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मैं कुकोल्ड बन गया पार्ट – 04

Cuckold husband ki real story: हाय गाइज मेरा नाम असगर है, अभी मैं अपनी बीवी की चुदाई गैर मर्द के साथ की कहानी लिख रहा हूँ, यह तीसरा भाग है, अगर आपने पिछला भाग नहीं पढ़ा, तो अभी पढ़े: मैं कुकोल्ड बन गया पार्ट – 3

अब आगे की कहानी:

नजिश ने बताया कि जब वो अम्मी के घर थी तब अहमद ने उससे कॉल की और फिर से सेक्स का प्रस्ताव रखा। पर नजिश ने उसे कहा कि मैं घर जाकर बताती हूं।

नजिश – आप क्या कहते हो अहमद को कल बुला लूं।

मैं – कल तुम्हें तो बहुत जल्दी है चुदने की।

नजिश – अब आपने ही कहा है खुलकर बताया करो तो बता दिया मैंने।

मैं – सही किया मेरा तो दिल है अभी उसे बुलाकर शुरू करें अपना प्रोग्राम।

नजिश – अच्छा जी अब किसे जल्दी है।

मैं – हां जल्दी तो है पर ठीक है कल का प्रोग्राम कर लो उससे। मैं हमारे दूसरे रूम से रहूंगा। तुम हमारे बेडरूम वगैरह जहां चुदना हो चुदना।

नजिश – उफ्फ अभी से चूत गीली हो रही है सोचकर।

मैं – मेरी जान सबर करो कल तक। फिर जो दिल करे करना। मेरी तरफ से तुम्हें फुल फ्रीडम है।

नजिश – मतलब मैं जो भी करूं आपको बुरा नहीं लगेगा।

मैं – मेरी जान तुम मेरी जान भी ले लो तो बुरा नहीं लगेगा।

नजिश – अच्छा जी मम्मुआह।

नजिश ने फिर अहमद को मेरे सामने ही कॉल की और कल का प्रोग्राम फिक्स कर दिया। बोल दिया कि मेरी फिर नाइट ड्यूटी है।

अहमद – वियाग्रा खाकर आऊंगा। पूरी रात न खुद सोऊंगा न तुम्हें सोने दूंगा।

नजिश – मेरी जान तुम्हारा लंड लेने के लिए तरप रही हूं। पूरी रात क्या पूरा दिन भी करोगे तो भी तैयार हूं।

अहमद – भाभी अब तूने की पूरी रंडी वाली बात।

नजिश – हां अब रंडी बन ही गई हूं तो पूरी बनूंगी। तुम जाओ कल ओके।

नजिश पहली बार मेरे सामने ऐसी बात कर रही थी पर मैं खुश था। मैंने उससे बोल दिया था कि अब से हम लोग ओपन माइंडेड हैं। जब जो दिल करे करेंगे और जो भी फैंटसी होगी वो एक दूसरे की पूरी करेंगे।

दूसरे दिन अहमद आ गया और मैं प्लान के हिसाब से दूसरे रूम में बैठकर कैमरा ऑन किया और देखने लगा। आज लैपटॉप पर हैंडफ्री लगाकर देख रहा था ताकि सब कुछ साफ साफ देख सकूं।

अहमद – चला गया तुम्हें फुद्दू हसबैंड।

नजिश – हां चला गया। अब तू है ना, ये चूत तेरी है।

अहमद – तो आ जा मेरी जान।

अहमद आते ही मेरी पत्नी को गोद में उठाकर बेड पर ले गया और उसे पूरा नंगा कर दिया तथा खुद भी नंगा हो गया। इनकी चुदाई मैं पहले देख चुका था पर आज बात अलग थी। आज मेरी पत्नी को पता था कि मैं देख रहा हूं उसे। और ये मुझे और उत्तेजित कर रहा था। मैं भी पूरा नंगा होकर मुठ मारने लगा।

अहमद मेरी पत्नी को किस करने लगा और उसके बूब्स तथा गांड को मसलने लगा। नजिश के बूब्स को चूसने लगा।

नजिश – उफ्फ बेबी और चूसो इन्हें और ज्यादा आह्ह्ह।

अहमद – साली रंडी चूत फुल गीली है तेरी। चुदने का फुल मूड है तेरा।

नजिश – हां मूड तो बहुत है बाकी सब छोड़ो जल्दी से चोदो मुझे।

अहमद – मुझे आज तेरी गांड चोदनी है। गांड की सील तोड़नी है।

नजिश – उफ्फ मेरी जान चोद लेने पहले चूत को शांत करो फिर गांड पर आ जाना।

अहमद – ठीक है मेरी जान।

अहमद बिना देर किए नजिश को घोड़ी बनाया और चूत में लंड घुसा दिया और मेरी पत्नी की चीख निकल गई।

नजिश – आआआआह्ह्ह उफ्फ।

अहमद – साली सारे मुहल्ले को बताएगी क्या कि चुद रही है तू।

नजिश – कमीने इतने जोर से डालेगा तो चीख तो निकलेगी ना। एक तो है भी इतना मोटा उफ्फ।

अहमद – वाह गाली देती है तो फुल रंडी वाली फील आती है तुझसे।

नजिश – अब तूने बना तो दिया है रंडी तो पूरी बनूंगी ना।

अहमद मेरी पत्नी को जोर जोर से चोद रहा था और उसकी गांड में उंगली भी डाल रहा था। मेरी पत्नी और मदहोश होती जा रही थी। उसने मुझे कभी अपनी गांड नहीं चोदने दी। डरती थी या शायद मैं उसे इतना गर्म कर ही नहीं सका। उसने डायरेक्ट अहमद से कहा।

नजिश – अब चूत को छोड़ो मेरी गांड का कुछ करो।

अहमद – उफ्फ जान मैं भी यही कहने वाला था।

अहमद जल्दी से क्रीम लाया और मेरी पत्नी की गांड में उंगली डालने लगा। आहिस्ता आहिस्ता दो फिर तीन उंगलियां डालीं और मेरी पत्नी आह्ह ओय उफ्फ करती जा रही थी। उसे भी मज़ा आ रहा था। अहमद ने अपने मोटे सिरे पर भी क्रीम लगाई और छेद पर रखकर घुसाने लगा। जैसे ही टोपा अंदर गया।

नजिश – आआआह्ह्ह उफ्फ बहुत दर्द हो रहा है बहुत मोटा है तुम्हारा निकालो प्लीज।

अहमद – मेरी जान अभी से निकाल दिया तो दोबारा और तकलीफ होगी। इससे अच्छा अभी थोड़ा बर्दाश्त करो आहिस्ता आहिस्ता दर्द कम हो जाएगा।

नजिश – उफ्फ पर बहुत मोटा है तुम्हारा।

अहमद – तुम्हें ही बड़े लंड की रंडी बनना था क्या शौक खत्म हो गया।

नजिश – कोई खत्म नहीं हुआ आह्ह्ह दर्द है कर लूंगी बर्दाश्त डालो तुम और अंदर।

अहमद ये सुनते ही और अंदर लंड घुसाने लगा। मेरी पत्नी का दर्द से बुरा हाल था पर चुप थी क्योंकि उसे बड़े लंड की रंडी बनना था। ऐसे ही करते करते अहमद ने अपना पूरा लंड अंदर घुसा दिया।

अहमद – मेरी जान अब पूरा अंदर है हिलाऊं।

नजिश – उफ्फ यकीन नहीं आता मैंने इतना बड़ा लंड अपनी गांड में ले लिया।

अहमद – गांड भी तो इतनी गोल मटोल और प्यारी है इससे तो मैं रोज चोदूं।

नजिश – अच्छा तो फिर रुके क्यों हो चुदाई शुरू करो मारो मेरी गांड आह्ह येस।

पुच पुच की आवाज पूरे रूम में फैलने लगी। जैसे जैसे अहमद चुदाई करता रहा मेरी पत्नी का दर्द खत्म होता रहा और आखिरकार वो एंजॉय करने लगी।

नजिश – येस बेबी येस और जोर से चोदो आज गांड फाड़ दो मेरी उफ्फ क्या तगड़ा लंड है तुम्हारा आह्ह।

अहमद – मेरी रंडी ये हुई ना बात। अब तो लग रही है फुल रंडी। खुलकर चुद आज तेरी पूरी रात लूंगा।

नजिश – उफ्फ जानू तू ही ले सकता है पूरी रात वरना मेरा हसबैंड तो पांच मिनट का शहजादा है। (नजिश को मैंने पहले ही कहा था कि मजे में मुझे भले गालियां देना या कुछ भी कहना मुझे उससे मज़ा आएगा।)

अहमद – अच्छा मेरी जान ऐसा है तो ले और ले तू भी क्या याद रखेगी।

अहमद मेरी पत्नी की गांड को फुल एंजॉय कर रहा था। अलग अलग पोजीशन में कभी काउगर्ल कभी रिवर्स काउगर्ल कभी डॉगी स्टाइल तो कभी मिशनरी। फुल हर पोजीशन में चोदते चोदते दो घंटे हो गए थे।

नजिश – उफ्फ जानू अब रहम भी करो और झर जाओ दो घंटे हो गए हैं।

अहमद – मेरी जान तेरी गांड बहुत मस्त है ऐसी गोल और मोटी बिल्कुल तेरे हसबैंड जैसी।

नजिश – (हैरानी से) मेरे हसबैंड जैसी मतलब। (मैं भी हैरान हुआ ये क्या बोल रहा है।)

अहमद – (चोदते चोदते) तेरे हसबैंड की गांड भी मैंने देखी थी जब हम पिकनिक गए थे कॉलेज में। उफ्फ तब उसकी मारने का दिल था। आज उसकी तो नहीं मिली पर उसकी वाइफ की मिल गई।

नजिश – क्या मतलब तुम गे हो।

अहमद – अरे नहीं मैं बाइसेक्शुअल हूं पर बाइसेक्शुअल भी मैं तेरे हसबैंड की गांड देखकर बना था।

मैं हैरान हो गया मेरी पत्नी भी शॉक थी कि इसको मेरी गांड पसंद है। हां मेरी गांड थोड़ी उभरी हुई है पर मुझे नहीं पता था इसे पसंद है ये सब।

नजिश – अच्छा उनकी वजह से कैसे बने।

अहमद – कॉलेज में हम सारे दोस्त तकरीबन तेरे हसबैंड की गांड पर फिदा थे खासकर उस पिकनिक के बाद। सब में से एक लड़का बहुत हरामी था “नाजिम”। उसने तो तकरीबन तेरे हसबैंड को चोद लिया था।

मैं फुल शॉक हो गया कि इसे ये सब कैसे पता।

नजिश – क्या मेरे हसबैंड गे हैं क्या।

अहमद – गे तो नहीं पर शायद वो भी बाइसेक्शुअल था या शायद है।

नजिश – तो क्या नाजिम ने मेरे हसबैंड की गांड मारी थी।

दोस्तों प्लीज मुझे बताइएगा कि आपको मेरी स्टोरी कैसी लगी। और आप फिकर मत करें क्योंकि मेरी अगली स्टोरी जल्द ही आपको मिलेगी। प्लीज बताएं आपको मेरी स्टोरी पसंद आई या नहीं।

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⚠️ महत्वपूर्ण अस्वीकरण

ये सभी कहानियाँ केवल काल्पनिक हैं।
इनका वास्तविक जीवन से कोई संबंध नहीं है।

सेक्स हमेशा सहमति पर आधारित होना चाहिए।
बिना सहमति के कोई भी कार्य गलत और दंडनीय है।

इन कहानियों से प्रेरित न हों।
बस पढ़ें, आनंद लें और भूल जाएं।

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