टेलीग्राम चैनल जॉइन करें - रोज़ाना नई कहानी अपडेट के लिए

नौकरानी की सेक्सी बेटी को चोदा

Naukrani ki choti beti sex story: ये कहानी कुछ ही दिन पहले की है। हमारे घर पर एक नौकरानी थी। उसकी दो बेटियां थीं। उसकी छोटी बेटी दिखने में बहुत ही सेक्सी थी। उसकी फिगर देखकर किसी के भी मुंह में पानी आ जाए।

उसकी कमर पतली थी, कूल्हे गोल और भरे हुए थे, तथा उसके स्तन ऊपर की ओर उठे हुए थे जो हर कदम के साथ हल्के से लहराते थे। एक दिन वो मेरे घर पर झाड़ू पोछा लगा रही थी। मैं तभी उसके पीछे से गुजरा और जानबूझकर मैंने अपना पैर उसके चूतड़ पर छूकर निकाला। उसके नरम, गोल चूतड़ की गर्माहट मेरे पैर के तलवे पर महसूस हुई। वो चौंक गई लेकिन कुछ नहीं बोली। उसकी मस्त गांड देखकर मुझसे रहा नहीं गया और मैं हमेशा इसी तरह करने लगा। मुझे इस बात का डर नहीं लग रहा था। पता नहीं क्यों।

फिर एक बार सब लोग बाहर गए थे। मैं अंदर कमरे में था। वो झाड़ू लगाने आई। तो मैंने उसे पकड़ लिया और उसे चूमने लगा। उसके होंठ नरम और गर्म थे। मैंने अपनी जीभ उसके मुंह में डाली और उसकी जीभ को अपनी जीभ से लपेट लिया। वो हैरान हो गई और कहने लगी कि मैं तुम्हारी मां को बता दूंगी। मैं थोड़ा डरा। तो मैंने उसके मुंह में अपनी थूक डाल दी और उसके होंठों को चूसने लगा। उसके होंठों का मीठा स्वाद और थूक का गीला स्पर्श मुझे और उत्तेजित कर रहा था। फिर मैंने एक हाथ से उसके स्तनों को छुआ और कसके दबाने लगा। उसके नरम, भरे हुए स्तन मेरी हथेली में दब गए। मैं उसे पीछे से पकड़कर कपड़ों के ऊपर से सेक्स करने लगा। मेरे कड़े लंड ने उसके चूतड़ की दरार पर दबाव डाला। वो थोड़ा मुस्कुराई।

फिर वो जमीन पर बैठकर पोछा लगाने लगी। उसकी पीठ झुकी हुई थी और उसकी गांड ऊपर की ओर उभरी हुई थी। फिर मैंने एक हाथ उसके कुरते के अंदर गर्दन की साइड से डालकर उसका एक चुचिया बाहर निकालने लगा। उसके काले निप्पल दिखने लगे। वे सख्त हो चुके थे और मेरी उंगलियों के बीच दबते हुए महसूस हो रहे थे। मैंने उसकी चूत पर हाथ रखा। कपड़े के ऊपर से भी उसकी गर्मी और नमी महसूस हो रही थी। वो शरमा गई और मेरे कमरे से बाहर चली गई।

हमारे घर में दो बाथरूम थे। एक बाथरूम कमरे में था और दूसरा बाथरूम बाहर आंगन से जुड़ा था। फिर जब वो बाथरूम में कुछ लेने गई तो मैं भी उसके पीछे गया और फिर से उसको पकड़कर चूमने लगा। मैं अब और नहीं रुक सकता था। इसलिए मैंने अपने खड़े लंड को बाहर निकाला तो वो डर गई और विरोध कर रही थी। तो मैंने कहा चुपचाप करवा लो वरना मैं तुम्हारी मां को और पूरे मोहल्ले को बता दूंगा कि तुम यहां क्या कर रही हो। तुम्हारी इज्जत की धज्जियां उड़ जाएंगी और कोई तुम्हें मुंह दिखाने लायक नहीं रहेगा। अगर चुपचाप करवा लोगी तो किसी को पता नहीं चलेगा। उसका विरोध कम हो गया।

मैंने उसकी सलवार उतार दी और पैंटी को चूमने लगा। उसकी पैंटी गीली और गर्म हो चुकी थी। मैंने अपना मुंह उसके चूत के ऊपर लगा दिया और कपड़े के ऊपर से ही उसके नरम, भरे हुए होंठों को चूमने लगा। मेरी नाक से उसकी चूत की मीठी-तीखी महक आ रही थी जो मुझे पागल कर रही थी। मैं जोर-जोर से चूमता गया और अपनी जीभ से पैंटी के कपड़े को गीला करता गया।

फिर मैं उसके स्तन चूसने लगा। मैंने उसके कुरते को ऊपर किया और दोनों भरे हुए स्तनों को अपनी हथेलियों में भर लिया। वे नरम, गरम और भारी थे। मैंने एक काला, सख्त निप्पल मुंह में ले लिया और जोर-जोर से चूसने लगा। मैं उसके बेटे की तरह उसका दूध पी रहा था। मेरी जीभ निप्पल के चारों ओर घूम रही थी, मैं उसे हल्के से काटता भी था। अब वो भी बहुत गर्म हो गई और सेक्सी आवाजें निकालने लगी, “स्सस्सस्सशह्हह्हह्हह”। उसकी सांसें तेज हो गई थीं, उसका पेट ऊपर-नीचे हो रहा था।

फिर उसने कहा, “मेरे निप्पल को और तेज चूसो”। तो मैं हैरान हो गया। मैंने खुशी के मारे उसकी आंखों को चूम लिया।

फिर मैंने उसकी पैंटी उतारी तो वो मुझसे बोली कि मुझे सूसू आ रहा है। मैं उसे बाथरूम ले गया और मैंने उसे अपने सामने मूतने के लिए विवश किया तो वो शर्म से पानी पानी हो गई। उसकी जांघें कांप रही थीं, चेहरा लाल हो गया था। फिर भी वो धीरे-धीरे बैठ गई। उसके चूत के होंठों से गर्म, पारदर्शी पेशाब की धार निकलने लगी। वह तेजी से बह रही थी और छप-छप की आवाज कर रही थी। उसकी चूत से निकलती गर्मी और हल्की सी अम्लीय महक हवा में भर गई। फिर मैंने उसके पेशाब में अपने हाथ धोए। मुझे लगा कि गर्म पानी से हाथ धो रहा हूं।

फिर मैं उसे ले जाकर बिस्तर पर लिटा दिया और ६९ की पोजिशन में अपना लंड उसके मुंह में डाला और उसकी चूत को चूसने लगा। मैं उसके ऊपर लेट गया। मेरा नौ इंच का मोटा, खड़ा लंड उसके मुंह के ठीक ऊपर था। मैंने धीरे से उसे उसके होंठों पर रखा और आगे धकेल दिया। उसके गर्म, नरम मुंह ने मेरे लंड को घेर लिया। उसी समय मैंने अपना मुंह उसकी चूत पर लगा दिया। उसकी चूत पहले ही गीली और सूजी हुई थी। मैंने अपनी जीभ से उसके क्लिटोरिस को चाटा, फिर उसके अंदर घुसाकर चूसने लगा। उसका मीठा-नमकीन रस मेरी जीभ पर फैल रहा था। वो भी मेरे लंड को जोर-जोर से चूस रही थी, अपनी जीभ लंड के सिरे पर घुमा रही थी।

थोड़ी देर बाद वो झड़ गई। उसकी चूत सिकुड़ने लगी, उसका पूरा शरीर कांप उठा। गर्म, टेस्टी रस मेरे मुंह में भर गया। मैंने उसका सारा रस पी लिया, एक बूंद भी नहीं छोड़ी। फिर मैं भी झड़ गया। मेरा गाढ़ा, गर्म वीर्य उसके मुंह में फूट पड़ा। वो मेरा रस गटक गई, बिना कुछ गिराए पूरा निगल लिया।

फिर वो मेरे लंड को चूसने लगी। उसकी गर्म और नरम जीभ मेरे लंड के हर हिस्से पर घूम रही थी। वो धीरे-धीरे ऊपर से नीचे तक चाट रही थी, फिर लंड के सिरे को मुंह में लेकर जोर-जोर से चूसने लगी। उसकी लार मेरे लंड पर फैल रही थी, जिससे वो चमकदार और गीला हो गया था। वो उसे पूरी तरह साफ कर रही थी और साथ ही फिर से खड़ा कर रही थी। उसकी आंखें बंद थीं और चेहरे पर पूरी समर्पण भरी मुस्कान थी।

जब मेरा नौ इंच का लंड पूरी तरह खड़ा हुआ, मोटा और नसों से भरा, तो मैंने उसे उसकी चूत पर रखकर धक्का मारा। टोपा धीरे-धीरे उसके टाइट, गीले प्रवेश द्वार में घुसा। वो चिल्लाने लगी, “ईइ मार डाला। आह”। उसके आंखों से आंसू निकलने लगे। उसकी चूत बहुत टाइट थी, उसकी दीवारें मेरे मोटे लंड को जोर से दबा रही थीं। उसकी चूत से खून बह रहा था, जो गर्म और चिपचिपा था।

मगर थोड़ी देर बाद वो नॉर्मल हुई और मजे लेने लगी। वो खुशी से कराह रही थी। अब मैं उसे तेजी से चोदने लगा। मेरे कूल्हे जोर-जोर से ऊपर-नीचे हो रहे थे। हर धक्के के साथ उसकी चूत से चप-चप की आवाज आ रही थी। मेरे पेट उसके पेट से टकरा रहा था और उसके स्तन हिल रहे थे। वो इतना मजा ले रही थी कि वो धीमी आवाज में बोली, “अब मैं तुमसे रोज चुदवाऊंगी ओह्हह्ह्हह यीईईईई”। और वो झड़ गई। उसकी चूत मेरे लंड को और भी जोर से दबाने लगी, बार-बार सिकुड़ रही थी। मैंने धक्के तेज कर दिए और उसकी चूत में झड़ गया। उसकी चूत से मेरा गर्म रस और उसका खून बाहर बह रहा था, बिस्तर की चादर को गीला कर रहा था।

मैंने उसको बैठने को कहा। उसकी चूत अभी भी तेज दर्द से सुलग रही थी। वो धीरे-धीरे कराहती हुई उठकर बिस्तर पर बैठ गई। उसके चेहरे पर दर्द साफ दिख रहा था, आंखें नम थीं और सांसें अभी भी तेज चल रही थीं। जांघों के बीच से गर्म वीर्य और हल्का खून रिस रहा था।

उसको दर्द हो रहा था। मैंने तुरंत उसे अपनी बाहों में ले लिया, उसके सिर को अपनी छाती से लगा लिया और धीरे-धीरे उसकी पीठ सहलाने लगा। “आराम से, सब ठीक हो जाएगा,” मैंने उसके कान में प्यार से फुसफुसाया। वो मेरे गले में मुंह छुपाकर हल्के-हल्के कांप रही थी। मैंने उसे और कसकर गले लगाया, उसके बालों को चूमते हुए प्यार भरी थपकियां दीं।

फिर मैंने बेडसाइड टेबल से दर्द की गोली निकाली, उसे पानी के साथ दी और कहा, “ये ले लो, जल्दी आराम मिल जाएगा।” वो शरमाते हुए गोली निगल गई। मैंने फिर से उसे गोद में ले लिया, उसके माथे पर किस किया, स्तनों को हल्के हाथ से सहलाया और काफी देर तक चुपचाप गले लगाए रखा।

कुछ देर सो जाने को कहा। मैंने उसे चादर ओढ़ाकर अपनी बाहों में समेट लिया। उसके सिर को अपनी छाती पर रखा और बालों में उंगलियां फेरते हुए उसे सुलाया। वो थकान के कारण धीरे-धीरे सो गई। करीब दो-तीन घंटे बाद वो उठी। अब दर्द काफी आराम था।

उठने के बाद मैंने उसे कपड़े पहनाने शुरू किए। सबसे पहले मैंने उसकी पैंटी उठाई और धीरे से उसके पैरों में चढ़ाई। फिर सलवार पहनाई, उसके कूल्हों तक ऊपर खींची और नाड़ा बांध दिया। उसके बाद मैंने ब्रा पहनाकर उसके स्तनों को सहारा दिया और कुरता सर के ऊपर से डाल दिया। हर कपड़ा पहनाते समय मैं उसके शरीर को प्यार से छू रहा था।

मुझे तो फिर से एक बार करने का मन था, लेकिन मैंने खुद को रोक लिया। वो मेरी आंखों में शर्म और खुशी का मिला-जुला भाव लेकर देखती हुई चली गई। उसकी नजरों में जैसे कल फिर मिलने और प्यार करने की उम्मीद झलक रही थी।

0
0 लोगों को पसंद आया • 0%

Note : यहां पोस्ट की गई हर कहानी सिर्फ मनोरंजन के लिए है,कृपया वास्तव जीवन में कहानी में घटित कोई भी चित्र प्रयोग करना घातक हो सकता है और इसका जिम्मेदारी कहानी के लेखक या फिर कहानी प्रस्तुतकर्ता नहीं होंगे,तो कृपया इस सबको अपने निजी जिंदगी के साथ मत जोड़ें और अपने बुद्धि,विवेक के साथ काम लें।


टेलीग्राम चैनल जॉइन करें - रोज़ाना नई कहानी अपडेट के लिए