Moti chudakkad mami sex story: नमस्ते, मैं सनी वडोदरा गुजरात से हूं और यह मेरी पहली हिंदी सेक्स स्टोरी है। मैं इक्कीस साल का हूं और सेक्स स्टोरी पढ़ना बहुत पसंद है। अब मैं अपनी कहानी शुरू करता हूं। यह कहानी मेरी मामी की है जो दुबई में रहती हैं।
मेरे मामा और मामी दुबई में सेटल हैं। कुछ दिनों के लिए मामी अकेली भारत आई हुई थीं। उस समय मैं उन्नीस साल का था। यह कहानी छह साल पुरानी है। मेरी मामी का नाम पद्मा है। उस समय उनकी उम्र उनतीस साल थी।
वे थोड़ी मोटी हैं। उनका फिगर छत्तीस तीस अड़तीस है। उनके स्तन और गांड बहुत बड़े हैं जिसे देखकर किसी का भी लिंग खड़ा हो जाए। वे ज्यादातर सलवार कमीज पहनती हैं और कभी-कभी साड़ी, घर में टीशर्ट और सेक्सी नाइटी पहनती हैं। उनका फिगर देखकर आप अंदाजा लगा सकते हैं कि क्या कयामत है। मोटी हैं लेकिन सेक्स के लिए परफेक्ट हैं।
यह उस समय की बात है जब उन्होंने हमारे घर के पास एक फ्लैट खरीदा था। मेरे अंकल ने काफी सस्ते में दिलवाया था क्योंकि उनके दोस्त का फ्लैट था। उनका नाम कांजीभाई था। उम्र साठ साल। वे एक बार दुबई जा चुके थे और मेरी मामी के साथ पहले भी मिल चुके थे। वहां मामी घर पर ही रुकी थीं। इसी वजह से उनका रिश्ता मेरी मामी के साथ अच्छा था।
मेरी मामी दुबई से अकेली आई हुई थीं। इसी वजह से मेरी मां ने मुझे उनके साथ रहने को कहा। तब मेरा वेकेशन चल रहा था तो मुझे भी उनके साथ रहने में कोई समस्या नहीं थी। उस समय मैं छोटा था।
वे मुझे चॉकलेट वगैरह बहुत देती थीं इसलिए मुझे उनके साथ मजा आता था। एक बार मैं दोपहर को सोया हुआ था। वैसे तो मैं सोता नहीं था पर रात को हम मूवी देखने गए थे इसलिए मैं सोया हुआ था। अचानक मेरी नींद खुली तो मामी बेड पर नहीं थीं। उस समय मैं मामी के साथ सोया हुआ था क्योंकि मैं तब छोटा था।
मैं कमरे से बाहर निकला और देखा। मामी की आवाज दूसरे कमरे से आ रही थी और दरवाजा थोड़ा सा खुला था। मैं वहां थोड़ी जगह से देखने लगा तो मेरी आंखों पर यकीन नहीं हो रहा था कि मैं क्या देख रहा हूं। मामी पूरी नंगी थीं और उनके साथ कांजी अंकल थे।
वे मामी के ऊपर चढ़े हुए थे और अपनी कमर से जोरदार झटके मार रहे थे। उनकी मोटी तोंद मामी के बड़े-बड़े स्तनों पर दब रही थी। हर झटके के साथ उनका लिंग गहरी चोट में मामी की योनि के अंदर तक धंस जाता था। मामी की आंखें बंद थीं और उनके मुंह से लगातार आह्ह्ह्ह… हूम्म्म… आह्ह्ह्ह… डालो… मारो… हां… ह्म्म्म… जैसी कामुक आवाजें निकल रही थीं। उनकी आवाज में दर्द और मजा दोनों का मिश्रण था।
अंकल जोर-जोर से धक्के लगा रहे थे। उनकी काली, झुर्रीदार कमर तेजी से ऊपर-नीचे हो रही थी। हर धक्के पर मामी का पूरा शरीर हिल जाता था और उनके भारी स्तन लहराते हुए एक-दूसरे से टकराते थे। कमरे में चुदाई की थप-थप… थप-थप… की तेज आवाज गूंज रही थी। अंकल भी आह्ह्ह… हाहा… हू… उuuuu… जैसी घुटी हुई आवाजें निकाल रहे थे। उनकी सांसें तेज और गर्म थीं। पसीना उनकी पीठ पर बह रहा था और मामी की चिकनी त्वचा पर टपक रहा था।
वे मामी के होंठों में अपने होंठ डालकर गहरी किस कर रहे थे। उनकी जीभ मामी के मुंह के अंदर घुस रही थी। मामी अपनी गुलाबी जीभ बाहर निकालकर अंकल की जीभ को चूस रही थीं। दोनों की लार एक-दूसरे के मुंह में मिल रही थी। किस की चप-चप की आवाज चुदाई की थप-थप के साथ मिलकर पूरे कमरे को भर रही थी। क्या नजारा था। पहली बार मैं लाइव चुदाई देख रहा था।
ऐसा बीस मिनट तक लगातार चला। अंकल का लिंग बार-बार पूरी गहराई तक अंदर-बाहर हो रहा था। मामी की योनि से सफेद रस निकलकर दोनों की जांघों को गीला कर रहा था। फिर अंकल ने अचानक अपना लिंग बाहर निकाला। बाहर आठ इंच लंबा और दो इंच मोटा, नसों से भरा लिंग चमक रहा था। मामी की योनि का रस उस पर चिपका हुआ था।
अंकल खड़े हुए और मामी भी उठकर बेड पर ही बैठ गईं। उनके स्तन अभी भी उत्तेजना से फूले हुए थे और निप्पल सख्त होकर खड़े थे। अंकल ने अपना गीला लिंग मामी के मुंह के सामने रख दिया। मामी ने बिना कुछ कहे मुंह खोलकर उसे अंदर ले लिया और चूसने लगीं। अंकल ने दोनों हाथों से मामी का सिर पकड़ लिया और अपनी कमर हिलाकर जोर-जोर से लिंग मुंह में धकेलने लगे।
मामी के मुंह से बहुत सारा थूक निकल रहा था। वह उनके होंठों के कोनों से बहकर ठोड़ी पर गिर रहा था। वे घप-घप… घप-घप… की आवाज के साथ पूरा लिंग अपने मुंह में ले रही थीं। कभी-कभी लिंग इतना गहरा जाता कि मामी की आंखों में पानी आ जाता था। फिर भी वे लगातार चूसती रहीं। अंकल आह्ह्ह्ह्हा… कर रहे थे।
फिर अंकल ने मामी को बेड पर झुका दिया और पीछे जाकर अपना लिंग मामी की गांड पर थप थप मारने लगे।
मामी चारों हाथ-पैरों के बल बेड पर झुकी हुई थीं। उनकी मोटी, गोल गांड ऊपर की तरफ उठी हुई थी। अंकल ने अपनी हथेली से उनकी नंगी गांड पर जोरदार थप्पड़ मारे। हर थप्पड़ के साथ उनकी सफेद चमड़ी पर लाल निशान पड़ गए। मामी की गांड की मांसलता लहरा रही थी। अंकल का आठ इंच लंबा, मोटा लिंग उनके गांड के बीच में बार-बार थप-थप की आवाज के साथ टकरा रहा था।
मामी ने मुड़कर पीछे देखा और कामुक स्वर में बोली, “जानू क्यों तड़पा रहे हो?” उनकी आवाज में बेसब्री और उत्तेजना साफ झलक रही थी।
अंकल हंसते हुए बोले, “जान तेरी गांड इतनी मोटी और नरम है कि मजा आता है इस पर चमात मारने में।” उन्होंने फिर से दो-तीन जोरदार थप्पड़ मारे। हर थप्पड़ पर मामी की गांड हिलती और उनके मुंह से हल्की सी आह निकलती।
फिर अंकल ने मामी की चूत में पीछे से लिंग डाला। लिंग तो आराम से पूरा का पूरा अंदर चला गया। लगता है मामी ने चूत में बहुत से लिंग लिए हैं। अंकल ने तुरंत जोर-जोर से धक्के मारने शुरू कर दिए। हर धक्के पर उनका पेट मामी की मोटी गांड से टकराता और थप-थप-थप की तेज आवाज पूरे कमरे में गूंजने लगी।
मामी भी आह्ह्ह… ह्म्म्म… जैसी आवाजें निकालकर धक्के खाने लगीं। वे अपनी गांड को पीछे की तरफ मटकाकर अंकल के लिंग को और गहराई तक ले रही थीं। उनकी चूत से सफेद, चिपचिपा रस निकलकर दोनों की जांघों पर बह रहा था। अंकल मामी की गांड पर लगातार चमात मार-मारकर चोद रहे थे।
जोर-जोर से थाप थाप थाप थाप… आह्ह्ह… ह्म्म्म… वाओ… उईiiii… मां… हांaaaa… फक मी… ऑफ्फ्फ… वालोआ… मजा… जैसी आवाजें कमरे में भर गई थीं। मामी की सांसें तेज हो गई थीं। उनका पूरा शरीर पसीने से तर था। वे अपनी गांड को बराबर मटका रही थीं और पूरी तरह से मजा ले रही थीं। क्या सीन था। मेरा भी उस बार पहली बार लिंग खड़ा हुआ था।
इसी पोजीशन में अंकल मामी को दस मिनट तक लगातार चोदते रहे। अब अंकल खूब जोर-जोर से धक्के मारने लगे। थाप थाप थाप। लगता था वे झड़ने वाले थे। और झटके से अपना लिंग चूत में से निकाल लिया और झट से मामी को अपनी तरफ मोड़ लिया और मामी के मुंह में दे दिया।
और उनका सिर पकड़कर मामी के मुंह को चोदने लगे और जोर जोर से आह्ह्ह्ह कर रहे थे।
अंकल ने दोनों हाथों से मामी के सिर को मजबूती से पकड़ लिया। उनकी उंगलियां मामी के बालों में फंस गई थीं। वे अपनी कमर को तेजी से आगे-पीछे करने लगे। उनका आठ इंच लंबा और मोटा लिंग मामी के मुंह के अंदर पूरी गहराई तक धंस रहा था। हर झटके पर लिंग मामी के गले तक पहुंच जाता और उनकी आंखें पानी से भर जातीं। मामी के मुंह से घप-घप… घप-घप… की तेज आवाज निकल रही थी। अंकल जोर-जोर से आह्ह्ह्ह… आह्ह्ह्ह… कर रहे थे। उनकी सांसें फूल गई थीं और पसीना उनकी छाती से टपक रहा था।
एक जोर का झटका मारा और उसी पोजीशन में ही खड़े रह गए। अंकल का पूरा शरीर अचानक सख्त हो गया। उनकी कमर थरथरा रही थी। वे आआआ… आआआ… की घुटी हुई आवाज निकाल रहे थे। उनके लिंग के अंदर से गर्म, गाढ़ा वीर्य की धारें जोर-जोर से निकल रही थीं। मामी का मुंह पूरी तरह से भरा हुआ था। लिंग इतना गहरा था कि मामी के गले में सीधे वीर्य उतर रहा था। उन्होंने एक भी बूंद बाहर नहीं गिरने दी। मामी बार-बार निगल रही थीं और उनका गला हिल रहा था।
फिर अंकल ने अपना लिंग निकाला और बेड पर सीधे लेट गए। उनका लिंग अभी भी आधा खड़ा था और उस पर वीर्य व मामी का थूक चिपका हुआ था। वे जोर-जोर से आह… आह… आह… कर रहे थे। उनकी छाती तेजी से ऊपर-नीचे हो रही थी।
मामी सीधी दौड़कर बाथरूम चली गईं।
फिर दो-तीन मिनट में मामी बाहर आईं। उनके होंठ अभी भी लाल थे और ठोड़ी पर थोड़ा वीर्य का निशान था। वे आकर अंकल की छाती पर सिर रखकर लेट गईं। अंकल की छाती पर पसीने की परत चमक रही थी। मामी ने अपनी गुलाबी जीभ निकालकर अंकल के निप्पल को चूसना शुरू कर दिया। वे धीरे-धीरे चूस रही थीं और कभी-कभी हल्के से काट भी रही थीं। फिर मामी अंकल के पेट को चाटने लगीं। उनकी गर्म जीभ पेट की हर सिलवट पर फिसल रही थी। उन्होंने अंकल की नाभि में अपनी जीभ डाल दी और उसे चक्कर काटते हुए चाटा।
अंकल कुछ रिस्पॉन्स नहीं दे रहे थे। उनकी आंखें बंद थीं और सांसें धीमी हो गई थीं।
और जब मामी ने अंकल का लिंग पकड़ा तो अंकल हड़बड़ाकर उठे और जोर से आह्ह्हा कर रहे थे।
मामी यह देखकर हंसने लगीं और बोलीं कि क्या आप भी एक बार की चुदाई से ही इतने ढीले हो गए। वहां दुबई में अरबों के लिंग क्या कमाल के होते हैं। साले दो बार तो आराम से चोद लेते हैं। लिंग भी बड़े बड़े नाभि तक फील करवाते हैं।
अंकल बोले थोड़ा रुको मैं पानी पीकर आता हूं।
कहकर वे कमरे से बाहर आ रहे थे और मैं झट से दूसरे कमरे में जाकर सो गया। फिर पता नहीं क्या हुआ। अंकल हॉल में जाकर बैठ गए और किसी से फोन पर बात करने लगे। उनकी आवाज धीमी लेकिन स्पष्ट सुनाई दे रही थी। थोड़ी देर बाद वे वापस कमरे में गए और मैं अपनी जगह पर वापस आ गया।
वे मामी को किस करने लगे। अंकल ने मामी को अपने सीने से चिपका लिया और उनके होंठों में अपने होंठ डाल दिए। दोनों की जीभ एक-दूसरे के मुंह में घुस रही थीं। गहरी, गीली किस चल रही थी जिसमें चप-चप की आवाजें निकल रही थीं। अंकल की जीभ मामी की जीभ को चूस रही थी और लार उनके होंठों से बहकर ठोड़ी पर गिर रही थी।
फिर अंकल ने मामी के भारी स्तनों को दोनों हाथों से जोर से दबाया। उनकी उंगलियां स्तनों की नरम मांसलता में धंस गईं। उन्होंने एक निप्पल को मुंह में ले लिया और जोर-जोर से चूसने लगे। दूसरे स्तन को हाथ से मसलते हुए निप्पल को उंगली से रगड़ रहे थे। मामी की सांसें तेज हो गई थीं।
अंकल ने पूरी बॉडी को चाटना शुरू कर दिया। उनकी गर्म जीभ मामी की गर्दन, कंधों, पेट और नाभि पर फिसल रही थी। वे हर जगह चाटते जा रहे थे। फिर मामी की दोनों टांगों के बीच घुटनों के बल बैठ गए। उन्होंने अपनी जांघों के बीच मुंह डालकर मामी की चूत को चाटना शुरू किया। उनकी जीभ चूत की बाहरी पलकों को अलग करके अंदर तक घुस रही थी। वे क्लिटोरिस को चूस रहे थे और जीभ से तेजी से रगड़ रहे थे। मामी की चूत से निकला चिपचिपा रस अंकल के मुंह पर लग रहा था। वे उसे चाट-चाटकर पी रहे थे।
मामी भी मजा लेकर आह्ह्ह… ह्म्म्म… आह्ह्ह… की आवाजें निकाल रही थीं। उनकी कमर उठ-उठकर अंकल के मुंह से चिपक रही थी। अंकल मजा लेकर चूत चाट रहे थे। उनकी जीभ अंदर-बाहर हो रही थी और कभी-कभी हल्के से काट भी रहे थे।
इतने में डोर बेल बज गई। मामी घबरा गईं कि कौन आ गया। उनकी आंखें चौड़ी हो गईं और शरीर अचानक सख्त हो गया।
तो अंकल ने कहा, “रुको मैं देखता हूं तुम यहीं रहो।”
मैं भी झट से कमरे में चला गया। इस सब में मैं इतना लकी था कि वे लोग दरवाजा लॉक ही नहीं कर रहे थे और मैं मजा लेकर लाइव चुदाई देख रहा था।
इतने में अंकल अपने साथ बिल्डिंग के प्रमुख को लेकर आए।
वे काले से हट्टे-कट्टे थे। उम्र शायद पैंतालीस साल थी। काया बहुत मजबूत और मोटी थी। मैं फिर से अपनी जगह पर आ गया। उन्हें देख मामी शर्मा गईं। उनके चेहरे पर लालिमा छा गई और उन्होंने अपने स्तनों को हाथ से ढकने की कोशिश की।
अंकल बोले यह तुझे नाभि तक फील कराएगा। इसके साथ मैंने बहुत रंडी की चूत फाड़ी है।
यह कहकर अंकल ने कहा मैं चलता हूं मुझे काम है और वे चले गए।
अब मामी को उस प्रमुख ने अपना लिंग निकालकर उनके मुंह के सामने रख दिया।
मुख्य ने अपनी पैंट उतारकर अपना मोटा लिंग बाहर निकाला और उसे सीधे मामी के चेहरे के सामने लहराते हुए रख दिया। लिंग नौ इंच लंबा और तीन इंच मोटा था। उसकी मोटी नसें उभरी हुई थीं और सिरा चमकदार गुलाबी था। मामी की आंखों में चमक आ गई। वे लिंग को देखते ही लार टपकाने लगीं। बिना एक पल भी गंवाए मामी ने मुंह खोलकर पूरा सिरा मुंह में ले लिया और जोर-जोर से चूसने लगीं। उनकी गर्म, नरम जीभ लिंग के चारों तरफ लिपट गई।
प्रमुख ने दोनों हाथों से मामी का सिर पकड़ लिया और अपनी कमर हिलाकर उनका मुंह चोदने लगे। गप गाप… गप गाप… की तेज आवाज पूरे कमरे में गूंजने लगी। लिंग मामी के गले तक धंस रहा था। हर झटके पर मामी की आंखों से पानी निकल रहा था लेकिन वे और गहरा लेने की कोशिश कर रही थीं। उनके मुंह से थूक की धार बहकर ठोड़ी और स्तनों पर गिर रही थी।
फिर प्रमुख ने अपने सारे कपड़े निकाल दिए। उनकी काली, हट्टी-कट्टी देह पसीने से चमक रही थी। उन्होंने मामी को बेड पर लिटा दिया और उनकी गांड को बेड के किनारे पर रखकर हवा में उठा लिया। मामी की दोनों टांगें पूरी तरह फैला दीं। फिर उन्होंने अपना मोटा लिंग मामी की चूत के मुंहाने पर रखा और एक जोरदार धक्के से पूरा का पूरा अंदर डाल दिया।
मामी की चीख निकल गई, “आह्ह्ह मर गईiiii आआ प्लीज उईiiii मांआ।” उनकी चूत इतनी खुली हुई थी कि लिंग बिना रुके गहराई तक चला गया। प्रमुख खड़े-खड़े ही तेज-तेज धक्के मारने लगे। हर धक्के पर मामी का पूरा शरीर हिल रहा था और उनके भारी स्तन ऊपर-नीचे लहरा रहे थे।
उन्होंने मामी की टांगें अपने कंधे पर रख दीं और तेजी से चोदने लगे। अब कोण और भी गहरा हो गया था। लिंग हर बार नाभि तक पहुंच रहा था। आह्ह्ह्ह… आह्ह्ह्ह… मां… थप थप थप थप थाप थप थप जैसी आवाजें आ रही थीं।
फिर ऐसा पंद्रह मिनट चला।
प्रमुख खड़े-खड़े ही लगातार जोरदार धक्के मारते रहे। हर धक्के पर उनकी मोटी जांघें मामी की गांड से टकरातीं और थप-थप-थप की तेज आवाज गूंजती। मामी की चूत पूरी तरह फैली हुई थी और प्रमुख का नौ इंच लंबा, तीन इंच मोटा लिंग बार-बार गहराई तक धंस रहा था। मामी की चीखें अब हल्की आहों में बदल गई थीं।
फिर प्रमुख ने मामी को उठा लिया और अपनी गोद में उठाकर मामी ने अपने पैर प्रमुख की कमर पर लपेट लिए। और प्रमुख ऐसे गोद में उठाकर मामी को चोदने लगे। लेकिन मामी थोड़ी मोटी थीं इसलिए उनके बड़े स्तन, बड़ी गांड और फूला हुआ पेट के कारण प्रमुख ठीक से चोद नहीं पाए।
और उन्होंने मामी को तीन-चार जोरदार झटके मारकर बेड पर पटक दिया और खुद लेट गए। मामी अब प्रमुख के ऊपर थीं। लिंग तो अभी भी चूत में ही पूरा का पूरा घुसा हुआ था। अब मामी ने प्रमुख की छाती पर अपने हाथ टिका दिए और अपनी मोटी गांड ऊपर-नीचे करके उनके लिंग पर उछलने लगीं। आह्ह्ह्ह… आह्ह्ह्ह… जैसी कामुक आवाजें उनके मुंह से निकल रही थीं। हर उछाल पर उनके भारी स्तन ऊपर-नीचे लहराते और एक-दूसरे से टकराते। मामी के चेहरे से लग रहा था कि प्रमुख का मोटा लिंग उन्हें अंदर तक पूरी तरह फील करा रहा था। उनकी चूत से सफेद रस निकलकर प्रमुख के लिंग और अंडकोष पर बह रहा था।
ऐसा दस मिनट चला। फिर प्रमुख भी अपनी नीचे से कमर हिलाकर मामी को चोदने लगे। उनकी कमर तेजी से ऊपर उठ रही थी और हर बार लिंग पूरी ताकत से अंदर धंस रहा था। लगता था उनका वीर्य निकलने वाला था। और वे आह्ह्ह… ह्म्म्म… करते हुए अचानक सख्त हो गए।
और मामी फड़फड़ा उठीं क्योंकि प्रमुख का लिंग मामी की चूत में ही झड़ गया था और वीर्य की गर्म, गाढ़ी पिचकारी सीधी मामी के पेट तक पहुंच गई होगी। मामी की चूत सिकुड़-सिकुड़कर वीर्य को अंदर खींच रही थी। वे कांप रही थीं और उनकी सांसें बहुत तेज हो गई थीं। और थोड़ी देर तक वे प्रमुख पर ही लेटी रहीं।
फिर दस मिनट बाद प्रमुख उठे और कपड़े पहनने लगे। मैं भी कमरे में चला गया। प्रमुख भी चले गए। और मैं फिर से देखने गया कि मामी क्या कर रही हैं। तो मैंने देखा कि मामी अपनी चूत फैलाकर उंगली डालकर प्रमुख का वीर्य निकाल रही थीं। फिर उठकर बाथरूम में चली गईं और मैं कमरे में जाकर सो गया।
Note : यहां पोस्ट की गई हर कहानी सिर्फ मनोरंजन के लिए है,कृपया वास्तव जीवन में कहानी में घटित कोई भी चित्र प्रयोग करना घातक हो सकता है और इसका जिम्मेदारी कहानी के लेखक या फिर कहानी प्रस्तुतकर्ता नहीं होंगे,तो कृपया इस सबको अपने निजी जिंदगी के साथ मत जोड़ें और अपने बुद्धि,विवेक के साथ काम लें।
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