Bhanja ne mami ki chut fadi sex story: मेरा नाम अनिश वर्मा है। मैं आगरा का निवासी हूँ और आप लोगों को बता दूं कि मैं अभी-अभी जवान हुआ हूं। मेरी उम्र 24 साल की है। इस उम्र में मेरा शरीर पूरी तरह विकसित हो चुका है, मेरी छाती चौड़ी है, बाहें मजबूत हैं और युवा हार्मोन मेरे खून में उबाल भर देते हैं जिससे हर सुबह उठते ही एक नई ऊर्जा और कामुकता का जोश महसूस होता है। अब सिविल की तैयारी कर रहा हूं और आगे चलकर मैं किसी जिले का डीएम बनना चाहता हूं और समाज में बहुत नाम और शोहरत पाना चाहता हूं। मैं रात-रात भर किताबों के पन्ने पलटता हूं, पेन की स्याही से नोट्स भरता हूं और सपना देखता हूं कि एक दिन मैं उच्च पद प्राप्त कर लोगों की सेवा करूंगा और सम्मान का जीवन जीऊंगा।
इसके अलावा मुझे हर जवान लड़के की तरह सुंदर युवतियों और उनकी चूत चोदने का बड़ा शौक है। मेरे मन में हमेशा एक तीव्र कामुक आग सुलगती रहती है जो किसी भी आकर्षक युवती के नरम शरीर, भरे हुए स्तनों और गीली चूत की कल्पना करते ही भड़क उठती है। मैं अभी तक तीन जवान और सेक्सी लड़कियों से चुदाई के मजे लूट चुका हूं। उन मौकों पर मैंने उनके गर्म और नरम शरीर को अपनी मजबूत बाहों में कसकर दबाया था, उनके स्तनों को दोनों हाथों से मसलकर दबाया था, उनकी चूत को उंगलियों और जीभ से चाटकर पूरी तरह गीला किया था और अपने लंड को उनकी गहराई में बार-बार धकेलकर दोनों को चरम सुख पहुंचाया था। और जैसे ही मैं किसी सेक्सी माल को देखता हूं मेरा लंड खड़ा होने लग जाता है, उसकी मोटी नसें उभर आती हैं, सुपारा फूलकर चमकने लगता है और पूरी कमर में एक सिहरन दौड़ जाती है। दोस्तों मैंने अपनी जवान मामी की भरी हुई चूत का शिकार कैसे किया आपको सब बता रहा हूं।
मैं अपने मामा के घर गया हुआ था। मेरे मामा जी बहुत अच्छे आदमी हैं और मुझे बहुत प्यार दुलार करते हैं। असल में वो काफी गरीब हैं और एक कार डीलर के यहां सेल्समैन की नौकरी करते हैं। दो साल पहले ही मामा की शादी मामी से हुई है। मेरी मामी क्या मस्त आइटम है दोस्तों। अगर आप लोग देख लेते तो आपका भी लंड खड़ा हो जाता।
अंजू मामी का बदन ऊपर से नीचे तक भरा हुआ है और बड़ी-बड़ी आंखें हैं। रंग खूब गोरा है। वो अच्छे घर से हैं और क्या मस्त-मस्त आम हैं उनके। मामी का फिगर 34 28 32 का है। किसी पोर्न स्टार की तरह जिस्म है उनका। मैंने तो जब मामी को पहली बार देखा तो देखता ही रह गया। उनकी गोरी त्वचा चांदनी की तरह चमकती थी, उनकी भारी और गोल चूचियां ब्लाउज को तानकर रखती थीं, उनकी पतली कमर और भरी हुई जांघें देखकर कोई भी मर्द अपना आपा खो सकता था, उनकी कजरारी आंखें और गुलाबी होंठ उन्हें बेहद कामुक बना देते थे।
कुछ समय बाद मेरे मामा के पास पैसे नहीं थे इसलिए उन्होंने आगरा के एक लो क्लास बस्ती में एक मकान सिर्फ तीन लाख में खरीद लिया। दोस्तों वो जगह अच्छी नहीं थी पर मामा जी के पास ज्यादा पैसे नहीं थे जिससे वो किसी अच्छी कॉलोनी में घर बना पाते। उस बस्ती की संकरी गलियों में गंदा पानी बहता रहता था, हवा में सीवर और कूड़े की तेज बदबू फैली रहती थी, चारों तरफ नशेड़ियों की चिल्लाहट और गुंडों की आवाजें गूंजती रहती थीं।
मेरे मामा और मामी ने उस बस्ती में रहना शुरू कर दिया। पर बाद में पता चला कि उस बस्ती में ज्यादातर निम्न वर्ग के लोग जैसे रेड़ीवाले, मजदूर और अन्य लोग रहते हैं। धीरे-धीरे उस इलाके की सच्चाई पता चली। अक्सर ही वहां पर बहू-बेटियों के साथ छेड़खानी और बलात्कार हो जाता था। रात के अंधेरे में शराबी और मवाली गलियों में घूमते रहते थे जिससे महिलाओं के लिए बाहर निकलना भी खतरनाक हो गया था।
ज्यादातर गुंडे, मवाली और नशा पत्ती करने वाले आपराधिक प्रवृत्ति के लोग उस बस्ती में रहते थे। पर अब मजबूरी थी। मामा को तो मामी के साथ रहना ही था इसलिए वो रहने लगे। कुछ दिनों बाद वही हुआ जिसका डर था। कुछ लड़कों ने मामी के साथ छेड़खानी कर दी और जब वो बाहर सरकारी नल पर पानी भरने गई तो उनके दूध दबा दिए। उन मनचलों ने मामी के नरम और भरे हुए स्तनों को अपनी हथेलियों में कसकर दबोचा था, उनकी उंगलियां उनके गोरे मांस में धंस गई थीं और मामी को तेज दर्द के साथ शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा था।
मामी ने लोग-लाज की वजह से ये बात किसी को नहीं बोली। अब उन मनचलों का हौसला बढ़ गया और आए दिन किसी न किसी बहाने से मेरी मामी के दूध दबा लेते और मजा ले लेते। वे बहाने बनाकर उनके करीब आ जाते, उनके शरीर को छूते और उनके स्तनों की कोमलता और गरमाहट का आनंद लेते। दोस्तों मुझे इन सबके बारे में तब पता चला जब मैं मामी के घर गया था।
दोपहर के वक्त एक मनचला जबरन घर में घुस आया और मेरी सुंदर सेक्सी और जवान मामी से जबरदस्ती करने लगा। उस दोपहर की तपती गर्मी में घर का पुराना लकड़ी का दरवाजा जोर से धक्का खाकर चरमराता हुआ खुल गया। एक गंदे कपड़ों वाला नशेड़ी जैसा युवक अंदर घुस आया। उसकी आंखें लाल और भूखी थीं। चेहरे पर पसीना चमक रहा था और सांसें तेज तेज चल रही थीं। वो सीधे मेरी मामी की तरफ लपका और उनके नाजुक कंधों को अपनी हथेलियों से कसकर जकड़ लिया। मामी डर से चीखीं और पीछे हटने की कोशिश करने लगीं लेकिन वो उनकी कमर को पकड़कर खींचने लगा। उनकी साड़ी का पल्लू खिसक गया और उनकी गोरी त्वचा पर उसकी उंगलियां दबने लगीं। मामी की सांसें फूल गईं और चेहरे पर घबराहट के साथ आंसू छलक आए। मैं पड़ोस वाले कमरे में बैठा हुआ था और उनकी चीख सुनकर तुरंत उठकर दौड़ पड़ा। मैंने देख लिया और उसे पकड़ लिया। मैंने उसके कॉलर को इतनी जोर से पकड़ा कि कपड़ा फटने लगा। फिर मैंने उसके जबड़े पर एक जोरदार मुक्का जड़ दिया जिससे उसकी नाक से खून की धार बह निकली और वो कराह उठा। मैंने उसके पेट में घुटने से वार किया और फिर उसके सीने पर लगातार थप्पड़ और मुक्के बरसाए। उसकी सांसें हांफने लगीं और चेहरा सूज गया। मैंने उसकी जमकर धुनाई कर दी और वो किसी तरह जान बचाकर भागा। उसके बाद उन लड़कों ने मेरी मामी को कभी नहीं छेड़ा।
अपनी मामी की इज्जत मैंने बचाई थी इसलिए अब वो मुझे विशेष तौर पर प्यार करने लगी थी। उस घटना के बाद मामी का मेरे प्रति रवैया पूरी तरह बदल गया। वो अब मुझे देखते ही गहरी नजरों से मुस्कुरातीं। उनके चेहरे पर एक अनोखी चमक आ जाती और वो मेरे हाथों को अपने नरम हाथों में लेकर देर तक बातें करतीं। उनकी आंखों में कृतज्ञता और कुछ और भी झलकता। एक दिन मैं उनके कमरे में किसी काम से गया था। मामा तो अपनी जॉब पर गए हुए थे और मामी ब्लाउस पहन रही थी और मैं इधर पहुंच गया। कमरे में हल्की सी खुशबू फैली हुई थी। मामी का गोरा बदन आधा खुले ब्लाउज में चमक रहा था।
मैंने आज अंजू मामी के मस्त मस्त 34 इंच के आम देख लिए। मैं तो शॉक्ड हो गया। क्या मस्त मस्त सनी लियोन जैसी बड़ी बड़ी चूचियां थीं। दोस्तों 34 इंच की चूचियां किसी भी मर्द के लिए पर्याप्त होती हैं। हर मर्द कम से कम 34 इंच के दूध वाली स्त्री को चोदने के सपने देखता है। मैं भी इसी तरह का मर्द था। उनके स्तन ब्लाउज के कपड़े को तानकर बाहर निकलने को बेताब थे। गोरी त्वचा पर हल्का पसीना चमक रहा था। भारी और गोलाकार चूचियां हर सांस के साथ हिल रही थीं। उनके गुलाबी निप्पल ब्रा के नीचे से हल्के से उभरे दिख रहे थे। मैं एक पल के लिए स्तब्ध खड़ा रह गया। मेरी सांसें तेज हो गईं और मेरे लंड में तुरंत सख्ती आने लगी।
मैं बोला ओह सॉरी मामी। मामी बोली अरे रुक तो सही कहां भाग रहा है। मैं बोला आप ब्लाउस तो पहन लो। मामी बोली क्यों अगर बिना ब्लाउस के हूं तो क्या मुझसे तू बात नहीं करेगा। मैं बोला वो बात नहीं है मामी पर आप पहले ब्लाउस की बटन लगा लो फिर आपके कमरे में आऊंगा। मेरी आवाज में हल्की कांपती हुई थी। मामी की आंखों में शरारत भरी मुस्कान थी। उनका गला हल्का लाल हो गया था।
इतना मैंने बोला था कि अंजू मामी ने मुझे पकड़ लिया और अपने सीने से लगा लिया। ये आप क्या कर रही हो मैंने घबराकर बोला। मुझे प्यार आ रहा है तुझ पर इतना मामी ने बोला और मुझे खुद से चिपका लिया। मैं भी 24 साल का जवान मर्द था कहां तक खुद को रोक पाता। मैंने भी मामी को पकड़ लिया और गालों पर किस करने लगा। फिर हम दोनों होंठों पर किस करने लगे। उनके नरम और गर्म सीने से मेरी छाती दब रही थी। उनकी भारी चूचियां मेरे शरीर पर दबाव डाल रही थीं और उनकी खुशबू मेरी नाक में भर गई। उनके होंठ नम और मीठे थे। मैंने उनके गालों पर कई गीले किस किए। फिर उनके गुलाबी होंठों को अपने मुंह में लेकर चूसने लगा। उनकी जीभ मेरी जीभ से उलझ गई। हम दोनों की सांसें एक दूसरे में मिल गईं। उनके मुंह का मीठा स्वाद और गर्म सांसें मुझे पागल कर रही थीं।
भांजे तूने आज मेरी इज्जत बचाई है तेरा मुझ पर अहसान है आज तुमको मजा दे दूं ये बोलकर मामी ने अपना ब्लाउस उतार दिया और अपनी मस्त मस्त दूध पर मेरा हाथ पकड़कर रख दिया। वो ब्रा पहने थी। उनके हाथों की गरमाहट मेरी त्वचा पर महसूस हो रही थी। ब्लाउज उतरते ही उनके भारी स्तन पूरी तरह सामने आ गए। सफेद ब्रा में कैद 34 इंच के विशाल दूध हिल रहे थे। उनकी गोरी त्वचा पर हल्की लाली छाई हुई थी।
ये सब ऑफर जब मुझे मिला तो मैं भी रिश्तों की मर्यादा सब भूल गया। मैंने भी अपनी अंजू मामी को पकड़ लिया और कसके दोनों हाथों से दबोच लिया। उसके बाद हम दोनों मोहब्बत की रसभरी दुनिया में खो गए। आज मेरा सपना पूरा होने जा रहा था। मेरे हाथ उनके नरम और भरे हुए स्तनों पर कस गए। ब्रा के ऊपर से भी उनकी चूचियों की कोमलता और गरमाहट मेरी हथेलियों में समा गई। मैंने उन्हें जोर से दबाया। उनकी चूचियां मेरी उंगलियों के बीच दबकर उभर आईं। मामी की सांसें और तेज हो गईं।
जिस मामी को देख देखकर अनगिनत बार मैंने मुठ मार दी थी बाथरूम में जाकर आज उस सेक्सी मस्त औरत को चोदने का सौभाग्य मिल रहा था। मैंने खड़े खड़े ही उनकी ब्रा पर हाथ रखकर दबाना शुरू कर दिया तो अंजू मामी अहहह स्सीईईई अअअअ आहा हा हा हा करने लगी। मुझे पूरा सपोर्ट करने लगी। फिर दस मिनट तक मैं उनकी सुगंधित सांसें पीता रहा और उसके होंठों को अच्छे से चूस डाला। मेरी उंगलियां उनके स्तनों को बार बार मसल रही थीं। हर दबाव के साथ उनकी चूचियां फूल रही थीं। निप्पल ब्रा के कपड़े को चीरकर सख्त हो गए थे। मामी की आंखें बंद हो गईं और उनके मुंह से लगातार कराह निकल रही थी। मैंने उनके होंठों को चूसते हुए उनकी जीभ को अपने मुंह में खींच लिया। उनकी सांसों की मीठी खुशबू मेरे फेफड़ों में भर गई। दस मिनट तक हम दोनों एक दूसरे को चूमते और दबाते रहे। मेरे लंड पूरी तरह खड़ा होकर अंडरवियर को तान रहा था।
ओह भांजे तू तो बड़ा सेक्सी मर्द है रे तुझे चुदाई में कौन कौन से करतब आते हैं रे मामी पूछने लगी। मामी आज मैं आपको अपना चोदन शास्त्र सिखा दूंगा चल नंगी हो जा मैंने बोला।
अब अंजू मामी अपनी साड़ी को अपनी कमर से खोलने लगी। उनकी नाजुक उंगलियां साड़ी की कमर वाली गांठ को धीरे धीरे खोल रही थीं। साड़ी का पल्लू पहले ही खिसक चुका था और अब पूरा कपड़ा उनकी भरी हुई जांघों और गोल गुदाज गांड पर लिपटा हुआ था। उन्होंने गांठ खोलते ही साड़ी को दोनों हाथों से पकड़कर नीचे खींचा। साड़ी सरकते हुए उनकी गोरी जांघों को पूरी तरह उजागर कर रही थी। कपड़ा फर्श पर गिर गया और अब अंजू मामी सिर्फ सफेद ब्रा और सफेद पैंटी में मेरे सामने खड़ी थीं। उनकी भारी 34 इंच की चूचियां ब्रा के कपड़े को तानकर बाहर निकलने को बेताब थीं। पैंटी का पतला कपड़ा उनकी चूत की उभरी हुई आकृति को साफ दिखा रहा था और हल्की नमी के कारण चिपक गया था। उनकी गोरी त्वचा कमरे की रोशनी में चमक रही थी और हल्का पसीना उनकी नाभि के आसपास चमक रहा था।
मैंने अपना शर्ट पैंट उतार दिया और नंगा हो गया। मेरा लंड मेरे अंडरवियर में खड़ा हो गया। मामी मेरे लंड की तरफ गौर से देखने लगी। मैंने शर्ट के बटन एक एक करके खोले और अपनी चौड़ी छाती और मजबूत पेट को उजागर कर दिया। फिर पैंट की जिप खोलकर उसे नीचे उतारा। मेरे अंडरवियर में मेरा दस इंच का लंड पूरी तरह तनकर उभर आया था। मोटी नसें उभरी हुई थीं और सुपारा का आकार कपड़े पर साफ दिख रहा था। मामी की आंखें उस उभरे हुए लंड पर टिकी हुई थीं। उनकी सांसें तेज हो गईं और होंठों पर जीभ फिराने लगीं। उनकी आंखों में साफ लालच और प्यास झलक रही थी।
फिर पास आ गई और मेरे लंड को अंडरवियर के ऊपर से पकड़कर रगड़ने लगी। दोस्तों मैं आनंद में डूब गया और अई अई अई करने लगा। उनकी गरम हथेली ने मेरे अंडरवियर के ऊपर से लंड को कसकर पकड़ लिया। उन्होंने धीरे धीरे ऊपर नीचे रगड़ना शुरू किया। हर रगड़ के साथ मेरा लंड और सख्त होता जा रहा था। सुपारा कपड़े पर दबाव महसूस कर रहा था और गर्मी उनके हाथों से मेरे लंड तक पहुंच रही थी। मेरी कमर अनायास ही आगे पीछे होने लगी। मैं आनंद में डूब गया और अई अई अई करने लगा। मेरी सांसें हांफने लगीं और पूरा शरीर सिहर उठा।
अपने पप्पू को दिखाओ तो भांजे मामी बोली और फिर मेरे कंधे को पकड़कर अंडरवियर के ऊपर से लंड को रगड़ने लगी। मुझे अजीब सी सिहरन होनी लगी। मामी की आवाज में शरारत और प्यास दोनों थी। उन्होंने मेरे कंधे को मजबूती से पकड़ लिया ताकि मैं भाग न सकूं। फिर अपनी दोनों हथेलियों से अंडरवियर के ऊपर से लंड को तेजी से रगड़ने लगीं। मेरे लंड की पूरी लंबाई उनकी उंगलियों के नीचे दब रही थी। हर बार ऊपर जाते ही सुपारा पर विशेष दबाव पड़ रहा था। मुझे अजीब सी सिहरन होनी लगी। मेरी टांगें थोड़ी कांपने लगीं और लंड से पहले ही रस की एक छोटी बूंद निकलकर अंडरवियर को गीला कर रही थी।
दोस्तों अगर कोई कामिनी और खूबसूरत चंचल औरत आपका लंड रगड़े तो आपको कैसा लगेगा। मैं भी पागल होने लगा। कुछ देर तक मुझे सताती रही और फिर ब्रा और पैंटी में नीचे बैठ गई। मेरे लाल अंडरवियर को जैसे ही उतारा मेरा दस इंच का लंबा लंड अचानक से टनटना कर खड़ा हो गया। उनकी गोरी उंगलियां मेरे लंड के चारों तरफ घूम रही थीं। हर रगड़ के साथ मेरे शरीर में बिजली सी दौड़ रही थी। मैं पागल होने लगा। उनकी सांसों की गर्मी मेरे पेट पर पड़ रही थी। फिर उन्होंने ब्रा और पैंटी में ही घुटनों के बल नीचे बैठ गईं। उनकी आंखें अभी भी मेरे लंड पर टिकी हुई थीं। उन्होंने अंडरवियर का इलास्टिक पकड़कर एक झटके में नीचे खींच दिया। मेरा दस इंच का लंबा लंड अचानक बाहर छलांग मारकर टनटना कर खड़ा हो गया। सुपारा पूरी तरह गुलाबी और चमकदार था। लंड की मोटी नसें फूलकर उभरी हुई थीं और सिरे पर पहले ही रस की एक चमकती बूंद लटक रही थी।
भांजे तेरा तो बहुत लंबा है रे अंजू मामी बोली और फिर मचलकर मेरे लंड को पकड़ लिया और फेरने लगी। मुझे दोगुनी खुशी मिल रही थी। आज सुंदर चिकनी मामी को चोदने का सौभाग्य मिल रहा था। फिर अंजू मामी जुट गई और जल्दी जल्दी लंड फेरने लगी। उनकी आवाज में हैरानी और प्यास दोनों थी। उन्होंने लंड को दोनों हाथों से पकड़ लिया। एक हाथ नीचे से गोलियों को सहलाते हुए और दूसरा हाथ ऊपर से शाफ्ट को कसकर पकड़कर ऊपर नीचे फेरने लगी। मेरे लंड की गरमाहट उनकी हथेलियों में समा रही थी। हर फेर के साथ सुपारा और फूल रहा था। मुझे दोगुनी खुशी मिल रही थी। आज सुंदर चिकनी मामी को चोदने का सौभाग्य मिल रहा था। मामी पूरी तरह मचल गईं और अपनी स्पीड बढ़ा दी।
फिर आगे बढ़ गई और मुंह में लेकर चूसने लगी। मैं अई अई अई इसस्स्स उहह्ह ओह्ह्ह करने लगा। दोस्तों मुझे ऐसा लग रहा था कि मामी को लंड चूसने का काफी अनुभव था तभी तो इतनी मस्त तरीके से चूस रही थी। मैं तो सुध बुध खो बैठा। मैंने अपनी कमर पर दोनों हाथ रख दिए और मस्ती से चुसाने लगा। मामी ने मुंह आगे बढ़ाकर सुपारे को पहले होंठों से छुआ। फिर धीरे से मुंह खोलकर गुलाबी सुपारे को अपने गर्म और नम मुंह में ले लिया। उनकी जीभ सुपारे के चारों तरफ घूमने लगी। उन्होंने धीरे धीरे पूरा लंड मुंह में लेना शुरू किया। गला तक लंड चला गया और उनके गले की दीवारें मेरे लंड को कसकर दबा रही थीं। मैं अई अई अई इसस्स्स उहह्ह ओह्ह्ह करने लगा। उनकी जीभ लंड की नसों पर दबाव डाल रही थी। हर चूस के साथ उनके मुंह से चूच की आवाज निकल रही थी। दोस्तों मुझे ऐसा लग रहा था कि मामी को लंड चूसने का काफी अनुभव था तभी तो इतनी मस्त तरीके से चूस रही थी। मैं तो सुध बुध खो बैठा। मेरी कमर अनायास ही आगे पीछे हिलने लगी। मैंने अपनी कमर पर दोनों हाथ रख दिए और मस्ती से चुसाने लगा।
मेरा लंड गर्व से तन गया और एक-एक नस में खून दौड़ने लगा। मेरी वासना आज जाग गई। मन ही मन अंजू मामी को थैंक्स कह रहा था। मैंने नीचे देखा मामी किसी रंडी की तरह लंड चूस रही थी। खूब जल्दी-जल्दी मुंह में गले तक लौड़ा ले लेती थी जैसे जन्मों की प्यासी हो। उसके हाथ रुकते ही नहीं थे। मेरे लंड पर मुठ दे देकर मुझे जन्नत दिखा रही थी।
मेरा पूरा दस इंच का लंड अब पूरी तरह सख्त और गर्म हो चुका था। हर नस फूलकर उभर आई थी और खून की गति इतनी तेज थी कि मुझे लग रहा था जैसे लंड में बिजली दौड़ रही हो। सुपारा अब और भी बड़ा और चमकदार हो गया था। मेरी वासना आज पूरी तरह जाग गई थी और शरीर के हर हिस्से में एक तीव्र गर्मी फैल रही थी। मन ही मन मैं अंजू मामी को बार-बार थैंक्स कह रहा था कि उन्होंने मुझे यह मौका दिया। मैंने नीचे देखा तो मामी घुटनों के बल बैठी हुई थीं और उनकी आंखें बंद करके पूरी मस्ती से लंड चूस रही थीं। उनकी लाल-लाल जीभ लंड की पूरी लंबाई पर ऊपर-नीचे घूम रही थी। वो किसी रंडी की तरह लंड चूस रही थीं। खूब जल्दी-जल्दी मुंह में गले तक लौड़ा ले लेती थीं। हर बार गला खुल जाता और लंड की नोक उनके गले की दीवारों को छूती हुई अंदर चली जाती। जैसे वो जन्मों की प्यासी हों। उनके मुंह से चूच-चूच की आवाजें निकल रही थीं और लंड पर उनकी लार की चमकदार परत चढ़ गई थी। उनके हाथ रुकते ही नहीं थे। एक हाथ लंड की जड़ पर मजबूती से पकड़े हुए था और दूसरा हाथ तेजी से ऊपर-नीचे मुठ मार रहा था। मेरे लंड पर मुठ दे देकर वो मुझे जन्नत दिखा रही थीं।
ओह मामी यू आर फकिंग हॉट मैं बोला। मेरा लंड का सुपारा बिलकुल गुलाबी होकर चमकने लगा। सुपारा बेहद बड़ा और आकर्षक दिख रहा था। अंजू मामी ने आधे घंटे तक लंड चुसवाया। अब मेरी गोलियों को हाथ से दबाने लगी। मैं ही ही ही अ अ अ अहह्ह उहह्ह उ उ करने लगा। मामी जी और नीचे झुक गई और मेरी दोनों गोलियों को अचार की तरह चूसने लगी। मुझे नए प्रकार का यौन सुख प्राप्त हुआ।
मेरे मुंह से अनायास ही ओह मामी यू आर फकिंग हॉट निकल गया। मामी ने ऊपर देखकर मुस्कुराते हुए और तेज चूसना शुरू कर दिया। मेरा लंड का सुपारा अब बिलकुल गुलाबी होकर चमकने लगा था। लार और मेरे रस की मिली-जुली चमक उसे और आकर्षक बना रही थी। सुपारा बेहद बड़ा और आकर्षक दिख रहा था। अंजू मामी ने लगातार आधे घंटे तक लंड चुसवाया। कभी गहरी गला तक ले जातीं तो कभी सिर्फ सुपारे को होंठों से चिपकाकर चूसतीं। उनकी जीभ हर नस पर अलग-अलग दबाव डाल रही थी। अब उन्होंने मेरी गोलियों को हाथ से दबाने लगीं। उनकी नरम उंगलियां दोनों अंडों को हल्के से मसल रही थीं और फिर जोर से दबा रही थीं। मैं ही ही ही अ अ अ अहह्ह उहह्ह उ उ करने लगा। मेरी सांसें पूरी तरह हांफने लगीं और कमर अनायास ही आगे बढ़ रही थी। मामी जी और नीचे झुक गईं। उनकी गरम सांसें मेरी जांघों पर पड़ रही थीं। उन्होंने मेरी दोनों गोलियों को मुंह में एक-एक करके ले लिया और अचार की तरह चूसने लगीं। पहले एक अंडा पूरा मुंह में लेकर जीभ से घुमाया फिर दूसरे को। उनकी लार दोनों गोलियों पर टपक रही थी और चूसने की चूच-चूच आवाजें कमरे में गूंज रही थीं। मुझे नए प्रकार का यौन सुख प्राप्त हुआ। एक अनोखी सिहरन मेरी रीढ़ की हड्डी से लेकर सिर तक दौड़ गई।
प्लीज मामी मेरी गोलियों और चूस दो मैंने कहा। तो वो मुस्कुरा दी और फिर से दोनों गोलियों को चूसने लगी। मेरे अंग-अंग में सेक्स की भूख जाग गई। बड़ा आनंद लिया। मैंने खड़े-खड़े ही उनकी ब्रा और पैंटी उतरवा दी और अपनी अंजू मामी को पूर्ण रूप से नंगा कर दिया। उनकी चूत का बगीचा मुझे दिख गया। हल्की-हल्की काली घुंघराली झाटें मुझे दिख गई थीं।
मैंने हांफते हुए कहा प्लीज मामी मेरी गोलियों और चूस दो। वो मुस्कुरा दीं। उनकी आंखों में शरारत और प्यास दोनों चमक रहे थे। उन्होंने दोनों गोलियों को फिर से मुंह में लेकर और गहरी चूसना शुरू कर दिया। हर चूस के साथ मेरे अंग-अंग में सेक्स की भूख जाग गई। मेरा पूरा शरीर अब सिर्फ एक चीज चाहता था। बड़ा आनंद लिया। मैं अब और सहन नहीं कर पा रहा था। मैंने खड़े-खड़े ही उनकी ब्रा का हुक पीछे से खोला। ब्रा ढीली हुई और उनकी भारी 34 इंच की चूचियां एक झटके में बाहर आ गईं। गोरे और भरे हुए स्तन हिलते हुए मेरे सामने लहरा रहे थे। उनके गुलाबी निप्पल सख्त और खड़े हो चुके थे। फिर मैंने उनकी सफेद पैंटी का इलास्टिक पकड़कर नीचे खींचा। पैंटी उनकी जांघों से सरकती हुई फर्श पर गिर गई। अब अंजू मामी पूरी तरह नंगी खड़ी थीं। उनकी चूत का बगीचा मुझे दिख गया। हल्की-हल्की काली घुंघराली झाटें मुझे दिख गई थीं।
मैंने खड़े-खड़े ही मामी को पकड़ लिया और दोनों दूध को हाथ से लेकर ऊपर-नीचे हिलाने लगा। मेरी मजबूत उंगलियां उनके नंगे गोरे स्तनों पर कस गईं। दोनों भारी 34 इंच के दूध मेरी हथेलियों में पूरी तरह समा गए थे। मैंने उन्हें जोर से ऊपर उठाकर फिर नीचे झुलाया। उनके नरम मांस की लहरें मेरी उंगलियों के बीच दब रही थीं और हर हिलाने पर उनकी चूचियां भारी-भारी लहराती हुईं। फिर आपा खोकर दबाने लगा। अब मामी अई अई अई अहह्ह सी सी सी हा हा हा करने लगी। मैं मस्त-मस्त अनारों को हाथ से दबाने लगा और दबाता ही चला गया। फिर खड़े-खड़े अपनी मामी की मुसम्मी मुंह में लेकर चूसने लगा।
मेरी हथेलियां उनके स्तनों को कसकर मसल रही थीं। हर दबाव के साथ उनकी गोरी त्वचा मेरी उंगलियों के निशान छोड़ रही थी। उनके निप्पल सख्त होकर खड़े हो चुके थे और मेरी हथेलियों की गर्मी से और भी उत्तेजित हो रहे थे। मामी की सांसें तेज और उथली हो गई थीं। उनका पूरा बदन मेरे सामने कांप रहा था। मैंने उनके दूधों को इतनी जोर से दबाया कि वे मेरी उंगलियों के बीच से फूलकर बाहर निकल आए। उनके मुंह से लगातार अई अई अई अहह्ह सी सी सी हा हा हा की सेक्सी कराहें निकल रही थीं। उनकी आंखें आधे बंद हो गई थीं और चेहरा लाल हो रहा था। मैं मस्त-मस्त अनारों को हाथ से दबाने लगा और दबाता ही चला गया। फिर मैं खड़े-खड़े ही झुक गया और अपनी मामी की मुसम्मी मुंह में लेकर चूसने लगा।
भांजे ओह सी सी सी धीरे-धीरे चूसो वो कहने लगी। पर फिर भी मैं अपनी स्पीड में उनकी मुसम्मी मुंह में लेकर चूसने लगा। दोस्तों बड़े शानदार दूध थे। 34 इंच के बड़े-बड़े और रसीले। मैं एक-एक आम को मुंह में लेकर चूस रहा था। दूध के टिप पर भूरे-भूरे बड़े-बड़े गोले तो कितने सेक्सी दिख रहे थे। दबा-दबाकर समझ लीजिए आमों का रस निकाल-निकालकर चूस रहा था।
मामी की आवाज में प्यास और थोड़ी शिकायत दोनों थी। उन्होंने कहा भांजे ओह सी सी सी धीरे-धीरे चूसो। पर फिर भी मैं अपनी स्पीड में उनकी मुसम्मी मुंह में लेकर चूसने लगा। मेरे होंठ एक स्तन के निप्पल को पूरी तरह घेर चुके थे। मैंने जोर से चूसा और जीभ से तेजी से घुमाया। दूध का स्वाद मीठा और गर्म था। दोस्तों बड़े शानदार दूध थे। 34 इंच के बड़े-बड़े और रसीले। मैं एक-एक आम को मुंह में लेकर चूस रहा था। पहले बाएं स्तन को पूरा मुंह में भर लिया फिर दाएं को। दूध के टिप पर भूरे-भूरे बड़े-बड़े गोले तो कितने सेक्सी दिख रहे थे। मैंने दांतों से हल्का काटा और फिर जीभ से चाटा। दबा-दबाकर समझ लीजिए आमों का रस निकाल-निकालकर चूस रहा था। मेरी उंगलियां अभी भी दूसरे स्तन को मसल रही थीं।
भांजे आऊ आऊ हममम अहह्ह सी सी सी हा हा हा अंजू मामी बोलने लगी। फिर मैं नीचे बैठ गया और उनके चूत के बगीचे को ध्यान से देखने लगा। मैंने अपनी नाक मामी की चूत में लगा दी और एक लंबी सांस सू करके चूत की मस्त-मस्त खुशबू लेने लगा। क्या मस्त-मस्त खुशबू आ रही थी भीनी-भीनी।
मामी अब पूरी तरह उत्तेजित हो चुकी थीं। उनके मुंह से भांजे आऊ आऊ हममम अहह्ह सी सी सी हा हा हा की लगातार आवाजें निकल रही थीं। उनका बदन पसीने से चमक रहा था। मैंने उन्हें थोड़ा पीछे धकेला और खुद नीचे बैठ गया। फिर मैं उनके चूत के बगीचे को ध्यान से देखने लगा। हल्की काली घुंघराली झाटें उनकी गोरी चूत के चारों तरफ फैली हुई थीं। मैंने अपनी नाक मामी की चूत में लगा दी और एक लंबी सांस सू करके चूत की मस्त-मस्त खुशबू लेने लगा। क्या मस्त-मस्त खुशबू आ रही थी भीनी-भीनी। उनकी चूत से निकल रही गर्म और मीठी खुशबू मेरे दिमाग को पागल कर रही थी।
मैंने झाटों को उंगली से हटाया और उनकी चूत का दीदार किया। लाल-लाल चूत की फांकों का दर्शन किया तो लंड मेरा बहने लगा और रस के रेशे छोड़ने लगा। मैंने उसी वक्त चूत में मुंह लगा दिया और चाटने लगा। उसके बाद तो सब कुछ हो गया। मैंने खड़े-खड़े ही मामी की चूत का पानी निकलवा दिया।
मेरी उंगलियों ने झाटों को हटाकर उनकी चूत की दोनों फांकों को पूरी तरह खोल दिया। अंदर की लाल-लाल नरम दीवारें चमक रही थीं और पहले ही पारदर्शी रस से भीगी हुई थीं। लाल-लाल चूत की फांकों का दर्शन किया तो लंड मेरा बहने लगा और रस के रेशे छोड़ने लगा। मैंने उसी वक्त चूत में मुंह लगा दिया और चाटने लगा। मेरी जीभ उनकी चूत की ऊपरी कली पर घूमने लगी। फिर मैंने पूरी जीभ अंदर डालकर चाटना शुरू किया। उनके रस का नमकीन और मीठा स्वाद मेरी जीभ पर फैल गया। उसके बाद तो सब कुछ हो गया। मैंने खड़े-खड़े ही मामी की चूत का पानी निकलवा दिया। उनकी टांगें कांप रही थीं और चूत से लगातार रस टपक रहा था।
उनको अपनी टांगें खोलनी पड़ी। इससे मुझे अच्छे से चूत चाटने को मिल गया। अब चूत में उंगली करके-करके चाट रहा था। अंजू मामी उंह उंह हूँ हूँ हममम भांजे तू बड़ा जालिम है रे अहह्ह अई अई अई करने लगी। मैंने पंद्रह मिनट बैठे-बैठे मामी की चूत चाट-चाटकर उनका बगीचा गीला कर दिया।
मामी को अपनी टांगें और चौड़ी खोलनी पड़ीं ताकि मैं पूरी तरह अंदर तक पहुंच सकूं। मैं घुटनों के बल बैठ गया और उनकी जांघों को दोनों हाथों से फैला दिया। इससे मुझे अच्छे से चूत चाटने को मिल गया। अब मैंने दो उंगलियां उनकी चूत में डाल दीं और अंदर बाहर करने लगा। साथ ही जीभ से उनकी कली को तेजी से चाटता रहा। अंजू मामी उंह उंह हूँ हूँ हममम भांजे तू बड़ा जालिम है रे अहह्ह अई अई अई करने लगी। उनकी चूत मेरी उंगलियों और जीभ को कसकर दबा रही थी। मैंने पंद्रह मिनट बैठे-बैठे मामी की चूत चाट-चाटकर उनका बगीचा गीला कर दिया।
चोद बेटा अब कितना सताएगा मुझे वो बोली। उनकी आवाज में गहरी प्यास और अधीरता साफ झलक रही थी। मैंने उनको एक मेज पर झुका दिया और उसकी बायीं टांग उठाने को कहा। मामी ने मेज के किनारे को दोनों हाथों से कसकर पकड़ लिया और अपनी बायीं टांग को उठाकर मेज पर टिका दिया। अब उनकी भरी हुई गोरी गांड मेरे सामने पूरी तरह उभर आई थी। उनकी चूत की लाल-लाल फांके पहले से ही गीली थीं और हल्का-हल्का रस उनकी जांघों पर चमक रहा था। ठीक पीछे मैं पहले से खड़ा था। मेरे लंड का मोटा सुपारा उनकी चूत के छेद पर बार-बार रगड़ रहा था।
मैंने सुपारे को उनकी चूत की फांकों के बीच धीरे से दबाया। मामी की सांसें भारी हो गईं। पीछे से उनकी चूत में अपना दस इंच लंड घुसा दिया और चोदने लगा। लेकिन पूरा लंड एक झटके में अंदर नहीं जा सका। सिर्फ सुपारा अंदर घुसा तो मामी ने दर्द भरी आवाज में कहा, “आराम से करो बेटा, तुम्हारे मामा का इतना बड़ा नहीं है, मुझे इतना बड़ा लेने की आदत नहीं है।” उनकी चूत बहुत टाइट थी। मेरे मोटे लंड के आगे उनकी चूत की दीवारें पहले तो जोर से विरोध कर रही थीं। मैंने धीरे-धीरे कमर आगे बढ़ाई। हर इंच के साथ मामी की चूत फैल रही थी और उन्हें तेज दर्द हो रहा था। उनकी आंखें बंद हो गईं, दांत होंठों को काट रहे थे और हाथ मेज को और भी जोर से पकड़ रहे थे। धीरे-धीरे लंड उनकी चूत के छेद में अच्छे से फिट हो गया और अच्छे से चोदने लगा।
मामी मेज पर झुकी और बायीं टांग को उठाए हुए थी। उनकी टांग कांप रही थी और पसीने से भीग गई थी। इसी बीच बड़ा आनंद लिया और कसके चोद लिया मामी को। जैसे-जैसे उनकी चूत मेरे लंड को अंदर लेने लगी, दर्द धीरे-धीरे गहरे आनंद में बदलने लगा। वो आराम से चुदवाती रही और बीच-बीच में ओह भांजे ओह भांजे बोल रही थी। उनकी सेक्सी आवाज अब दर्द और सुख के मिश्रण से भरी हुई थी। कुछ देर तक पेलने के बाद मैंने चूत से लंड निकाला तो चूत का बड़ा छेद मुझे दिख गया।
इकदम गुलाबी-गुलाबी चूत का छेद दिखा। अब उनकी चूत का मुंह काफी फैला हुआ था और अंदर की गुलाबी दीवारें पूरी तरह भीगी हुई चमक रही थीं। मैं ठरकी हो गया और नीचे बैठकर चूत चाटने लगा। नमकीन चूत को रबड़ी की तरह चाट गया। अंजू मामी उ उ उ अअअ आआआ सी सी सी ऊँ ऊँ करती रही पूरे वक्त। चूत की एक-एक कली को अच्छे से पिया और दांत में लेकर काट भी लेता था।
इस तरह से अपनी सगी मामी को तड़पा-तड़पा कर चोद रहा था। खड़े होकर काफी चुदाई हो गई। अब बिस्तर पर लेकर आ गया और मामी को लिटा दिया। उनकी गांड के नीचे मैंने मोटा तकिया लगा दिया और फिर लेटकर चूत में अपना सुपारा घिसने लगा। ऐसा करने से उनको बड़ा सेक्स का नशा मिला और कांपने लगी।
भांजे तू तो बड़ा चोदू लड़का है रे अंजू मामी। उनकी आवाज अभी भी हांफ रही थी और चेहरे पर चरम सुख की लाली छाई हुई थी। मैंने उनके गाल पर दो चांटे मार दिए दोनों गालों पर चट-चट। मेरी हथेली उनके फूले हुए गोरे गालों पर जोर से पड़ी और तुरंत लाल निशान उभर आए। मामी की आंखें एक पल के लिए चौड़ी हो गईं फिर फिर से कामुकता से बंद हो गईं। फिर से लंड का मोटा सुपारा उनकी चूत के बड़े-बड़े सेक्सी होंठों पर घिसने लगा और पांच मिनट तक घिसता ही रहा। मेरा पूरा दस इंच का लंड उनकी चूत के बाहर ही ऊपर-नीचे रगड़ रहा था। सुपारा उनकी गीली और फूली हुई चूत की फांकों को बार-बार दबाता और छोड़ता। हर रगड़ के साथ उनकी चूत से नमकीन रस निकलकर मेरे लंड पर चमकदार परत बना रहा था। तभी देखा कि मारे चरमसुख और काम उत्तेजना के मामी झड़ गई। उनकी पूरी चूत अचानक सिकुड़ने लगी और तेज गर्म रस की धार मेरे लंड पर छूट पड़ी। मामी का पूरा बदन जोर-जोर से कांप उठा। उनकी जांघें सख्त हो गईं और मुंह से एक लंबी चीख निकली।
मैं इस कीमती रस को बेकार नहीं करना चाहता था। जल्दी से लेट गया और चूत को मुंह में लेकर चाटने लगा। खूब चाटा और खूब चूसा। फिर से अपना दस इंच लंड चूत में घुसा दिया और पेलने लगा। मामी फिर से चुदने लगी और उनके दोनों संतरे को मैंने हाथों से पकड़ लिया और दबा-दबाकर चोद रहा था। मैं तुरंत उनके पैरों के बीच लेट गया। मेरी जीभ उनकी अभी भी झड़ रही चूत पर लग गई। मैंने पूरी जीभ अंदर डालकर उनका गर्म और नमकीन रस चूसना शुरू कर दिया। हर चूस के साथ उनकी चूत की दीवारें मेरी जीभ को कसकर दबा रही थीं। खूब चाटा और खूब चूसा। फिर मैं उठकर उनके ऊपर चढ़ गया और अपना दस इंच लंड उनकी अभी भी सिकुड़ रही चूत में एक ही झटके में पूरा घुसा दिया। मामी फिर से चुदने लगीं। उनके दोनों संतरे को मैंने हाथों से पकड़ लिया और दबा-दबाकर चोद रहा था। हर धक्के के साथ उनकी भारी चूचियां मेरी हथेलियों में मसल रही थीं।
इसी बीच ऐसा मौसम बन गया कि आपको बता बताऊं। जल्दी-जल्दी चुदाई शुरू हो गई और जैसे लोग मोटरसाइकिल चलाते हैं उसी तरह से मैं उनकी चूत को चट-चट आघात पहुंचा कर वहशी तरह से चोदने लगा। अंजू मामी भी मम्मी मम्मी सी सी सी हा हा हा ऊँ ऊँ ऊँ उनकी सेक्सी आवाजें अपने सेक्सी होंठों से निकाल रही थी। कमरे में सिर्फ चूत पर लंड के चट-चट की आवाजें और हम दोनों की हांफती सांसें गूंज रही थीं। मेरी कमर तेजी से ऊपर-नीचे हो रही थी। हर धक्के में मेरा लंड उनकी चूत की गहराई तक जा रहा था और वापस निकलते समय उनकी चूत के होंठ मेरे लंड को चूसते हुए बाहर आ रहे थे। अंजू मामी भी मम्मी मम्मी सी सी सी हा हा हा ऊँ ऊँ ऊँ की सेक्सी आवाजें अपने सेक्सी होंठों से निकाल रही थीं। उनकी आंखें पूरी तरह बंद थीं और मुंह खुला हुआ था।
ऐसी में उनकी आवाजें मेरी वासना और काम पिपासा को और आग लगा रही थीं। मुझे और अधिक जोश के साथ मामी को चोदने को कह रही थी। मेरी आंखें अधिक खून के बहाव के कारण लाल-लाल हो गईं और मैंने मामी के बड़े-बड़े संतरे पर चांटे मारना शुरू कर दिया और चुदाई चालू रखी। उनकी हर कराह मेरे कान में और जोश भर रही थी। मैंने अपनी स्पीड और बढ़ा दी। मेरी आंखें अधिक खून के बहाव के कारण लाल-लाल हो गईं। मैंने मामी के बड़े-बड़े संतरे पर चांटे मारना शुरू कर दिया। चट-चट की आवाज के साथ उनके गोरे स्तनों पर लाल निशान बनने लगे। फिर भी चुदाई चालू रखी।
हा हा हा चोद और कसके चोद भांजे आज फाड़ डाल मेरी इस गुलाबी चूत को सी सी सी अंजू मामी बोलने लगी। मैं उनके आदेश को मान सकता था। मैं और तेज-तेज लंड को उनके चूत के छेद में दौड़ाने लगा और भरपूर संभोग और सहवास किया। फिर झड़ने की बारी आ गई। मामी का पूरा बदन मेरे नीचे तड़प रहा था। उनकी चूत मेरे लंड को और भी जोर से चूस रही थी। मैं और तेज-तेज लंड को उनके चूत के छेद में दौड़ाने लगा। हर धक्का अब और गहरा और तेज था। भरपूर संभोग और सहवास किया। मेरी कमर मटक रही थी और पसीना उनके शरीर पर टपक रहा था। फिर झड़ने की बारी आ गई।
अपनी कमर मटका-मटकाकर तेज धक्के देते-देते अंत में अपनी जवान मामी के भोसड़े में शहीद हो गया। लंड से अनेक बार अपना गर्म-गर्म माल मामी की चूत में छोड़ दिया। फिर पसीने से भीग कर उसके ऊपर लेट गया। वो अब भी हूँउ हूँउ हूँउ ऊँ ऊँ सी सी कर रही थी। मेरी कमर अंतिम बार जोर से मटकी और पूरा लंड उनकी चूत की सबसे गहराई तक धंस गया। फिर पहला गर्म-गर्म झटका आया। मेरे लंड से मोटी-मोटी धारें उनके भोसड़े में छूटने लगीं। मैंने कई बार अपनी कमर मटका-मटकाकर तेज धक्के देते-देते अंत में अपनी जवान मामी के भोसड़े में शहीद हो गया। लंड से अनेक बार अपना गर्म-गर्म माल मामी की चूत में छोड़ दिया। मेरे माल की गर्मी उनकी चूत की दीवारों को भर रही थी। फिर पसीने से भीग कर मैं उनके ऊपर ही लेट गया। वो अब भी हूँउ हूँउ हूँउ ऊँ ऊँ सी सी कर रही थी। उनकी चूत अभी भी मेरे लंड को हल्के-हल्के दबा रही थी।
मैं भी मचल गया और उनके फूले-फूले गोरे चिकने गाल पर मैंने अपने दांत रखकर कसके काट लिया। इस प्रकार दोस्तों मेरी अपनी सगी अंजू मामी से पहली चुदाई सम्पन्न हो गई। कुछ दिनों बाद मैं अपने घर लौट आया। पर मामी की वो पलंगतोड़ चुदाई आज भी याद है।
Note : यहां पोस्ट की गई हर कहानी सिर्फ मनोरंजन के लिए है,कृपया वास्तव जीवन में कहानी में घटित कोई भी चित्र प्रयोग करना घातक हो सकता है और इसका जिम्मेदारी कहानी के लेखक या फिर कहानी प्रस्तुतकर्ता नहीं होंगे,तो कृपया इस सबको अपने निजी जिंदगी के साथ मत जोड़ें और अपने बुद्धि,विवेक के साथ काम लें।
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