Cuckold husband ki real story: हाय गाइज मेरा नाम असगर है, अभी मैं अपनी बीवी की चुदाई गैर मर्द के साथ की कहानी लिख रहा हूँ, यह पांचवा भाग है, अगर आपने पिछला भाग नहीं पढ़ा, तो अभी पढ़े: मैं कुकोल्ड बन गया पार्ट – 04
अब आगे की कहानी:
अहमद बोला, “अरे नहीं, नाजिम ने तेरे हस्बैंड को पटाया और उसे कॉलेज के स्टोर रूम में ले गया। वहां दोनों ने किस किया। नाजिम ने असगर को नंगा करके सीधे उसकी गांड में लंड घुसा दिया।” जिससे उसे बहुत तकलीफ हुई और वह उठा तथा कपड़े पहनकर वहां से भाग गया।
नाजिश कैमरे में देखकर बोली, “उफ, मतलब मेरा हस्बैंड गेंदा है।”
अहमद बोला, “उफ जान, मुझे भी यही लगा था। पर उस दिन के बाद उसने हमारे साथ घूमना छोड़ दिया और फिर कॉलेज खत्म हो गया। बहुत कम ही मुलाकात होती थी। पर उस दिन जब तुम्हारे हस्बैंड ने मुझे कॉल किया तो मुझे लगा कि मेरी बरसों की ख्वाहिश पूरी हो जाएगी और मुझे असगर की गांड अब शायद मिल जाएगी। उसकी तो नहीं, मुझे उसकी सेक्सी वाइफ की गांड मिल गई जो उसके जैसी ही करक है।”
नाजिश बोली, “अच्छा, मेरे हस्बैंड ने लड़के को किस भी किया और लगभग मरवा भी लिया। उफ, इतना सब इन्होंने मुझे बताया भी नहीं।”
अहमद बोला, “मेरी जान, ऐसी बातें कोई वाइफ से करता है क्या? अगर उसका दिल हो तब भी नहीं करेगा तुमसे। पर इतना मुझे पता है, आज तक जितने भी लड़कों की गांड मारी है उन लोगों की गांड में एक बार लंड चला जाए तो इन्हें खुजली होती रहती है गांड में।”
नाजिश बोली, “उफ अहमद, मेरी चूत अब गीली हो गई है मेरे हस्बैंड की स्टोरी सुनकर। प्लीज इससे मारो ना।”
अहमद बोला, “अच्छा, तुझे बुरा नहीं लगा कि तेरा हस्बैंड बाईसेक्सुअल था।”
नाजिश बोली, “बाईसेक्सुअल का तो नहीं लगा पर नहीं बताया इसका बुरा लगा।”
अहमद बोला, “अच्छा, अगर बता देता तो क्या करती?”
मेरे सारे राज मेरी वाइफ के आगे खुल गए थे। मुझे लगा यह सब मेरे पास्ट में था बस हो गया। पर अब फ्यूचर पर भी इसका असर होगा। पता नहीं मेरी वाइफ अब मेरे साथ रहेगी या नहीं।
नाजिश कैमरे में देखकर बोली, “मुझे लगता है मैं कुकॉल्ड हूं। तुम्हारी स्टोरी से मुझे इतना मजा आया। मेरी चूत इतनी गीली हो गई। अगर मैं अपने हस्बैंड को चुदते हुए देखूंगी तो पता नहीं कितना मजा आएगा।”
अहमद मेरी वाइफ की बात सुनकर बहुत खुश हुआ और मैं एक बार फिर शॉक हुआ कि यह सब क्या है। अहमद उसकी चूत में गया और उसे जोर-जोर से चोदने लगा। और कहने लगा।
अहमद बोला, “मेरी जान, बुरा मत मानना। तू बहुत मस्त है पर असगर की गांड के लिए मैं सालों से तरस रहा हूं। तू पता कर ना उससे अभी भी ऐसा शौक है तो मैं अपने लंड की प्यास उसकी गांड से बुझाऊं फिर।”
नाजिश बोली, “उफ अहमद यस, बुरा क्यों लगेगा। मैं अब फुल खुल चुकी हूं और मेरे हस्बैंड को अब तेरे लंड के नीचे लाकर रहूंगी। तू देखना। उस गेंदे की गांड की सील तो तू ही तोड़ेगा।”
मुझे यह सब सुनकर पता नहीं क्यों इतनी एक्साइटमेंट हो रही थी। लग रहा था जैसे मेरी भी बरसों की कोई ख्वाहिश अब पूरी होगी। मैं हमेशा से कॉलेज के उस दिन के बाद क्यूरियस तो था पर डरता था कहीं सबको यह पता ना चल जाए। पर आज सारे राज खुल गए तो मुझे बहुत हल्का महसूस हो रहा था और सबसे ज्यादा मेरी वाइफ की बात सुनकर मुझे क्या बताऊं कैसा लग रहा था।
अहमद बोला, “वाह मेरी जान, फिर देखना मैं तुम दोनों मियां-बीवी को कैसे चोदता हूं और तुम्हारे घर को रंडीखाना बनाता हूं।”
नाजिश बोली, “ओह बेबी प्लीज और जोर से। आह यस। ऐसा ही करना। बस मेरी हस्बैंड की गांड मिल जाए तो मुझे भूल मत जाना।”
अहमद बोला, “तुझे कैसे भूल सकता हूं। तेरे जैसी प्यास मुझे लाइफ में नहीं मिली और अब मिली है तो छोड़ना नहीं है बस चोदना है।”
नाजिश बोली, “आह उफ मैं झर गई। आह।”
अहमद बोला, “मेरा भी बस होने वाला है। आज तो तेरी चूत में निकालूंगा।”
नाजिश बोली, “आह उफ यस।”
नाजिश बहुत जोर से झरी थी आज पहले से भी ज्यादा। अहमद ने उससे पूछा।
अहमद बोला, “आज तो तुझे बहुत मजा आया। इतना तो तू पहली बार में भी नहीं झरी थी।”
नाजिश बोली, “तू असली मर्द है मेरी जान। अब से मेरा और मेरे हस्बैंड का भी ऐसे अब से रोज झरूंगी।”
नाजिश की बातों से मैं एक्साइटेड भी था और डरा हुआ भी। पता नहीं इससे क्या हो गया था। यह सब मेरी वोही शर्मीली वाइफ की रही थी जिससे मैं चार साल से जानता हूं। यकीन नहीं हो रहा था। अहमद ने जैसे कहा था उसने मेरी वाइफ को पूरी रात चोदा और मैं इन दोनों की चुदाई देख-देखकर पता नहीं कितनी बार झर चुका था। सुबह मेरी आंख खुली तो मेरी वाइफ मेरे सामने नंगी खड़ी थी और अहमद जा चुका था।
मैं बोला, “नाजिश वो मैं कॉलेज।” बहुत डरा हुआ था मैं इससे पहले कि मैं कुछ ठीक से बोलता।
नाजिश बोली, “इट्स ओके, बाईसेक्सुअल होना कोई जुर्म नहीं है।”
मैं बोला, “अच्छा पर मैं उस दिन के बाद नहीं किया था कुछ ऐसा।”
नाजिश बोली, “मैंने भी कॉलेज टाइम में गर्ल्स के साथ किसिंग वगैरह की है।”
मैं शॉक होकर बोला, “क्या?”
नाजिश बोली, “हां, यह सब तब मुझे भी समझ नहीं आता था पर अब सब अच्छा लगने लगा है। सेक्स बस सेक्स होता है, गे हो स्ट्रेट नहीं। आपने मुझे खुलने के लिए कहा था अब मैं पूरी खुल चुकी हूं। अगर आप अहमद से चुदना चाहते हो तो मुझे कोई ऐतराज नहीं। हम मिलकर उसके लंड से मजा ले सकते हैं।”
मैं बोला, “समझ नहीं आ रहा क्या कहूं। मैं बहुत कन्फ्यूज हो गया हूं अब।”
नाजिश बोली, “बस इतना बताओ कि आपको अहमद का लंड देखकर मुंह में पानी आता है या अंदर अजीब सा लगता है।”
मैं बोला, “हां, लगता तो है।”
नाजिश बोली, “फिर बस आपको भी मेरी तरह उसका लंड चाहिए। मुझे भी यही फीलिंग आती है।”
मैं बोला, “पर नाजिश इससे हमारे रिश्ते पर असर तो नहीं होगा ना।”
नाजिश नंगी ही मेरी गोद में बैठ गई।
नाजिश बोली, “ऐसा कुछ नहीं होगा। हम बस अपनी सेक्सुअलिटी खोल रहे हैं। फीलिंग्स तो बस एक दूसरे के लिए ही हैं ना।”
मैं बोला, “वो तो है। चाहे तुम कुछ भी करो आई ऑलवेज लव यू।”
नाजिश बोली, “यु टू वैसे ही आप भी जो भी करो आई ऑलवेज लव यू एंड लव टू सी योर गाड़ फक्ड।”
मैं बोला, “अच्छा, मुझसे ज्यादा तो तुम एक्साइटेड हो मुझे चुदवाने के लिए।”
नाजिश बोली, “हां ना जान। आपकी गाड़ सच में बहुत गोल और सॉफ्ट है और आपका फिगर भी लगभग गर्ल जैसा है। अगर आप लड़की होते तो हर लड़का आपको डिजायर करता।”
मैं बोला, “अच्छा, अब ऐसा भी नहीं है।”
नाजिश बोली, “सच में मेरी जान। आप फुल शेव करो और बॉडी से ये थोड़े बाल हटा लो तो बहुत सेक्सी लगोगे।”
मैं बोला, “अच्छा। वैसे रात को अहमद और तुम्हारी बातें सुनकर मुझे बहुत शॉक भी लगा था और मैं एक्साइटेड भी था कि तुम भी कुकॉल्ड जैसी फील रखती हो मेरे लिए।”
नाजिश बोली, “ये बात तो मुझे भी नहीं पता थी पर अहमद ने जब आपकी स्टोरी सुनाई तो मैं बहुत हॉट हो गई और अब बस आपको चुदते हुए देखना चाहती हूं पर।”
मैं बोला, “पर क्या?”
नाजिश बोली, “अहमद को अब क्या कहें? सब सच बता दें या नहीं।”
मैं बोला, “मुझे लगता है अहमद को सब बताना ठीक नहीं। ऐसे उससे कुछ डर है तो वो बाहर किसी से नहीं कहेगा और अगर सब बता दिया तो मेरी स्टोरी की तरह हमारी ये स्टोरी भी बता देगा किसी को।”
नाजिश बोली, “ये बात तो सही है पर फिर क्या करें।”
मैं बोला, “मैं कुछ सोचता हूं जब तक तुम नाश्ता बनाओ।”
नाजिश किचन में चली गई और मैं सोचने लगा क्यों ना मैं अहमद को भी वैसे फंसाऊं जैसे अपनी वाइफ को फंसाया था पोर्न देखकर। नाश्ता वगैरह करके मैंने नाजिश को अपना प्लान सुनाया। उसे बहुत अच्छा लगा और हमने ये प्लान वीकेंड को करने का सोचा। नाजिश ने अहमद को कॉल किया।
अहमद बोला, “मेरी जान कैसी है?”
नाजिश बोली, “ठीक हूं जानेमान। एक खुशखबरी है।”
अहमद बोला, “क्या?”
नाजिश बोली, “तुम सही थे। मेरे हस्बैंड को अभी भी लंड की तलब है अपनी गांड में।”
अहमद बोला, “मुझे पता था। तुम्हें कैसे पता चला?”
नाजिश बोली, “थोड़ी देर पहले मैं मार्केट गई थी और आज थोड़ा जल्दी वापस आ गई तो मैंने आह आह की आवाजें सुनीं।”
अहमद बोला, “उफ, मतलब असगर किसी से मरवा रहा था यस।”
नाजिश बोली, “अरे नहीं, पूरी बात तो सुनो।”
अहमद बोला, “हां बोलो।”
नाजिश बोली, “मेरा एक डिल्डो है। असगर उससे अपनी गांड में डाल रहे थे और आह उफ उफ कर रहे थे। मैंने रूम के की होल से देखा।”
अहमद बोला, “उफ, मतलब ये भी मरवाना चाहता है या मरवा चुका है।”
नाजिश बोली, “मरवाना चाहता है पर डरता है पकड़ा ना जाए। इसलिए डिल्डो से खुद को शांत करता है। मेरे हस्बैंड पर भी तरस खाओ और इसे असली मर्द का लंड चखवा दो।”
अहमद बोला, “अच्छा पर कैसे? तुमने उससे कहा कुछ।”
नाजिश बोली, “मैंने कुछ नहीं कहा। वो मेरे सामने नहीं खुलेगा। तुम अकेले ही उसे खोल सकते हो।”
अहमद बोला, “फिर तुम्हारा क्या होगा? तुम्हें तो उससे चुदते हुए देखना था ना।”
नाजिश बोली, “वो बाद में देख लेंगे।”
अहमद बोला, “अच्छा वो तो ठीक है पर मैं करूं क्या? डायरेक्ट जाकर तो उससे नहीं कह सकता ना मेरा लंड ले ले।”
नाजिश बोली, “उसका भी आइडिया है।”
दोस्तों प्लीज मुझे बताइएगा कि आपको मेरी स्टोरी कैसी लगी। प्लीज बताएं आपको मेरी स्टोरी पसंद आई या नहीं।
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