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टीसी गार्ड पुलिस ने सबने मिलकर मां और बहन को चोदा

Maa behan train chudai gangbang sex story: हेलो, मैं सनी वडोदरा गुजरात से हूं। मेरी उम्र 22 साल है। मुझे पोर्न देखने में बहुत मजा आता है और मैं रोज पोर्न देखकर मुठ मारता हूं। सेक्स स्टोरी पढ़ना भी अच्छा लगता है। ज्यादातर मैं रिश्तेदारों वाली स्टोरी ही पढ़ता हूं।

ये चुदाई स्टोरी मेरी मॉम और मेरी बहन की है। मेरी मॉम स्कूल में टीचर हैं। उनका नाम नीता है और वो 44 साल की हैं। वो दिखने में इतनी खूबसूरत नहीं हैं फिर भी औरत तो हैं यही काफी है। उनका फिगर 34-28-36 है। अंदाजा लगा सकते हैं आप कि फिगर कैसा होगा।

वो हमेशा साड़ी पहनती हैं क्योंकि हम गुजराती हैं। मेरे डैड का ट्रांसफर दिल्ली हो गया है इसलिए अब वो वहां रहते हैं। घर में अब हम तीन लोग ही रह गए हैं। मैं, मेरी मॉम और मेरी सिस्टर।

मेरी सिस्टर का नाम जिया है। वो 20 साल की है और कॉलेज के सेकंड ईयर में पढ़ती है। दिखने में ठीक-ठाक है। उसका फिगर 34-30-36 है। मेरी मॉम जैसा ही फिगर है हां लेकिन उसकी कमर मॉम से ज्यादा बड़ी है।

ये बात तब की है जब हमारा समर वेकेशन खत्म होने वाला था। हम लोगों ने कन्याकुमारी घूमने जाने का प्लान बनाया था। हम घर के चार लोग थे। मॉम, डैड, सिस्टर और मैं। हम जब जाने वाले थे उसके एक दिन पहले ही डैड को ऑफिस के जरूरी काम से दिल्ली जाना पड़ा। जिस वजह से हमारा टूर कैंसल होने वाला था लेकिन डैड ने बताया कि मैं दिल्ली से सीधा कन्याकुमारी आ जाऊंगा। तब जाकर हम टूर पर जा सकें।

हम ट्रेन से जाने वाले थे। हॉलिडे स्पेशल ट्रेन थी। एसी में टिकट नहीं मिली इसलिए स्लीपर कोच में जाना पड़ रहा था। अब डैड तो थे नहीं इसलिए मॉम, सिस्टर और मैं रेलवे स्टेशन चले गए। वडोदरा से हम बैठने वाले थे। वहां से कन्याकुमारी का रास्ता 36 घंटे का था। वैसे टिकट तो बुक थी इसलिए हमें कोई परेशानी नहीं हुई।

मॉम ने ड्रेस पहना हुआ था क्योंकि हम टूर पर जाने वाले थे और बहन ने टीशर्ट और जीन्स। हम गए तो वहां ट्रेन पहले से ही आ गई हुई थी। हम जाकर अपनी सीट पर बैठ गए। हमारी सीट डिब्बे के बराबर बीच में थी। हम सब खुश थे।

थोड़ी देर में ट्रेन चलने लगी। डिब्बे में ज्यादा लोग भी नहीं थे। फिर थोड़ी देर बाद हम बैठे हुए थे और टीसी आया। टीसी ने टिकट दिखाने को कहा। मैंने टिकट निकालकर दिखाई। उसके बाद उसने आईडी कार्ड दिखाने को कहा। तो मैंने मेरा और मॉम का आईडी कार्ड दिखा दिया। और जब मेरी बहन का आईडी कार्ड मांगा तब वो ढूंढने लगी और उसे नहीं मिला।

तब वो टीसी बोलने लगा कि ऐसे नहीं चलेगा आईडी कार्ड तो चाहिए। मैं और मॉम उसको समझाने लगे कि आईडी है सिर्फ एक का नहीं है तो क्या हो गया। उसमें टिकट तो है तीनों की। फिर भी वो साला मान ही नहीं रहा था और अगले स्टॉप पर उतर जाने को बोलने लगा।

तब मैं उसके साथ बहस करने लगा और मॉम के मुंह से निकल गया कि कुछ पैसे ले लो। तब जाकर हम पूरी तरह से फंस गए। और वो बोला कि एक गवर्नमेंट सर्वेंट को रिश्वत दे रही हो आप। ठहरो मैं पुलिस को बुलाता हूं।

मॉम बहुत ज्यादा डर गई और उससे हाथ जोड़कर मुझे माफ कर दो ऐसा बोलने लगी। तब भी वो मान ही नहीं रहा था। उसने पुलिस को बुला लिया। दो पुलिस वाले आए और टीसी ने उनको बता दिया कि ये मैडम मुझे रिश्वत दे रही है।

तो वो पुलिस वालों ने मॉम को कहा कि आप चलिए हमारे साथ। मॉम उनसे हाथ जोड़कर विनती करने लगी लेकिन वो दोनों भी मान नहीं रहे थे। बोल रहे थे कि मैडम आप चलिए यहां पर तमाशा होने से अच्छा है कि हमारे डिब्बे में जाकर बात करें। आप डरिए मत।

जैसे-तैसे मॉम जाने को तैयार हुई लेकिन मैंने कहा साथ में मैं भी चलूंगा। तो वो दोनों बोलने लगे कि ठीक है आप तीनों चलो। सामान यहीं रहने दो। जो भी बात करनी है वो हमारे साहब से बात करके आते हैं।

हम सब चलने लगे। पहले वो पुलिस वाला बीच में मॉम, सिस्टर, मैं और हमारे पीछे भी दूसरा पुलिस वाला। टीसी दूसरे लोगों की टिकट चेक करने में लग गया। फिर हम तीन डिब्बे चले और फिर जाकर आखिरी डिब्बा आया।

जिसमें हम गए तो वहां पर दो आमने-सामने सीट थीं और बाथरूम और टॉयलेट था। डिब्बे में दो गार्ड भी थे। वो पूछने लगा कि क्या हुआ। तो वो पुलिस वालों ने बताया कि ये मैडम रिश्वत दे रही थी टीसी को। वो लोग हंसने लगे कि क्या मैडम इतने अच्छे घर की हो फिर भी आपको पता नहीं है कि रिश्वत देना गुनाह है।

अब वहां पर चार लोग हैं। दो पुलिस वाले और दो गार्ड। तो वो दो पुलिस वालों ने मॉम को बुलाया डिब्बे के कोने में। और वहां पर जाकर मॉम के साथ बात करने लगे। लेकिन मुझे कुछ गड़बड़ लगी। मॉम हाथ जोड़कर पता नहीं क्या बोल रही थी।

फिर उसने मॉम को पता नहीं क्या कहा। मॉम वहां से आ गई और वो मुझे बोलने लगी कि तुम वहां सीट पर जाओ। मैं और जिया आते हैं बाद में। मैंने पूछा कि क्या हुआ। तो वो बोली कि तुम जाओ। लेकिन मैं मान नहीं रहा था। मैंने बोला कि मॉम मैं नहीं जाऊंगा आपकी बिना। लेकिन मॉम ने मुझे अपनी कसम दे दी और मुझे जाना पड़ा। लेकिन फिर भी मुझे गड़बड़ लग रही थी।

मैं वहां से चला गया और सीट पर जाकर बैठ गया। मेरे मन में ख्याल आने लगे कि मॉम ने मुझे क्यों भेज दिया। ट्रेन की हल्की सी झुकाव वाली गति में मैं अपनी सीट पर आराम से बैठ गया था। मेरे दिमाग में तरह-तरह के सवाल घूम रहे थे। हवा में ट्रेन की धातु की हल्की सी गंध और बाहर की ठंडी हवा का एहसास हो रहा था।

फिर थोड़ी देर बाद वहां पर टीसी आया और बोला बेटा सेक्स करना है। मैं सुनकर चौंक गया कि ये क्या कह रहा है। उसकी आवाज़ भारी और सीधी थी। मैंने उसकी तरफ देखा तो वो करीब 55 साल का बूढ़ा आदमी था। उसके चेहरे पर झुर्रियां थीं, बाल सफेद हो चुके थे और आंखों में एक अजीब सी चमक थी। वो मुझसे इतनी खुली और अश्लील बात कर रहा था कि मेरा पूरा शरीर सिहर गया।

वो करीब 55 साल का बूढ़ा था और मुझसे ऐसी बात कर रहा था। उसने मेरे लंड पर हाथ रखा। मैं डर गया कि ये साला गे है क्या। उसका गर्म और थोड़ा खुरदुरा हाथ अचानक मेरी पैंट के ऊपर से मेरे लंड पर दब गया। मैं चौंककर पीछे हटना चाहा लेकिन सीट की वजह से जगह नहीं थी। मेरे शरीर में ठंडा पसीना छूटने लगा। दिल जोर-जोर से धड़क रहा था। उसने फिर कहा कि आ जा मजे करते हैं। मैंने कहा कि नहीं भाई। मेरी आवाज़ कांप रही थी। तो वो बोला कि ठीक है और वहां से चला गया।

फिर एक खूबसूरत सी लेडी को लेकर आया। मैं उसे देखता ही रह गया। वो आकर मेरे पास बैठ गई। उसकी उम्र करीब 30 साल लग रही थी। लंबे काले बाल, गोल-मटोल चेहरा, मोटे होंठ और बड़ी-बड़ी आंखें थीं। उसकी साड़ी थोड़ी खुली हुई थी जिससे उसकी गहरी गर्दन और नाभि का हिस्सा दिख रहा था। मेरे लंड पर हाथ रख दिया तो मैं शर्मा रहा था। उसकी नरम उंगलियां मेरी पैंट के कपड़े के ऊपर से दबाव डाल रही थीं। फिर उसने मेरी पैंट में हाथ डाल दिया जो कि ज्यादा फिट नहीं थी ढीली थी। उसकी ठंडी और मुलायम हथेली सीधे मेरे लंड को छू गई। मेरी सांसें तेज हो गईं। और उसने पकड़कर मेरा लंड बाहर निकाल लिया। मैं कुछ बोल नहीं पाया। मेरा लंड अब पूरी तरह खड़ा हो चुका था और हवा में थरथरा रहा था।

फिर उसने मेरे लंड को पकड़कर हिलाने लगी। उसकी उंगलियां मजबूती से मेरे लंड की मोटी छड़ को जकड़े हुए ऊपर-नीचे घिस रही थीं। हर हिलाव के साथ मेरे शरीर में बिजली सी दौड़ रही थी। सिरे पर से थोड़ा सा पारदर्शी तरल निकल रहा था जो उसकी हथेली को चिकना बना रहा था। और फिर उसने मेरे लंड पर झुककर मुंह में ले लिया। उसका गर्म, नम और नरम मुंह मेरे लंड के सिरे को पूरी तरह घेर लिया। मैं आहाहा ह्ह्ह्ह्म्म्म कर करने लगा। उसकी जीभ मेरे लंड के नीचे वाले हिस्से को चाट रही थी। वो लॉलीपॉप की तरह चूस रही थी। उसके होंठ कसकर लंड को दबा रहे थे और मुंह के अंदर की गर्मी मुझे पागल कर रही थी। मैं आहाहाह हम्मम आहाहा करता रहा। मेरी कमर अपने आप ऊपर उठ रही थी।

फिर थोड़ी देर बाद मेरा वीर्य निकल गया। मेरे लंड में तीव्र झटके लगे। गर्म-गर्म मोटी धारें उसके मुंह के अंदर फूट पड़ीं। उसने पूरा अपने मुंह में ही ले लिया। मैं शॉक था कि साली मेरा वीर्य पी गई। उसकी गर्दन हल्की सी हिली जब उसने निगला। फिर वो वहां से उठकर जाने लगी और उसने उस लेडी को 500 का नोट दिया। मैं हैरान था कि साला ये क्या हो रहा है।

फिर वो टीसी ने अपने मोबाइल में मेरा वो लेडी मुंह में ले रही थी वो दिखाया। वीडियो में मेरी कमर उठती हुई और उसका सिर नीचे झुकता हुआ साफ दिख रहा था। मैंने कहा कि प्लीज अंकल इसे डिलीट कर दो। लेकिन उसने कहा कि हां कर दूंगा बेटा लेकिन अब तुझे मैं चुदाई दिखाता हूं उसके बाद करूंगा।

मैंने सोचा कि ये साला क्या बोल रहा है। वो मुझे अपने साथ ले जाने लगा। हम दोनों वो गार्ड वाला डिब्बा की तरफ जाने लगे। मैं सोचने लगा कि ये मॉम और सिस्टर की तरफ कहां जा रहा है।

वहां पर दूसरे डिब्बे में मैंने देखा तो वो लेडी थी जिसने अभी-अभी मेरा पानी निकाला था। वो एक किन्नर थी यानी हिजड़ा था। मैं शॉक हो गया कि एक हिजड़े ने मेरा मुंह में लिया।

फिर हम उस डिब्बे के पास पहुंच गए। ट्रेन की तेज रफ्तार में डिब्बों के बीच की धातु की हल्की-हल्की खड़खड़ाहट और ठंडी हवा का झोंका लगातार आ रहा था। टीसी ने मेरे कंधे को मजबूती से पकड़ लिया और मुझे दीवार की तरफ धकेलते हुए फुसफुसाया।

तो उसने कहा कि यहां चुपके से देखना। अंदर आया तो वीडियो वायरल कर दूंगा। मैंने कहा ठीक है। मेरी आवाज़ पूरी तरह कांप रही थी। गले में सूखापन हो गया था। मुझे लग ही था कि मेरी मां बहन चुद जाएगी आज। दिल इतनी जोर से धड़क रहा था कि कान में बस वही आवाज़ गूंज रही थी।

और वो अंदर चला गया। मैं वहीं पर नीचे बैठ गया। ट्रेन के दो डिब्बों के बीच के सटल जो अंदर से आधा बंद था, वहां घुटनों के बल बैठकर झुक गया। मैंने सिर आगे बढ़ाकर अंदर झांका तो मेरी तो जैसे आंखें फट गई। बेंचोद ये क्या है।

मेरी मॉम सीट पर पूरी तरह लेटी हुई थी। उसके दोनों पैर फैलाकर ऊपर की तरफ उठाए हुए थे। वो पुलिस वाला, जो हट्टा-कट्टा, काला और मांसल शरीर वाला था, पूरा नंगा होकर मॉम के ऊपर चढ़ा हुआ था। उसका मोटा, लंबा और नसों से भरा लंड मॉम की चूत में धीरे-धीरे घुस रहा था। पहले उसने लंड का सिरा मॉम की चूत के बाहर वाले होंठों पर रगड़ा, फिर धीमा झटका देकर आधा लंड अंदर डाला। मॉम की आंखें बंद हो गईं और उसका मुंह खुल गया। “आह्ह्ह… उफ्फ… धीरे… बड़ा मोटा है…” मॉम ने कांपती हुई आवाज में कहा।

पुलिस वाले ने फिर से कमर पीछे खींची और पूरा लंड एक जोरदार धक्के से मॉम की चूत के अंदर ठेल दिया। मॉम का पूरा शरीर अचानक सख्त हो गया। उसकी कमर ऊपर उठ गई और छातियां जोर से हिलीं। “हाय राम… आह्ह्ह… पूरी चूत फट गई… हां… चोदो मुझे…” मॉम की आवाज मुंह में लंड के कारण दबी हुई थी लेकिन फिर भी साफ सुनाई दे रही थी। पुलिस वाला अब तेज-तेज झटके मारने लगा। हर झटके पर मॉम की चूत से “पच… पच… पच…” की चिकनी आवाज निकल रही थी। मॉम की जांघें कांप रही थीं और उसकी चूत के होंठ लंड के साथ-साथ अंदर-बाहर हो रहे थे।

और दूसरा आदमी मॉम के मुंह पर बैठा हुआ था। उसने अपनी गांड मॉम के चेहरे पर पूरी तरह दबा रखी थी। मॉम उसकी गांड को जीभ से चाट रही थी और उसका मोटा लंड गले तक मुंह में ले रही थी। मॉम की आंखों से आंसू बह रहे थे लेकिन उसके चेहरे पर अजीब सा सुख था। वह बार-बार गला हिला रही थी और लंड को चूस रही थी। “मम्म… मम्म…” की आवाज उसके मुंह से निकल रही थी।

साला वो तो घचाघच चोद रहा था। पुलिस वाला हर झटके में पूरा लंड बाहर निकालकर फिर से जोर से अंदर धकेल रहा था। मॉम की चूत पूरी तरह लाल और सूजी हुई थी। उसका शरीर बार-बार सिहर रहा था। अचानक मॉम की कमर तन गई, उसकी जांघें पुलिस वाले की कमर को जकड़ लीं और वो जोर से कांपने लगी। “आह्ह्ह… निकल रहा है… मैं आ गई… हाय…!” मॉम का पहला ऑर्गेज्म आ गया। उसकी चूत सिकुड़-सिकुड़कर पुलिस वाले के लंड को दबा रही थी और चूत से गर्म पानी की धार फूट पड़ी।

फिर मुझे लगा बहन कहां है। तो वो ठीक मॉम की सीट के ऊपर वाले बर्थ पर गार्ड के साथ लगी हुई थी। बहन घोड़ी बनकर बैठी हुई थी। उसकी कमर नीचे झुकी हुई थी और गांड ऊपर उठाई हुई थी। गार्ड उसके पीछे घुटनों के बल बैठकर बहन की चूत में कुत्ते की तरह चोद रहा था। पहले उसने लंड को बहन की चूत के मुंह पर रगड़ा, फिर धीरे से अंदर डाला। बहन ने आह भरकर कहा, “उफ्फ… गार्ड साहब… धीरे… मेरा पहली बार है…”

गार्ड ने बहन की कमर को दोनों हाथों से पकड़ लिया और धीरे-धीरे पूरा लंड अंदर-पूरा बाहर करने लगा। हर धक्के के साथ बहन की छातियां लटककर जोर-जोर से झूल रही थीं। बहन की आंखें बंद थीं और मुंह से लगातार “आह… हां… और जोर से… चोदो ना… मेरी चूत फाड़ दो…” जैसी आवाजें निकल रही थीं। गार्ड की जांघें बहन की गांड से टकरा रही थीं और “थप… थप… थप…” की आवाज गूंज रही थी। बहन की चूत से सफेद झाग बनकर गार्ड के लंड पर चिपक गया था।

उसके बाद वो झड़ गया और उसने बहन को नीचे उतरने को कहा। वहां पर वो टीसी था। उसने बहन को कमर से मजबूती से पकड़ लिया और उसे डिब्बे के सटल के पास ले आया। बिल्कुल मेरे सामने सटल आधा बंद था इसलिए बहन को पता नहीं चला।

वो सटल को पकड़कर खड़ी हो गई। और थोड़ी सी झुकी। सटल के ऊपर हाथ रखकर टीसी ने अपना लंड बहन की चूत में डाल दिया। आसानी से चला गया क्योंकि चूत गीली थी। वो मुझे साफ-साफ दिख रहा था। सिर्फ टीसी का लंड और बहन की नाभि से लेकर नीचे का पार्ट।

बहन ने दोनों हाथों से सटल को मजबूती से पकड़ लिया और अपनी कमर को थोड़ा पीछे की तरफ झुका दिया। उसकी जांघें थोड़ी फैली हुई थीं। टीसी ने अपना मोटा, काला लंड बहन की चूत के बाहर वाले गीले होंठों पर रगड़ा। फिर उसने कमर आगे की और पूरा लंड एक ही झटके में अंदर धकेल दिया। बहन की चूत पहले ही गीली और चिकनी हो चुकी थी, इसलिए लंड बिना किसी रुकावट के पूरी तरह अंदर चला गया। बहन की कमर एक झटके से आगे की तरफ झुक गई। “आह्ह्ह… उफ्फ… पूरा भर गया…” बहन की कांपती हुई आवाज निकली।

वो टीसी घचाघच पेलने लगा। मेरी बहन भी आहाहाह अह्ह्ह्ह प्लीज धीरेरे अाम उह्ह्ह उउउ अह्हह अह्ह नाहिी अाह अह्ह हम्म फर रही थी। टीसी ने बहन की कमर को दोनों हाथों से पकड़कर तेज-तेज झटके मारने शुरू कर दिए। हर झटके पर उसके मोटे लंड की नसें बहन की चूत की दीवारों को रगड़ रही थीं। “पच… पच… पच…” की चिकनी आवाज सटल के पास गूंज रही थी। बहन की चूत पूरी तरह फैल गई थी और लंड के साथ-साथ उसके होंठ अंदर-बाहर हो रहे थे। बहन की आंखें बंद थीं, मुंह खुला था और लगातार कराह रही थी। “आह्ह्ह… टीसी अंकल… धीरे… मेरी चूत फट जाएगी… उह्ह्ह… हां… फिर भी मत रोको… आह्ह… गहरी… गहरी चोदो…” उसकी आवाज बार-बार टूट रही थी। उसकी जांघें कांप रही थीं और चूत से गर्म पानी की छोटी-छोटी धारें टपक रही थीं।

फिर मैंने देखा कि टीसी चोदते-चोदते रुक गया। लगता है उसका निकल गया। टीसी ने आखिरी जोरदार झटका मारा, अपनी कमर बहन की गांड से चिपका दी और कांपने लगा। उसका लंड बहन की चूत के अंदर ही फड़क उठा। गर्म-गर्म वीर्य की मोटी धारें बहन की चूत में फूट पड़ीं। बहन भी कांप उठी और “हां… अंकल… अंदर भर दो… आह्ह्ह…” कहकर खुद भी हल्का ऑर्गेज्म महसूस करने लगी।

फिर वहां पर दूसरा गार्ड आया और उसने बहन की चूत में लंड डाल दिया और वो भी घचाघच पेलने लगा। टीसी के निकलते ही दूसरा गार्ड आगे बढ़ा। उसने बहन की चूत से टपकते वीर्य को देखा, मुस्कुराया और अपना लंड सीधा उसी गीले और भरे हुए छेद में ठेल दिया। बहन की चूत अब और भी चिकनी हो गई थी। गार्ड ने तेज रफ्तार से चोदना शुरू कर दिया। “थप… थप… थप…” की आवाज तेज हो गई। बहन की कमर हिल रही थी और वो लगातार कराह रही थी, “नाही… अब नहीं… उफ्फ… फिर से भर गया… हां… चोदो… मेरी चूत अब तुम्हारी है…”

वो चोद रहा था तभी वो दोनों पुलिस वालों में से एक जो मॉम के मुंह पर बैठा था वो मॉम को लेकर वहां सटल के पास आया और बिल्कुल बहन के बाजू में मॉम को भी खड़ा कर दिया।

अब मेरी मॉम और बहन की चूत मेरे सामने थी जो कि मेरे मुंह से आधा फीट की दूरी पर थी। मॉम की चूत से वीर्य टपक रहा था।

वो पुलिस वाले ने एक सीधा मॉम की चूत में ही पेल दिया और जोर-जोर से खड़े-खड़े चोदने लगा। मॉम और बहन दोनों की चूत में लंड जा रहा था मेरे सामने। जैसे इंजन का पिस्टन होता है ऊपर-नीचे वैसे लंड चूत में ऊपर-नीचे हो रहा था।

मॉम और बहन आहह म्म्ह अहाहाह अहम्म म्माह अहाह उह्ह उह्ह म्मा मार ग्ग्सी धीीरे अह्ह अह्ह जैसी आवाज निकाल रही थीं। दोनों के मुंह से लगातार कराहटें और टूटी-टूटी सी आवाजें निकल रही थीं। मॉम की आवाज भारी और गहरी थी जबकि बहन की आवाज पतली और कांपती हुई। “आह्ह्ह… उफ्फ… हां… और जोर से… आह्ह… मेरी चूत फाड़ दो…” मॉम बार-बार कह रही थी। बहन भी साथ दे रही थी, “उह्ह्ह… टीसी अंकल… धीरे… नहीं… हां… तेज… तेज चोदो… आह्ह्ह… मैं फिर से आ रही हूं…”

और मॉम और बहन की गांड पर जो वो दोनों लंड की जांघ टकरा रही थी उसका थप थप थप थप थप थप आवाज आ रहा था। दोनों पुरुष अपनी जांघों को पूरी ताकत से मॉम और बहन की नंगी गांड से टकरा रहे थे। हर टकराहट पर मांस की चिकनी और जोरदार “थप्प… थप्प… थप्प…” की आवाज पूरे सटल के आसपास गूंज रही थी। मॉम और बहन की सफेद और मुलायम गांड लाल हो गई थी और हर झटके पर हिल रही थी।

फिर वो दोनों एक साथ झड़ गए। दोनों ने मॉम और बहन की चूत में ही वीर्य निकाल दिया और जोर से अपना लंड उनकी चूत में डाल दिया। पहले पुलिस वाले ने मॉम की कमर को कसकर पकड़ा, आखिरी कई जोरदार झटके मारे और फिर पूरी तरह अंदर धकेलकर कांपने लगा। उसके लंड ने मॉम की चूत के अंदर गर्म-गर्म मोटी धारों में वीर्य उगलना शुरू कर दिया। मॉम की चूत सिकुड़-सिकुड़कर लंड को दबा रही थी। “हाय राम… अंदर भर गया… आह्ह्ह… पूरा गर्म वीर्य… मैं भी आ गई…” मॉम जोर से चिल्लाई और उसका पूरा शरीर तनकर कांपने लगा।

दूसरी तरफ गार्ड ने भी बहन की कमर को जकड़ लिया और अपनी कमर को बहन की गांड से चिपकाकर जोर-जोर से झड़ने लगा। बहन की चूत में भी गर्म वीर्य की धारें फूट पड़ीं। बहन की जांघें कांप उठीं, उसकी आंखें उलट गईं और वो चीखते हुए बोली, “नाही… अंदर मत… उफ्फ… भर गया… हां… आह्ह्ह… मैं झड़ गई…” दोनों महिलाओं के शरीर एक साथ ऑर्गेज्म की लहर में डूब गए। उनकी चूतों से सफेद वीर्य मिक्स होकर बाहर टपकने लगा।

मॉम और बहन जोर से चिल्लाई। दोनों वहां से हट गईं और मैं भी खड़ा हो गया।

वहां से इतने में टीसी बाहर आया और बोलने लगा बेटा जा तेरी मॉम बहन अभी आ जाएगी। और बोला कि लगता है तेरी मॉम और बहन की रेगुलर चुदाई होती है। उनकी चूत में कम्फर्टेबली लंड चला जाता है।

मैं कुछ बोला नहीं और वहां से चला गया और जाकर सीट पर बैठ गया। इतने में मॉम और बहन आ गईं। दोनों सीट पकड़-पकड़कर चल रही थीं और थकी हुई सी लग रही थीं।

मॉम बोली बेटा हम सो जाते हैं। मॉम की आवाज़ थकी हुई और नरम थी। उसका चेहरा अभी भी चुदाई के बाद लाल था, बाल बिखरे हुए थे और आंखों में नींद छाई हुई थी। उसने अपनी साड़ी को ठीक करते हुए धीरे से कहा, “बेटा अब काफी रात हो गई है, हम लोग सो जाते हैं। कल सुबह जल्दी उठना है।” बहन भी बगल में बैठी हुई थी, उसकी आंखें आधी बंद थीं और शरीर अभी भी हल्का कांप रहा था।

और मैंने बोला ठीक है। मैंने हल्के से सिर हिलाकर कहा, “ठीक है मॉम, आप दोनों आराम से सो जाओ।” मेरी आवाज़ में अभी भी शॉक और उलझन बाकी थी।

फिर दोनों सो गईं। मॉम और बहन ने अपनी-अपनी सीट पर लेट गए। उन्होंने हल्के कंबल ओढ़ लिए। मॉम की सांसें धीरे-धीरे गहरी होती गईं। बहन ने करवट बदलकर मॉम के पास सटकर लेट गई। दोनों के चेहरे पर थकान के साथ एक अजीब सी शांति थी।

और मैं ऊपर के बर्थ पर चला गया और मैं भी सो गया। मैं सीढ़ी चढ़कर ऊपर वाले बर्थ पर लेट गया। नीचे की तरफ देखा तो मॉम और बहन सो चुकी थीं। ट्रेन की हल्की झुकाव और रेल की धातु की आवाज के बीच मैं भी आंखें बंद करके लेट गया।

आगे की कहानी उसके बाद क्या हुआ मॉम और बहन को उठने के बाद वो दूसरे पार्ट में तब तक के लिए आप स्टोरी पढ़िए मुठ मारिए और चूत में उंगली कीजिए और औरतों की रेस्पेक्ट कीजिए क्योंकि वुमन इज गिफ्ट ऑफ गॉड।

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Note : यहां पोस्ट की गई हर कहानी सिर्फ मनोरंजन के लिए है,कृपया वास्तव जीवन में कहानी में घटित कोई भी चित्र प्रयोग करना घातक हो सकता है और इसका जिम्मेदारी कहानी के लेखक या फिर कहानी प्रस्तुतकर्ता नहीं होंगे,तो कृपया इस सबको अपने निजी जिंदगी के साथ मत जोड़ें और अपने बुद्धि,विवेक के साथ काम लें।


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