मैम ने सिखाया असली सबक

कॉलेज की गलियारे में फैली दोपहर की नीरवता, मेरे दिल की धड़कनों से टूट रही थी। खाली क्लासरूम की खिड़की से सूरज की किरणें धूल के कणों को नाचते हुए दिखा रही थीं, जैसे वे किसी गुप्त नृत्य में व्यस्त हों। मैं, हितेश, उस खाली क्लासरूम के दरवाजे पर खड़ा था, साँसें तेज हो रही …

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