Husband ke dost se chudai sex story: हाय गाइज मेरा नाम असगर है, अभी मैं अपनी बीवी की चुदाई गैर मर्द के साथ की कहानी लिख रहा हूँ, यह 9वां भाग है, अगर आपने पिछला भाग नहीं पढ़ा, तो अभी पढ़े: मैं कुकोल्ड बन गया पार्ट – 08
अब आगे की कहानी:
दोस्तों जैसा कि आप जानते हैं मैंने और मेरी पत्नी ने अहमद को सरप्राइज देने का सोचा था। तो मेरी पत्नी ने उसे शनिवार को बुला लिया और कहा।
नाजिश बोली, “शनिवार को वियाग्रा खाकर आना क्योंकि एक नहीं दो जिस्मों को चोदना है तुम्हें।”
अहमद बोला, “उफ्फ क्या बोल रही हो एक तुम और दूसरा कौन।”
नाजिश बोली, “दूसरी मेरी एक दोस्त है शादीशुदा है। उससे मैंने तुम्हारे लिंग का बताया तो उसने भी चुदने को कहा है तुमसे।”
अहमद बोला, “मेरी जान ले आओ जो भी हो। तू इतनी मस्त और गरम है तो तेरी दोस्त कितनी होगी।”
नाजिश बोली, “वो भी बहुत गरम है और लिंग की प्यासी भी। शनिवार को आओ ऐसा मजा देगी तुम्हें कि भूलोगे नहीं।”
दोस्तों मेरी पत्नी की दोस्त और कोई नहीं मैं था। उसने मुझे कहा कि वो मुझे लड़की की तरह फुल हॉट तैयार करेगी और अहमद के सामने लाएगी। मुझे भी अपने अंदर फीमेल जैसा फील होता था तो मैंने भी मना नहीं किया।
शनिवार वाले दिन मेरी पत्नी ने मुझे पूरा नंगा किया और फुल बॉडी वैक्सिंग की। दोस्तों वैक्सिंग का दर्द कितना होता है ये उस दिन पता चला पर जो भी हो मैं उत्साहित था तो करवा ली। मेरी पत्नी ने भी की और मुझे फेस भी शेव करने को कहा और बिल्कुल स्मूद कर लिया।
जब मैंने शीशे में खुद को नंगा देखा तो मेरा खुद को देखकर ही खड़ा हो गया। इतना स्मूद जिस्म और कोई क्रीम थी मेरी पत्नी की जिससे जिस्म बहुत मुलायम बिल्कुल लड़कियों जैसा लग रहा था।
नाजिश बोली, “उफ्फ जान आप तो बहुत सेक्सी हो।”
मैं बोला, “अच्छा पहले नहीं था क्या।”
नाजिश बोली, “हाहाहा थे पर आप लड़कियों के लिए नहीं लड़कों के लिए सेक्सी हो।”
मैं बोला, “अच्छा मुझे चलेगा आई लव बॉयज।”
नाजिश बोली, “बॉयज या बॉयज के लंबे टूल्स।”
मैं बोला, “हाहाहा दोनों।”
मेरी पत्नी और मैं मस्ती करते रहे और वो मुझे तैयार भी करती रही। मुझे एक सेक्सी लिंगरी पहनाई और मेरे लिए विग पहनाई और मेकअप वगैरह किया। जब मैंने खुद को देखा दोस्तों मुझे यकीन ही नहीं हो रहा था कि ये मैं हूं। इतना सेक्सी और स्मूद जिस्म पूरी लड़की लग रहा था मैं।
मेरी पत्नी भी मेरे साथ तैयार हुई और मुझे देखकर बोलने लगी।
नाजिश बोली, “मुझे बहुत जलन हो रही है आप तो मुझसे भी सेक्सी लग रहे हो।”
मैं बोला, “मेरी जान हम दोनों सेक्सी लग रहे हैं। आज की रात चुदाई की रात है तो लगना बनता भी है।”
नाजिश बोली, “वो तो है।”
मैं बोला, “हां तो मुझे आप वगैरह मत कहो। तुम कहो या तू कहो जान। आज मैं तुम्हारी सहेली हूं।”
नाजिश बोली, “अच्छा मेरी सहेली और तुम्हारा नाम अस्मा है।”
मैं बोला, “अच्छा नाम है अहमद को भी पसंद आएगा।”
हम तैयार होकर बैठे थे। थोड़ी देर में दरवाजे की घंटी बजी। नाजिश ने मुझे दूसरे कमरे में छुपा दिया और खुद दरवाजा खोलने गई। मेरी पत्नी ने भी लिंगरी पहनी थी ऊपर रोब पहनकर अहमद को दरवाजा खोला। अहमद अंदर आया।
अहमद बोला, “मेरी जान आज लिंग बहुत बेकरार है आ जा जल्दी।”
नाजिश बोली, “हां जानू चलो कमरे में।”
कमरे में जाते ही मेरी पत्नी ने अपना रोब उतारा और लिंगरी में आ गई। अहमद उसे देखते ही पागल हो गया और उसे अपने बाहों में पकड़कर किस करने लगा और साथ साथ उसकी गांड दबाने लगा उसके बूब्स से खेलने लगा।
अहमद बोला, “मेरी जान आज तो तू कयामत लग रही है।”
नाजिश बोली, “अच्छा मस्त लग रही हूं ना।”
अहमद बोला, “हां जानू आज तेरी तबाही वाली चुदाई करूंगा मैं।”
नाजिश बोली, “अच्छा करना पर आज एक सरप्राइज भी है।”
अहमद बोला, “अच्छा क्या जल्दी बता मुझे आज सब्र नहीं हो रहा जान।”
नाजिश बोली, “अच्छा वेट आती हूं।”
नाजिश कमरे से निकली और मुझे लेकर अहमद के सामने खड़ा कर दिया। अहमद पहले मुझे ऊपर से नीचे तक देखने लगा।
अहमद बोला, “उफ्फ मेरी जान ये सेक्सी लड़की कौन है।”
नाजिश बोली, “ये अस्मा है मेरी फ्रेंड आज तुम्हें इसकी भी लेनी है।”
अहमद बोला, “क्या मस्त है ये आ जा मेरी जान आज तुझे भी जन्नत की सैर कराता हूं।”
अहमद ने मुझे पहचाना नहीं शायद मैंने इतना सेक्सी मेकअप जो किया हुआ था इसलिए। वो मेरे पास आया और मुझे किस करने लगा और पैशनेटली मेरे होंठ मेरी जीभ सब चूसने लगा। मैं भी उसका खूब साथ देने लगा। वो मेरी गांड को भी जोर जोर से दबोचने लगा और मैं उसके लिंग को पैंट के ऊपर से सहलाने लगा।
मेरी पत्नी फिर अहमद के पास आई और उसके कपड़े उतारने लगी। हम दोनों अलग हुए और अहमद अब पूरा नंगा हो गया।
अहमद बोला, “बोल मेरी जान कैसा लगा तुझे।”
मैं बोला, “बहुत जबरदस्त है ये।”
नाजिश बोली, “हां ये लौड़ा बहुत सारी चूतों और गांडों को फाड़ चुका है आज तेरी भी फाड़ेगा।”
मैं बोला, “अच्छा ओके आई एम रेडी।”
मैं बैठकर अहमद का मोटा ताजा अजगर खूब चाटने लगा और चूसने लगा। अहमद ने अभी भी मुझे नहीं पहचाना था। मैं उसका लिंग इतने अच्छे से चाट रहा था और आज तो फीलिंग भी फुल गर्ल वाली थी क्योंकि इतना सेक्सी जो लग रहा था।
मेरी पत्नी और अहमद किसिंग में लगे हुए थे और मैं लिंग चूसने में। तकरीबन दस मिनट लिंग चूसने के बाद अहमद ने मुझे उठाया।
अहमद बोला, “वाह मेरी जान क्या लिंग चूसती हो। तूने तो असगर की याद दिला दी।”
नाजिश बोली, “अच्छा मेरे हसबैंड भी ऐसे ही चूसते हैं क्या तुम्हारा।”
अहमद बोला, “हां बिल्कुल ऐसे। चल अब वेट मत करवाओ दोनों नंगी हो जाओ।”
मेरी पत्नी अपने कपड़े उतारने लगी। मैं भी उल्टा हो गया अपनी ब्रा उतारी और फिर जब पैंटी उतारी तो अहमद ने मेरी गांड गौर से देखी।
अहमद बोला, “असगर ये तू है।”
मैं बोला, “हां जानू कैसे पहचाना।”
अहमद बोला, “इस सेक्सी गांड को मैं दूर से भी पहचान लूं इतनी मस्त है।”
नाजिश बोली, “अच्छा मेरे हसबैंड की गांड आज तेरी है जितना मर्जी चुद।”
मैं बोला, “हां और मेरी पत्नी की गांड और चूत भी आज तेरी है जो चाहे कर।”
अहमद बोला, “उफ्फ मुझे यकीन नहीं हो रहा तुम दोनों को आज मैं साथ में चोदूंगा। और अहमद तू इतना सेक्सी है मुझे आज पता चला। वाह फुल गर्ल लग रहा है बस चूत की जगह ये नन्नू है।”
मैं बोला, “थैंक्स जान।”
अहमद बोला, “अच्छा हुआ तेरी पत्नी ने तुझे सब बता दिया। मैं वैसे भी तुम दोनों को साथ में चोदना चाहता था।”
नाजिश बोली, “हां मुझे पता था मेरा हसबैंड गांडू है और इससे मेरे चुदने से भी कोई ऐतराज नहीं। बस शर्त है कि मेरे साथ साथ तू इसे भी चोदे।”
अहमद बोला, “मेरी जान आज के बाद तुम दोनों हसबैंड वाइफ नहीं मेरी पर्सनल रंडियां हो जिन्हें मैं जब चाहे चोदूंगा।”
मैं बोला, “हां जान अब चोदो बस मुझे।”
अहमद बोला, “क्यों नहीं जान पर पहले तेरी पत्नी को चोदूंगा। उसे चुदते हुए देख कितना मजा लेकर लेती है मेरा।”
मैं बोला, “ठीक है चोद लो।”
नाजिश बोली, “अपनी गांड और चूत पर हाथ फेरते हुए बोलो फिर क्या मारोगे पहले मेरी चूत या मेरी गांड।”
अहमद बोला, “पहले चूत फिर तेरी गांड और फिर तेरे शोहर की गांड।”
नाजिश बोली, “हाहाहा अच्छा जाओ फिर।”
नाजिश और अहमद किसिंग करने लगे और मैं इन दोनों को देखकर लिंग हिलाने लगा। अहमद कभी मेरी पत्नी की गांड को दबोचता कभी उसके बूब्स को चूसता उन्हें काटता और ये करते करते उसकी चूत चाटने लगा।
अहमद बोला, “साली तेरी चूत बहुत गीली है।”
नाजिश बोली, “आह उफ्फ जानू तुम्हारा लिंग देखकर हो जाती है गीली। उफ्फ अहमद आह मैं छूटने वाली हूं।”
अहमद ने सिर्फ चाटकर ही मेरी पत्नी का पानी निकाल दिया। अब मेरी पत्नी लिंग लेने के लिए तरप रही थी।
नाजिश बोली, “आह जानू बस आ और मत तरपाओ डाल दो अपना शेर मेरी छोटी सी गुफा में।”
अहमद बोला, “हाहाहा जान डालता हूं।”
अहमद ने मेरी पत्नी की टांगें उठाई और अपना लिंग अचानक पूरा अंदर घुसा दिया।
नाजिश बोली, “आह मर उफ्फ चूत फाड़ दी तुमने तो मेरी आह।”
अहमद बोला, “चुप कर कुत्तिया आज तुझे तेरी हसबैंड के सामने जंगल सांड की तरह चोदूंगा। चूत क्या तेरी गांड भी फटेगी इससे भी देखने दे मर्द औरत को कैसे चोदता है।”
नाजिश बोली, “उफ्फ ऐसा है तो फाड़ दो मेरी चूत मेरे गांडू हसबैंड को दिखाओ चुदाई कैसे होती है।”
मैं इन दोनों की बातों से और ज्यादा उत्तेजित हो रहा था और वहां मेरी पत्नी की चुदाई चल गई। अहमद इतनी जोर जोर से मेरी पत्नी की चुदाई कर रहा था जितनी पहली बार भी नहीं की थी।
दोस्तों मुझे भी आज मेरी पत्नी मेरे सामने चुदती हुई बहुत मस्त लग रही थी। सच में जो मजा सामने देखने में है वो कैमरे में देखने में नहीं है।
अहमद बोला, “क्या मस्त है यार तेरी पत्नी।”
मैं बोला, “मुझे पता है जोर जोर से चोद इसे।”
नाजिश बोली, “आह यस उफ्फ हां चोदो मुझे इससे तो कुछ होता नहीं। मेरी चूत की आग आज बुझा दो अहमद आह।”
मैं बोला, “तेरे जैसी रंडी के लिए मोटा लिंग चाहिए मेरे नन्नू से तेरा कुछ नहीं होने वाला।”
नाजिश बोली, “सही कहा मेरे जिस्म की आग इस अजगर से ही खत्म होगी। चोद मुझे जान और जोर से यस ये फाड़ दे इसे आह मैं झड़ गई उफ्फ।”
अहमद बोला, “यार तेरी पत्नी सच में रंडी है। इसे मेरा लिंग भी शायद पूरा ना पड़े। इसकी आग एक लिंग से नहीं बुझेगी। इसे हर रात नया लिंग खिलाना।”
मैं बोला, “जान इरादा तो यही है बस नादानी का डर है।”
अहमद बोला, “जानू आजकल हर किसी को सेक्स चाहिए और प्राइवेसी भी। बस तू हर किसी के सामने मत जा इसे बस चुदवा और बाकी ये खुद संभाल लेगी। अब तो प्रोफेशनल रंडी है ये।”
नाजिश बोली, “आह उफ्फ तुमने ही मुझे रंडी बनाया है अहमद।”
अहमद बोली, “मेरी जान दो किस्म की रंडियां होती हैं। एक जो मजबूरी में बनती है और एक पैदाइशी रंडी होती है। तू पैदाइशी रंडी है। तुझे मैंने रंडी नहीं बनाया मैंने बस तेरे अंदर की रंडी बाहर निकाली है।”
मैं बोला, “थैंक्स यार तेरी वजह से मेरी पत्नी का असली रूप मैं देख सका और मेरे अंदर लिंग लेने की इतनी तरप थी वो भी तूने ही मुझे एहसास दिलाया।”
नाजिश बोली, “आह हां सही कहा अहमद तुम्हारी वजह से हम इतने खुलकर सेक्स एंजॉय कर रहे हैं थैंक्स।”
अहमद बोला, “अबे यार इसमें थैंक्स की क्या बात है। आई एम हैप्पी कि तुम दोनों खुलकर अपनी सेक्स लाइफ एंजॉय कर रहे हो। काश मेरी पत्नी भी ऐसी होती।”
मैं बोला, “हां यार काश हर कोई हसबैंड वाइफ ऐसा कर पाते तो आज कोई भी दुखी नहीं होता सब एंजॉय करते।”
दोस्तों प्लीज मुझे बताओ कि आपको मेरी कहानी कैसी लगी। आगे बहुत कुछ आने वाला है थ्रीसम लेस्बियन सेक्स और भी बहुत कुछ।
कहानी का अगला भाग: मैं कुकोल्ड बन गया पार्ट – 10
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