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डिवोर्स्ड टीचर की प्यासी बुर

दोस्तों आज मैं आपको अपने कॉलेज लाइफ के एक बेहतरीन अनुभव की बात बताऊँगा। मैं उन्नीस साल का बीकॉम का स्टूडेंट था। पढ़ाई में टॉपर तो नहीं लेकिन अच्छा ग्रेड वाला छात्र था। बदमाशी और कमीनेपन में क्लास में नंबर वन जरूर था। चाहे मस्ती करने की बात हो, मारपीट करने की, कॉलेज बंक करके फिल्म देखने की बात हो या वो हर काम जो बिगड़े लड़के के लक्षण होते हैं वो सब मुझमें थी।

मैं नॉर्मली क्लास में पीछे की ही लाइन में बैठता था। फिर मैं फर्स्ट ईयर में पहुँचा तो हम कॉलेज में सीनियर हो गए थे। हमारा रोल और बढ़ गया। फिर हमारी पढ़ाई शुरू हुई। हम चार दोस्तों का ग्रुप था। मैं, प्रकाश, राज और संतोष। हम चारों लास्ट के दो टेबल में बैठते थे।

हमारी पढ़ाई शुरू हुई। पहले दिन, पहला पीरियड, पहली नई टीचर। हमें पता था कि हमें फर्स्ट ईयर में कोई भी पुरानी टीचर नहीं पढ़ाएगी। सारे नए टीचर ही रहेंगे। हमारे लिए वो और उनके लिए हम।

सो पहले पीरियड में क्लास टीचर जो हमें अकाउंट्स पढ़ाएँगे वो आ गए। सेकंड में एक, थर्ड में एक। इसी तरह छठा, जो स्टडी का लास्ट पीरियड था उसमें एक मस्त सेक्सी मैडम आई। हमारे सारे टीचर्स में सबसे यंग यही थी। जिन्हें क्लास के सारे लड़के मुँह आँख फाड़ के घूर रहे थे।

साली क्या मस्त माल थी। चौंतीस अट्ठाईस छत्तीस फिगर होगा। टाइट पहनी हुई हरी साड़ी में धासू आइटम लग रही थी। डीप गला और स्लीवलेस ब्लाउज उसकी जवानी को बिंदास दिखा रहा था। गोरा रंग, हँसमुख चेहरा, गहरी नशीली आँखें, रसीले गुलाबी होंठ। उस पर उसने अपने बालों की एक लट को चेहरे पर लटकाया था जो उसकी खूबसूरती पर चार चाँद लगा रहा था और उसकी सेक्स अपील वाले हावभाव को और बढ़ा रहा था।

फिर चालू हुआ इंट्रो का राउंड। उसने गर्ल्स की तरफ से एक एक करके नाम, एड्रेस, फैमिली डिटेल और ऑक्यूपेशन, लास्ट ईयर का रिजल्ट जैसी फॉर्मल बातें पूछनी शुरू की। और इससे पहले उसने अपनी डिटेल दी। उनका नाम चंदनी सक्सेना, निक नेम स्वीटी और एड्रेस, एजुकेशन जैसी फॉर्मल बातें बताई।

फिर हमने अपना इंट्रो चालू किया। वैसे आप तो जानते ही हैं कि लड़कियों को सवाल जवाब की कितनी खुजली होती है। वैसे ही हमारी क्लास की हर लड़की ने अपना इंट्रो देने के बाद मैम से कोई न कोई एक सवाल जरूर पूछ रही थी उनके बारे में। जैसे उनकी एज, फैमिली, हॉबीज जिससे हमें भी पता चलते जा रहा था उनके बारे में। जैसे उनकी उम्र चौबीस थी।

तभी अगली लड़की ने उनसे पूछा मैम आर यू मैरिड ऑर सिंगल। तो मैम ने दो मिनट शांत रहकर बोली कि आई एम डिवोर्स्ड। लड़की सॉरी बोलके बैठ गई। तो अगली लड़की ने पूछा कि मैम आपके बच्चे हैं। इस पर मैम ने कहा कि नहीं। और रिक्वेस्ट की कि इस मैटर पर और कोई सवाल नहीं करना। और उनकी हल्की आँख भर आई थी। लेकिन फिर वो पाँच मिनट में खुद को रिलैक्स करके वापस फ्रीली बात करने लगी और माहौल फिर खुशनुमा हो गया।

फिर बेल बज गई और कॉलेज क्लोज हो गया। हम कुछ दोस्त कॉलेज छूटने के बाद बाहर कुछ देर रुकते थे। और हम वहाँ बात कर रहे थे कि जैसे हर साल हम अपने टीचर्स के खुद कोई फनी नेम्स रखते हैं इस साल भी रखेंगे। अगले दिन सभी को हर सर, मैम के लिए नेम्स सोचना था। मैं तो सिर्फ स्वीटी मैम का ही सोच रहा था। साथ में इंग्लिश की बुक भी देख रहा था। उसमें एक लेसन का नाम था मिल्कमेड वुमन। ये पढ़ते ही मुझे स्वीटी मैम के बूब्स याद आ गए। क्या बेहतरीन गदराए हुए थे। मुझे उनके लिए नाम सुझा दूधवाली मैडम। जिसे अगले दिन सभी ने मान लिया।

इसी तरह हमने इकोनॉमिक्स वाली मैम जिनका नाम था वर्षा चंदोलकर उनका नाम रखा चड्डी खोलकर मैम।

फिर अगले दिन हमारी स्टडीज स्टार्ट हुई। पूरा दिन कटने के बाद लास्ट में दूधवाली को देखना था। वो आई और पढ़ाने लगी। पर मेरी नजर बुक पर ना होकर उनके चेहरे और नायाब हुस्न पर थी। हमारे कॉलेज में टीचर का ड्रेस फिक्स था। मैम के लिए साड़ी। ग्रीन कलर में। लेकिन दूधवाली मैम ने बाकी मैम से थोड़ा अलग तरीके से साड़ी पहनती थी। उनके ब्लाउज एकदम टाइट रहते थे और नॉर्मल से थोड़ा ज्यादा डीप गले के। जिससे उनके दूध का ऊपरी हिस्सा और दोनों दूधों के बीच की लाइन साफ दिखती थी। और ब्लाउज टाइट था तो उनके दूध ब्लाउज के ऊपर भी थोड़ा फूल कर दिखता था। जिससे वो एकदम चोदू माल लगती थी।

शायद ही कॉलेज का कोई ऐसा सर या सीनियर स्टूडेंट हो जिसने दूधवाली के इस कातिल हुस्न को देखके चोदने का ना सोचा हो या उसका लंड ना खड़ा हुआ हो। पूरे पीरियड में मैं उनको ही घूरता रहा। जब वो बोर्ड में कुछ लिखती तो उनकी गुदाज गाँड। सामने खड़ी होती तो उनका चिकना सपाट पेट। लचीली कमर को देखता और छूने का सोचता। जिससे मेरा लंड पैंट में ही पूरा खड़ा हो गया था। जिसे मैं अपने लेफ्ट हैंड से हल्का हल्का सहला रहा था।

इसी बीच बेल बज गई। और मैम अपने चेयर में बैठकर कुछ करने लगी। सारे लड़के लड़कियाँ जाने लगे। मेरे फ्रेंड ने चलने कहा तो मैं पाँच मिनट में आ रहा हूँ बोला उसको। अब उसको कैसे बताता कि मेरा लौंडा पूरा खड़ा है। जिससे पैंट में तंबू बन गया है। खड़ा हुआ तो साफ दिखेगा। और सामने मैम बैठी है जिनके सामने से होकर ही बाहर जाना है।

फिर मैं फालतू में अपनी एक कॉपी निकाल के उसमें कुछ लिखने लगा। फिर पाँच मिनट बाद मैम का काम निपटा तो उन्होंने मुझे कहा विक्की तुम गए नहीं। अब मैं क्या कहता उनको कि आपके कारण मेरा लंड खड़ा हो गया है जो वापस शांत नहीं हो रहा है। मैंने कहा हाँ मैम पाँच मिनट का काम है। तब मैम ने ओके कहा और अपने नोट्स उठाकर चली गई। उनको गाँड मटकाते हुए जाते देख मैं रिलैक्स हुआ। और अपने लंड के सुपाड़े को दबा के उसको शांत किया।

फिर पाँच मिनट में मैं बाहर स्टैंड से अपनी बाइक निकालने लगा तो मैंने देखा कि दूधवाली मैम भी अपनी एक्टिवा निकाल रही है। कॉलेज लगभग खाली हो चुका था। तब मैंने सोचा कि मैम का पीछा करके उनके घर का पता किया जाए। तो मैं उनसे कुछ दूर उनके पीछे पीछे चलने लगा। फिर करीब पंद्रह बीस मिनट में एक कॉलोनी में उनका घर था जो करीब चार किलोमीटर दूर था। मेरा घर तो और दूर था। रास्ता थोड़ा अलग था। पर फिर भी मैंने डिसाइड किया कि मैं मैम के घर के रास्ते से ही घूमकर आना जाना करूँगा।

फिर उस रात मैंने मैम के नाम पर पहली बार मुठ मारी। फिर अगले दिन सुबह शाम मैं उनके घर की तरफ से ही आता जाता था। और हमेशा उन्हें रास्ते में क्रॉस करता था और नजरें मिलाकर विश जरूर करता था। दो तीन हफ्ते तक यही चलता रहा। जिससे मुझे पता चला कि मैम अकेले रहती है। और थोड़ी बिंदास और फ्री माइंडेड टाइप की है। मीन्स साड़ी वो सिर्फ कॉलेज में पहनती है। बाकी समय जीन्स, ट्राउजर, स्कर्ट, टॉप जैसे फैशनएबल वियरिंग करती है।

मैं उनके करीब आने के किसी मौके के जुगाड़ में लगा था। फिर एक दिन वो कॉलेज ऑफ के बाद भी क्लास में अपना काम कर रही थी तो मैंने भी अपनी नोटबुक निकालकर बहाने से रुक गया। फिर उन्होंने काम निपटाने के बाद मुझसे कहा कि क्या कर रहे हो विक्की। मैंने बताया। तो उन्होंने कहा कि तुम्हारा घर कहाँ है। तुम रोज रिंग रोड से मेरी कॉलोनी से जाते हो ना। मैंने हाँ कहा। तो उसने कहा कि मैंने देखा है तुम्हें कई बार। मेरा घर भी तो रास्ते में ही है। तो मैंने कहा हाँ मैम मैंने भी आपका घर देखा है। इस पर वो बोली कि जब देखे हो तो आना चाहिए था ना। मैंने कहा ओके मैम अब आऊँगा। मेरी खुशी का तो ठिकाना ही नहीं था। उंगली चाही थी पूरा हाथ मिल गया।

फिर उस दिन हम साथ साथ आजू बाजू में चलते हुए गए। वो अपने घर के पहले एक शॉप में रुक गई तो मैं बाय कहके आगे निकल गया। फिर नेक्स्ट डे मेरी किस्मत का बेस्ट डे था। हुआ यूँ कि सुबह मैं उनके घर के थोड़ा पहले रुका ताकि उनके निकलने पर साथ साथ जाऊँ। फिर वो अपनी बाइक में निकली और जाने लगी। कुछ दूर जाने पर मैं उनके बगल में आने ही वाला था कि उनके सामने जा रही एक कार अचानक रुक गई। जिससे मैम खुद को संभाल नहीं पाई। और स्पीड के कारण उनकी एक्टिवा कार में टकरा गई। टक्कर कुछ ज्यादा जोर की हुई। जिससे मैम गिर गई। और उन्हें कुछ जगह चोट लगी। पर उनकी साड़ी बुरी तरह से खराब और खिंच गई। थोड़ी फट भी गई थी। पर गिरने के कारण उनकी साड़ी उनकी जाँघ तक ऊपर उठ गई थी जो सबकी नजरों के सामने थी।

मैं तुरंत बाइक रोक के उनके पास गया। वो दर्द, घबराहट और शरमा रही थी। पर मुझे देखते ही उन्होंने सुकून से मुझे देखा और मेरा हाथ पकड़ लिया। और उनकी नंगी जाँघों की साड़ी को नीचे करने को कहा बिकॉज वो बाइक के नीचे थी तो खुद नहीं कर पा रही थी। फिर कुछ लोगों ने उनकी बाइक उठाई। और मैंने उनकी पीठ को सहारा देकर उनको उठाया। उनकी गाड़ी बुरी तरह टूट फूट गई थी। जिसे कार वाले ने अपनी गलती मानते हुए बनवाने की जिम्मेदारी ली।

मैंने मैम को हॉस्पिटल चलने कहा तो वो चुपके मेरे हाथ के सहारे और कंधों पर टिक के खड़ी हुई थी। जिनके एक हाथ को मैं पकड़ा था और अपने दूसरे हाथ से उनकी कमर को थामा था। वही लचीली कमर जिसको देखकर मेरा लंड फुंकार मारने लगता था। क्या चिकना मुलायम बदन था उनका। हाँ ये। मैं सहारे के बहाने हल्के हल्के उनकी कमर को सहलाने लगा। वो लगभग मुझ पर टिकी थी। मेरे हॉस्पिटल चलने की बात पर उन्होंने कहा कि नहीं विक्की मुझे घर ले चलो। इस पर मैं एक ऑटो रोकने लगा तो उन्होंने कहा कि मैं तुम्हारे सहारे से तुम्हारी बाइक पर बैठ सकती हूँ। और धीरे चलते हुए घर पहुँच जाएँगे। मैंने ओके कहा।

फिर उनकी बाइक को एक सामने के गैरेज में रखवा कर मैं उन्हें अपनी बाइक में बिठाने लगा। वो बैठ तो गई पर उनकी कमर में लेफ्ट साइड में ज्यादा चोट लगी थी। तो वो पूरी तरह मुझसे टिक कर बैठ गई। जिससे उनके दूध पूरी तरह मेरी पीठ से चिपक कर दब गए। और मुझे उनका मजेदार अहसास मिल रहा था। उन्होंने अपना राइट हैंड मेरी थाईज पे रखा और लेफ्ट हैंड मेरे कंधे पर और पूरी तरह अपने बदन को मुझ पर लाद दी थी। मैं धीरे धीरे चलते हुए उसके बदन के रगड़ का मजा ले रहा था। जिससे मेरा लंड पूरा मस्ती में आ गया था।

फिर मैम का घर आया। मैं उन्हें पकड़ के अंदर लेके गया और उनके बेडरूम तक ले गया। बेड पर बिठाने के बाद मैंने मैम से पूछा कि कहाँ चोट लगी है दिखाओ। ज्यादा होगी तो मैं डॉक्टर को लेके आता हूँ। इस पर उन्होंने अपने हाथ पैर की ऊपरी चोट को दिखाया। पर कमर और चूतड़ को नहीं तो मैंने पूछा कि कमर में कहाँ पर। तो उन्होंने कहा कि नहीं वहाँ ज्यादा नहीं है। पर मैंने जिद की तो बोली कि मुझे शर्म आएगी ना। फिर भी मैंने कहा कि शर्म के चक्कर में ज्यादा तकलीफ बढ़ गई तो। इस पर उन्होंने कहा कि ठीक है पर पहले मैं अपने ये गंदे और फटे कपड़े तो बदल लूँ।

फिर मैंने उनके बताए अलमारी से उनके कपड़े निकालने लगा। उन्होंने गाउन कहा पर मैंने टॉप स्कर्ट निकाला। फिर मैंने नीचे देखा तो कुछ ब्रा पैंटी रखी थी उनकी। मैंने एक पेयर उठा के उनको दिखाते हुए कहा कि ये भी ला दूँ। वो देखकर शर्म से लाल हो गई। और बोली नहीं उसको नहीं। फिर मुझसे बोली कि तुम जरा बाहर जाओ। मैंने कहा कि खुद तो आप खड़ी भी नहीं हो पा रही हो। कपड़ा कैसे चेंज कर पाओगी। इस पर वो शर्म से मुस्कुरा कर बोली मैं नहीं तो क्या तुम बदलोगे मेरे कपड़े। तो मैंने भी उसी की तरह मुस्कुरा कर कहा कि हाँ मैं बदल दूँगा। इस पर वो धात्त कहते हुए मुझे जाने को बोली। मैं हँसते हुए बाहर रूम में आ गया। लेकिन दरवाजा क्लोज नहीं किया। ताकि पर्दे के सहारे मैं उसको कपड़ा बदलते देख सकूँ। बिकॉज उसे टच करके और उससे फ्रीली थोड़ा मजेदार बात करके मुझे लग गया था कि अगर थोड़ा कोशिश करूँ तो मैम की बुर को चोदने का मौका पा सकता हूँ। यही सोचते मेरा लंड पूरा पैंट में तंबू बना कर खड़ा हो गया था।

मैं पर्दे के ओट से अंदर झाँकने लगा। दूसरे हाथ से अपने लंड को सहलाने लगा। मैम ने अपनी साड़ी हटा कर ब्लाउज खोला तो मुझे उनकी व्हाइट ब्रा में कैद दूध दिखे। हाय। क्या बड़े बड़े गोरे चुचियाँ थीं। देखते ही मुँह और लंड दोनों में पानी आ गया। लंड साये साये करने लगा। फिर मैम ने ऊपर टॉप पहन ली। और बेड के सहारे से मुश्किल से खड़ी होकर अपनी साड़ी उतारी। और पेटिकोट भी नीचे गिरा दी। और वो पैंटी में आ गई। हल्के ब्लू कलर की प्रिंटेड पैंटी में मैम एकदम सेक्सी लग रही थी। उनकी गदराई और चिकनी जाँघें पूरी तरह नंगी होकर अपना जलवा दिखा रही थीं। मेरे बदन में करंट सा दौड़ने लगा। मन किया जाऊँ और मैम की गोरी जाँघों को चूम लूँ। उन्हें अपनी जीभ से चाटने लगूँ। पर।

उसके बाद उन्होंने अपना स्कर्ट को उठाया और अपने एक पैर को उठा के उसको पहनने की कोशिश की। पर वो दोनों हाथ का इस्तेमाल नहीं कर सकती थी। बेड को जो पकड़ी थी सहारे के लिए। पर ऐसे में उनसे स्कर्ट पहनते नहीं बन रहा था। तो उन्होंने बेड को छोड़ के दूसरा हाथ जैसे ही हटाया वो हड़बड़ा के गिर गई। और जोर से चीखी। उई माँ। मैं खुश होकर तुरंत अंदर गया। और बोला क्या हुआ। वो जमीन में पड़ी थी। स्कर्ट उसके पैर के पंजे पर फँसा था। और पूरी नंगी टाँग मेरे सामने थी। मैंने उसे देख हँसते हुए कहा और अपनी मनमानी करो। अब आया मजा। इस पर वो बोली एक तो मैं गिर गई और तुम हँस रहे हो।

फिर मैं उसे उठाने पास गया तो उसने कहा कि पहले मुझे एक चादर तो दो। मुझे शर्म आ रही है। इस पर मैंने कहा कि अब तो मैंने देख लिया है। तब कहे कि शर्म। पहले ऊपर लेटो फिर मैं सब कर दूँगा। और मैंने उसको गोद में उठा के बेड पर लिटाया। इस पर मेरे हाथ उसकी जाँघ पर थे। मस्त मुलायम सेक्सी जाँघें। मैं थोड़ा ज्यादा जोर से उसको बेड पर लिटाया और अपने हाथ को उसकी जाँघ पर रगड़ते हुए निकाला। फिर उसने कहा कि चादर तो दे दो।

तो मैंने कहा कि अब जब मैं आपको इस सेक्सी पैंटी में इस हॉट पोस में देख ही चुका हूँ तो चलिए पहले अपनी चोट तो दिखा दीजिए। ताकि उसका ट्रीटमेंट कर सकूँ। वो ना ना करती रही। और मैंने उसे करवट में कर के उसकी कमर पर देखने लगा। और अपने हाथ से दबा के पूछा यहाँ। उसने हाँ कहा। मैंने अपने हाथ को उसकी पैंटी के ऊपर से ही उसकी गाँड पर रख जोर से दबाया और पूछा यहाँ भी। वो चीख उठी बोली धीरे विक्की। मैंने कहा कि यहाँ ज्यादा चोट लगी है शायद। और मैं उसकी पैंटी को थोड़ा नीचे करने लगा तो उसने अपनी पैंटी को पकड़ा पर कुछ बोली नहीं। इस पर मैंने उसके हाथ को अपने हाथ से प्यार से सहलाते हुए उठा के चूम लिया।

तो उसने मेरे हाथ को जोर से पकड़ लिया। फिर मैंने उसकी पैंटी को जरा सा नीचे करके उसकी गाँड को प्यार से सहलाया। वो सिसक उठी। उसकी सिसकारी से मुझे हिम्मत मिली और मैंने झुक कर उसकी कमर में अपने होंठ रख दिए। वो आाह्ह कहते हुए मेरी बाँहों को पकड़ के अपने ऊपर खींच ली और जोर से मुझे जकड़ ली। और बोली तुम बहुत बदमाश हो। इलाज का बहाना करके मुझे ही बहका दिया तुमने। कब से यहाँ वहाँ छू कर सहला कर मेरे तन बदन में आग लगा रहे हो।

मैं उसके गले को चूमते हुए बोला मैम आप हो ही नशीली कि कोई भी पागल होकर बहकने को तैयार हो जाएगा। और आपके इस हसीन हुस्न को रगड़ने का मौका कौन बेवकूफ जाने देगा। और फिर मैंने अपने होंठ उनके रसीले होंठ पर लगा दिए। और चूमने लगा। वो भी इस कदर मेरे होंठों को चूस रही थी कि जैसे खा जाएगी। फिर मैं धीरे धीरे नीचे आने लगा। उसके गले को। फिर टॉप के ऊपर से ही उसके चुचों को अपने हाथ से दबाने और होंठ से मिनजाने लगा। वो मेरे बालों को सहलाती तो कभी सर को अपने दूध पर दबाती। वो लगातार आाह्ह ओ ओ ह ह जैसी सिसकारियाँ ले रही थी। जिससे हमारा मजा बढ़ते जा रहा था।

फिर मैंने उसके टॉप को ऊपर उठाया और उसके पेट को चूमते चाटने लगा। वो सिहर गई। ओई नहीं। फिर मैंने उसके टॉप को उतार फेंका। अब वो मेरे सामने सिर्फ ब्रा पैंटी में बेड पर लेटी थी। मैं उठ कर उसके नायाब हुस्न को देखने लगा। तो वो एकदम शर्मा गई और उठ के मुझसे लिपट गई। और फिर मेरे शर्ट को उतारते बोली मुझे नंगी करके तुम कपड़ों में कैसे रह सकते हो। और फिर मैंने खुद अपने कपड़े उतार के नंगा हो गया।

मेरा लौंडा पूरी तरह सलामी दे रहा था। उसने शर्म से आँख बंद कर ली तो मैंने उसके हाथ को पकड़ के अपने लंड पर रख दिया। वो लंड को सहलाने लगी। फिर मैं उस पर झुक गया और उसकी ब्रा की पट्टी को अपने दाँत से पकड़ के ऊपर खींच दी। जिससे बिना ब्रा खोले ही उसके रसदार बूब्स मेरे सामने हिचकोले खाने लगे। मैंने उन पर झपट्टा मारते हुए एक को अपने मुँह में भर लिया और दूसरे को अपने हाथ में धार लिया। वो हाथ से मेरे सर को जोर से दबाती बोली चूसो विक्की। और जोर से चूसो ओ ओ। पूरा निचोड़ लो इनके दूध को। हाय कितना मजा आ आ रहा है। मैं तेजी से उसके चुचों की ब्राउन घंटी को चूसे जा रहा था। उसकी सिहरन के साथ मेरी चूसने दबाने की तेजी भी बढ़ते जा रही थी।

फिर मैं और नीचे जाने लगा। और उसकी कोमल गदराई जाँघों को सहलाते हुए चाटने लगा। वो मस्ती में अपने बदन को ऐंठने लगी। फिर मैंने उसकी चूत को पैंटी के ऊपर से ही सहलाया। और फिर अपने होंठ को उसकी पैंटी पर रख दिया। उसकी चूत की खुशबू ने मेरा जोश और बढ़ा दिया। उसकी पैंटी गीली हो गई थी। मैंने अपने होंठ से उसकी पूरी बुर को जकड़ लिया। वो जोर से चीखती अपनी गाँड को उछालती ओ ओ ओ आाह्ह माँ। खा जाओ विक्की मेरी चूत को ओ ओ। और चाटो ओ ओ। पागल कर दो ओ ओ। फिर मैंने उसकी पैंटी को भी उतार दी। उसकी छोटे छोटे से बाल वाली पुदी मेरे सामने खुल गई। जिसे देखते ही मैं पगला उठा। और उसकी बुर को अपने मुँह में भर लिया। और अपनी जीभ से उसे खोदने लगा। मैम की हालत खराब हो गई। उन्होंने अपने दोनों हाथ और पैरों से मेरे सर को दबाया। और चीख उठी मजे में। ओह्ह विक्की वाई वाई। चोदो ओ ओ मुझे। अब सहा नहीं जाता। पेल दो अपना लंड मेरी प्यासी बुर में। प्लीज विक्की।

अब तो मेरा रुकना भी नामुमकिन था। इसलिए मैं उसकी बुर को छोड़ उसके ऊपर आ गया। और उसे किस करके उसके दोनों पैरों को अपने कंधे पे रख के अपने लंड को उसकी चूत पर रखा। और अपने सुपाड़े को उसकी पुदी पर रगड़ा। वो छटपटा रही थी। और अपनी गाँड को उछाल कर लंड अंदर लेने की कोशिश कर रही थी।

फिर मैंने अपने लंड को उसकी बुर के छेद पर रखा। और एक करारा धक्का मारा। जिससे मेरा लंड का सुपाड़ा मेरी दूधवाली मैडम की बुर में धँस गया। और वो आाह्ह की आवाज के साथ अपने बदन को अकड़ने लगी। उसकी चूत थोड़ी टाइट थी। सील पैक तो नहीं थी पर भोसड़ा भी नहीं बनी थी। जिससे मेरा सुपाड़ा बिल्कुल फँस गया था। मैंने एक और करारा झटका दिया तो वो चीखते बोली धीरे विक्की। धीरे से डालो ओ ओ। दर्द हो रहा है। पर मैं उसकी बात को अनसुना करके अपने लंड को एक और जोरदार धक्का देके मैम की चूत की जड़ तक घुसेड़ दिया। लंड का सुपाड़ा सीधे मैम के बच्चेदानी से टकराया। तो दोनों के मुँह से एक साथ आाह निकला। फिर मैंने अपने लंड को बाहर खींच और पूरा का पूरा जोर से घुसेड़ दिया। वो भी अब मजा लेने लगी थी। फिर मैं उसे चोदने लगा।

अभी पाँच मिनट ही हुआ था कि वो झरने लगी। पर मैं उसको चोदे जा रहा था। तेज और तेज। वो भी नीचे से अपनी गाँड उछाल उछाल कर लंड को ज्यादा से ज्यादा अंदर खाना चाह रही थी। मैंने उसके दोनों चुचों को पकड़ा और धड़ाधड़ उसकी चूत में पेलने लगा। और फिर कोई दस मिनट बाद मैं झरने वाला था तो मैंने मैम से पूछा कि मैं अपने लंड को अंदर ही झार दूँ क्या। तो उसने कहा कि नहीं। तुम अपने लंड का रस मेरे मुँह में गिराओ। मैं दो साल से प्यासी हूँ इसको पीने के लिए।

फिर मैंने अपना लंड उसकी बुर से निकाल के उसके मुँह में डाल के चोदने लगा। और आठ दस धक्कों में ही मैं उसके मुँह में झरने लगा। वो मेरे लंड के रस को पीने लगी पर कुछ उसके होंठ के साइड से बाहर गाल पर बहने लगा। फिर मैं शांत हो गया। और वो भी एक बार और झर गई थी। हम वहीं पड़े रहे। उसके बाद उस दिन मैंने उसको दो बार और चोदा। फिर तो हमें जब भी मौका मिलता हम भिड़ जाते अपने चुदाई कार्यक्रम में। अपनी प्यास बुझाने। करीब साल भर हमारे बीच चुदाई का रिश्ता रहा।

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⚠️ महत्वपूर्ण अस्वीकरण

ये सभी कहानियाँ केवल काल्पनिक हैं।
इनका वास्तविक जीवन से कोई संबंध नहीं है।

सेक्स हमेशा सहमति पर आधारित होना चाहिए।
बिना सहमति के कोई भी कार्य गलत और दंडनीय है।

इन कहानियों से प्रेरित न हों।
बस पढ़ें, आनंद लें और भूल जाएं।