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डॉक्टर ने घी लगाकर गांड मारा

दोस्तों आज मैं अपनी पहली कहानी लिखने जा रही हूं। मुझे उम्मीद है कि आपको मेरी कहानी और मेरी मेहनत दोनों पसंद आएगी। तो चलिए मैं अब कहानी शुरू करती हूं।

मेरा नाम काजल है। मैं एक शादीशुदा औरत हूं। मेरे दो बच्चे हैं। दो बच्चे होने के बाद भी मैं आज भी अठारह साल की जवान लड़की जैसी लगती हूं। मेरा रंग एक गोरा और ऊपर से सेक्सी चिकना जिस्म किसी को भी मेरा दीवाना बनने के लिए काफी है।

ये किस्सा मेरे और मेरे घर के पास रहने वाले एक डॉक्टर के साथ मेरे और उसके पहले सेक्स संबंध का है। ये बात आज से एक साल पहले की है जब मेरे पति की पोस्टिंग दिल्ली से चंडीगढ़ में हो गई थी।

कंपनी की तरफ से हमें एक फ्लैट मिला था। वो चंडीगढ़ के एंड में पड़ता था इसलिए वहां आसपास कोई मार्केट कोई डॉक्टर भी नहीं था। मेरे छोटे बेटे की तबीयत ठीक नहीं रहती थी। उसको रोज एक इंजेक्शन लगता था।

पर आसपास डॉक्टर न होने की वजह से मुझे या मेरे पति रवि को रोज काफी दूर तक जाना पड़ता था। इसमें हम दोनों को काफी दिक्कत होती थी। टाइम और पेट्रोल दोनों काफी बर्बाद होते थे।

घर में छोटा बेटा ज्यादा बीमार रहता था। इसलिए बड़े बेटे पर इसका कोई असर न हो। इसलिए हम दोनों ने पहले से ही अपने बड़े बेटे को बोर्डिंग स्कूल में डाल दिया था। अब घर में मैं मेरे हसबैंड और मेरा छोटा लड़का ही रहते थे। उसकी बीमारी में इतना खर्च नहीं होता था जितना हमारा आने जाने का हो जाता था।

तभी मेरे पति को पता चला कि हमारे साथ वाली बिल्डिंग में एक डॉक्टर रहता है। मेरे पति ने उससे बात की कि वो रोज जाते समय मेरे बच्चे को एक इंजेक्शन लगा दिया करेगा। वो डॉक्टर बिना कोई फीस के ये काम करने के लिए मान गया।

फिर मेरे पति ने मुझे ये बात घर आकर बताई। ये सुनकर मैं खुश हो गई। उन्होंने कहा कि कल डॉक्टर अपने आप ग्यारह बजे तक आ जाएगा। उनकी बात सुनकर मैं बोली।

चलो ये तो बहुत अच्छा हुआ जी। इस छोटे से इंजेक्शन की काफी दिक्कत होती है।

फिर अगले सुबह मेरे पति अपने ऑफिस के लिए निकल गए और जाते हुए वो मुझसे बोले सुनो काजल मैं अभी जाते हुए एक बार फिर से डॉक्टर को कहकर जाता हूं। कहीं उनके दिमाग से ये बात न निकल जाए। वैसे उसका नाम कमल शर्मा है।

मैं बोली ठीक है जी।

फिर वो घर से चले गए और करीब ग्यारह बजे घर की डोर बेल बजी।

मैं बोली हां जी कौन।

बाहर से आवाज आई जी मैं डॉक्टर कमल शर्मा मैं आपके लड़के को इंजेक्शन लगाने के लिए आया हूं।

मैंने तभी डोर ओपन किया तो मैंने देखा कि एक बहुत ही स्मार्ट गुड लुकिंग वाला एक गोरा आदमी मेरे सामने खड़ा है। उसने क्लीन शेव करी हुई थी। आंखों पर नजर वाला चश्मा लगा हुआ था।

मैं बोली प्लीज वेलकम आइए अंदर बैठिए।

कमल बोला अच्छा आपके बेटा कहां है आपके पति ने इंजेक्शन लगाने के लिए कहा था मुझे।

मैं बोली वो अंदर बेडरूम में है। चलिए आपको दिखा देती हूं।

फिर मैं कमल को अंदर बेडरूम में ले गई। उसने मेरे बच्चे को देखा और इंजेक्शन लगा दिया।

मैं बोली डॉक्टर आप बच्चे का चेकअप कर लीजिए मैं आपके लिए चाय बनाकर लाती हूं।

कमल बोला ओके।

मैं ये कहकर किचन में चली गई और वहां जाकर डॉक्टर के बारे में सोचने लगी। मैंने आज तक इतना स्मार्ट और गुड लुकिंग वाला मर्द नहीं देखा था। क्योंकि मेरे पति थोड़े काले हैं पर इतना गोरा मर्द मैंने पहली बार देखा। सच बतूं तो उसको देखकर मेरा दिल जोर जोर से धड़क रहा था।

फिर मैं चाय बनाकर डॉक्टर के पास ले गई जैसे ही मैंने उन्हें कप पकड़ाया तो मेरे हाथों पर उनकी उंगलियां छू गईं। मेरा दिल जोर जोर से धड़क उठा। फिर उसने चाय पी और बच्चे को देखकर जाने लगा।

मैं बोली डॉक्टर शायद कितने पैसे हुए।

डॉक्टर बोला जीरो नो फीस ओके।

मैं बोली थैंक्स।

फिर उस दिन के बाद डॉक्टर कमल आए दूसरे या तीसरे दिन मेरे घर आकर मेरे बच्चे को फ्री में देखने लग गया। उसके हाथों में शायद जादू था क्योंकि उसके इलाज से अब मेरा बच्चा पहले से काफी अच्छा होने लग गया था।

धीरे धीरे उसमें और मेरे पति में काफी अच्छी दोस्ती हो गई। पर कमल जब भी मुझे देखता था तब मुझे उसकी आंखों में ऐसा लगता था मानो ये मुझसे कुछ कहना चाहता हो। पर वो कभी मुझसे कुछ नहीं बोलता था। पर एक बात और थी कमल तभी घर में आता था जब मेरे पति घर पर नहीं होते थे।

आखिर एक दिन उसने मुझे अपने दिल की बात कह ही दी। उस दिन वो रोज की तरह मेरे बच्चे को देखने के लिए आया था। चेकअप के बाद मैंने उसे चाय दी उसके बाद वो बोला।

कमल बोला काजल जी मैं आपसे कुछ कहना चाहता हूं।

मैं बोली हां जी बोलिए क्या बात है कोई मेडिसिन खत्म हो रही है क्या।

कमल बोला नहीं दरअसल बात ये है कि मैं आपको बहुत पसंद करता हूं। आप बहुत सुंदर हो पूरे शहर में मैंने आप जैसी खूबसूरत औरत नहीं देखी। मुझे तो आपसे प्यार हो गया है।

मैं बोली सॉरी पर मैं आपको प्यार नहीं कर सकती क्योंकि मैं शादीशुदा औरत हूं।

कमल बोला हां जी मुझे ये अच्छे से पता है पर अब आप ही बताओ मैं क्या करूं। मुझे तो आपसे प्यार हो गया है।

मैं बोली मैं आपके लिए और चाय लेकर आती हूं।

ये कहकर मैं चाय बनने के लिए चली गई। मैं हैरान थी क्योंकि कमल मेरे पीछे किचन में आ गया था और बोला।

कमल बोला प्लीज काजल जी मेरी बात का बुरा न मानना पर ये सच है कि मुझसे अब आपसे प्यार हो गया है। मुझे आप बहुत ज्यादा अच्छी लगती हो।

जब वो मेरे पीछे खड़ा होकर ये सब बातें कर रहा था तब मेरा दिल जोर जोर से धड़क रहा था। एक तो वो दिखने में इतना सुंदर और हैंडसम था। ऊपर से वो इतना मीठा बोलता था कि कोई भी उसकी बात को ना नहीं कर सकता था।

इतने में चाय बन गई और मैंने उसे कप में डालकर चाय दी। पर उसने मेरा हाथ पकड़ लिया और मुझसे बोला काजल प्लीज सच सच बताओ क्या तुम्हें मैं अच्छा नहीं लगता। देखो तुम चाहे कुछ मत बोलो पर तुम्हारी आंखें मुझे साफ साफ कह रही हैं कि तुम मुझे पसंद करती हो।

मैं बोली नहीं प्लीज मुझे छोड़ दो प्लीज।

कमल बोला नहीं पहले मुझे बताओ कि तुम मुझे पसंद करती भी हो या नहीं।

मैं बोली प्लीज यहां से अब चले जाओ। कोई भी कभी भी यहां आ सकता है। प्लीज समझा करो अब यहां से आप चले जाओ प्लीज।

कमल बोला ठीक है मैं जाता हूं।

फिर मैं कमल को बाहर तक छोड़ने के लिए। जब वो दरवाजे से जाने लगा तो उसने मेरे गोरे गालों पर किस कर ली। मैं तब भी कुछ नहीं बोली और फिर वो वहां से चला गया।

अब कमल डॉक्टर की हिम्मत दिन पर दिन बढ़ती ही जा रही थी। वो रोज आता और कभी मेरा हाथ पकड़ता और कभी मुझे अपनी बाहों में भर मेरे गालों पर किस करके चला जाता है।

मैं अभी तक अपने मुंह से कुछ नहीं बोली थी पर मुझे इसमें बहुत मजा आता था। उसका ऐसे मुझे छूना और मुझे किस करना बहुत अच्छा लगता था। मैं ऐसे बहुत गर्म हो जाती थी और ऐसे करने से मेरी चूत में पानी निकल जाता था।

कमल रोज मुझे आकर ऐसे गर्म कर देता था। मुझे इसमें बहुत मजा आता था। शायद उसका इरादा मुझे गर्म करके पागल करना था। थोड़े दिन ऐसे ही चलता रहा। और अब मेरा दिल भी कमल से चुदने का करने लग गया। अब मैं भी चाहती थी कि कमल मुझे मसल कर रख दे और मुझे जम कर चोद दे।

क्योंकि मेरा पति रवि एक नंबर का निकम्मा है साला। वो रोज रात को थकान का बहाना मारकर सो जाता था। मैं ऐसे ही सेक्स की आग में तड़पती रहती हूं। मैं रोज रात को चूत में उंगली डालकर अपनी चूत को शांत करती थी।

फिर वो दिन आ गया जिस दिन मैं कमल के नीचे आ गई। हुआ कुछ ऐसे ही रोज की तरह कमल घर पर आया और मेरे बच्चे को इंजेक्शन लगाकर मेरे पास आ गया। और मुझे पकड़कर अपनी बाहों में भर लिया फिर उन्होंने मेरे होंठों पर अपने होंठ रखे।

और वो मेरे होंठों को जोर जोर से चूसने लग गया। मैं ये देखकर काफी हैरान थी क्योंकि जो बंदा रोज मेरे गालों पर किस करता था। आज वो मेरे होंठों को चूस रहा था। उसके दोनों हाथ मेरी कमर पर थे।

वो मेरे होंठों को जम कर चूस रहा था मुझे भी मजा आने लग गया। मैं भी मजे में उसके होंठ चूस रही थी। हम दोनों धीरे धीरे गर्म होने लग गए फिर दस मिनट तक होंठ चूसने के बाद वो बोला।

कमल बोला काजल आज मेरा बहुत दिल कर रहा है।

मैं बोली क्या करने का मन कर रहा है।

कमल बोला सेक्स करने का।

मैं बोली नहीं नहीं यहां कोई भी आ सकता है।

ये कहकर मैं उससे अलग होकर अपना घर का काम करने लग गई। उसके बाद फिर कमल मेरे पीछे आया और मुझे पीछे पकड़ा और अपनी गोद में उठाकर बेडरूम में ले गया।

मेरा दिल तेज तेज धड़कने लग गया। फिर उसने मुझे बेड पर लिटा दिया और मेरे ऊपर लेटकर मेरे होंठों को चूसने लग गया। मुझे अब बहुत मजा आ रहा था आखिर आज मेरा सपना पूरा हो रहा था।

थोड़ी देर बाद कमल मेरे ऊपर से उठा और बोला यार मैं अपने कपड़े निकाल देता हूं। वरना मेरे कपड़े खराब हो जाएंगे।

ये कहकर कमल ने अपने पैंट और शर्ट निकाल दी। वो अंडरवीयर था और मैं साड़ी में बेड पर लेटी हुई थी। फिर वो मेरे ऊपर आकर लेट गया और मेरे होंठों और मेरी गर्दन को चूसने और चूमने लग गया।

मैं कमल के नीचे लेटे मस्त होने लग गई। फिर कमल का हाथ मेरे बूब्स पर आ गया और फिर वो मेरे बूब्स मसलने लग गया। मेरे मुंह से सिसकारियां निकलने लग गईं। फिर कमल ने मेरा ब्लाउज उतारने की कोशिश कर पर मैं उसे रोकते हुए बोली।

मैं बोली नहीं इसे ऊपर कर लो उतारो मत कोई भी आ सकता है।

कमल ने मेरी बात समझते हुए मेरा ब्लाउज ऊपर कर लिया। मेरे बूब्स एकदम बाहर आ गए। कमल मेरे गोरे चिकने और मोटे बूब्स देखकर काफी खुश हो गया। फिर उसने मेरे बूब्स को चूसना शुरू कर दिया। वो मेरे बूब्स को एक बच्चे की तरह चूस रहा था।

मुझे बहुत मजा आ रहा था। फिर वो मेरे बूब्स चूसते हुए नीचे चला गया। उसने मेरी साड़ी और पेटीकोट को पकड़कर ऊपर कर दिया। मेरी चिकनी चूत देखकर कमल के मुंह में पानी आ गया।

वो एकदम कुत्ते की तरह नीचे बैठकर मेरी चूत को चाटने लग गया। मेरी चूत का पानी वो अपनी जीभ से चाट चाट कर पीने लग गया। मैं उस समय दूसरी दुनिया में पहुंच गई थी। फिर थोड़ी देर बाद मेरी चूत का पानी निकल गया। जिसे कमल ने अपनी जीभ से अच्छे से चाट चाट कर पी लिया।

अब मेरी बारी थी अब मैंने अपनी शर्म को साइड में रख दिया था। मैं उठकर बैठी और कमल का अंडरवीयर मैंने खुद नीचे किया। उसका सात इंच लंबा लंड देखकर मेरी आंखें चमक गईं। पर उसके लंड पर बहुत बड़े बड़े बाल भी थे।

जिसे देखकर मुझे थोड़ा सा दुख हुआ। फिर उसके बाद मैंने उसका लंड अपने मुंह में लिया और जोर जोर से चूसने लग गई। लंड चूसकर कसम से मजा ही आ गया। उसके लंड में का स्वाद ही बहुत ही मजेदार था। पर मेरे मुंह में उसके लंड के बाल आ रहे थे। मैं थोड़ा गुस्से में बोली।

मैं बोली क्या बात कभी लंड के बाल नहीं काटे क्या।

कमल बोला जान कल काट लूंगा आज तो तुम इसे अपनी चूत में ले लो बस।

फिर उसने मुझे बेड के किनारे में लिटा दिया और मेरी दोनों टांगें उठाकर पूरी खोल दी। मेरी चूत और उसका लंड पहले से गीला हो रखा था। उसके बाद कमल ने अपना लंड मेरी चूत रखा और धीरे धीरे जोर लगाकर अपना लंड मेरी चूत में डालने लग गया।

मेरी चूत दो बच्चे होने के कारण पहले से काफी खुली थी। इसलिए मुझे पूरा लंड लेने के बाद भी कुछ खास दर्द नहीं हुआ। फिर कमल ने धक्के मारने शुरू कर दिए। मुझे भी चुदाई का मजा आने लग गया। मैं भी नीचे से अपनी गांड को उठा उठाकर उसका लंड अपनी चूत में लेने लग गई।

थोड़ी देर बाद मेरी चूत का पानी निकल गया पर डॉक्टर का लंड दम तोड़ने का नाम नहीं ले रहा था। मैं समझ गई कि आज डॉक्टर पूरी तैयारी करके मेरी चूत मारने के लिए आया है। फिर थोड़ी देर तक चुदाई के बाद डॉक्टर बोला।

कमल बोला काजल जान अब तुम उल्टी हो जाओ।

मैं बोली क्यों क्या हुआ।

कमल बोला अब मैंने तुम्हारी गांड मारनी है इसलिए।

मैं घबरा कर बोली नहीं नहीं प्लीज मुझे गांड में बहुत दर्द होता है।

कमल बोला अरे मैं डॉक्टर हूं वादा करता हूं। तुम्हें दर्द नहीं होने दूंगा।

मैं बोली नहीं मुझे पता है बहुत दर्द होता है। शादी के पंद्रह साल होने के बाद भी मैंने सिर्फ दो बार ही अपनी गांड में उनका लंड लिया है। ये बहुत टाइट है और ऊपर से आपका लंड भी काफी मोटा है। ये तो मेरी गांड को फाड़ कर रख देगा।

कमल बोला अरे मेरी जान आई लव यू कसम से दर्द नहीं होने दूंगा।

मैं बोली मुझे अच्छे से पता है तुम सब मर्दों को उसी चीज में मजा आता है। जिसमें हम औरतों को दर्द हो और वो दर्द के मारे तुमसे रहम की भीख मांगे।

ये सुनकर कमल मुस्कुरा कर बोला मेरी जान तुम्हें सब पता है तो क्यों अपने आशिक को ऐसे तड़पा रही हो। चलो अब अपनी गांड मुझे दे दो।

फिर मैं भी मुस्कुरा कर उसके आगे घोड़ी बन गई और फिर कमल ने पीछे से अपना लंड मेरी गांड पर सेट किया और धक्का मारने लग गया। पर उसका लंड मेरी गांड में नहीं जा रहा था। कमल बहुत ट्राई कर रहा था पर मेरी टाइट गांड में उसका मोटा लंड अंदर जाने का नाम तक नहीं ले रहा था।

काफी देर तक ट्राई करने के बाद कमल हार कर बोला जान प्लीज ऑयल लेकर आओ।

मैं भागकर किचन में से घी लेकर आई। मैंने आज कमल के लंड पर अच्छे से घी लगाया और खुद अपनी गांड पर भी लगा दिया। फिर मैं उसके आगे घोड़ी बन गई।

फिर कमल ने मेरी गांड पर अपना लंड रखा और एक जोरदार धक्के से मेरी गांड में अपना पूरा लंड एक ही धक्के में डाल दिया। लंड गांड के अंदर जाते ही मेरी जान निकल गई। मैं बहुत जोर से चिल्लाने लग गई।

पर कमल को इसमें बहुत मजा आ रहा था। वो पीछे से मेरी गांड को पकड़कर जोर जोर से चोद रहा था। मुझे इसमें बहुत मजा आने लग गया पर जब मेरी गांड में जलन होने लगी तो मैं बोली।

मैं बोली बस करो जानू अब मेरी गांड अंदर जल रही है। निकालो अपना लंड प्लीज मेरी गांड में से।

कमल बोला एक शर्त पर।

मैं बोली मैं तुम्हारी सारी शर्त मानने को तैयार हूं तुम बस बोलो।

कमल बोला जैसे तुम्हारी गांड से लंड निकलेगा तुम्हें तभी मेरा लंड अपने मुंह में लेना होगा। फिर मैं वैसे ही तुम्हारा मुंह चोदकर अपने लंड का पानी निकालूंगा। जिसे तुम्हें पीना होगा।

मैं बोली हां ठीक है पर तुम निकालो प्लीज।

कमल अपना लंड निकाला और मैं पलट कर उसके लंड के सामने आ गई। मैंने देखा कि उसका पूरा लंड मेरी गांड की टट्टी से बाहर हुआ था। मैंने ये देखकर बोली।

मैं बोली कमल सॉरी ये बहुत गंदा है।

कमल बोला तुमने वादा किया था अब अपना मुंह खोलो बस।

मैं कुछ नहीं कर सकती थी। मैंने अपना मुंह खोला और टट्टी से भरा हुआ लंड चूसने लग गई। ये अब तक का मेरी लाइफ के सबसे गंदा सेक्स बन गया था। थोड़ी देर तक मेरा मुंह चोदने के बाद मेरे मुंह में टट्टी और लंड के पानी का स्वाद मिक्स हो गया। फिर मुझे वो सब न चाहते हुए भी पीना पड़ा।

उस दिन के बाद वो मुझे रोज चोदने लग गया। एक दिन उसने एक अजीब सी फरमाइश करी जिस सुनकर मेरे पांव के नीचे से जमीन निकल गई। वो क्या थी मैं आपको अगली कहानी में बताऊंगी।

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⚠️ महत्वपूर्ण अस्वीकरण

ये सभी कहानियाँ केवल काल्पनिक हैं।
इनका वास्तविक जीवन से कोई संबंध नहीं है।

सेक्स हमेशा सहमति पर आधारित होना चाहिए।
बिना सहमति के कोई भी कार्य गलत और दंडनीय है।

इन कहानियों से प्रेरित न हों।
बस पढ़ें, आनंद लें और भूल जाएं।