Airhostess sex story: हेल्लो दोस्तों, मेरा नाम है राहुल। मैं दिल्ली में रहता हूँ और साउथ दिल्ली में पढ़ाई करता हूँ। एक दिन मैं अपनी कोचिंग जा रहा था। मैं अपने मोबाइल पर गाने सुन रहा था। अचानक एक लड़की से मेरी टक्कर हो गई और उसकी सारी किताबें गिर गईं। मैंने उसे देखा तो देखता ही रह गया। वह बेहद खूबसूरत लग रही थी। उसकी नाजुक आकृति, चमकती हुई त्वचा और आकर्षक मुस्कान ने मुझे जादू सा कर दिया।
मैंने तुरंत उसकी किताबें उठाने में मदद की और उससे माफी माँगी। उसने भी मुस्कुराते हुए मुझे सॉरी कहा। उसकी मुस्कान इतनी प्यारी थी कि मेरे दिल की धड़कन तेज हो गई। फिर वह चली गई। अगले दिन वही लड़की मुझे आती दिखी। मैंने भी उसे मुस्कुराकर देखा और उसने भी जवाब में मुस्कान दी। फिर वह चली गई। इस तरह कई दिनों तक यही सिलसिला चलता रहा।
एक दिन मैंने हिम्मत करके उससे बात की। मैंने पूछा कि आप रोज मुस्कुराती क्यों हो। वह कुछ नहीं बोली। फिर मैंने उस दिन की टक्कर के लिए फिर से सॉरी कहा। यारों, यकीन नहीं मानोगे, उसकी आवाज इतनी मधुर और प्यारी थी कि मैं सुनता ही रह गया। उसने धीरे से कहा, “इट्स ओके।” फिर मैंने हिम्मत जुटाकर उससे बात शुरू कर दी।
मैंने पूछा कि तुम यहाँ क्या करती हो। उसने बताया कि वह एक एयरहोस्टेस है और साउथ दिल्ली की एक एयरहोस्टेस ट्रेनिंग कंपनी से कोर्स कर रही है। मैंने भी अपनी पहचान दी कि मैं संस्कृत का कोर्स कर रहा हूँ। फिर हम चलते-चलते बातें करने लगे। मैंने उसका नाम पूछा तो उसने बताया कि उसका नाम दिव्या है। इस तरह हम कई दिनों तक मिलते रहे। हम दोनों ने एक-दूसरे को मोबाइल नंबर दे दिए। हम घंटों बातें करते और कई जगह घूमने जाते।
एक दिन उसने मुझे कॉल किया और कहा कि आज उसकी क्लास जल्दी खत्म हो गई है, इसलिए मैं आ जाऊँ और घूमने चलें। मैंने अपनी बाइक ली और चला गया। उसकी कंपनी के बाहर उसका इंतजार कर रहा था। जब वह बाहर आई तो मैं देखता ही रह गया। वह एयरहोस्टेस की यूनिफॉर्म में थी। उसने हाफ स्कर्ट पहनी हुई थी। उसकी गोरी-गोरी, चिकनी टाँगें पूरी तरह दिख रही थीं। उसकी कमर, कूल्हे और ऊपरी शरीर की आकृति इतनी आकर्षक थी कि मेरी साँसें थम सी गईं। वह बेहद खूबसूरत और सेक्सी लग रही थी।
वह मेरी बाइक पर बैठ गई। मैंने पूछा कहाँ चलना है। उसने कहा कहीं मॉल चलते हैं। मैं उसे अंसल प्लाजा ले गया। वहाँ पहुँचने में करीब पच्चीस मिनट लगे। बाइक पर वह मुझे कसकर पकड़े बैठी थी। उसकी नरम छाती मेरी पीठ से सट रही थी। मुझे बेहद मजा आ रहा था। मैं बार-बार ब्रेक मार रहा था ताकि वह और भी कसकर मुझे जकड़े। हम वहाँ पहुँच गए और घूमने लगे।
मैंने देखा कि वहाँ कई कपल्स घूम रहे थे। वे हमें बार-बार देख रहे थे क्योंकि दिव्या बेहद सेक्सी लग रही थी। उसकी यूनिफॉर्म में उसकी खूबसूरती और भी निखर रही थी। शायद उसे भी यह बात पता थी। आखिर में हम अंसल के गार्डन में गए। वहाँ काफी कपल्स बैठे थे और एक-दूसरे को किस कर रहे थे। हम उन्हें देखकर आगे बढ़ गए।
उसने आगे जाकर पूछा कि यह सब क्या कर रहे हैं। मैंने कहा कि एक-दूसरे को प्यार कर रहे हैं। मैंने सही समय का फायदा उठाया और उसे प्रपोज कर दिया। मैंने कहा, “दिव्या, आई लव यू। मैं यह बात कई दिनों से कहना चाहता था लेकिन कह नहीं पाया।” वह कुछ देर चुप रही और फिर बोली, “अब हमें चलना चाहिए।” हम बाइक पर बैठे और अपने-अपने घर आ गए।
मुझे काफी डर लग रहा था कि कहीं उसने बुरा तो नहीं मान लिया। मैंने उसे कॉल भी नहीं किया ताकि और बुरा न मान जाए। फिर रात में एक बजकर तीस मिनट पर उसका कॉल आया। मैं देखता ही रह गया। मैंने कॉल अटेंड किया और हेलो कहा। उसने कुछ नहीं बोला। मैंने उसे सॉरी कहा और साफ-साफ कह दिया कि जो मेरे दिल में था, वह कह दिया। फिर मैंने पूछा, “यू लव मी?” कुछ देर बाद उसने कहा, “तुम्हें क्या लगता है, एक लड़की इतनी रात को एक बजकर तीस पर क्यों कॉल करेगी?” मैं समझ गया। उसने मुझे “आई लव यू” कह दिया।
मैं इतना खुश हुआ कि क्या बताऊँ यारों। जैसे मुझे कोई परी मिल गई हो। अरे, वह तो एयरहोस्टेस की परी ही थी। आखिरकार हम दोनों ने करीब दो घंटे तक बातें कीं और फिर सो गए। अगले दिन मिलने का प्रोग्राम बनाया। अगले दिन हम मिले। उसकी आँखें कुछ झुकी हुई थीं। मैंने कहा कि इसमें शर्माने की क्या बात है। वह कुछ नहीं बोली। वह बाइक पर बैठ गई। हम वहाँ से अंसल प्लाजा की ओर निकल गए।
वहाँ पहुँचते ही मैंने बाइक पार्क की और उसका हाथ अपने हाथ में लेकर चलने लगा। उसे भी काफी अच्छा लग रहा था। फिर हमने वहाँ बर्गर खाए और कोक पी। बातें करने लगे। उसने कहा कि चलो गार्डन में चलते हैं। मैंने कहा ठीक है। हम गार्डन में गए। वहाँ फिर वही सीन था। कपल्स एक-दूसरे को किस कर रहे थे। हम एक अच्छी सी जगह जाकर बैठ गए और बातें करने लगे।
बातों के दौरान उसने पूछा कि तुमने उस दिन क्या कहा था। मैंने पूछा क्या। उसने फिर कहा। मैंने कहा कि सही तो है। उसने कहा कि तुम कुछ नहीं करोगे। यह सुनते ही मैं जोश में आ गया। मैंने उसे खड़ा किया और किस करने लगा। उसने भी मुझे कसकर पकड़ लिया। मैंने फिल्मी स्टाइल में उसके चेहरे को अपने दोनों हाथों से जोर से पकड़ लिया और गहरी किस करने लगा। वह भी मुझे जोर-जोर से किस करने लगी।
हम दस मिनट तक लगातार किस करते रहे। मेरी जीभ उसके मुँह में घुस रही थी। उसके होंठ नरम और गर्म थे। हमारी साँसें एक-दूसरे में मिल रही थीं। फिर मैंने थोड़ी हिम्मत करके अपना हाथ धीरे-धीरे नीचे ले जाकर उसके स्तनों पर रख दिया। मैंने बिल्कुल आराम से उन्हें दबाना शुरू किया। वह कुछ नहीं बोली। बस “आह… अहा…” की आवाजें निकाल रही थी। उसका शरीर गर्म हो गया था। उसके स्तन मेरे हाथों में नरम और भरे हुए महसूस हो रहे थे। मैं उन्हें हल्के-हल्के मसल रहा था। उसकी साँसें तेज हो गई थीं और उसका चेहरा उत्तेजना से लाल हो गया था।
इतने में वहाँ एक लेडी गार्ड आ गई। हम अलग हो गए। फिर हम वहाँ से चले गए। आखिर कई दिनों तक यही चलता रहा। हम कभी अंसल गार्डन में या बुद्धा गार्डन जाकर किस करते और काफी समय तक मोबाइल पर बातें करते। इस तरह कई दिन गुजर गए। मुझे मौका नहीं मिल रहा था।
आखिर मुझे एक मौका मिल गया। उसका रात को फोन आया और बोली, “राहुल, कल मेरे मम्मी-पापा जयपुर जा रहे हैं और दो दिन बाद आएंगे।” मैं तो खुश हो गया। मुझे इसी समय का इंतजार था। फिर अगले दिन उसने फोन किया और कहा कि राहुल, तुम ग्यारह बजे मेरे घर आ जाना क्योंकि मेरे मम्मी-पापा नौ बजे निकल जाएंगे। मैंने कहा ठीक है। फिर मैं तैयार होकर ठीक ग्यारह बजे उसके घर पहुँच गया।
दरवाजा खोलते ही जब मैंने उसको देखा तो यारों देखता ही रह गया। उसने पिंक कलर का टॉप और स्कर्ट पहन रखी थी। जिसमें वो बिल्कुल सेक्सी और हॉट लग रही थी।
उसका टॉप उसके बड़े-बड़े स्तनों को कसकर दबाए हुए था और स्कर्ट उसकी जाँघों तक पहुँच रही थी जो उसकी गोरी और चिकनी टाँगों को आधा छुपा रही थी। उसकी कमर पतली थी और कूल्हे गोल-गोल थे। मैं एक पल के लिए साँस रोककर खड़ा रह गया। उसकी आँखों में शरम और उत्तेजना दोनों झलक रही थीं। उसने मुस्कुराते हुए मुझे अंदर बुलाया। मैं अंदर गया और सोफे पर बैठ गया। वो मेरे लिए पानी लेकर आई और झुककर मुझे पानी देने लगी।
जैसे ही वो झुकी, उसके मोटे और भरे हुए स्तन टॉप के अंदर से उभरकर दिखने लगे। उनकी गोलाई और गहरी खाई मेरी आँखों के सामने थी। मैं उन्हें देखकर पागल हो गया। मेरे लंड में तुरंत सख्ती आ गई। किसी तरह मैंने खुद को कंट्रोल किया। मैंने पानी पिया और हम दोनों बातें करने लगे। बातें करते-करते वो मुझे अपने रूम में ले गई। जैसे ही रूम में पहुँचे, उसने मुझे किस करना शुरू कर दिया और मैंने भी उसे।
इस तरह करीब बीस मिनट तक हम गहरी किस करते रहे। मेरी जीभ उसके मुँह के अंदर घुस रही थी। उसके नरम और गर्म होंठ मेरे होंठों को चूस रहे थे। हमारी साँसें एक-दूसरे में मिल रही थीं। उसके शरीर की खुशबू मुझे और उत्तेजित कर रही थी। बीस मिनट बाद वो बोली कि सिर्फ किस ही करते रहोगे या कुछ और भी करोगे। यह सुनते ही मैं गर्म हो गया और किस करते हुए उसके स्तनों को दबाने लगा।
मैंने पहले उसके टॉप के ऊपर से ही दोनों स्तनों को जोर-जोर से मसलना शुरू किया। वे मेरे हाथों में नरम और लचीले महसूस हो रहे थे। फिर मेरा हाथ धीरे-धीरे नीचे जाने लगा। मैंने अपना हाथ उसकी स्कर्ट के अंदर डाल दिया और सीधे उसकी चूत पर पहुँच गया। वो पूरी तरह मदहोश हो गई थी। उसकी चूत पूरी गीली और गर्म थी। मेरी उँगलियाँ उसकी चूत की फाँक पर फिसल रही थीं।
अब मैं अपनी उँगली को धीरे-धीरे उसकी चूत के अंदर बाहर करने लगा। एक हाथ से उसके स्तनों को दबाते हुए और किस करते हुए मैं उसे उत्तेजित कर रहा था। वो पागल हुई जा रही थी। उसके मुँह से बार-बार आहें और सिसकारियाँ निकल रही थीं। उसका शरीर तड़प रहा था। मैंने उसके सारे कपड़े धीरे-धीरे उतार दिए। अब वो बिल्कुल नंगी हो गई थी।
क्या बताऊँ यारों, नंगी में वो बिल्कुल सेक्सी और हॉट लग रही थी। उसका गोरा बदन मानो दूध जैसा था। उसके बड़े स्तन ऊपर-नीचे हिल रहे थे। गुलाबी चूचियाँ सख्त होकर खड़ी थीं। उसकी चूत साफ और गीली चमक रही थी। अब मुझे कंट्रोल नहीं हो रहा था। मैंने उसे उठाया और बेड पर ले गया।
बेड पर ले जाते ही मैंने अपना लंड उसे दिखाया। वो डर गई और कहने लगी कि इतना बड़ा और मोटा कैसे झेलेगी। वो कह रही थी कि उसकी चूत इतने मोटे लंड को नहीं सह पाएगी और फट जाएगी। मैंने कहा, “डरो मत, पहली बार थोड़ा दर्द होगा बाद में नहीं होगा।” लेकिन वो मना कर रही थी। मैंने कुछ नहीं सुना और अपना लंड उसके मुँह में डाल दिया।
मैंने कहा कि चूसो। वो मना कर रही थी लेकिन किसी तरह मैंने उसे मनाया और वो मान गई। वो चूसने लगी। दोस्तों, आपको यकीन नहीं होगा कि वो मेरे लंड को ऐसे चूस रही थी जैसे लॉलीपॉप हो। उसकी जीभ मेरे लंड के सिरे पर घूम रही थी। वो ऊपर-नीचे मुँह चला रही थी। उसे भी मजा आ रहा था। अब मैं झड़ गया और सारा माल उसके मुँह पर डाल दिया। वो उसे चाटने लगी।
और कहा कि अब मेरा लंड उसकी चूत में जाएगा। अब मैंने अपना मोटा लंड उसकी चूत में डाला। वो चिल्लाई तो मैंने उसके होंठों पर अपना होंठ रख दिया। और एक जोर का झटका मारा। उसके आँखों में से पानी आने लगा। वो कहने लगी कि छोड़ दो मुझे।
मैं कहने लगा कि अभी कुछ देर दर्द होगा बाद में नहीं। इस तरह मैं और जोर से झटके मारने लगा। अब उसकी चूत में से ब्लड आ रहा था। लेकिन उसे भी मजा आ रहा था। करीब एक घंटे तक मैंने उसे लगातार चोदा। और बाद में उसकी गांड भी बहुत मारी। हमें काफी मजा आ रहा था।
इस तरह मैंने उसको दो दिन तक नॉन स्टॉप चोदा और उसकी चूत और गांड फाड़ डाली। उसे भी मुझसे चुदवाने का शौक हो गया। और इस तरह मैं उसे जब भी मौका मिलता उससे खूब चोदता . . .
Note : यहां पोस्ट की गई हर कहानी सिर्फ मनोरंजन के लिए है,कृपया वास्तव जीवन में कहानी में घटित कोई भी चित्र प्रयोग करना घातक हो सकता है और इसका जिम्मेदारी कहानी के लेखक या फिर कहानी प्रस्तुतकर्ता नहीं होंगे,तो कृपया इस सबको अपने निजी जिंदगी के साथ मत जोड़ें और अपने बुद्धि,विवेक के साथ काम लें।
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