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मम्मी के जाने के बाद पड़ोसन को चोदा

Virgin seal todi sex story: हैलो दोस्तों, आप सभी लोगों को अपनी एक सच्ची सेक्स घटना और मेरा दूसरा सेक्स अनुभव बताने जा रहा हूँ, जिसमें मैंने अपनी नई पड़ोसन मेरी प्यारी अदिति को चोदा और उसकी वर्जिन चूत की सील तोड़ दी।

तो कहानी शुरू करने से पहले मैं आप सभी को अपने बारे में पूरा विस्तार से बता देता हूँ।

दोस्तों मेरा नाम अभि कुमार है और मेरी उम्र ठीक बीस साल है। मैं एक सामान्य युवक हूँ लेकिन अपनी कामुक इच्छाओं को बहुत अच्छी तरह से जानता और महसूस करता हूँ। मेरे मन में हमेशा सेक्स की तीव्र इच्छा रहती है जो मुझे हर सुंदर लड़की की ओर खींचती है।

मैं दिखने में एकदम ठीक ठाक हूँ। मेरी लंबाई पांच फीट सात इंच है जो मुझे आकर्षक बनाती है। मेरा शरीर स्वस्थ है और मेरी त्वचा साफ है। मैं हमेशा साधारण कपड़ों में रहता हूँ लेकिन अंदर से बहुत उत्तेजित रहता हूँ।

मैं विदिशा का रहने वाला हूँ जहां शांत पड़ोस है लेकिन अंदर ही अंदर कई कामुक घटनाएं घटित होती रहती हैं।

फिर दोस्तों यह बात कुछ दिनों पहले की है जब मेरे पड़ोस में एक नया परिवार रहने आया जो साउथ इंडियन था। उस परिवार में एक अंकल थे एक आंटी थीं और उनकी बेहद आकर्षक बेटी थी जिसका नाम अदिति था।

दोस्तों वो लड़की दिखने में इतनी ज्यादा सेक्सी और लुभावनी लगती थी कि देखते ही किसी का भी मन डिग जाता था। उसका रंग एकदम गोरा और चमकदार था जैसे दूध में हल्की सी गुलाबी छटा मिली हो। उसकी कमर पतली और कसी हुई थी जो उसके शरीर को घड़ी के आकार में दिखाती थी। उसके लंबे काले बाल उसकी पीठ पर लहराते हुए एक अलग ही आकर्षण पैदा करते थे। उसके स्तन मध्यम आकार के लेकिन बहुत ही गोल उभरे हुए और दृढ़ थे। उसके फिगर का माप लगभग चौंतीस बत्तीस छत्तीस के आसपास था जो उसे एक परफेक्ट सेक्सी और कामुक बॉडी देता था।

दोस्तों मैं हमेशा मौका देखते ही उसे निहारता रहता था। उसकी छाती को घूरता रहता था। मैं अकेले में उसके बारे में सोच सोचकर मुठ मारता था क्योंकि वो मुझे बेहद हॉट और अनियंत्रित रूप से आकर्षक लगती थी। उसके हर अंग में एक अलग ही कामुकता थी जो मेरे लंड को तुरंत खड़ा कर देती थी।

वो अक्सर बिल्कुल टाइट टी शर्ट्स पहनती थी जो उसके स्तनों को अच्छी तरह से दबाकर उनकी पूरी आकृति उभार देती थी। कभी कभी उसके निप्पल्स की हल्की आउटलाइन भी दिख जाती थी जो मेरी नजर को खींच लेती थी। नीचे वो एकदम फिट वाली जींस पहनती थी जिससे उसकी जांघें और गोल नितंब साफ साफ उभरकर दिखाई देते थे। उसे देखते ही मेरा लंड अनियंत्रित रूप से उछलने लगता था और मेरे शरीर में एक तीव्र गर्मी दौड़ने लगती थी। मेरे हाथ कांपने लगते थे और मन में कल्पनाएं तूफान मचा देती थीं।

उसकी टी शर्ट पहनने की वजह से उसके बूब्स और भी बड़े और गोल लगने लगते थे। वे इतने आकर्षक दिखते थे कि नजर हटाना मुश्किल हो जाता था। मैं घंटों उसे देखकर अपनी कल्पना में उसे नंगा करके चूमने और चूसने की सोचता रहता था।

फिर मेरे दिन ऐसे ही उसके ख्यालों में मुठ मारते मारते गुजरने लगे थे। लेकिन मुझे उसके साथ असली सेक्स करने का कोई मौका नहीं मिलता था। मैं बस उसे दूर से ही देखकर अपनी आंखों की भूख मिटाने लगा था। मेरे मन में उसकी चूत को छूने की तीव्र इच्छा हमेशा बनी रहती थी।

दोस्तों अदिति की मां का नाम पूजा था और वो भी दिखने से एकदम सेक्सी बम थीं। उनका शरीर इतना आकर्षक और उभरा हुआ था कि देखने वाला कोई भी अपनी नियत खराब कर लेता था। उनकी छाती और कमर देखकर कई बार मेरी नजर अटक जाती थी।

पूजा आंटी और मेरी मम्मी की बहुत ही कम समय में गहरी दोस्ती हो गई थी। वे दोनों हर समय साथ घूमने फिरने जाती थीं और काफी देर तक साथ रहकर बातें करती थीं। उनकी हंसी और बातचीत से पूरा माहौल खुशनुमा हो जाता था।

लेकिन अदिति और मैं हम लोग ज्यादा बातें नहीं करते थे। फिर भी मैं उससे बात करने के लिए कोई न कोई बहाना जरूर ढूंढ लेता था। मेरे दिल में उसके पास जाने की बेचैनी हमेशा रहती थी।

फिर एक दिन क्या हुआ कि मेरी मां और पूजा आंटी साथ में घूमने के लिए बाहर चली गईं। उस समय मैं घर पर पूरी तरह अकेला था। मैं अपने लैपटॉप पर एक सेक्सी फिल्म देख रहा था जिसमें जोड़े एक दूसरे को चूम रहे थे और कपड़े उतार रहे थे। फिल्म देखकर मेरे शरीर में उत्तेजना बढ़ रही थी।

तभी अचानक से मेरे घर की घंटी बज उठी। मेरे दिल की धड़कन बढ़ गई। मैंने तुरंत अपने लैपटॉप को मिनिमाइज कर दिया ताकि कोई देख न ले और दरवाजा खोलने चला गया।

फिर मैंने पिन होल से बाहर की तरफ झांककर देखा तो सफेद रंग की टी शर्ट में कोई खड़ा हुआ था लेकिन उसका चेहरा साफ नजर नहीं आ रहा था।

जब मैंने दरवाजा खोलकर देखा तो मैं देखता ही रह गया। बाहर अदिति खड़ी हुई थी। उस पल मुझे अपनी आंखों पर बिल्कुल भी विश्वास नहीं हो रहा था क्योंकि मैं उसे अपने घर के बाहर खड़ा देखकर मन ही मन बहुत ज्यादा खुश और उत्तेजित हो गया था। मेरे लंड में फिर से एक हल्की सी उछाल महसूस हुई।

फिर मैंने उसको हाय कहा तो वो मुझसे पूछने लगी कि अभी क्या तुम्हें पता है हमारी मम्मी कब तक वापस आएंगी।

तो मैंने उससे कहा कि नहीं मुझे भी नहीं पता क्योंकि उनका फोन भी नहीं लग रहा है और मैं भी बहुत देर से उनको फोन लगा रहा हूँ लेकिन मेरी उनसे बात नहीं हो सकी।

तो उसने भी मुझसे कहा कि हां मेरी भी उनसे कोई बात नहीं हो पा रही है और ऊपर से रात के दस बज गए थे और अब मुझे घर पर अकेले बहुत डर लग रहा है क्योंकि पापा भी हमेशा देरी से आते हैं।

फिर मैंने उससे कहा कि कोई बात नहीं है वो अभी आ जाएंगे, वो कहीं अटक गए होंगे।

तब तक तुम एक काम करो तुम मेरे घर पर उनका इंतजार कर लो और उनके आने तक तुम यहीं पर रहो।

मैंने यह बात बहुत ही नरम और विश्वास भरी आवाज में कही थी ताकि वो सहज महसूस करे। मेरी नजर उसके गोरे चेहरे पर टिकी हुई थी जहां हल्की सी अनिश्चितता और डर का भाव दिख रहा था। उसकी पतली कमर वाली सफेद टी शर्ट उसके स्तनों को हल्का सा उभार दे रही थी और जींस उसकी जांघों को कसकर चिपकी हुई थी। वो एक पल के लिए रुकी फिर धीरे से सिर हिलाकर हामी भर दी। उसके लंबे काले बाल उसके कंधों पर लहरा रहे थे और हल्की सी महक वाली परफ्यूम की खुशबू मेरे नाक तक पहुंच रही थी जो मेरे शरीर में एक तीव्र गर्मी पैदा कर रही थी।

फिर वो मेरी यह बात मान गई और अब हम दोनों थोड़ा इधर-उधर की बातें करने लगे।

हम दोनों सोफे पर बैठ गए थे। मैं उसके ठीक बगल में बैठा था जहां से उसकी शरीर की गर्माहट मुझे साफ महसूस हो रही थी। बातें शुरू हुईं तो पहले मौसम की फिर पड़ोस की और स्कूल कॉलेज की। उसकी हंसी बहुत प्यारी और मुलायम थी जो हर बार मेरे कान में गूंज रही थी। मेरे मन में उसकी चूत की कल्पना घूम रही थी लेकिन मैं बाहरी तौर पर शांत दिख रहा था। उसकी आंखें कभी मेरी आंखों से मिलतीं तो शरमाकर नीचे झुक जातीं।

बात करते-करते मैंने उससे पूछा कि क्या तुम्हारी लाइफ में कभी कोई बॉयफ्रेंड था?

मैंने यह सवाल बहुत ही धीमी और जानबूझकर उत्सुकता भरी आवाज में पूछा था। मेरा दिल तेजी से धड़क रहा था। मेरी उंगलियां सोफे पर हल्का सा कांप रही थीं। उसका चेहरा थोड़ा लाल हो गया था। उसकी सांसें हल्की सी तेज हो गई थीं और उसकी छाती ऊपर नीचे हो रही थी जो उसके टाइट टी शर्ट से साफ दिख रही थी।

तो उसने मुझसे बहुत धीमी आवाज में कहा कि हां कुछ समय पहले था, लेकिन अब मेरी उससे किसी बात को लेकर लड़ाई हो गई है और हम अब एक दूसरे से कभी बात नहीं करते हैं।

उसकी आवाज इतनी धीमी और शर्मीली थी कि मुझे हर शब्द सुनने के लिए थोड़ा आगे झुकना पड़ा। उसके गाल गुलाबी हो गए थे और उसने अपनी नजरें नीचे कर ली थीं। मैंने देखा कि उसके होंठ हल्के से कांप रहे थे। मेरे मन में खुशी की लहर दौड़ गई क्योंकि अब बातें सेक्स की तरफ मुड़ रही थीं। उसकी सांसों की गर्मी मुझे महसूस हो रही थी और मेरे लंड में हल्की सी सिहरन चल रही थी।

फिर मैंने उससे कहा कि तुम बुरा न मानो तो क्या मैं जान सकता हूं कि तुम्हारा अपने बॉयफ्रेंड से झगड़ा क्यों हो गया?

मैंने यह सवाल बहुत ही प्यार और विश्वास से पूछा था ताकि वो खुलकर बताए। मेरी नजर उसके चेहरे पर थी जहां शर्म और उत्सुकता का मिश्रण दिख रहा था। उसने एक गहरी सांस ली जिससे उसके स्तन और भी उभरकर दिखने लगे।

और अब वो मेरी बात का बिना बुरा माने मुझे अपने दोस्त के बारे में बताने लगी और तब मुझे उसकी बातों से पता चलने लगा कि वो एक वर्जिन थी और उसकी सेक्स में भी बहुत रुचि थी।

वो धीरे धीरे बताती रही। उसकी आवाज में एक अनोखा उत्साह था। मैंने देखा कि उसके हाथ हल्के से कांप रहे थे। उसके शब्दों से साफ पता चल रहा था कि वो कभी किसी के साथ शारीरिक संबंध नहीं बना पाई थी लेकिन सेक्स की बातों से बहुत उत्तेजित होती थी। मेरे शरीर में एक तीव्र उत्तेजना फैल गई। मेरे लंड ने अपनी जगह पर हल्का सा उछाल लिया।

वो सेक्स को लेकर बहुत उत्साहित रहती थी, लेकिन उसने अब तक कभी भी सेक्स नहीं किया था।

उसके चेहरे पर एक हल्की सी मुस्कान थी लेकिन आंखों में शर्म भी थी। उसने अपनी उंगलियों को आपस में सुलझाते हुए बताया। मैंने महसूस किया कि उसकी सांसें अब पहले से ज्यादा तेज हो गई थीं। मेरी कल्पना में उसकी वर्जिन चूत की तस्वीर घूम रही थी जो अभी तक किसी लंड को नहीं छुआ था।

और अब हम दोनों जानबूझकर थोड़ी दो मतलब की बातें भी करने लगे थे जिसका मतलब हम दोनों को बहुत अच्छी तरह से समझ में आ रहा था और फिर हमने एक दूसरे के मोबाइल नंबर भी ले लिए थे।

हमारी बातें अब खुलकर कामुकता की तरफ मुड़ रही थीं। मैंने जानबूझकर कुछ संकेत दिए और वो भी मुस्कुराते हुए जवाब दे रही थी। उसकी आंखों में एक नई चमक आ गई थी। हमने फोन निकाले और नंबर एक्सचेंज किए। उसकी उंगलियां मेरी उंगलियों को हल्का सा छू गईं जिससे मेरे शरीर में बिजली सी दौड़ गई।

फिर कुछ देर बाद हमारी मम्मी भी आ गई और वो मुझसे बाय कहकर अपने घर पर चली गई।

मम्मी के आने की आवाज सुनकर हम दोनों एकदम से अलग हो गए। अदिति ने जल्दी से उठकर बाय कहा और मेरी आंखों में देखकर एक गहरी मुस्कान दी। वो बाहर चली गई तो मैंने उसके पीछे देखते हुए अपनी सांस रोकी।

और उसके बाद से हम हर समय जब भी हमें मौका मिलता तो फोन पर बातें करते रहते थे और हम दोनों इस तरह बहुत ही कम समय में एक दूसरे के बहुत करीब हो चुके थे।

हर रात फोन पर लंबी बातें होतीं। उसकी आवाज सुनकर मेरे लंड में उत्तेजना बढ़ जाती। हम धीरे धीरे एक दूसरे के बहुत करीब आ चुके थे। उसकी हर बात में एक छुपी हुई कामुकता होती जो मुझे पागल कर देती थी।

अब हम साथ में बाहर घूमने भी चले जाते थे और मैं हमेशा उसे देखता रहता था और कभी-कभी सही मौका देखकर मैं उसके बूब्स को भी छू लिया करता था, लेकिन वो मुझसे कुछ न कहते हुए मेरी तरफ स्माइल कर लेती थी।

घूमते समय मैं उसके कंधे से लगकर चलता और कभी मौका मिलते ही मेरी कोहनी या हाथ उसके नरम स्तनों को हल्का सा छू जाता। उसकी नरमाई और गर्माहट मुझे दीवाना बना देती। वो शरमाकर मुस्कुरा देती लेकिन कभी विरोध नहीं करती। उसकी स्माइल में एक छुपा हुआ आमंत्रण होता था।

फिर ऐसे ही और एक बार फिर से हमारी मां बाहर घूमने जाने वाली थी तो मैंने यह बात जानकर तुरंत अदिति को एक मैसेज कर दिया और मैंने उसमें लिखा कि तुम तुम्हारी मम्मी के चले जाने के बाद मेरे घर पर आ जाना।

मैंने मैसेज लिखते समय अपने हाथ कांपते हुए महसूस किए। दिल की धड़कन तेज थी। मैसेज भेजने के बाद मैं बेचैनी से इंतजार करने लगा।

तो वो मान गई और फिर हमारी मम्मी के चले जाने के बाद वो मेरे घर पर आ गई।

दरवाजा खुलते ही वो अंदर आई। उसकी मुस्कान बहुत प्यारी थी। उसने दरवाजा बंद करते ही मेरी तरफ देखा। मेरे घर की हवा में उसकी परफ्यूम की खुशबू फैल गई।

मैंने उसे हग किया, क्योंकि वो सब हमारे बीच हर समय होता रहता था और मैंने उसके बूब्स को अपनी छाती से दबता हुआ महसूस किया।

मैंने अपने दोनों हाथों से उसे कसकर गले लगा लिया। उसके नरम और गोल स्तन मेरी छाती से पूरी तरह दब गए। उनकी नरमाई और गर्माहट मेरे शरीर में बिजली की तरह दौड़ गई। मैंने महसूस किया कि उसके निप्पल्स हल्के से सख्त हो रहे थे। उसकी सांसें मेरे गले पर पड़ रही थीं।

आज मैंने उसे मौका देखकर थोड़ा जोर से उसको हग किया था।

इस बार हग और भी मजबूत था। मैंने अपनी छाती को उसके स्तनों पर और जोर से दबाया। उसके शरीर की पूरी गर्मी मुझे महसूस हो रही थी। मेरे लंड ने उसकी जांघों के पास हल्का सा दबाव महसूस किया।

वो अब बहुत खुश लग रही थी और मैं भी बहुत मन ही मन में उछल रहा था।

उसके चेहरे पर एक बड़ी सी मुस्कान थी। उसकी आंखें चमक रही थीं। मैं मन ही मन उछल रहा था क्योंकि आज का मौका बहुत खास था। मेरे पूरे शरीर में उत्तेजना की लहरें दौड़ रही थीं।

फिर मैंने अपने लैपटॉप पर एक छोटी फिल्म चालू कर दी और कुछ पॉर्न फिल्म को भी उसके पीछे डाल दिया था।

मैंने लैपटॉप खोला और शॉर्ट फिल्म शुरू की। पीछे पॉर्न फिल्म तैयार रखी थी। मेरी उंगलियां कांप रही थीं लेकिन मैं बहुत चालाकी से काम कर रहा था।

अब मैं उसको वो शॉर्ट फिल्म दिखाने लगा और फिर मैं चालाकी से रूम से बाहर आ गया और अब मैं छुपकर उसे देखने लगा।

मैंने उसे फिल्म दिखाई फिर बहाने से बाहर चला गया। दरवाजे की दरार से मैं छुपकर देख रहा था। मेरी सांसें रोकी हुई थीं।

तो मैंने देखा कि वो शॉर्ट फिल्म थोड़ी देर बाद खत्म हो गई और वो पॉर्न फिल्म शुरू हो गई।

फिल्म खत्म होते ही पॉर्न शुरू हो गया। स्क्रीन पर नंगा जोड़ा एक दूसरे को चूम रहा था और कपड़े उतार रहा था।

तब वो एकदम से चौंक गई और फिर पहले वो इधर-उधर देखने लगी कि उसके आसपास कोई तो नहीं है या कोई उसे देख तो नहीं रहा है।

उसकी आंखें चौड़ी हो गईं। वो चारों तरफ घबराकर देखने लगी। उसके गाल लाल हो गए। उसने दरवाजे की तरफ देखा लेकिन मुझे नहीं दिखा।

फिर जब वो समझ गई कि अब वो एकदम अकेली है तो वो अपनी आंखें फाड़-फाड़कर फिल्म देखने लगी।

अकेला महसूस करते ही उसकी नजर स्क्रीन पर जमी रह गई। उसने आंखें फाड़कर फिल्म देखना शुरू किया। उसके होंठ हल्के से खुले हुए थे। उसकी सांसें तेज हो गईं।

फिर मैं थोड़ी देर बाद अचानक से अंदर आ गया और मैंने उससे पूछा कि तुम्हें शॉर्ट फिल्म कैसी लगी?

मैं अचानक अंदर आया और सामान्य स्वर में पूछा। उसका चेहरा एकदम लाल था।

तो वो मेरी यह बात सुनकर थोड़ा शर्माने लगी और फिर वो बोली कि क्या तुम हमेशा पॉर्न फिल्म देखते हो?

उसकी आवाज शर्म से भरी हुई थी। वो अपनी उंगलियों को मल रही थी।

तो मैंने उससे आंख मारते हुए कहा कि हां, लेकिन कभी-कभी, क्यों क्या हुआ?

मैंने आंख मारकर मुस्कुराते हुए जवाब दिया। मेरी नजर उसके स्तनों पर घूम रही थी।

तो मैंने उससे पूछा कि क्या तुमको भी वो सब देखना है?

मैंने यह सवाल बहुत ही चालाकी से पूछा। उसकी सांसें और तेज हो गईं।

तो वो मेरी यह बात सुनकर शर्माने लगी और मैंने उससे बोला कि अरे यार मुझसे क्या शर्माना चलो मैं तुम्हें भी दिखाता हूं और अब मैंने एक फिल्म को तेज आवाज के साथ लगा दिया।

फिर मैंने उसको बहुत ध्यान से देखा कि वो अब अपने हाथ अपनी पैंट की चेन के पास ले जा रही थी और मैंने सही मौका देखकर उसको उसकी गर्दन पर किस कर दिया।

मैंने उसकी गर्दन की नरम त्वचा को देखते हुए महसूस किया कि उसकी उंगलियां पैंट की चेन के पास हल्के से कांप रही थीं। उसकी सांसें पहले से थोड़ी तेज हो चुकी थीं और उसकी छाती ऊपर नीचे हो रही थी। मैं धीरे से आगे बढ़ा और अपने होंठों को उसकी गर्दन की गर्म त्वचा पर लगा दिया। मेरी जीभ हल्के से उसकी गर्दन पर घूमी और मैंने धीरे से चूस लिया। उसकी त्वचा से एक मीठी परफ्यूम की खुशबू आ रही थी जो मेरे दिमाग को और उत्तेजित कर रही थी।

तो वो थोड़ी और गरम होने लगी थी और अब मैंने उसे अपने गले से लगा लिया और उसने भी अब मेरा पूरा साथ देना शुरू कर दिया था।

उसके शरीर में एक अचानक गर्मी फैल गई। वो थोड़ा सा कांप उठी लेकिन फिर मेरे गले में हाथ डालकर कसकर चिपक गई। उसके नरम स्तन मेरी छाती से पूरी तरह दब गए और उनकी गर्मी मेरे शरीर में समा गई। मैंने महसूस किया कि उसके निप्पल्स अब सख्त होकर मेरी छाती पर दबाव बना रहे थे। उसकी सांसें मेरे कान के पास गर्म हवा की तरह चल रही थीं और वो धीरे धीरे मेरी पीठ पर हाथ फेरने लगी।

मैंने उसको गाल पर गर्दन पर किस किया, जिसकी वजह से वो बहुत गरम हो गई थी।

मैंने पहले उसके गाल पर नरम किस किया फिर गर्दन पर कई बार चूम लिया। हर किस के साथ उसकी सांसें और तेज हो रही थीं। उसके गाल गुलाबी हो गए थे और गर्दन पर हल्के से निशान बन गए थे। वो अब पूरी तरह गरम हो चुकी थी और उसके शरीर से पसीने की हल्की गंध आने लगी थी जो मुझे और पागल कर रही थी।

और फिर हम दोनों एक दूसरे को लगातार किस करने लगे और मैं उसके होंठों को धीरे-धीरे अपने होंठों से बंद करने लगा।

हमारे होंठ आपस में मिल गए। मैंने उसके निचले होंठ को धीरे से चूसा फिर ऊपरी होंठ को अपने मुंह में लिया। मेरी जीभ उसके मुंह के अंदर घुस गई और उसकी जीभ से खेलने लगी। हम दोनों की सांसें एक दूसरे में मिल गईं। उसके मुंह का स्वाद मीठा और गर्म था। किस जितना गहरा होता गया उतनी ही उसकी उत्तेजना बढ़ती गई।

और अब उसके मुलायम-मुलायम बूब्स मेरे शरीर को छू रहे थे।

उसके गोल और नरम स्तन मेरी छाती से पूरी तरह चिपके हुए थे। मैं महसूस कर रहा था कि उनकी नरमाई और गर्माहट मेरे शरीर को अंदर तक गर्म कर रही थी। हर बार सांस लेने पर वे ऊपर नीचे हो रहे थे और मेरी त्वचा को छू रहे थे। उनके निप्पल्स अब पूरी तरह सख्त हो चुके थे और मेरी छाती पर दबाव बना रहे थे।

कुछ देर बाद मैंने महसूस किया कि वो पूरे जोश में थी और उस बात का फायदा उठाकर मैंने उसको किस करते-करते अपने एक हाथ से उसकी टी-शर्ट के ऊपर से बूब्स को धीरे-धीरे मसलने लगा था।

उसके स्तन मेरे हाथ में पूरी तरह आ गए। मैंने धीरे धीरे उन्हें मसलना शुरू किया। पहले हल्का दबाव फिर थोड़ा जोर से। उसकी टी शर्ट के ऊपर से भी उनकी गर्मी और नरमाई साफ महसूस हो रही थी। मैंने अपनी उंगलियों से उनके निप्पल्स को हल्का सा दबाया और घुमाया। वो अब पूरी तरह जोश में आ चुकी थी।

फिर वो गरम होकर सेक्सी आवाजें करने लगी थी आहहहह उफफ्फ्फ्।

उसकी आवाज में एक मीठी सी कराहट थी जो हर बार मेरे लंड को और खड़ा कर रही थी। वो बार बार आह और उफ्फ कह रही थी। उसके मुंह से निकलने वाली ये आवाजें कमरे को और कामुक बना रही थीं। उसकी आंखें बंद थीं और चेहरा पूरी तरह लाल हो गया था।

वो अब बहुत खुश हो रही थी और जोर-जोर से सिसकियां भर रही थी।

उसके शरीर में एक तीव्र कंपन चल रहा था। वो जोर जोर से सिसकियां भर रही थी और मेरी पीठ को नाखूनों से हल्का खरोंच रही थी। उसकी खुशी उसके चेहरे पर साफ दिख रही थी। उसकी सांसें अब बहुत तेज और भारी हो गई थीं।

फिर थोड़ी देर बूब्स को दबाने के बाद मैंने उसकी टी-शर्ट को उतार दिया और वो अब एकदम से झूलते हुए बूब्स ठीक मेरे सामने थे।

मैंने टी शर्ट को ऊपर खींचकर उसके सिर से उतार दिया। अब उसके स्तन पूरी तरह मेरे सामने थे। वे हल्के से झूल रहे थे और उनकी गोरी त्वचा चमक रही थी। मैं एक पल के लिए उन्हें देखता रह गया।

उसने काली कलर की ब्रा पहनी हुई थी, जिसमें से दो एकदम गोल गोरे-गोरे बूब्स मेरे सामने थे और उसके ऊपर से बाल खुले हुए थे।

काली ब्रा उसके गोरे स्तनों पर बहुत आकर्षक लग रही थी। ब्रा के अंदर से उसके स्तन आधे बाहर झांक रहे थे। उसके लंबे काले बाल खुले हुए थे जो उसकी पीठ और कंधों पर लहरा रहे थे। ये नजारा इतना सेक्सी था कि मेरा लंड अब पूरी तरह खड़ा और कड़ा हो चुका था।

वो बहुत अच्छा नजारा था और वो उस समय कैसी लग रही होगी मैं शब्दों में भी नहीं बता सकता।

उसका पूरा शरीर उस पल स्वर्ग जैसा लग रहा था। उसके स्तन, पतली कमर और खुले बालों का कॉम्बिनेशन मेरे मन को पूरी तरह मोह ले रहा था। मैं उसे घूरता रह गया।

मुझे तो स्वर्ग जैसा महसूस होने लगा था।

मेरा पूरा शरीर उत्तेजना से भर गया था। मुझे लगा जैसे मैं स्वर्ग में पहुंच गया हूं। हर तरफ सिर्फ उसकी सुंदरता और कामुकता दिख रही थी।

मैंने फिर पीछे से उसकी ब्रा का हुक निकाल दिया और अब उसके बूब्स मेरे आगे थोड़े लटक गए थे।

मैंने अपनी उंगलियों से ब्रा का हुक खोला। ब्रा ढीली हो गई और उसके स्तन थोड़े लटककर और भी आकर्षक हो गए। उनकी नरमाई अब और ज्यादा दिख रही थी।

मैंने फिर उसकी ब्रा को पूरी निकाल दिया था और अब मैं उसके नंगे बूब्स को दबाने लगा और फिर एक बूब्स को पकड़कर चूसने लगा।

मैंने ब्रा को पूरी तरह उतार दिया। अब उसके दोनों स्तन पूरी तरह नंगे थे। मैंने दोनों को हाथों में लेकर जोर से दबाया। फिर एक स्तन को मुंह में लेकर निप्पल को जीभ से चाटने लगा। मैंने उसे जोर से चूसा और हल्का काटा भी। उसका स्वाद मीठा और गर्म था।

वाह वो क्या मस्त अहसास था?

उसका स्तन मुंह में लेते समय मुझे असीम आनंद मिल रहा था। उसकी नरम त्वचा मेरे मुंह में पूरी तरह समा गई थी। मैं उसे चूसता रहा और वो कराहती रही।

फिर उसने मेरी शर्ट को निकाल दिया और मुझे भी पकड़ने लगी और किस करने लगी।

उसने मेरी शर्ट को ऊपर खींचकर उतार दिया। अब मेरी छाती नंगी थी। वो मेरी छाती को हाथों से पकड़ने लगी और मेरे होंठों को फिर से किस करने लगी। उसके नाखून मेरी त्वचा पर हल्के से चल रहे थे।

तो मैंने उसे उठाकर बेड पर एकदम सीधा लेटा दिया और उसकी हॉट पैंट को भी उतार दिया।

मैंने उसे गोद में उठाया और बेड पर लिटा दिया। फिर उसकी पैंट की बटन खोली और जिप खोलकर धीरे धीरे उतार दी। अब वो सिर्फ काली पैंटी में थी। उसकी जांघें और नितंब अब पूरी तरह दिख रहे थे।

वो अब सिर्फ एक काली कलर की पैंटी में थी और मैं अब उसके पूरे पैरों से चूम-चूमकर धीरे-धीरे आगे बढ़ता हुआ उसकी चूत तक पहुंच गया।

मैंने उसके पैरों की उंगलियों से शुरू करके घुटनों तक चूमा। फिर जांघों के अंदरूनी हिस्से को चूमता हुआ ऊपर बढ़ा। उसकी त्वचा बहुत नरम और गर्म थी। जैसे जैसे मैं ऊपर आ रहा था उसकी सांसें और तेज होती जा रही थीं।

तो मैंने महसूस किया कि उसकी चूत अब एकदम गीली हो गई थी और मैंने उसकी पैंटी को उतार दिया और उसकी चूत में उंगली डालने लगा तो वो और भी ज्यादा जोर से सिसकियां लेने लगी और बिल्कुल पागल होने लगी थी।

उसकी पैंटी पूरी तरह गीली थी। मैंने उसे उतारते ही देखा कि उसकी चूत से रस टपक रहा था। मैंने अपनी उंगली उसके क्लिटोरिस पर रखी और फिर धीरे से अंदर डाली। वो जोर जोर से सिसकियां भरने लगी। उसका शरीर पागलों की तरह हिलने लगा।

मैं अब उसकी चूत में अपनी एक उंगली को डालकर धीरे-धीरे लेकिन लगातार अंदर-बाहर करने लगा और फिर मैं बीच-बीच में उसके होंठों को भी चूमता रहा।

मैंने उंगली को लगातार अंदर बाहर किया। हर बार अंदर जाते ही वो और गीली होती जा रही थी। बीच बीच में मैं उसके होंठों को किस कर लेता। उसकी चूत की गर्मी और नमी मेरी उंगली को पूरी तरह भिगो रही थी।

फिर मैंने ऐसा थोड़ी देर तक चलने दिया और अब वो मेरे लंड को छूने लगी और धीरे से हिलाने लगी और अब मुंह में लेने लगी जिसकी वजह से अब मुझे बहुत मस्त अहसास आ रहा था।

उसने मेरी पैंट खोली और लंड बाहर निकाला। फिर धीरे से हाथ से हिलाने लगी। बाद में मुंह में ले लिया और चूसने लगी। उसकी गर्म और नम जीभ मेरे लंड पर घूम रही थी। मुझे इतना अच्छा लग रहा था कि मैं कराह उठा।

मैंने फिर अपने लंड पर सुरक्षा के लिए कंडोम लगाया, जिसे मैं हमेशा अपने पास छुपाकर रखता हूं।

मैंने कंडोम निकाला और लंड पर चढ़ा दिया। अब वो पूरी तरह तैयार था।

अब मैं अपना लंड धीरे-धीरे उसकी चूत में डालने लगा तो वो और भी मदहोश हो रही थी।

मैंने लंड का सिरा उसके चूत के मुंह पर रखा और धीरे से दबाया। वो एकदम से मदहोश हो गई। उसकी आंखें बंद हो गईं और मुंह से आह निकली।

हम दोनों अब एकदम जोश में आकर सेक्स करने लगे थे और फिर मैं बीच-बीच में उसके बूब्स को भी दबा रहा था।

हम दोनों पूरी ताकत से एक दूसरे से चिपके हुए थे। मैं बीच बीच में उसके स्तनों को जोर से दबाता और चूसता। उसकी चूत अब मेरे लंड को पूरी तरह निचोड़ रही थी।

अब मैं उसकी चूत में लगातार जोर-जोर से धक्के लगाकर उसे चोदने लगा था जिसकी वजह से वो लगातार सिसकियां ले रही थी और कुछ देर की चुदाई के बाद मैं झड़ गया, तब तक वो भी झड़ चुकी थी।

मैंने जोर जोर से धक्के लगाए। हर धक्के पर उसकी चूत से चिकचिक की आवाज आ रही थी। वो जोर जोर से चिल्ला रही थी और सिसकियां भर रही थी। कुछ देर बाद मैं झड़ गया और उसी समय वो भी पूरी तरह झड़ गई। उसके शरीर में तीव्र कंपन हुआ।

फिर उसके बाद हम दोनों साथ में नहाने गए और वो चेहरे से बहुत खुश नजर आ रही थी।

हम दोनों बाथरूम गए। पानी के नीचे उसका शरीर और भी चमक रहा था। वो मुस्कुरा रही थी और बहुत खुश दिख रही थी।

हम नहाकर बाथरूम से बाहर निकले और उसके कुछ देर बाद मां आ गई।

हम नहाकर कपड़े पहनकर बाहर आए। कुछ देर बाद मां आ गईं।

और उस दिन की चुदाई के बाद हम दोनों के बीच बस यही सब चलने लगा, जब भी हम अकेले रहते तो हमें कोई भी अच्छा मौका मिलता तो हम चुदाई में लग जाते और हम दोनों ने ऐसी चुदाई करके बहुत मजे किए हैं।

वो हर बार मेरी चुदाई से बहुत संतुष्ट नजर आई और मुझे उसकी चुदाई का हर बार मौका मिलता रहा।

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Note : यहां पोस्ट की गई हर कहानी सिर्फ मनोरंजन के लिए है,कृपया वास्तव जीवन में कहानी में घटित कोई भी चित्र प्रयोग करना घातक हो सकता है और इसका जिम्मेदारी कहानी के लेखक या फिर कहानी प्रस्तुतकर्ता नहीं होंगे,तो कृपया इस सबको अपने निजी जिंदगी के साथ मत जोड़ें और अपने बुद्धि,विवेक के साथ काम लें।


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