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मेरी सहेली की स्वादिष्ट चूत

Saheli ke sath lesbian sex story: आज मैं आपको अपनी एक सहेली की कहानी सुनाने जा रही हूँ।

मेरी एक बहुत ही प्यारी सहेली है शालिनी। उसकी उम्र कोई अट्ठाईस साल थी। उसका कद पांच फीट छह इंच था। उसका फिगर बेहद आकर्षक तीस चौंतीस, अट्ठाईस, छत्तीस का था। उसका रंग गुलाबी था। उसकी आँखें बड़ी-बड़ी और गहरी थीं जो किसी को भी अपनी ओर खींच लेती थीं। उसके होंठ गुलाबी और मोटे थे जो देखते ही छूने की इच्छा जगाते थे। उसके स्तन खूब फूले हुए और भरे-भरे थे जो हर सांस के साथ हल्का-हल्का हिलते नजर आते थे। उसके चूतड़ भरे हुए और गोल थे तथा उनसे नीचे उतरती हुई उसकी जांघें बेहद सुडौल और चिकनी थीं। वह सच में बहुत प्यारी और बेहद सेक्सी लड़की थी।

हम दोनों कॉलेज से एक साथ पढ़ते थे। हमारी दोस्ती इतनी गहरी थी कि कोई भी बात एक दूसरे से छुपी नहीं रहती थी। कॉलेज के दिनों से ही हमारे बीच एक खास रिश्ता बन चुका था जो अब और भी नजदीक हो गया था।

एक दिन मैं उसके साथ उसके घर गई। उस समय घर में कोई भी नहीं था। हम दोनों आराम से बैठकर बातें कर रहे थे। मैं उसे बार-बार सताने लगी और पूछने लगी कि रविवार को तुम कपिल से मिली थीं। बताओ न मुझे, तुम दोनों ने क्या-क्या किया था।

शालू शरमा रही थी। कपिल उसका चचेरा भाई था। दोनों एक-दूसरे से बहुत प्यार करते थे। वे अक्सर साथ घूमने जाते थे और फिल्में देखने जाते थे।

मेरे बार-बार आग्रह करने पर उसने बड़े शरमाते हुए और नजरें झुकाते हुए बताया कि उस दिन कपिल ने उसे चूम लिया था।

मैंने तुरंत आगे बढ़कर उसे अपनी बाहों में लिपटा लिया और उसके गुलाबी गालों को जोर से चूम लिया। मैंने कहा, हे बेईमान अब बता रही हो।

तो वह शरमा कर हंस दी।

मैंने फिर से पूछा, हे शालू बताना और क्या किया था तुम दोनों ने।

उसने कहा, बस ना। सिर्फ चुम्मा लिया था उसने। वह शरमा कर मुस्कराई।

मैंने जिद्द करते हुए कहा, ऐ शालू बता न प्लीज। कैसे किया था।

उसने प्यार से मुझे धक्का देते हुए कहा, हट बदतमीज। और फिर हंस दी।

मैं उसके भरी-भरी जांघों पर अपना सिर रखकर आराम से लेट गई। उसके गोल-गोल और नर्म स्तन ठीक मेरे चेहरे के ऊपर थे। मैंने धीरे-धीरे अपना हाथ बढ़ाया और उसके दाएँ स्तन पर उंगली फेरते हुए पूछा, क्यों शालू। ये नहीं दबाए कपिल ने।

उसका चेहरा शरम से एकदम लाल हो गया। उसने धीरे से सिर हिलाते हुए कहा, हाँ।

मैंने उसके खूबसूरत गुलाबी चेहरे को अपने दोनों हाथों में थाम लिया और उसके गालों को बार-बार चूम लिया। फिर पूछा, कैसा लगा था शालू।

उसने लंबी सांस लेते हुए कहा, हाय आइना क्या बताऊँ। मेरी तो जैसे जान निकल गई थी। जब उनकी गर्म-गर्म जबान मेरे मुंह में घुस आई तो मेरे पूरे शरीर में करंट-सा दौड़ गया। मैं पूरी तरह मदहोश हो गई थी। उसने मुझे अपनी मजबूत बाहों में कसकर जकड़ लिया था। फिर एकदम से उसका हाथ मेरे इस जगह पर आ गया।

वह आइना का हाथ अपनी बाईं चूची पर रखकर सिसक उठी।

मैं तड़प उठी और बहुत मना किया पर वो न माने और दबाते रहे।

फिर शालू।

आइना बड़ी मुश्किल से कपिल ने मुझे छोड़ा।

शालू की बातें सुनकर मेरी हालत अजीब होने लगी।

ऐसा लग रहा था कि जैसे पूरे जिस्म पर चीटियां दौड़ रही हों। मेरी सांसें तेज हो गई थीं। मेरी छाती ऊपर-नीचे होने लगी थी। मेरी चूत में एक अजीब सी गर्माहट और खुजली महसूस होने लगी थी। मेरी जांघें आपस में सिकुड़ गई थीं और मेरे निप्पल सख्त होकर खड़े हो गए थे।

मेरा यह हाल देख कर शालू मुस्कुराई। उसकी आँखों में शरारत और चाहत दोनों झलक रहे थे। उसने धीरे से अपना नाजुक हाथ बढ़ाया और मेरे गाल को प्यार से सहलाते हुए बोली, तुमको क्या हो गया आइना।

तो मैंने शरमा कर उसकी भरी-भरी जांघों में अपना मुंह छुपा लिया। उसकी जांघों की नर्म और गर्म चमड़ी मेरे गालों को छू रही थी। वो मेरी पीठ पर अपनी उंगलियां धीरे-धीरे फेर रही थी। मेरी हालत खराब हो रही थी क्योंकि मेरा चेहरा बिल्कुल उसके गर्म और नम चूत के ऊपर था। उसकी चूत से एक मीठी-सी गर्म महक आ रही थी जो मेरी सांसों के साथ मेरे अंदर उतर रही थी। उसकी चूत की गर्मी मेरे होंठों को छू रही थी।

मैंने धीरे से अपना मुंह आगे बढ़ाया और उसकी चूत पर प्यार से एक लंबा किस कर लिया। मेरे होंठ उसके कोमल और गर्म फूल जैसे ऊतक पर दब गए। तो वो सिसक उठी। आह आह आह आइना उफ नहीं ना प्लीज मत करो।

और उसने मेरे चेहरे को दोनों हाथों से उठाया। हम दोनों के चेहरे शरम और उत्तेजना से लाल हो रहे थे। शालू के गुलाबी और मोटे होंठ हल्के-हल्के कांप रहे थे। उसकी सांसें भी तेज हो गई थीं। मेरे चेहरे को अपने नाजुक हाथों में लेकर वो सिसकी। आइना।

और मैं भी अपने को न रोक सकी और उसके गुलाबी कांपते हुए होंठों को चूम लिये। मेरे होंठ उसके नरम और गर्म होंठों पर पूरी तरह से दब गए।

एक आग सी लगी हुई थी हम दोनों के जिस्मों में।

मैं उसके होंठों पर अपने होंठ रख कर सिसक उठी। शालू प्लीज मुझे बताओ न कपिल ने कैसे चूमे थे ये प्यारे होंठ।

तो उसने अपने नाजुक गुलाबी होंठों को दांतों में दबा कर मुस्कुराई। आइना उसके लिए तो तुमको शालू बनना पड़ेगा।

मैं हंस दी।

उसके गाल चूम कर बोली चलो ठीक है तुम कपिल बन जाओ।

शालू ने अपनी बाहें फैला दी तो मैं उनमें समा गई। वो मेरे गालों पर, होंठों पर, आँखों पर, नाक पर और गर्दन पर बार-बार प्यार करने लगी। उसके गर्म और नम होंठ मेरी त्वचा पर बार-बार लग रहे थे। उसकी सांसों की गर्म हवा मेरी गर्दन पर पड़ रही थी।

तो मैं तड़प उठी। आह आ आह शा शालू ऐ ए मा नहीं ओह ओह ओह ऐ री उफ ये अह ओह ऊ ऊम अह अह क्या कर रही हो अह है है बस बस नहीं न ऊफ।

और उसके होंठ मेरे होंठों से चिपक गये। उसकी गुलाबी और चिकनी जबान मेरे होंठों पर मचलने लगी। उसने धीरे-धीरे मेरे निचले होंठ को चूसना शुरू किया। फिर ऊपरी होंठ को।

उसका एक हाथ जैसे ही मेरे दूध पर आया तो मेरी चीख निकल गई। ना हि आअ ह अह शालू ऊफ मत करो प्लीज ये आअह क्या कर रही हो तो मेरे होंठ चूस तू।

शालू बोली वो ही तो कर रही हूँ जो कपिल ने मेरे साथ किया था।

वो मुझ से जुड़ गई और उसकी जबान मेरे होंठ खोल रही थी धीरे-धीरे और फिर अंदर घुस गई तो मैं उसकी जबान की गर्मी से पागल हो उठी और उससे लिपट गई।

शालू ने मुझे बिस्तर पर लिटा दिया और मेरे दोनों दूध दबाते हुए मेरे होंठ चूसने लगी।

उसने मुझे धीरे से पीछे की ओर धकेला और बिस्तर पर लिटा दिया। फिर वो मेरे ऊपर झुक गई। उसके दोनों हाथ मेरे भरे-भरे स्तनों पर आ गए। उसने अपनी हथेलियों से मेरे दूधों को अच्छी तरह से पकड़ लिया और धीरे-धीरे दबाने लगी। साथ ही वो मेरे होंठों को बार-बार चूस रही थी। ऊफ उसकी जबान इतनी चिकनी, गर्म और इतनी लंबी थी कि मेरे पूरे मुंह में मचल रही थी और मेरे गले तक जा रही थी। उसकी जबान मेरे मुंह के हर कोने को छू रही थी। उसकी लार मेरे होंठों पर फैल रही थी।

हम दोनों के चेहरे पूरे लाल हो रहे थे और थूक से भीग चुके थे। मुझे बहुत मजा आ रहा था। मैं भी उसका साथ दे रही थी। मैंने उसका प्यारा सा गुलाबी चेहरा दोनों हाथों में थाम लिया और उसके होंठ तथा जबान को जोर-जोर से चूसने लगी। मेरी उंगलियां उसके बालों में फंस गई थीं।

सिसकार रही थी। आह अह शालू अह अह हां अह।

आइना मेरी जान।

ऊफ शालू कितनी मजेदार जबान है तेरी इतनी लंबी ऊफ सच्ची कपिल को मजा आ गया होगा।

आअह धीरे आइना अह आअह सच्ची आइना बहुत मजा आया था क्या बताऊँ तुझे आह धीरे से मेरे होंठ आह आइना।

उठो न प्लीज अब।

हम दोनों उठे तो फिर से मुझे लिपटा कर मेरे होंठ चूसने लगी। उसने मुझे सीने से चिपका लिया। फिर उसने मेरे कुरते की जिप को धीरे-धीरे नीचे खोला। उसके बाद उसने मेरी ब्रा का हुक भी खोल दिया। मेरे मुंह में सिसकी भरते हुए बोली, उतारो न आइना प्लीज।

और मेरे हाथ ऊपर करके मेरा कुरता अलग कर दिया।

आअह शालू ये आह।

तो मेरे होंठ चूम कर सिसकी। कुछ न बोलो आइना सच्ची बहुत मजा आ रहा है।

मैं उसके सामने टॉपलेस बैठी थी। शर्म से मेरी बुरी हालत थी। मैंने अपने दोनों हाथों से अपने भरे-भरे दूध छुपा लिये। और देखा तो शालू ने भी अपना कुरता और ब्रा अलग अपने बदन से हटा दिए थे। मैं उसे देखती रह गई।

उफ कितने प्यारे दूध हैं शालू के खूब बड़े बड़े बिल्कुल गुलाबी रंग तनी हुई लंबे चुचूक जिनके आस पास लाल रंग का गोल घेरा।

उसने मुझे अपनी तरफ देखते हुए पाया तो मेरी आँखें चूम लीं। मेरे दोनों हाथ मेरे दूधों पर से हटाए और अपने दूधों पर रख लिये और होंठ चबा कर सिसकी। ऊई मां आह आह।

और फिर उसने मेरे दूध पकड़े तो मेरी जान निकल गई। आऐ आ आऐ र अह्ह अह आअह ऊओह ऊऊम आआअह नहीं शा…लू।

और मैंने भी उसके दूध जोर से दबाए तो शालू भी मुझसे लिपट कर सिसक उठी। आईए ऊउइ उ अह अह अह धीरे आह आइना धीरे आह मेरे दूधु।

और मेरे होंठों पर होंठ रखे तो एक साथ हम दोनों की जबानें मुंह के अंदर घुस पड़ीं।

उसकी लंबी चिकनी और गर्म जबान ने मुझे पागल कर दिया और फिर मुझे लिटा कर वो भी मेरे ऊपर लेट गई।

उसकी लंबी, चिकनी और बेहद गर्म जबान मेरे मुंह के अंदर लगातार घूम रही थी। वह मेरी जबान को अपनी जबान से लपेट रही थी, चूस रही थी और गले तक पहुंचकर मुझे पूरी तरह पागल बना रही थी। मैं उसकी जबान को जोर से चूस रही थी। फिर उसने मुझे बिस्तर पर लिटाया और खुद मेरे ऊपर आ गई। उसका पूरा नंगा बदन मेरे नंगे बदन से चिपक गया।

हमारे दूध आपस में जैसे ही टकराए तो दोनों की चीखें निकल पड़ीं और हम दोनों झूम गईं और मेरी चूत रस से भर गई।

हमारे भरे हुए स्तन जोर से रगड़ खा रहे थे। निप्पल एक दूसरे से टकरा रहे थे। इससे हम दोनों के मुंह से चीखें निकल गईं। मेरी चूत पूरी तरह गीली हो चुकी थी। गर्म और चिपचिपा रस मेरी जांघों के बीच बह रहा था। हम दोनों के बदन आपस में रगड़ते हुए झूम रहे थे।

मैंने उसे अपने बदन से लिपटा लिया और उसकी चिकनी पीठ और नर्म-नर्म चूतड़ सहलाने लगी।

मैंने अपनी बाहें उसके कमर पर कस लीं। मेरी उंगलियां उसकी चिकनी पीठ पर घूम रही थीं और फिर नीचे जाकर उसके मुलायम, गोल चूतड़ों को जोर से दबा रही थीं। उसकी चमड़ी पर पसीना चमक रहा था।

इस पर वो मेरे जिस्म पर मचलने लगी। मैंने उसका गुलाबी चेहरा उठाया तो उसकी आँखें नहीं खुल पा रही थीं। बहुत हसीन लग रही थी शालू।

उसका बदन मेरे ऊपर बार-बार हिल रहा था। मैंने उसके गुलाबी चेहरे को ऊपर उठाया। उसकी आँखें आनंद से बंद थीं। पलकें फड़क रही थीं। वह बेहद खूबसूरत लग रही थी।

मैं उसके गाल और होंठ चूसने लगी। उसके गोल नर्म नर्म दूध मेरे सांसों से टकराते तो जैसे आग लग जाती।

मैं उसके गाल चूस रही थी और उसके होंठों को बार-बार चूस रही थी। उसके भारी दूध मेरी छाती पर दब रहे थे। हर सांस के साथ वे रगड़ खा रहे थे और मेरे अंदर आग जला रहे थे।

मैंने उसको थोड़ा ऊपर किया तो उसके खूबसूरत चिकने गुलाबी दूध मेरे सामने थे। मैं अपने आप को रोक न सकी और उसकी लाल चूची पर जबान फेरी तो वो मस्ती में चिल्ला पड़ी।

मैंने उसकी एक लाल और तनी हुई चूची को मुंह में ले लिया और जोर से चूसने लगी। साथ ही मेरी उंगलियां नीचे सरक गईं और उसकी गर्म, गीली चूत को सहलाने लगीं। मैंने अपनी दो उंगलियां उसके चूत के होंठों के बीच फेरते हुए अंदर डाल दीं। शालू की चूत बहुत गर्म और रस से लथपथ थी। मेरी उंगलियां अंदर-बाहर होने लगीं।

मैंने शालू की लाल, सख्त चुचुक को अपने मुंह में पूरा भर लिया। मैं जोर-जोर से चूस रही थी, अपनी जीभ से उसे घुमा रही थी और हल्का-हल्का काट भी रही थी। साथ ही मेरी दायीं हाथ की उंगलियां नीचे चली गईं। मैंने पहले उसके चूत के ऊपरी हिस्से को सहलाया, फिर अपनी दो उंगलियों से उसके गीले और फूले हुए चूत के होंठों को अलग किया और धीरे से अंदर डाल दीं। उसकी चूत अंदर से बहुत गर्म, नरम और रस से पूरी तरह भीगी हुई थी। मेरी उंगलियां तेजी से अंदर-बाहर होने लगीं। हर बार अंदर जाते ही चुटचुट की आवाज आ रही थी।

वो मेरे नीचे मचल रही थी। उसने भी अपना एक हाथ मेरी चूत पर रख दिया और मेरी चुत के दाने को उंगलियों से रगड़ने लगी। फिर उसकी दो उंगलियां मेरी चूत में घुस गईं। हम दोनों एक दूसरे की चूत में उंगलियां डालकर तेजी से अंदर-बाहर कर रहे थे। हमारी सांसें एक हो गई थीं। चूत से निकलने वाला रस हमारी जांघों को भीगो रहा था।

शालू भी मेरे नीचे तड़प रही थी। उसने अपनी उंगलियों को मेरी चूत के अंदर घुमाया और मेरी G-spot को बार-बार दबाने लगी। मैंने भी अपनी उंगलियां उसके अंदर तेज कर दीं। हम दोनों एक दूसरे को उंगलियों से चोद रहे थे।

हमारी देहें आपस में रगड़ रही थीं। मैंने अपना एक पैर उठाकर उसकी जांघ पर रख दिया और हम दोनों की चूतें एक दूसरे से सट गईं। हम कैंची बनाने की मुद्रा में आने लगीं। मेरी गीली चूत उसकी गीली चूत से रगड़ खा रही थी। हमारी चुत के दाने एक दूसरे से टकरा रही थी। इससे हम दोनों और ज्यादा पागल हो गईं। हमारी सांसें बहुत तेज हो गई थीं। कमरे में चूत रगड़ने की चिकनी और गीली आवाजें गूंज रही थीं।

मैंने बीच-बीच में अपनी उंगलियां निकालकर उसकी चुत के दाने को तेजी से रगड़ी और फिर से अंदर डाल दीं। शालू भी मेरी चूत के अंदर तीन उंगलियां डालकर तेजी से हिला रही थी। हम दोनों के मुंह से लगातार आह-उफ और सिसकारियां निकल रही थीं। हमारे बदन पसीने से तर हो चुके थे। चूत का मीठा और गर्म रस हमारी जांघों, चादर और उंगलियों पर फैल रहा था।

हम एक दूसरे को चूमते, दूध चूसते और उंगलियों से चोदते हुए पूरी तरह मदहोश हो चुकी थीं।

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Note : यहां पोस्ट की गई हर कहानी सिर्फ मनोरंजन के लिए है,कृपया वास्तव जीवन में कहानी में घटित कोई भी चित्र प्रयोग करना घातक हो सकता है और इसका जिम्मेदारी कहानी के लेखक या फिर कहानी प्रस्तुतकर्ता नहीं होंगे,तो कृपया इस सबको अपने निजी जिंदगी के साथ मत जोड़ें और अपने बुद्धि,विवेक के साथ काम लें।


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