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मेरे दोस्तों ने मिलकर मम्मी की गांड और चूत फाड़ दी

Desi mummy gangbang sex story: मेरा नाम बिकाश है और मैं आपके लिए एक नई स्टोरी लेकर आया हूँ। मेरी माँ का फिगर बहुत मस्त है और वो दिखने में बहुत सेक्सी है। अब मंगलवार सुबह मैं अपने दोस्तों से मिलने बाहर निकला। मेरे चार दोस्त थे। वो सब घेरा बनाकर बातें कर रहे थे। उनके पीछे दीवार थी जिसमें एक छोटा सा छेद था और जहाँ से रास्ता था।

अब मैं यूँ ही उसमें से देखकर उनकी बातें सुन रहा था। मेरा दोस्त राज मेरे बर्थडे के बारे में बोल रहा था जो कल था। फिर वो बोला कि अरे यार बिकाश की माँ तो बहुत बड़ी माल है। कल बर्थडे में किसी भी तरह चोदना पड़ेगा। अब सब हाँ-हाँ बोल रहे थे। फिर राज बोला कि कल बिकाश के पापा भी नहीं होंगे तो किसी भी तरह चोद देंगे। मैं जानता था कि ये लोग कुछ ना कुछ करने वाले थे लेकिन मैं वहाँ से चला गया वरना पकड़ा जाता।

फिर अगले दिन मैंने घर पर सजावट कर दी और मेरे सारे फ्रेंड्स आ गए। अब वो सब बढ़िया तैयार होकर आए थे। सिर्फ इतने ही लोग थे। फिर मेरी माँ आई। उस समय मेरी माँ ने टी-शर्ट पहनी थी और नीचे सिर्फ लहंगा पहनी थी। अब उनकी टाइट गांड साफ-साफ दिख रही थी। उनके बड़े बूब्स उनकी ब्रा के लिए बहुत बड़े थे इसलिए वो जैसे ही झुकती तो आधे से ज्यादा बूब्स दिख जाते और मेरे सारे दोस्तों की नजर उधर ही होती। लेकिन मेरा एक दोस्त दिख नहीं रहा था।

फिर थोड़ी देर में लाइट चली गई और अब मैं जान चुका था कि ये सब मेरे दोस्त ने ही किया है। लेकिन उसने पूरी सोसाइटी की लाइट बंद कर दी थी। फिर वो सीढ़ियां चढ़कर आया। अब अंधेरे में कुछ नहीं दिख रहा था। अब मैं उनके इरादे जान चुका था इसलिए मैं दरवाजे के पास गया और जोर से बोला कि मैं नीचे जा रहा हूँ लाइट चालू होने पर आऊंगा और घर पर एक कोने में बैठ गया।

फिर मेरा एक दोस्त जल्दी से आया और दरवाजा बंद कर दिया लेकिन मैं घर के अंदर ही था। अब मेरा एक फ्रेंड पहले से ही बैटरी वाली बड़ी ट्यूब लाइट लेकर आया था और उसने वो माँ के रूम में लगा दी थी। अब माँ अभी तक बालकनी में खड़ी थी। फिर राज ने माँ को बुलाया तो माँ ने बोला कि क्या हुआ। वो लोग उन्हें उनके रूम में ले गए। अब रूम में बहुत उजाला था। फिर मैं तुरंत छुपकर से बाथरूम में गया और उस रूम से हवा आने के लिए थोड़ी सी जगह खुली रखी है। मैं उसमें से सब देख रहा था।

अब माँ रूम को देखकर चौंकी और हंसी और पूछने वाली थी कि ये लाइट कहाँ से लाए। तो राज तुरंत माँ के पीछे गया और अपने हाथ से माँ का मुंह दबा दिया। फिर एक ने माँ के दोनों हाथ पकड़े। फिर रोहन आया उसने माँ की टी-शर्ट ऊपर से फाड़ दी। अब सिर्फ माँ की पिंक ब्रा ही माँ के बूब्स को ढके थी जो बहुत छोटी थी। फिर उन्होंने ब्रा के हुक को खोल दिया और बाकी दोनों बूब्स दबाने लगे।

अब राज ने माँ के हाथ पीछे से बांध दिए। फिर सबने अपनी पैंट उतारी और अब सबके लंड तैयार थे। फिर उन्होंने माँ के मुंह में रुमाल भर दिया। वो सब पूरी प्लानिंग करके आए थे। फिर राज ने माँ को झुकाया और उनकी लहंगे को गांड तक फाड़ दिया। तो उतने में दूसरा बोला कि पूरी फाड़ दे। तो राज ने माँ को पूरा नंगा कर दिया।

फिर राज ने बिना चिकनाई के 9 इंच का लंड माँ की गांड में घुसा दिया। उसका मोटा सिरा पहले माँ की टाइट गांड के छेद पर दबा और फिर एक जोरदार धक्के के साथ अंदर घुसने लगा। माँ की गांड की मांसपेशियां कस गईं और वो बुरी तरह कांप उठीं। बिना किसी चिकनाई के सूखा और मोटा लंड धीरे-धीरे लेकिन जबरदस्ती अंदर जा रहा था। हर इंच के साथ माँ की आंखें फट गईं और उनके मुंह से रुमाल के नीचे दबी हुई चीख निकली। आंसू उनकी आंखों से बहने लगे और उनके चेहरे पर दर्द की लकीरें उभर आईं। राज ने कमर पकड़कर और जोर लगाया तो पूरा 9 इंच का लंड माँ की गांड में पूरी तरह समा गया। माँ के शरीर में झुरझुरी दौड़ गई और उनकी टांगें कांपने लगीं।

फिर सब एक-एक करके आए। फिर एक ने माँ के मुंह में अपना लंड घुसाया और वो जोर-जोर से अपना लंड अंदर बाहर घुसा रहा था। उसका गाढ़ा और नम लंड माँ के गले तक जा रहा था जिससे माँ का गला फूल गया और वो बार-बार उल्टी जैसी स्थिति में आ रही थी। और पीछे से राज माँ की गांड फाड़ रहा था। वो तेज-तेज धक्के दे रहा था जिससे माँ का पूरा शरीर आगे-पीछे झूल रहा था। साथ ही साथ राज माँ के बड़े-बड़े बूब्स को बहुत जोर से दबा रहा था। उसके हाथों की उंगलियां माँ के निप्पल्स को कसकर पकड़ रही थीं और उन्हें मरोड़ रही थीं। माँ के स्तन लाल हो गए थे और उनमें दर्द के साथ कुछ सुखद अनुभूति भी घुल रही थी। और एक दूसरा ये सब देखकर मुठ मार रहा था और एक मोबाइल पर वीडियो बना रहा था। मम्मी ने पूरा जोर जोर से उसका लंड का मजा ले रही थी।

फिर राज ने अपना लंड बाहर निकाल दिया।

उसका मोटा और लंबा लंड माँ की गांड से निकलते ही थोड़ा सा खून और माँ की गांड की नमी के साथ चमक रहा था। राज ने राहत की सांस ली और पीछे हट गया। फिर उन लोगों ने माँ को बेड पर लेटाया। उन्होंने माँ के नंगे शरीर को जोर से धक्का देकर बेड पर पटक दिया। माँ का भारी-भरकम शरीर बेड पर गिरा और उनके बड़े बूब्स दोनों तरफ लहरा गए।

फिर राज ने माँ का हाथ पकड़ा और उससे उसका लंड हिलवा रहा था। राज ने माँ की नरम और गर्म हथेली को अपने सख्त लंड पर रखा और ऊपर-नीचे करने लगा। माँ की उंगलियां अनजाने में ही उसके मोटे लंड को जकड़ रही थीं। फिर रोहन आया और माँ की गांड चाटने लगा। रोहन ने माँ की टांगों को फैलाकर उनके बीच बैठ गया। उसने अपनी जीभ माँ की अभी-अभी फाड़ी गई गांड के छेद पर रखी और जोर-जोर से चाटने लगा। उसकी गीली और गर्म जीभ माँ की गांड के अंदर तक घुसने की कोशिश कर रही थी। स्वादिष्ट और नम स्वाद लेते हुए रोहन जोर-जोर से चूस रहा था।

अब माँ बहुत जोर-जोर से moan कर रही थी। उनके मुंह से रुमाल के बावजूद भी “अह्ह्ह… उम्म्म…” जैसी आवाजें निकल रही थीं। इसी वजह से माँ राज का लंड बहुत जोर-जोर से हिला रही थी। उनकी उंगलियां अब खुद-ब-खुद राज के लंड को तेजी से मसल रही थीं। अब माँ छूटने की कोशिश भी नहीं कर रही थी। उनके शरीर में अब दर्द के साथ गहरा सुख घुलने लगा था। अब वो जो बोल रहे थे माँ वो चुपचाप कर रही थी।

फिर उन्होंने माँ को छोड़ा और आपस में कुछ बात की। अब सब मिलकर आए। फिर राज माँ के ऊपर चढ़ गया और अपना लंड उनकी गांड में घुसाया और चोदने लगा। राज ने माँ की कमर को दोनों हाथों से पकड़ा और अपने 9 इंच के मोटे लंड को एक जोरदार धक्के से पूरी तरह माँ की गांड में धकेल दिया। फिर तेज-तेज रफ्तार से अंदर-बाहर करने लगा। हर धक्के पर माँ का पूरा शरीर हिल रहा था और उनके बूब्स ऊपर-नीचे उछल रहे थे।

फिर रोहन आया और माँ की चूत में अपना लंड घुसाया। रोहन ने माँ की चूत के होंठों को अलग किया और अपना गाढ़ा लंड धीरे-धीरे अंदर डाला। माँ की चूत पहले से ही गीली थी लेकिन रोहन के मोटे लंड ने उसे पूरी तरह फैला दिया। अब माँ रो रही थी लेकिन उन्हें मजा भी आ रहा था। उनके चेहरे पर आंसू बह रहे थे पर आंखें आनंद से बंद हो रही थीं। अब माँ के दोनों छेदों में लंड घुसे थे। दोनों दोस्त एक साथ तेजी से धक्के दे रहे थे जिससे माँ का शरीर बीच में दब रहा था।

फिर ध्रुव ने अपना लंड माँ के मुंह में घुसाया और लंड चुसवाया। ध्रुव ने रुमाल निकालकर माँ के मुंह में अपना लंड ठूंस दिया। माँ की गर्म और नम जुबान उसके लंड को लपेट रही थी। ध्रुव माँ के सिर को पकड़कर जोर-जोर से मुंह चोदने लगा। और कृष माँ के बड़े-बड़े बूब्स चूस रहा था और दबा रहा था। कृष ने माँ के एक निप्पल को मुंह में ले लिया और जोर से चूसने लगा। फिर उसने माँ के बूब्स के बीच में अपना लंड घुसाया और चोदने लगा। माँ के नरम और गर्म स्तनों के बीच उसका लंड फिसल रहा था।

अब राज जोर-जोर से माँ की गांड मार रहा था। अब सब लोग अपना पानी निकालने वाले थे तो सबने अपना-अपना लंड निकाल दिया। अब सब एक-एक करके आए। पहले रोहन ने अपना लंड माँ की गांड में घुसाया और फिर माँ की चूत में अपना वीर्य निकाला। रोहन ने कई जोरदार धक्के दिए और फिर चीखते हुए माँ की चूत के अंदर गर्म-गर्म वीर्य की मोटी धार छोड़ दी। फिर राज आया और फिर ध्रुव आया और फिर फाइनली कृष ने भी अपनी मलाई माँ की चूत में छोड़ दी। अब माँ की चूत पूरी वीर्य से भरी थी।

अभी फाइनल शॉट बाकी था। अब माँ अपने दोनों हाथों से दो लंड हिला रही थी और दो लंड चूस रही थी। उन दोनों ने एक साथ में माँ के मुंह में लंड घुसाया था। अब सबने अपने हाथों से मुठ मारना शुरू किया और फाइनली सबने अपना वीर्य माँ के मुंह में डाला और माँ को जबरदस्ती पिलाया। गाढ़ा और नमकीन वीर्य माँ के मुंह भर गया। कुछ उनके होंठों से बाहर बहकर चिन पर गिर रहा था। अब उन लोगों ने धमकी दी थी कि किसी को ये मत बताना वरना ये वीडियो सबको दिखा देंगे और जब वो लोग बुलाए तब चुदवाने आना पड़ेगा।

फिर मैं तुरंत बाहर निकला और दरवाजा खोलकर बाहर निकला। लेकिन एक प्रॉब्लम थी कि अंदर से दरवाजा लॉक कैसे करूँ। इसलिए मैंने सिर्फ दरवाजे को लॉक किया और स्टॉपर नहीं मारी। फिर मैंने ध्रुव को कॉल किया और तब तक उन लोगों ने सब कुछ नॉर्मल कर दिया था। फिर ध्रुव आया और उसने दरवाजा खोल दिया। फिर अचानक से लाइट आ गई।

अब सब लोग सोफे पर बैठे थे।

सभी दोस्त सोफे पर आराम से बैठे हुए थे। उनके चेहरों पर संतोष और थकान का मिश्रण था। कुछ अभी भी हल्की-हल्की सांसें ले रहे थे। कमरे में हल्की पसीने और सेक्स की महक फैली हुई थी। फिर वो सब बोले कि अब हम चलते हैं बहुत लेट हो गया है। उनकी आवाज में थकान के साथ छुपी हुई खुशी थी। फिर वो सब चले गए।

अब माँ ने नाइटी पहनी थी। वो सफेद और पतली नाइटी उनके शरीर पर चिपकी हुई थी। उनके बड़े बूब्स नाइटी के अंदर बिना ब्रा के आजाद घूम रहे थे। निप्पल्स की हल्की उभरी हुई आकृति साफ दिख रही थी। फिर मैंने जानबूझकर पूछा कि माँ आपने तो टी-शर्ट पहनी थी। तो माँ बोली कि लाइट जाने से गर्मी लग रही थी इसलिए चेंज कर ली। उनकी आवाज कांप रही थी और बोलते समय उनकी नजरें नीचे झुकी हुई थीं।

अब माँ की आंखों से आंसू आ रहे थे। वो लगातार पलकें झपका रही थीं ताकि आंसू छुप जाएं। फिर मैंने पूछा कि माँ आप रो क्यों रही हो। तो वो बोली कि आज तेरा बर्थडे है और तू बहुत बड़ा हो गया है इसलिए ये खुशी के आंसू हैं। उनकी आवाज में दर्द और शर्म का मिश्रण था। फिर मैंने माँ को हग किया था। उनके नरम और गर्म शरीर से अभी भी हल्की कांपती हुई कंपकंपी महसूस हो रही थी। मुझे हग करते वक्त महसूस हो रहा था कि उन्होंने ब्रा नहीं पहनी थी। उनके भारी बूब्स मेरी छाती से सटकर दब रहे थे। निप्पल्स सख्त होकर मेरी शर्ट में चुभ रहे थे।

फिर अगले दिन से ही उन लोगों ने माँ को चोदना शुरू कर दिया था। अब जब घर पर वो अकेली होती तो सब मिलकर आते और जानवरों की तरह माँ को चोदते। कभी-कभी तीन-तीन साथ में माँ की चूत, गांड और मुंह में एक साथ लंड डालकर उन्हें पूरी तरह भर देते। माँ की चीखें और moan पूरे घर में गूंजतीं। अब आधे से ज्यादा कपड़े और ब्रा फटे पड़े होते जो माँ छुपा देती लेकिन मुझे वो जगह पता थी। फटे हुए ब्रा के टुकड़े और वीर्य से सने पैंटी मैं अक्सर देख लेता। फिर अगले दिन पापा आ गए और बोले कि हम लोग बड़े घर में शिफ्ट होने वाले हैं। तो अब माँ बहुत खुश थी और हम उन्हें नहीं बताने वाले थे कि हम कहाँ रहने वाले हैं। ये घटना केवल हम कुछ ही लोगों में सीमित रहा।

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Note : यहां पोस्ट की गई हर कहानी सिर्फ मनोरंजन के लिए है,कृपया वास्तव जीवन में कहानी में घटित कोई भी चित्र प्रयोग करना घातक हो सकता है और इसका जिम्मेदारी कहानी के लेखक या फिर कहानी प्रस्तुतकर्ता नहीं होंगे,तो कृपया इस सबको अपने निजी जिंदगी के साथ मत जोड़ें और अपने बुद्धि,विवेक के साथ काम लें।


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