भाभी हार गयी, भाभी का हवस जीत गया
विजयवाड़ा में दो दिनों से भारी बारिश हो रही थी। बारिश की मोटी बूंदें लगातार छत और खिड़कियों पर जोर से टपक रही थीं। पानी की आवाज पूरे इलाके में गूंज रही थी जैसे कोई ड्रम बज रहा हो। लब्बीपेट की सड़कें पानी से भरी हुई थीं और छोटी गलियों में बहता पानी छोटे छोटे …