भतीजे के साथ पहली चुदाई

हेलो दोस्तों, यह मेरी पहली कहानी है।

मैं इस साइट का बहुत धन्यवाद देती हूं क्योंकि इस साइट की वजह से ही मैं अपने साथ हुए एक अनुभव को शेयर करने जा रही हूं।

मैं इस साइट की रेगुलर रीडर हूं।

मेरा नाम पूजा है और मैं पंजाब की रहने वाली हूं।

मैं आज आप सभी को अपना एक सच्चा सेक्स अनुभव बताने जा रही हूं।

जो मेरे साथ हुआ और जिससे मेरी पूरी जिंदगी ही बदल गई।

दोस्तों मैंने आजतक किसी और को अपने जिस्म को छूने का मौका नहीं दिया था।

मेरे पति ही थे जो मेरी चूत और बाकी के बदन के अकेले मालिक थे।

मेरी उमर 34 साल है लेकिन मैं दिखने में बहुत सेक्सी लगती हूं।

मेरा रंग गोरा है और मेरा फिगर 38-34-36 है।

मैं दिखने में बहुत अच्छी हूं।

तो आप लोगों को और बोअर न करते हुए मैं अब स्टोरी पर आती हूं।

दोस्तों यह एक रियल चुदाई स्टोरी है और मेरे और मेरे जेठ के बेटे के बीच की है।

उसने मुझे सेक्स करने के लिए गरम किया उस दिन!

मेरी फैमिली में मेरे पति और हमारा 8 साल का बेटा और मेरे ससुर रहते हैं।

मेरे जेठ और उनकी फैमिली किसी और शहर में रहते हैं और उनका भी एक बेटा है जो 22 साल का है।

और यह लड़का अब तो मुझसे पचासों बार सेक्स कर चुका है।

दोस्तों जैसे मैंने शुरू में बताया कि मैं सिर्फ अपने पति से प्यार करती थी और उनसे ही चुदवाती थी।

मेरे जेठ के बेटे का नाम रोहित है और वो दिखने में एवरेज है।

रोहित की और मेरे पति की बहुत अच्छी बनती थी।

उनकी शादी के पहले और शादी के बाद वो मेरे साथ भी अच्छी तरह से घुलमिल गया था।

लेकिन मुझे पता नहीं था कि वो अपनी बातों से मुझे फंसाने और चोदने का प्लान बना रहा है।

अगर मुझे पता होता तो शायद मैं उससे थोड़ा दूर रहती।

लेकिन जब भी वो लोग हमारे घर पर आते या हम उनके घर पर जाते तो हम बहुत सारी बातें करते और रोहित और मैं अक्सर एक दूसरे को मैसेज भी भेजा करते थे।

इससे हम और भी नजदीक आने लगे थे।

एक दिन हम बैठ के ऐसे ही बात कर रहे थे।

मैंने रोहित से बोला कि क्यों तुम्हें मेरे साथ चैट करने का इतना शौक है?

रोहित बोला, हां चाची।

मैंने कहा, वैसे मुझे भी अच्छा लगता है क्योंकि मेरे साथ बात करने वाला कोई नहीं है।

रोहित बोला, मैं हूं ना चाची।

शायद यह मेरा पहला स्टेप था।

अब जब भी मेरे पति सो जाते तो मैं उसके साथ चैट करती और ऐसे ही एक दिन चैट करते हुए मैंने उसे पूछा।

मैं: क्या तेरी कोई गर्लफ्रेंड है?

रोहित: जी नहीं चाची मेरी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है..

मैं: सच अच्छा बताना।

रोहित: प्लीज आप कोई और बात करो।

मैं: अरे शर्मा मत बता ना वैसे भी हम बहुत अच्छे दोस्त बन ही चुके हैं, क्योंकि हम बहुत दिनों से चैट कर रहे हैं।

रोहित: नहीं चाची हम अच्छे दोस्त नहीं हैं।

मैं: क्यों?

रोहित: क्या आप सच में मेरी अच्छी दोस्त बनना चाहती हो?

मैं: लेकिन तेरे चाचा को पता चल गया तो?

रोहित: ऐसे कैसे पता चल जाएगा चाची।

मैं उससे चैट करती हूं और मेरे पति को नहीं पता है वो बात रोहित भी जानता था।

मैं: ठीक है।

फिर उसके बाद हम किसी रिश्तेदार के घर शादी पर मिले।

वहां पर उनकी बेटी की शादी थी और हम एक दूसरे से मजाक कर रहे थे।

उस दिन ही मेरी जिंदगी बदल गई।

वहां पर मेरे पति ने कुछ सामान मंगवाया।

मेरे पति और जेठ के जिम्मे ही ज्यादा काम था शादी का।

वो दोनों बिजी थे इसलिए मेरे पति ने रोहित को बुलाया और कहा, रोहित एक काम कर गाड़ी ले के चाची के साथ जा कुछ सामान ले के आना है।

मैंने रोहित को देखा तो वो खुश लग रहा था बड़ा।

वो आगे गया और उसने कार को पार्किंग से गेट की बाहर निकाला।

उसने कार का दरवाजा खोल के मुझे अंदर लिया।

कार चालू हुई और हम दोनों बात करने लगे।

कार में स्लो स्लो AC ऑन था और रोहित की शर्ट से महंगे सेंट की खुशबू भी आ रही थी।

हम चलती हुई कार में बातें कर रहे थे।

उसने हंसते हुए कहा, क्या बात है आज तो मेरी गर्लफ्रेंड बड़ी सेक्सी लग रही है।

मैं: इतनी ज्यादा भी नहीं कि जितनी तुम तारीफ कर रहे हो।

रोहित: आज मुझे अपनी इस गर्लफ्रेंड से एक गिफ्ट चाहिए।

मैं: क्या?

रोहित हंस के बोला, लिप किस!

मैं एकदम से चुप हो गई और मैंने उसे एक थप्पड़ मारा।

और मैंने उसे कहा, यह क्या बोल रहे हो।

वो कुछ नहीं बोला और कार ड्राइव करने लगा।

कुछ ही देर में हम लोग घर पहुंच गए।

मैं अंदर गई और सामान ले कर वापस आई।

जब मैं कार में बैठ गई तो वो थोड़ा शांत था और मैं उसको बोली कि तुम अभी बच्चे हो।

और तुम्हें नहीं पता कि यह बातें कहां तक चली जाती हैं।

फिर मैंने उसे थप्पड़ के लिए सॉरी कहा।

लेकिन बहुत बातचीत के बाद भी जब वो नहीं बोला तो मैंने कहा, क्या चाहिए तुम्हें?

तो रोहित ने कहा, तुम!

मैं एकदम से चुप हो गई और सोचने लगी कि कहीं मेरे पति और उनके बड़े भाई के बीच में कहीं इस बात को ले के झगड़ा न हो जाए।

अगर इसने बता दिया कि चाची ने आज मुझे मारा तो वो पूछते कि क्यों!

मैं उसके साथ चैट करती थी और मिलती भी थी।

यह सब बातें सोच के मैं डर सी गई थी।

मैंने रोहित से कहा, तुम मेरी सिर्फ किस ले सकते हो।

रोहित कुछ नहीं बोला और मैं डर गई।

मैं कुछ नहीं बोली और रोहित मेरा हाथ पकड़ के कमरे में चल दिया।

उसने मुझे दीवार के साथ खड़ा कर दिया और जानवरों के जैसे वो मेरी ऊपर टूट पड़ा।

उसके होंठों से मेरे होंठ लगने से मैं भी बेकाबू होने लगी थी।

और तभी उसके हाथ मेरे बूब्स पर आ गए।

मैं कहना चाहती थी कि नहीं हम सेक्स नहीं करेंगे लेकिन डर की वजह से मैं कुछ नहीं बोल पाई।

मैं नहीं चाहती थी कि वो गुस्से में ऐसा कुछ कर दे जिससे मेरी शादीशुदा जिंदगी में दरार आ जाए।

उसके हाथ मेरे बूब्स को ऐसे दबा रहे थे जैसे मेरे संतरे का जूस निकालना हो।

और फिर जो हुआ वो मुझे आजतक याद है।

उसने मेरा ब्लाउज ऊपर कर के मेरे बूब्स को चाटना चालू कर दिया।

मैं उसे बहुत बार रुकने के लिए मना कर रही थी हंसते हंसते।

यह मेरी मजबूरी थी कि मैं उसे जोर नहीं कर सकती थी और वो बात का उल्टा मतलब निकाल रहा था शायद।

वो सोच रहा था कि हंसी तो फंसी और मैं सच में फंस गई।

कुछ ही देर में मेरे सारे कपड़े जमीन पर पड़े थे और मेरे सामने मेरे इस भतीजे का बड़ा लंड था।

उसने उसका लोड़ा मेरे मुंह में डाल के चूसने के लिए कहा।

मैंने डरते हुए लेकिन अंदर से एक अजीब सी गर्मी महसूस करते हुए उसके मोटे लंड को मुंह में लिया।

मेरी जीभ उसके सिरे पर घूम रही थी और मैं धीरे धीरे चूसने लगी जबकि मेरे मन में पति की याद आ रही थी जिससे मुझे बहुत अपराधबोध हो रहा था।

फिर उसने अपनी हवस को संतोष लिया।

एक बार उसने मेरी चूत मारी और चूत को लगातार 10 मिनट तक चोदा।

एक छोटे लड़के में इतनी शक्ति पता नहीं कहां से आ गई थी।

उसने मुझे बिस्तर पर लिटाया और मेरी टांगें फैला दीं।

उसका मोटा लंड मेरी चूत के मुंह पर रगड़ने लगा जिससे मेरी चूत गीली होने लगी।

फिर उसने धीरे से अपना लंड मेरी चूत में घुसाया।

पहले तो थोड़ा दर्द हुआ लेकिन जैसे ही वो अंदर बाहर होने लगा मेरे शरीर में एक अनजानी खुशी की लहर दौड़ने लगी।

मेरा दिल तेज धड़क रहा था और अपराधबोध से मेरा चेहरा गर्म हो रहा था कि मैं अपने पति को धोखा दे रही हूं लेकिन रोहित की चुदाई मुझे अपने पति से कहीं ज्यादा अच्छी लग रही थी।

उसका लंड गच गच की आवाज से मेरी ढीली चूत में लगातार अंदर बाहर हो रहा था।

हर थ्रस्ट के साथ मेरी चूत की दीवारें उसके लंड को कस कर पकड़ रही थीं और मुझे बहुत मजा आ रहा था लेकिन मैंने मुंह से कोई आवाज नहीं निकाली ताकि वो न समझे कि मैं एंजॉय कर रही हूं।

मैं अंदर ही अंदर कराह रही थी और सोच रही थी कि यह गलत है फिर भी रुकना नहीं चाहती।

और वो मुझे चोदते हुए मेरे बूब्स को चूस रहा था।

उसके मुंह में मेरे निप्पल्स को चूसते समय मेरे बदन में झुरझुरी सी दौड़ रही थी।

मैं अंदर ही अंदर कराह रही थी लेकिन बाहर से चुप थी।

कभी अपराधबोध इतना बढ़ जाता कि आंसू आ जाते लेकिन अगले ही पल रोहित का जोरदार धक्का मुझे फिर से आनंद में डुबो देता।

उसने मेरे पूरे बदन को लाल कर दिया था।

जब उसका छूटा तो वीर्य से मेरी चूत पूरी गीली हो गई।

और एक लंबी सांस ले के उसने अपना लंड बाहर निकाल लिया।

मैंने टिश्यू से गीली चूत को साफ किया और कपड़े पहन के हम निकल पड़े।

मेरे पति ने पूछा भी कि इतनी देर क्यों हुई लेकिन मेरे पास जवाब नहीं था।

रोहित ने बताया कि पीछे के टायर में हवा कम लग रही थी इसलिए भरवाने चले गए थे।

यह दिन और आज….रोहित रुका नहीं है।

जब भी मैं अकेली होती हूं वो मेरे पास आके अपनी सेक्स की भूख को मिटा लेता है।

पिछले महीने से तो वो एनल सेक्स भी करने लगा है।

और अकसर वो मुझे होटल में सेक्स के लिए भी जिद कर रहा है।

कहता है चाची कभी कभी घर पर पूरा मौका नहीं मिलता है।

आप ही बताओ इस चुदक्कड़ भतीजे को कैसे हैंडल करूं?

मैं भी चाहती हूं उसके साथ भरपूर सेक्स करना लेकिन मैं ये भी चाहती हूं कि उसको लगे कि वही जिम्मेदार है और मैं मजबूरी में कर रही हूं।

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