिस्तरों की चादरों पर रात भर की चुदाई के नक्शे बने हुए थे। सुबह उठकर जब वे दोनों जाने लगे तब भी मुझसे रहा नहीं गया और मैंने फिर से एक आखिरी बार रॉबर्ट के लंड को चूस-चूसकर इतना गरम कर दिया कि वे मेरे मुंह में ही झड़ गए। उसका कटोरी भर सारा सफेद माल पीकर मैंने उसको बुझते हुए दिल से गुड बाय कहा।

अब इंडिया वापस आने के बाद हम दोनों चुदाई करते वक्त हमेशा उस रात की बात जरूर करते हैं और दोनों ही उत्तेजित होकर झड़ जाते हैं। मेरी आंखों के सामने रॉबर्ट का गधे जैसा मोटा और लंबा लंड अभी भी रहता है। रॉबर्ट की ईमेल अक्सर आती रहती है। लास्ट ईमेल में उसने लिखा था कि अगले साल वे और जूली इंडिया आने का प्रोग्राम बना रहे हैं। मैं तो तब से रॉबर्ट के लंड से फिर चुदाने के लिए पागल सी हूं। रॉबर्ट से तो मैं अब बिल्कुल बेशर्म होकर चुद सकती हूं। पियूष को मालूम है कि मुझे दूसरे मर्द से चुदाने में बहुत मजा आया इसलिए पियूष मुझे बोलते हैं कि वे मेरे लिए ऐसा ही एक मोटे और लंबे लंड वाला मर्द इंडिया में भी ढूंढेंगे जिसे हिंदी आती हो और मैं उससे खुलकर बात भी कर सकूं। लेकिन वह मर्द ट्रस्टवर्दी होना चाहिए जिससे यह बात लीक होने का खतरा न हो। लेकिन शायद मुझे एक इंडियन मर्द के सामने नंगे होने में ही बहुत शर्म आएगी। पता नहीं कैसे होगा।

मैंने तो सब पियूष पर ही छोड़ रखा है। जिससे भी चाहे चुदवाएं। फिलहाल तो मैं पियूष के 6 इंच लंबे पतले से लंड से ही मजा ले रही हूं। मैंने भी सोचा है कि अपनी एक कॉलेज टाइम की सहेली सुधा, जो विधवा है और चंडीगढ़ में रहती है, को भी पियूष के लंड का मजा दिलवाऊंगी। पियूष को भी मजा आ जाएगा। मुझे मालूम है मेरी सहेली तो मस्त हो जाएगी क्योंकि पिछले 6 साल से उसको लंड का मजा नहीं मिला है। मुझे उस पर पूरा भरोसा भी है कि यह बात सिर्फ हम 3ों के बीच ही रहेगी।

⚠️

⚠️ महत्वपूर्ण अस्वीकरण

ये सभी कहानियाँ केवल काल्पनिक हैं।
इनका वास्तविक जीवन से कोई संबंध नहीं है।

सेक्स हमेशा सहमति पर आधारित होना चाहिए।
बिना सहमति के कोई भी कार्य गलत और दंडनीय है।

इन कहानियों से प्रेरित न हों।
बस पढ़ें, आनंद लें और भूल जाएं।