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मेम ने खुद लंड पकड़कर कहा सेक्स करो

Teacher mem ki chudai sex story: यह कहानी मेरी और मेरी स्कूल टीचर की है जो मेरे से नाजायज संबंध रखती है।

मेरी टीचर से सेटिंग कुछ इस तरह से हुई कि मैं बारहवीं में था और बोर्ड के पेपर की तैयारी कर रहा था। उन दिनों मेरी पढ़ाई का दबाव काफी ज्यादा था लेकिन उनकी यादें मुझे हमेशा एक अनोखी ऊर्जा देती थीं। उनकी क्लास में बैठते ही मेरा ध्यान उनकी नम्र मुस्कान पर केंद्रित हो जाता था। उनकी चमकदार आंखें और कोमल आवाज़ मुझे पूरी तरह आकर्षित कर लेती थी।

मेरी बायोलॉजी की टीचर से मेरी काफी अच्छी बनती थी। क्लास के दौरान उनकी पढ़ाने की शैली इतनी आकर्षक होती कि मैं घंटों बिना थके उन्हें सुनता रहता। उनकी बातों में एक गर्मजोशी थी जो मुझे घर जैसा महसूस कराती। तो मैंने उनसे घर पर आकर पढ़ने को कहा। मुझे लगा कि उनके साथ व्यक्तिगत रूप से पढ़ाई करने से मेरी तैयारी और बेहतर हो जाएगी।

मैं शाम के वक्त उनके पास जाकर पढ़ता। उनके घर का माहौल शांत और आरामदायक होता था जहां हल्की सी खुशबू हमेशा तैरती रहती थी। उनके साथ बिताया हर पल मेरे लिए खास हो गया था।

उनका पति अमेरिका में जॉब करता था और उनकी एक पांच साल की बेटी थी। घर में ज्यादातर समय वे अकेली ही होती थीं जिससे हमारी बातचीत और भी खुलकर होती थी।

संडे का दिन था।

उन्हें मार्केट जाना था तो उन्होंने मुझे कॉल करके चलने को पूछा। उनकी मीठी और भरोसे भरी आवाज़ सुनकर मेरा दिल खुशी से भर गया।

तो मैं कैसे मना करता आखिर उनसे अब एक घर जैसा रिश्ता हो गया था।

मैंने हां कर दी।

मैं उनको बाइक पर ले गया और शॉपिंग कराई। बाइक की सवारी के दौरान उनकी नरम उंगलियां मेरी कमर पर टिकी रहती थीं और उनकी सांसों की हल्की गर्मी मेरी पीठ को छूती महसूस होती थी। बाजार की चहल-पहल और दुकानों की रंगबिरंगी रोशनी के बीच उनका साथ रोमांच से भरा था।

फिर वो एक कपड़े की शॉप पर गईं और जहां अंडरगारमेंट की शॉप थी।

मुझे अंदर जाना ठीक नहीं लगा क्योंकि सबके घुसबंद ही अंदर जा रहे थे। मैं थोड़ा असहज और शर्मीला महसूस कर रहा था।

वो मुझे अपने साथ अंदर ले गईं और कहती कि तुम इतना क्यों शर्मा रहे हो। उनकी आंखों में हल्की शरारत झलक रही थी और उनकी मुस्कान मेरे चेहरे को लाल कर रही थी।

मैं कुछ न बोला और बाहर आ गया।

जब वो सब खरीद के बाहर आईं तो जब हम वापस जाने लगे तो मुझसे पूछती कि तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है क्या।

मैंने कहा नहीं अभी तो कोई बनी नहीं। मेरे शब्दों के साथ मेरे गालों पर हल्की लालिमा छा गई थी।

तो वो बोलीं ऐसे शर्मा ओगे तो कहां से बनेगी। उनकी इस हल्की सी टिप्पणी से मेरी सांसें तेज़ हो गईं।

फिर जब हम घर पहुंचे तो उन्होंने मुझे कहा कि लंच करके जाना।

तो मैं वहीं सोफे पर बैठा और टीवी देखने लगा। घर में सन्नाटा छाया हुआ था और टीवी की हल्की आवाज़ कमरे में गूंज रही थी।

वो बाथरूम में जाकर फ्रेश होने चली गईं।

थोड़ी देर बाद जब बाथरूम से मुझे गिरने की तेज़ आवाज़ आई मैं दौड़कर जाकर देखा तो मैडम नीचे गिरी हुई थीं और उन्होंने बस पैंटी पहनी हुई थी।

ब्रा शायद उन्होंने निकाल दी थी।

मैंने उनको शरमाते हुए उठाया और लाकर बेड पर सुला दिया।

उनको होश नहीं था।

मैंने पानी उनके मुंह पर डाला तो उन्हें होश आया और वो अपने आप को बेडरूम में पाकर हैरान हो गईं और बोलीं मैं यहां कैसे आई।

उनकी पलकें धीरे-धीरे फड़फड़ाईं। ठंडे पानी की बूंदें उनके गुलाबी होंठों पर चमक रही थीं और उनकी गरम सांसों से हल्की भाप उठ रही थी। उन्होंने चारों तरफ नजर घुमाई तो बेडरूम का माहौल देखकर उनके चेहरे पर हैरानी के भाव उभर आए। उनकी भौंहें सिकुड़ गईं। उनकी सांसें थोड़ी तेज़ हो गई थीं और होंठ हल्के से कांप रहे थे।

तो मैंने उनको बताया कि आप बाथरूम में गिर गई थीं तो मैं आपको उठाकर लाया।

मैंने उनके नंगे बदन के ऊपर चादर डाली हुई थी।

जब उनको इस बात का एहसास हुआ कि वो नंगी हैं तो शर्मा के मुंह नीचे कर लीं और बोलीं सुमित किसी से मत बताना।

उनके गालों पर गहरी लालिमा छा गई। वे अपनी छाती पर हाथ रखकर चादर को और भी कसकर पकड़ लेती हैं। उनकी नजरें नीचे झुकी हुई थीं और आवाज़ में शर्म के साथ थोड़ी कांपन थी।

मैंने उन्हें भरोसा दिलाया कि यह बात हमारे बीच में रहेगी।

मेरी आवाज़ पूरी तरह ईमानदार और नरम थी। मैंने उनकी आंखों में सीधे देखकर कहा कि आप बिल्कुल चिंता न करें। यह हमारा निजी राज़ रहेगा।

उनके कमर में चोट लग गई थी तो मैंने उनकी फ्रेंड को बुलाया जो डॉक्टर है।

उन्होंने उनको क्रीम से मालिश करने को कहा और चली गईं।

मैडम खुद से तो कर नहीं सकती थीं तो मैंने कहा अगर आप कहो तो मैं लगा दूं।

वो मान गईं और उलटकर लेट गईं।

बस उन्होंने पैंटी ही डाली हुई थी।

मैंने क्रीम निकालकर हाथों में लिया और उनकी चिकनी कमर में लगा।

क्या कोमल बदन था उनकी। उनकी त्वचा इतनी नरम और मुलायम थी कि मेरे हाथ आसानी से फिसल रहे थे। बत्तीस के चुचे बेड पर दबे हुए थे और उनकी अट्ठाईस इंच की पतली कमर मेरे हाथों के नीचे हल्के से कांप रही थी। उनकी बत्तीस इंच की गोल-गोल मोटी गांड पैंटी में साफ़ उभरकर दिख रही थी।

मेरे मालिश करने से वो जोश में आ गईं।

उनके बदन मचलने लगा।

मैंने भी उनकी गांड और कमर पर अपने हाथ फेरता और अच्छे से मसाज करता।

मेरे मजबूत उंगलियां उनकी नरम कमर की मांसपेशियों को गहराई से दबा रही थीं। मैं धीरे-धीरे उनकी कमर से नीचे उनकी गोल और मांसल गांड तक हाथ घुमा रहा था। मेरी हथेलियां उनकी गांड की नरम चमड़ी पर दबाव डाल रही थीं।

वो पूरे सेक्स के मूड में आ गईं।

इतनी उनकी गीली पैंटी सब बता रही थी।

एक कामुक खुशबू आ रही थी उनके बदन से।

उनकी सांसें अब भारी और अनियमित हो चुकी थीं। उनके होंठों से हल्की-हल्की कराह निकल रही थी। उनकी पैंटी पूरी तरह भीग चुकी थी और उसकी नमी मेरी उंगलियों तक महसूस हो रही थी।

उन्होंने मेरा लंड पकड़ लिया और मुझे कहने लगीं सुमित एक काम करोगे आज मेरे साथ सेक्स करना चाहोगे।

उनकी उंगलियां मेरी पैंट के ऊपर से मेरे खड़े और कठोर लंड को कसकर जकड़ रही थीं। उनकी आंखों में शर्म के साथ तीव्र कामुकता चमक रही थी।

मैंने तो झट से उन्हें पकड़कर किस करने लगा।

मेरा तो पहले से उनको नंगा देख चोदने का हो रहा था।

मैं उन्हें किस करने लगा हग करके उनके चुचों को चूसने लगा।

मेरे होंठ उनके गर्म और नरम होंठों से चिपक गए। मेरी जीभ उनके मुंह के अंदर घुसकर उनकी जीभ से उलझ गई। मेरे हाथ उनकी पीठ पर घूमते हुए उनके बड़े-बड़े 32 साइज के चुचों को मजबूती से दबा रहे थे। मैंने एक चुचे को मुंह में लेकर जोर-जोर से चूसना शुरू कर दिया। उनकी निप्पल मेरी जीभ पर सख्त होकर खड़ी हो गई।

फिर वो मुझे लिटाकर मेरे ऊपर आकर मेरे पैंट की जिप खोली और मेरे खड़े लंड को देख जैसे पागल ही हो गईं।

वो उसे इस कदर चूसने लगीं जैसे मानो उनको जान मिल गई हो।

यह सब मेरे साथ पहली बार हो रहा था।

मैं पहले किसी लड़की को नहीं चोदा था पर ब्लू फिल्में काफी ज्यादा देख रखी थीं तो थोड़ा बहुत पता था कैसे करते हैं।

पर मैडम ने मुझे अच्छे से कर रही थीं तो मुझे काफी ज्यादा मजा आ रहा था। उनकी गर्म और नरम जीभ मेरे लंड के सिरे पर बार-बार घूम रही थी। वे उसे गहरे मुंह में ले जा रही थीं और फिर धीरे-धीरे बाहर निकाल रही थीं। उनकी लार मेरे पूरे लंड को चिकना बना रही थी। हर बार जब वे उसे चूसती तो एक तीव्र सिहरन मेरी रीढ़ में दौड़ जाती।

एक बार तो मैं उनके मुंह में ही झड़ गया।

मेरा लंड उनके मुंह के अंदर फड़कने लगा। गर्म-गर्म वीर्य की पहली धार उनके गले में सीधे जा लगी। मैंने जोर से कराहते हुए उनकी सिर को दोनों हाथों से पकड़ लिया। वे बिना रुके उसे चूसती रहीं और सारा वीर्य निगलती चली गईं। उनके होंठ मेरे लंड के चारों ओर कसकर बंद थे। उनकी आंखें बंद थीं और चेहरे पर पूरी संतुष्टि थी।

और फिर मैं उनकी चूत चाटने लगा।

मैंने उन्हें बेड पर लिटाया और उनकी टांगों के बीच घुटनों के बल बैठ गया। उनकी चूत पूरी तरह भीगी हुई थी और उसकी मीठी कामुक खुशबू मेरे नथुनों में भर रही थी। मैंने अपनी जीभ को उनकी कोमल और गुलाबी पत्तियों पर फेरा।

उनकी चूत काफी कोमल और चिकनी थी।

मेरी जीभ उनकी चूत के ऊपरी हिस्से पर रुकी जहां छोटी-सी गांठ सख्त होकर उभरी हुई थी। मैंने उसे धीरे-धीरे चूसना शुरू किया। मैडम की कमर उठने लगी। वे जोर-जोर से कराह रही थीं और अपनी उंगलियों से मेरे बाल पकड़ रही थीं।

चाटने में मैडम ने मेरे लंड को दोबारा चूस चूसकर खड़ा कर दिया।

वे मेरे मुंह से अपनी चूत हटाकर नीचे झुकीं और मेरे अभी भी थोड़े नरम लंड को मुंह में ले लिया। उनकी जीभ ने उसे चारों तरफ से लपेट लिया। वे तेजी से ऊपर-नीचे कर रही थीं। कुछ ही पलों में मेरा लंड फिर से पूरा खड़ा और पत्थर की तरह सख्त हो गया।

और फिर वो मेरे ऊपर आकर मेरे लंड को लेकर अपनी चूत में डाली और ऊपर नीचे होने लगीं।

उन्होंने मेरे लंड का सिरा अपनी चूत की दरार पर रखा और धीरे से नीचे बैठ गईं। मेरा मोटा लंड उनकी गीली और गर्म चूत में पूरा का पूरा चला गया। वे मेरे ऊपर सवार होकर धीमी गति से ऊपर-नीचे होने लगीं।

मेरा लंड उनकी गर्म गर्म चूत में बड़े आराम से जा रहा था।

हर बार जब वे नीचे बैठतीं तो मेरे लंड की पूरी लंबाई उनकी चूत के अंदर चली जाती। उनकी चूत की दीवारें मेरे लंड को कसकर जकड़ लेतीं।

मुझे काफी ज्यादा मजा आ रहा था।

वो पूरे जोश में ऊपर नीचे हो रही थीं। उनकी बड़ी-बड़ी 32 साइज की छातियां जोर-जोर से उछल रही थीं। उनकी सांसें फूल चुकी थीं और मुंह से लगातार कराह निकल रही थी।

मैं भी उनकी गांड में हाथ लगाकर उन्हें सपोर्ट दे रहा था।

मेरी हथेलियां उनकी मोटी और गोल गांड को मजबूती से पकड़े हुए थीं। मैं उन्हें ऊपर-नीचे करने में मदद कर रहा था।

फिर मैंने उनको बेड पर लिटा दिया और उनकी टांगें खोलकर उनकी चूत में लंड पेलने लगा।

मैंने उनकी टांगों को अपने कंधों पर रख लिया और झुककर गहराई से धक्के मारने लगा। हर धक्के के साथ उनका पूरा बदन हिल रहा था।

उनकी चूत गरम गरम पानी छोड़ रही थी।

करीब बीस मिनट लगातार चोदने के बाद मैं फिर से झड़ गया और उनके ऊपर ही लेट गया।

फिर उस रात मैं उनके घर पर ही रुका और मैंने उनकी जोरदार चुदाई की।

अब मैं उन्हें आए दिन चोदते रहता हूं।

अगली कहानी में बताऊंगा कैसे मैंने उनकी गांड को चोदा।

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Note : यहां पोस्ट की गई हर कहानी सिर्फ मनोरंजन के लिए है,कृपया वास्तव जीवन में कहानी में घटित कोई भी चित्र प्रयोग करना घातक हो सकता है और इसका जिम्मेदारी कहानी के लेखक या फिर कहानी प्रस्तुतकर्ता नहीं होंगे,तो कृपया इस सबको अपने निजी जिंदगी के साथ मत जोड़ें और अपने बुद्धि,विवेक के साथ काम लें।


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