टेलीग्राम चैनल जॉइन करें - रोज़ाना नई कहानी अपडेट के लिए

तीन औरत चुदने के लिए जिगोलो बुलाई

Gigolo sex story: मैं रेखा और मेरी दो सहेली सुरभि और कामिनी, हम तीनों ही नोएडा में दिल्ली के पास एक अपार्टमेंट में रहती हैं। मैं तलाकशुदा हूं। मेरी एक बेटी है जो हॉस्टल में रहती है। मेरी सहेली सुरभि के पति की मौत दो साल पहले हो गई थी। कामिनी के पति के साथ झगड़ा चलता रहता है इसलिए वह अकेली रहती है।

हम तीनों सहेलियों की उम्र चालीस साल से नीचे ही है। हम तीनों हॉट और सेक्सी हैं। अपने तरीके से अपनी जिंदगी जीती हैं। हमें ना कोई रोकने वाला है ना टोकने वाला। हम तीनों की जिंदगी बहुत अच्छी है। बस सेक्स की कमी थी।

पैसे देकर तो कुछ भी खरीदा जा सकता है। इसलिए हम तीनों मिलकर जिगोलो बुलाने लगीं। जैसी रंडी या कॉल गर्ल मिलती है वैसे ही शहर में जिगोलो भी मिल जाते हैं। अमीर घर की औरतें या जिनका पति नहीं है या जो पति से संतुष्ट नहीं होतीं वे पैसे देकर सेक्स करवाती हैं।

तो दोस्तों अब आपको पता चल गया कि हम तीनों कौन हैं और सेक्स की भूख को हम कैसे मिटाती हैं। अब मैं सीधे कहानी पर आती हूं।

एक दिन हम तीनों मेरे ही फ्लैट पर बैठी थीं। अचानक पार्टी करने का मूड बन गया। कोरोना के चलते सारा रूटीन खराब हो गया था। न हम मॉल जा सकते थे न एंजॉय कर सकते थे। इसलिए हमने पार्टी करने का फैसला किया।

कामिनी बोली क्यों न आज रात पार्टी की जाए। हम तीनों बाहर जाकर शराब और खाने पीने का सामान ले आए। सुरभि बोली क्यों न हम एक लड़के को बुला लें। पार्टी का मजा दुगुना हो जाएगा। मेरी चूत बार बार गीली हो जाती है। मैं सेक्स के बिना नहीं रह सकती। अगर हम तीनों मिलकर जिगोलो बुला लें तो रात भर उससे चुदवाएंगे। पार्टी करेंगे और शराब पिएंगे।

हम तीनों ने शाम करीब सात बजे एक जिगोलो को फोन किया। वह पहले आने को राजी नहीं था। कह रहा था कि मैं द्वारका में रहता हूं और नोएडा दूर है। रात को अगर छोड़ दोगी तो आने में दिक्कत होगी। हमने कहा कि रात नहीं छोड़ेंगे। सुबह जाना। फिर वह राजी हो गया। पूरी रात के लिए चालीस हजार तय हुए।

वह नौ बजे के करीब फ्लैट पर आ गया। उसका नाम आकाश था। हॉट गोरा लंबा बॉडी बिल्डर था। कान में सोने की बाली और हाथ में राडो की घड़ी पहने था। बहुत हॉट लग रहा था। हर चीज ब्रांडेड थी। हाथ और गर्दन पर टैटू बनवाए हुए थे जो उसे और भी आकर्षक बना रहे थे।

हम तीनों ने हॉट और सेक्सी कपड़े पहने थे। हम चारों ने खाना खाया और फिर दारू पीना शुरू किया। दारू पीते पीते ही हम तीनों ने उसके कपड़े उतार दिए और अपने कपड़े भी निकाल दिए। सोफे पर ही हम उसे चूमने लगीं। किसी ने सीने पर लिपस्टिक लगा दी तो किसी ने गाल पर। कोई पीठ पर तो कोई चूतड़ पर। वह इतना हॉट था कि क्या बताऊं।

फिर हम तीनों बारी बारी से उसके लंड को चूसने लगीं। एकदम गोरा और नौ इंच का मोटा लंड था। देखते ही हम तीनों की चूत गीली हो गई। हम उसके पूरे जिस्म से खेल रही थीं। बीच बीच में दारू के पेग लेतीं और झूमते हुए उसके शरीर को जीभ से चाटतीं।

वह भी कभी मेरी चूचियों को चूसता कभी कामिनी की तो कभी सुरभि की। तीनों के गांड में उंगली डालता। कभी चूत चाटता तो कभी किस करता। ग्रुप सेक्स का मजा ही कुछ और है।

हम तीनों वाइल्ड हो चुकी थीं। अपनी चूत की गर्मी ज्यादा देर तक नहीं रोक पा रही थीं। ऊपर से दारू का नशा और बहुत दिनों बाद चुदाई का मौका था।

हम तीनों ने उस पर ऐसा टूट पड़ा कि वह भी दंग रह गया। वह कह रहा था धीरे धीरे प्लीज। हम कभी उसे चूम रही थीं कभी अपनी चूचियों को उसके मुंह पर रगड़ रही थीं। कभी निप्पल उसके मुंह में दे रही थीं। हम उसे बेडरूम में ले गईं।

फिर बारी बारी से चुदवाने लगीं। वह अपना मोटा लंड हम तीनों की चूत में बारी बारी से पेलने लगा। कभी आगे से तो कभी पीछे से। कभी गांड में तो कभी मुंह में। एक की चूत से निकालकर दूसरी की गांड में घुसा देता। गांड से निकालकर तीसरी के मुंह में दे देता।

हम तीनों जोर जोर से चुदवा रही थीं और वह भी जोर से हमें चोद रहा था। एक एक करके उसने हम तीनों को शांत कर दिया। फिर भी उसका नहीं झड़ा।

रात को मैं उसके साथ सो गई। कामिनी सोफे पर और तीसरी हॉल में। मैं रात को दो बार और चुदी। सुबह होते ही मेरी दोनों सहेलियां फिर से गरम हो गईं और चुदवाने लगीं। वे जोर जोर से चीख रही थीं चोदो चोदो। मैं शांत हो चुकी थी क्योंकि मेरी चूत सूज गई थी। बहुत दिनों बाद इतना मोटा नौ इंच का लंड अंदर गया था।

इस तरह उस जिगोलो ने हम तीनों को शांत किया और हमारी वासना की आग बुझाई। ग्रुप में जिगोलो के साथ चुदकर बहुत मजा आया।

⚠️

⚠️ महत्वपूर्ण अस्वीकरण

ये सभी कहानियाँ केवल काल्पनिक हैं।
इनका वास्तविक जीवन से कोई संबंध नहीं है।

सेक्स हमेशा सहमति पर आधारित होना चाहिए।
बिना सहमति के कोई भी कार्य गलत और दंडनीय है।

इन कहानियों से प्रेरित न हों।
बस पढ़ें, आनंद लें और भूल जाएं।