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चोदो मुझे कई दिनों से प्यासी हूं

Desi bhabhi hardcore sex story: हेलो फ्रेंड्स, मैं महेश। दोस्तों मेरी स्टोरी कुछ इस तरह है। यह स्टोरी आज से 6 महीने पहले की है जब हमारे बाजू में एक न्यू कपल रहने आया। उनकी नई नई शादी हुई थी और वे करीबन मेरी उम्र के ही होंगे।

उनके पति का कुछ इम्पोर्ट एक्सपोर्ट का बिजनेस था। थोड़े दिनों के बाद उनकी हमारी फैमिली से जान पहचान हो गई और हमारे घर उनका आना जाना लग गया।

करीबन थोड़े दिनों बाद उस भाभी की छोटी बहन भी उनके साथ रहने को आई। वह करीबन 16 साल की थी। वह 12वीं में पढ़ती थी। वह भाभी की तरह ही बहुत सेक्सी थी।

वैसे भाभी का फिगर 36-28-36 था। उसके बूब्स तो बहुत ही बड़े और सेक्सी थे। जब वह चलती थी तो उसके भारी बूब्स ऊपर नीचे हिलते रहते थे। यह देखकर किसी का भी मन मचल जाता था।

और उसकी बहन भी उतनी ही सेक्सी थी। उसके भी बूब्स बहुत बड़े और आकर्षक थे।

भाभी का पति अक्सर महीने में 15-20 दिन बाहर रहता था। और मैं जब भी उसके घर जाता तो उसे देखता ही रहता। मैं सोचा करता कि काश इसे गले लगा सकूं और चोद सकूं। घर आकर मैं जोर जोर से मुठ मारता था।

मैं उसके बड़े बूब्स और गोल गांड के बारे में सोच सोचकर मुठ मारा करता था। मैं अब भी उसके घर जाता तो मुझे लगता था कि वह उदास उदास रहती है।

एक दिन जब मैं उसके घर गया तो घर का दरवाजा खुला हुआ था। मैंने घंटी बजाए बिना ही अंदर चला गया। मैंने देखा कि घर में कोई नहीं है। शायद वह बाथरूम में थी।

तो मैं सोफे पर जाकर बैठ गया। तभी मैंने देखा कि वहां प्लास्टिक के दो बड़े बड़े लंड के आकार के सेक्स टॉय पड़े थे। उन्हें देखकर मैं एकदम गर्म हो गया।

मैंने उन्हें वहीं रख दिया और भाभी की ओर बढ़ गया। मैं बाथरूम में से अंदर झांकने का तरीका ढूंढने लगा।

जब मैंने बाथरूम में देखा तो भाभी पूरी नंगी नहा रही थी। उसने अपने पूरे बदन पर साबुन लगा रखा था। वह अपने भारी बूब्स को दोनों हाथों से रगड़ रही थी।

उसके निप्पल सख्त होकर खड़े थे। वह अपनी चूत को भी धीरे धीरे रगड़ रही थी। यह देखकर मेरा लंड पूरा खड़ा हो गया।

भाभी अपनी चूत में दो उंगलियां अंदर बाहर कर रही थी। उसकी उंगलियां चूत के अंदर घुसती और बाहर निकलती दिख रही थीं।

यह देखकर मैं तुरंत अपने घर पर आ गया। अपने रूम में आकर मैंने अपनी पैंट उतार कर अपना पूरा लंड बाहर निकाला और मुठ मारने लगा।

अब मुझे लगा कि भाभी को क्या चाहिए यह मैं जान गया। कुछ दिनों बाद मेरे घर वाले 1 हफ्ते के लिए बाहर घूमने गए। पर मैं नहीं गया क्योंकि मुझे पता था कि अकेला रहकर शायद भाभी को चोद सकूं।

क्योंकि उसका पति भी 15 दिन के लिए बाहर गया था। तो वह और उसकी बहन अकेली थीं। मेरे घर वाले बाहर गए तो मेरी मम्मी ने भाभी को कहा कि 1 हफ्ते के लिए तुम इसका खाना बना देना।

तो भाभी ने कहा कि कोई बात नहीं यह मेरे यहां खाना खा लेगा। तो मैं सुनकर खुश हो गया। और पहले दिन रात को खाना खाने के बाद मैंने भाभी को हमारे घर की चाबी दे दी।

और कहा कि अगर सुबह मुझे उठने में देरी हो जाए तो प्लीज आप मुझे उठा देना। तो भाभी ने कहा कि कोई बात नहीं मैं तुमको उठा दूंगी।

और मैं चाबी देकर अपने घर पर आ गया। और सुबह मेरा लंड हार्ड था तो मैं भाभी के बारे में सोचने लगा। मेरा लंड और हार्ड हो गया।

तो मैंने अपना शर्ट उतारा और भाभी को याद करके मुठ मारना शुरू कर दी।

मैं मुठ मारने में व्यस्त था।

अचानक मेरे बेडरूम में भाभी मुझे उठाने आ गई। मैं मुठ मारने में इतना व्यस्त था कि मुझे पता ही नहीं चला कि भाभी कब आ गई। उसने मुझे देखा और कहा कि क्या कर रहे हो।

मैं एकदम घबरा गया और अपना शर्ट पहनने लगा। तो भाभी मुस्कुराई और कहा कि तुम्हारा तो बहुत बड़ा है। इतने बड़े लंड को हिला हिला कर क्यों तंग कर रहे हो।

तो मैंने भाभी को कहा कि यह मुझे बहुत तंग करता है इसलिए हिला रहा हूं। तो उसने कहा कि मैं इसका आज तंग करना बंद करवा दूंगी। क्योंकि मुझे मेरी चूत भी बहुत तंग करती है। वैसे तुम्हारा तो बहुत ही सेक्सी है।

और मेरे पास आई और मेरा लंड अपने हाथ में लेकर प्यार करने लगी। उसकी नरम और गर्म हथेली ने मेरे मोटे लंड को जकड़ लिया। वह धीरे धीरे ऊपर नीचे करने लगी।

उसकी उंगलियां मेरे लंड की नसों को सहलाती हुई आगे पीछे घूम रही थीं। मेरा यह पहली बार ही था इसलिए थोड़ी देर में ही मेरा लंड फड़कने लगा और मैं जोर से पानी छोड़ दिया।

मेरा गाढ़ा वीर्य उसके हाथ पर और मेरे पेट पर फैल गया। तो भाभी ने मुझे कहा कि तुम उसकी बहन के जाने के बाद आना। आज मैं इसका तंग करना बंद कर दूंगी।

और मैं खुशी के मारे उछल पड़ा। करीबन 12 बजे मैं उनके घर गया तो भाभी अकेली ही थी और मैं जाकर सोफे पर बैठ गया।

थोड़ी देर में भाभी आई। उसने आज बहुत ही सेक्सी ड्रेस पहनी थी। मुझे लगता था कि आज उसने उसकी छोटी बहन की मिनी स्कर्ट और टाइट टॉप पहना था।

उसमें वो कमाल की सेक्सी लग रही थी। उसकी मिनी स्कर्ट उसके मोटे जांघों को едва ढक रही थी और टाइट टॉप उसके बड़े बूब्स को कसकर दबाए हुए था।

और वो मेरे पास आकर बैठ गई। फिर मैंने उसके पैरों पर हाथ फेरना शुरू कर दिया। मेरी उंगलियां उसके नरम जांघों पर घूम रही थीं।

और उसके बूब्स को भी मसलने लगा। धीरे धीरे भाभी भी गर्म होने लगी और मुझे किस करने में रेस्पॉन्स देने लगी।

अब मैं उसका स्कर्ट उतार कर उसकी चूत पर हाथ फेर रहा था। आज उसने ब्रा और पैंटी नहीं पहनी थी। अब वो पूरी तरह नंगी हो चुकी थी और मैं भी।

अब मेरा लंड वो अपने मुंह में लेकर चूसने लगी। उसके गर्म और नम मुंह ने मेरे लंड को पूरी तरह निगल लिया।

वह जोर जोर से चूस रही थी और अपनी जीभ से मेरे लंड के सिरे को चाट रही थी। मैं भी पूरा गर्म था और मेरा लंड पूरा तन गया था।

अब मुझसे रहा नहीं जा रहा था इसलिए मैंने कहा कि चलो अब मुझे तुम्हारी चूत मारनी है। तो उसने कहा कि मैंने कब मना किया।

मेरी चूत कई दिनों से प्यासी है।

तुम्हारे भैया इसको चोदते ही नहीं और जब चोदते हैं तो जल्दी से पानी छोड़ देते हैं और मैं प्यासी ही रहती हूं।

मैं तो कब से तुम्हारे पास चुदवाने का मौका देख रही थी। और यह कहकर वो मेरे साथ लिपट गई।

उसके नंगे बदन की गर्मी मेरे सीने से चिपक गई। उसके भारी-भारी बूब्स मेरी छाती पर दब रहे थे, सख्त निप्पल मेरी त्वचा को खुरच रहे थे। उसकी गर्म सांसें मेरे कान के पास फूल रही थीं और उसकी चूत से निकलता गाढ़ा रस मेरी जांघों को भिगो रहा था।

फिर मैंने उसके दोनों पैर अपने दोनों कंधों पर लिए और उसे पूरी तरह खोल दिया।

अपना लंड उसकी चूत के छेद पर रखकर मैंने एक ही जोरदार झटके में अपना पूरा मोटा लंड उसकी चूत में दे दिया। जैसे ही मेरा पूरा लंड उसकी टाइट चूत में घुसा, वो जोर से चीख पड़ी।

उसकी आंखें फट गईं और उसने कहा कि धीरे करो। मेरी चूत अभी भी बहुत टाइट है। यह फट जाएगी। मैंने अभी भी बहुत कम बार चुदवाया है।

सच में उसकी चूत बहुत टाइट थी। उसके अंदर की दीवारें मेरे मोटे लंड को कसकर जकड़े हुए थीं, जैसे उसे निचोड़ रही हों। मैंने उसे सोफे पर ही जोर-जोर से धक्के लगाने शुरू कर दिए।

पहले तो मैं धीमे-धीमे गहरे धक्के दे रहा था, फिर रफ्तार बढ़ा दी। हर धक्के के साथ मेरा लंड पूरी गहराई तक अंदर बाहर हो रहा था। उसके चूत का गर्म रस मेरे लंड और अंडकोषों पर चिपक रहा था और जोरदार फच-फच, पच-पच की आवाजें पूरे कमरे में गूंज रही थीं।

कुछ देर बाद मैंने उसके एक पैर को नीचे करके साइड वाली देसी पोजीशन में कर दिया। अब मैं उसके बगल में लेटकर भी जोर से हिलाने लगा। उसकी एक टांग मेरे कंधे पर थी और दूसरी मेरी कमर में लिपटी हुई थी।

इस पोजीशन में मेरा लंड और भी गहराई तक घुस रहा था। वो तड़प-तड़पकर कराह रही थी। फिर मैंने उसे घोड़ी बनाकर सोफे के किनारे पर खड़ा कर दिया। उसकी कमर पकड़कर पीछे से जोर-जोर से ठोकने लगा।

उसकी गोल-गोल गांड मेरे पेट से टकरा रही थी और हर धक्के पर उसके बूब्स आगे-पीछे झूल रहे थे। वो भी मस्ती में तड़प रही थी। उसका बदन मेरे नीचे झूम रहा था और वो बार-बार चिल्ला रही थी कि बहुत मजा आ रहा है। और चोदो, और चोदो। कई दिनों से मैंने नहीं किया है।

उसकी चीखें और कराहें पूरे कमरे में गूंज रही थीं। करीबन 20 मिनट तक लगातार जोरदार धक्के लगाने के बाद मेरा पानी निकल गया।

मैं सोफे पर बैठ गया और वो मेरे बाजू में लेट गई।

थोड़ी देर बाद फिर वो मेरे लंड को पकड़कर चूसने लगी। उसके नरम और गर्म हाथ ने मेरे अभी भी नरम लंड को जकड़ लिया। उसने धीरे से उसे सहलाया और फिर अपने मुंह की ओर ले जाकर पूरी तरह मुंह में ले लिया।

उसके मुंह में लेते ही मेरा लंड फिर से टाइट होने लगा। उसके गर्म और नम मुंह की नमी मेरे लंड पर फैल रही थी। उसकी जीभ मेरे लंड के सिरे को चक्कर काट रही थी और वो जोर जोर से चूसने लगी।

तब मैंने कहा कि मुझे आपकी गांड मारनी है। मैं आपकी गांड का दीवाना हूं।

तो उसने कहा कि मैं गांड नहीं मरवाऊंगी क्योंकि मैंने आज तक गांड नहीं मरवाई है। और तुम्हारा तो लंड भी बहुत बड़ा है। मेरी गांड फट जाएगी और मैं फिर ठीक से बैठ भी नहीं पाऊंगी।

तो मैंने कहा कि कुछ नहीं होता। मैं आपको धीरे धीरे चोदूंगा। थोड़ी देर मना करने के बाद वो मान गई।

और मैंने पहले उसकी गांड पर थूक लगाकर अपनी उंगली अंदर बाहर करने लगा। मेरी उंगली उसके टाइट गांड के छेद को धीरे धीरे फैला रही थी। उसकी गांड की मांसपेशियां मेरी उंगली को कसकर दबा रही थीं।

फिर मैंने कहा कि थोड़ी क्रीम या तेल लेकर आओ। तो वो तेल लेकर आई।

तो मैंने थोड़ा उसकी गांड पर और थोड़ा अपने लंड पर लगाया। तेल की ठंडी और चिकनी महक पूरे कमरे में फैल गई। और उसको सोफे पर उल्टा करके गांड को अपनी साइड पर रखकर मेरा लंड टारगेट की ओर बढ़ा दिया।

और उसकी गांड के छेद में डालने लगा। मेरा लंड उसकी गांड में नहीं जा रहा था और उसको दर्द भी बहुत हो रहा था।

वो मना कर रही थी कि मुझे गांड नहीं मरवानी। तुम मेरी चूत मार लो। मेरी गांड नहीं। मुझे बहुत दर्द हो रहा है।

पर मैंने उसकी एक नहीं सुनी और एक जोरदार झटका दिया। जैसे ही मैंने झटका दिया कि मेरा पूरा लंड उसकी गांड में घुस गया।

और जैसे मेरा लंड घुसना था वैसे ही उसकी छोटी बहन का घर में घुसना था। और लंड घुसते ही भाभी ने जोरदार चीख मारी।

यह देखकर उसकी बहन की आंखें खुली की खुली रह गईं। और मैंने जानबूझकर उसकी बहन के सामने ही और जोर से झटका दिया।

और वो फिर चिल्लाई और अपनी बहन को देखकर घबरा गई।

इसके बाद मेरी स्टोरी अगली बार आपको बताऊंगा।

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Note : यहां पोस्ट की गई हर कहानी सिर्फ मनोरंजन के लिए है,कृपया वास्तव जीवन में कहानी में घटित कोई भी चित्र प्रयोग करना घातक हो सकता है और इसका जिम्मेदारी कहानी के लेखक या फिर कहानी प्रस्तुतकर्ता नहीं होंगे,तो कृपया इस सबको अपने निजी जिंदगी के साथ मत जोड़ें और अपने बुद्धि,विवेक के साथ काम लें।


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