जब मैं Xxx Bhabhi Ki Chudai Story पढ़ता हूँ, तो मैं विद्यार्थी जीवन से ही बड़ी उम्र की औरतों को आकर्षक लगता हूँ। मुझे मेरी कॉलोनी की पचास वर्षीय भाभी की चूत कैसे मिली?
मैं अक्की आनंद, जयपुर से हूँ। मैं ४० वर्ष का गंभीर प्रवृत्ति वाला और समझदार आदमी हूँ।
यह शुरू से ही मेरी इच्छा है कि मुझे विद्यार्थी जीवन से ही बड़ी उम्र की महिलाएं काफी आकर्षक लगती हैं। और मैं 50 से 60 साल की औरतों से तुरंत आकर्षित हूँ। ये कह सकते हैं कि मैं सिर्फ उनको देखकर अपनी पैंट में हलचल महसूस करता हूँ और पत्नी के सोने के बाद अपने लंड को उनकी चूत में घुसते हुए महसूस करता हूँ। मैं हर समय ऐसी महिला को चोदने का अवसर खोजता हूँ। मैंने वर्षों तक ऐसे समय की प्रतीक्षा की।
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पिछले वर्ष Xxx Bhabhi Ki Chudai Story की घटना है। अनीता जी, मेरी कॉलोनी में रहती हैं। उनकी उम्र लगभग पच्चीस वर्ष होगी। अनीता जी मेरी सबसे बड़ी कमजोरी बन गईं। एक भरा बदन और गोरा रंग। अनीता जी भी पूरे 36 साइज के बोबे थे। उनके नाम से मैंने कई बार रोया है।
एक दिन मैं फोन पर अपनी पत्नी से बात कर रहा था। उस समय वह अपने पीहर गया था।
बाहर गेट पर फोन पर बात करते हुए मैं बीवी को फोन करते हुए कहा, “जल्दी आ जा यार, मुझे अब जमकर तुम्हारी चूत चूसने का मन है।” तुम्हारी गांड में लौड़ा घुसाना है।
मैं नहीं जानता कि अनीता जी कब वहां पहुंचीं और मेरी सारी बातें सुनीं। वह मेरे सामने खड़ी थीं जब मैं जाग गया।
अब मेरी हिंदी भाभी की सेक्स कहानी कुछ इस तरह से शुरू हुई।
अनीता: आनंद जी, आज आप बहुत रोमांटिक हैं!
उन्हें ऐसा सवाल करने की उम्मीद नहीं थी।
पहले तो मैं सकपका गया, लेकिन जब मैंने उनकी सुंदर चूचियों को देखा, तो मैंने कहा, भाभीजी, मैं सिर्फ यही करता हूँ। इसके बिना मैं सो नहीं सकता।
अनीता: बीवी आपकी बहुत भाग्यशाली है कि उसे ऐसा पति मिला।
मैं आपको खुश क्यों नहीं करता, भाई?
अनीता, जिसका नाम नहीं लेना चाहिए, दिन भर काम करती हैं और रात को खाना खाते हैं। यही उनका काम है।
मैंने अचानक कहा कि हमें सेवा करने का मौका दे दो, भाभी जी।
बिना कोई भाव लाए हुए, अनीता ने मेरी बात सुनी और कहा, चलिए देखते हैं।
यह कहते हुए अनीता ने मानो मेरे शरीर पर आग लगा दी हो। मैं वर्षों से एक सपना देख रहा था, शायद अब वह मुझे पूरा होता दिख रहा है।
उस रात मैंने अनीता भाभी के नाम की मुठ मारकर लंड को शांत कर दिया। लेकिन उनकी बात सारी रात जेहन में गूँजती रही।
दूसरे दिन शाम, अनीता को भाभी के हस्बैंड बैग लेकर कहीं जाते देखा गया।
जब वे चले गए, मैं अनीता भाभी के घर गया।
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बातों बातों में पता चला कि उनके पति दो दिन के काम पर बाहर गए थे।
मैंने सीधे अनीता जी से पूछा कि क्या मैं आज रात सेवा करने आऊँगा?
मुझे देखकर अनीता जी मुस्कुराने लगीं।
मैंने उनको देखते ही अपने सीने से जोर से चिपका लिया और उनकी बांहों में खींच लिया।
कृपया..। दोस्तों, क्या सुखद अनुभूति थी..। कुछ भी पूछो मत। जिस नाम ने मुझे इतना दुखी किया था, आज मेरी बांहों में था। मेरे सीने पर उनके कठोर बोबे दब रहे थे।
तभी उन्होंने मुझे धक्का दिया और कहा कि मैं रात को फोन कर दूंगा, फिर आ जाना।
दोस्तो, मैं जानता हूँ या मेरा लंड जानता है कि रात कैसे हुई।
घर पहुंचते ही मैंने लंड के बाल काटे और उसे चिकना कर दिया।
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मैं 9 बजे अनीता भाभी से फोन करने के बाद घर चला गया। भाभी का घर खुला था। मैंने दबे पांव अंदर जाकर कुंडी लगा दी।
और जैसे ही घूमा, मेरे सामने मेरे सपनों की रानी खड़ी थी, स्काई कलर की साड़ी और लाल कलर का ब्लाउज पहने हुए, होंठों पर लिपस्टिक लगाए हुए। भाभी का गोरा पेट साड़ी के बगल से दिखाई देता था।
मैंने फिर से अनीता भाभी को अपनी बांहों में भर लिया। वह भी मेरी बांहों में समा गई। मैं पांच मिनट तक भाभी को अपनी बांहों में लिए खड़ा रहा, आंखें बंद करके। मैं उनके गोरे और मखमली शरीर को अपने हाथों से सहलाने लगा।
अनीता भाभी की सांस धीरे-धीरे तेज हो गई। मैंने अपने प्यासे होंठों को उसके लाल सुर्ख होंठों पर रखकर चूसने लगा।
दोस्तो, आग दोनों तरफ समान थी। मैं वर्षों से एक बड़ी उम्र की महिला की चुदाई करने का सपना पूरा हो रहा था। दूसरी ओर, भाभी ने वर्षों से सूखी पड़ी अपनी चूत को हरा करने की योजना बनाई।
हम एक दूसरे के होंठ चूसने की जगह खाने लगे। मैं भाभी के होंठों की लिपस्टिक पूरी तरह से खा गया।
मैं सिर्फ उनके होंठों को खाता रहा और वो मेरे होंठों को करीब दसवीं मिनट तक खाते रहे। तब हम दोनों बेडरूम में आ गए, हाथों में हाथ डाले।
मैंने अनीता भाभी की साड़ी उनके गोरे बदन से हटाई। अब वो सिर्फ पेटीकोट और ब्लाउज में मेरे सामने थीं। मेरा लंड इस तरह से देखकर पेंट में झटके खा रहा था।
मैं खुद अनीता भाभी को बेड पर रखा और उनके ऊपर चढ़ गया। वह फिर से अनीता भाभी के सुंदर होंठों को चूसने और खाने लगी।
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फिर मैं भाभी के ब्लाउज के ऊपर से अपने हाथों से उनके कठोर बोबे दबाने लगा। अनीता भाभी ने कामुक सिसकारियां निकाल दीं।
मैंने भाभी के दूध से सफेद मम्मों को ब्रा के ऊपर से दबाते हुए ब्लाउज के हुक खोल दिए।
अनीता भाभी ने कहा, प्यारे, पहले चूत को चोद दो।
मैं- जान, कभी नहीं..। बल्कि आज पूरी रात आपकी गांड और चूत को अपने लंड का रस पिलाऊंगा।
अनीता ने कहा, “देर मत करो जान..।” मैं बहुत प्यासा हूँ…। पहले मेरी प्यास बुझा दो।
मैंने तुरंत अपने सारे कपड़े उतारे और अनीता भाभी को पूरी तरह से नंगा कर दिया। इस उम्र में भी उनका शरीर अच्छा था। उन्होंने मोटे मोटे बोबे, सही पेट और चिकनी चूत रखी।
जब मैं भाभी की चूत पर हाथ लगाया, तो मैंने देखा कि वह बहुत गीली थी। क्योंकि मुझे चूत चूसने में बहुत दिलचस्पी है..। बस समझ लो कि मैं सिर्फ चूत को चूसने में आधा घंटा लगाता हूँ। मैं सिर्फ सारी रात अपनी चूत को चूसता रहना चाहता हूँ।
मैंने अनीता भाभी को 69 की पोजीशन में आने के लिए कहा और अपने होंठों से उनकी चूत को चूसने लगा।
जैसे ही मैंने भाभी की चूत पर अपने होंठ लगाए, उन्होंने जोर से सिसकारी दी।
वह मेरे लंड को हाथों से थोड़ी देर सहलाती रही, फिर मुँह में लेकर चूसने लगी।
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हम दोनों जोर से लंड चुत चूसते रहे। कोई बीस मिनट की चूत चुसाई के दौरान भाभी ने मुझे दो बार चूत का पानी पिलाया। अब मेरा लंड पानी निकालने को तैयार था। भाभी ने मुँह से लौड़ा निकाल दिया जब मैंने उन्हें बताया।
अब मैंने अपना लंड भाभी की चूत पर रखा और उनकी मोटी मोटी जांघों को चौड़ा कर दिया।
मैं—अनीता, मेरी जान—अब मैं अपनी चूत में लिंग डाल रहा हूँ!
अनीता भाभी: हां, जल्दी से आओ। मेरा भोसड़ा लंड लेने को तैयार है।
मैं अपने मित्र का लौड़ा लेकर मर जाऊँगा!
और मैंने एक ही धक्के में भाभी की चूत में आधा लंड डाला।
मैंने लौड़ा बाहर निकाला और इस बार पूरा दम लगाकर पूरा लौड़ा अनीता भाभी के चिकने भोसड़े में डाल दिया, इससे पहले कि वे सम्भलें।
अब भाभी की चूत ने पूरा लंड निगल लिया, और अनीता भाभी ने अपनी दोनों जांघें और अधिक फैली। मैं उनके चिकने भोसड़े को तेजी से लंड से चोदने लगा।
अनीता भाभी भी अच्छी तरह चुदवा रही थीं। धक्कों से उनके गोरे ओर मोटे बोबे भी हिला रहे थे। बेड की चर्र चर्र और लंड चुत की फच्छ फच्छ की आवाजें पूरे कमरे में छा गईं।
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आज भी मेरा लंड 50 साल की चूत को चोदने में खुश था।
अनीता भाभी ने खुद को ऐंठाते हुए कहा कि आह और जोर से चोद दे भोसड़ी के..। यह मनोरंजक है..। हरे मादरचोद!
साथ ही मैंने भाभी को गाली देते हुए कहा, “हां ले न भैन की लौड़ी..।” चुद मादरचोदी..। भोसड़ी की..। आह, खाओ मेरा लिंग।
भाभी: हाँ, बेवकूफ..। साले अंदर तक फैल रहा है..। मैं बहुत खुश हूँ।
मैं भाभी से पूछता हूँ कि आज कितने दिनों से चुद रही हो?
भाभी, अब तुम मेरी चुत चोद भोसड़ी के..। इतिहास को नहीं पूछें।
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मैं आज तुम्हारा भूगोल बदलकर इतिहास बदल दूंगा। साली रांड, मां की लौड़ी लंड खा!
भाभी: आह, यह बहुत दर्दनाक है..। और भारी पेल..। यह बहुत मनोरंजक है!
हम भी एक दूसरे को गाली देते हुए चुदाई कर रहे थे।
मेरा लंड कुछ देर बाद पानी छोड़ने लगा, तो मैंने अनीता भाभी से पूछा कि भाभी रस कहां निकालूँ?
मेरे भोसड़े में ही छोड़ दो, भाभी ने कहा।
और मैंने लंड के पानी से भाभी के भोसड़े को ताबड़तोड़ धक्के मारते हुए भर दिया।
हम आधे घंटे तक एक दूसरे की बांहों में पड़े रहे।
उस रात अनीता भाभी को मैंने दो बार और चोदा। यह सच है कि अनीता भाभी की चूत बहुत खुली हुई थी, लेकिन मेरी इच्छा बड़ी उम्र की महिला को चोदने की पूरी हुई।
उस दिन के बाद अगली रात भी हम चुदाई करते रहे।
इसके बाद से, ये मूर्ख फिर से ४० के पार के लिए इंतजार कर रहा है।
दोस्तो, मैं Xxx Bhabhi Ki Chudai Story लिखी है. कृपया मेरी गलतियों को नजरअंदाज करना और कमेंट में अपनी प्रतिक्रिया बताना।
