Damad ne saas ki fuddi chati sex story: मेरा नाम लवली रतन है। मैं पंजाब का रहने वाला हूँ। यह मेरी पहली सच्ची घटना है।
बात तब की है जब मेरी शादी को दो साल हो गए थे। उस समय मेरी उम्र तेईस साल की थी और मेरी पत्नी की उम्र बीस साल थी। हमारे छोटे से घर में हर शाम एक शांत लेकिन गर्माहट भरा माहौल होता था जहां हवा में पंजाबी खाने की महक और मेरी पत्नी की हंसी मिलकर मेरा मन बहलाती थी।
मेरे ससुराल में मेरी सास थी जिनकी उम्र चालीस साल थी। ससुर जी जिनकी उम्र पैंतालीस साल थी और एक साला जिसकी उम्र सत्रह साल थी। मेरी कोई साली नहीं है जिसका मुझे बहुत अफसोस होता है।
मेरी सास बहुत सुंदर हैं। जो उन्हें एक बार देखता है तो देखता ही रह जाता है। उनकी फिगर अड़तीस-अट्ठाईस-छत्तीस है। उनमें अजीब सा आकर्षण है जो मर्दों को अपनी तरफ खींचता है। इस उम्र में भी वो जवान लड़कियों को मात देती हैं। उनका भरा-भरा जिस्म किसी भी मर्द की नियत को खराब कर सकता है। उनके गोरे चेहरे पर हमेशा एक हल्की सी मुस्कान रहती थी जो उनकी आंखों को और भी आकर्षक बना देती थी। उनकी कमर पतली लेकिन कूल्हे भरे-भरे थे जो चलते समय हल्के से हिलते थे और किसी भी मर्द का ध्यान खींच लेते थे।
मैंने कभी भी उन्हें गलत नजर से नहीं देखा था। लेकिन उस दिन जो हुआ वो मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था।
अब उस घटना पर आते हैं। शादी के दो साल बाद मेरी बीवी प्रेग्नेंट हो गई तो उसने अपनी मां को काम-काज में मदद के लिए हमारे घर पर बुला लिया।
हमारे घर में मैं और मेरी पत्नी ही रहते थे। मेरे मम्मी-पापा गांव में रहते हैं।
मेरी बीवी को सातवां महीना लगा था। डॉक्टर ने सेक्स करने को मना किया हुआ था।
हम रोज फुद्दी चुदाई यानि सेक्स का आनंद लेते थे। मेरी बीवी बहुत ज्यादा कामुक है और मैं भी।
उसे पता है कि अगर वो मुझे ज्यादा दिन तक उसकी चुदाई न करने दे तो मैं बाहर फुद्दी चुदाई कर सकता हूं। यह बात मेरी बीवी अपनी मां को बता चुकी थी कई बार। मैंने उनकी ये बातें चुपके से सुनी थीं।
मेरी सास कहती कि सब मर्दों को फुद्दी चोदने की आदत होती है इसलिए उनकी यह मांग हमेशा पूरी करनी चाहिए। मर्द इसी चीज से सबसे ज्यादा खुश रहता है।
मेरी सास हमेशा मेरा ख्याल रखती और टाइम से सब काम करती थी।
मुझे सेक्स किए हुए काफी समय हो गया था और रात को मुझे सेक्स करने का बहुत मन होता था लेकिन हम दोनों मजबूर थे इसलिए मैं अलग कमरे में सोता था। कहीं रात को बीवी के साथ गलत काम न हो जाए।
मेरी बीवी को मेरी सेक्स की जरूरत का पता था इसलिए वो डरती थी कि मैं कहीं बाहर फुद्दी न मार लूं।
उसने अपने मन की बात मां को बताई तो मां ने कहा मेरा दामाद ऐसा नहीं है।
एक रात को हम टीवी पर कॉमेडी सर्कस देख रहे थे। उसमें सेक्सी जोक्स पर सास कुछ ज्यादा ही हंस रही थी। मुझे यह देखकर बहुत अच्छा लगा।
मेरी पत्नी को जल्दी सोने की आदत पड़ गई थी तो वो बीच में ही उठकर सोने चली गई।
अब मैं और मेरी सास अकेले रजाई में बैठे थे।
मेरी बीवी के जाने के बाद सास थोड़ा सा मेरे पास आ गई। मेरे पैर उनके पैरों को टच करने लगे। मुझे बहुत अच्छा लगा।
उन्होंने भी धीरे-धीरे पैरों को टच करना शुरू कर दिया।
मैंने कोई इंग्लिश मूवी वाला चैनल लगा दिया। उसमें कोई वयस्क फिल्म चल रही थी।
मेरा मन सेक्स की तरफ घूम गया। मेरे साथ मेरी सास बैठी थी यह मैं भूल गया था।
इस बीच सास ने लाइट बंद कर दी थी। वो मेरे और पास आ गई थी। मैं भी उनके साथ चिपक गया।
कुछ देर तक मैंने कुछ नहीं किया।
थोड़ी देर बाद सास ने फिल्म देखते हुए अपनी एक टांग मेरी टांग के ऊपर रख दी।
मैंने अपना हाथ उनके पट यानी जांघ के ऊपर रख दिया। फिर मैंने धीरे-धीरे हाथ फेरना शुरू कर दिया।
उन्होंने मेरा हाथ रोक लिया।
मैंने थोड़ी देर बाद फिर हाथ चलाना शुरू कर दिया।
अब मैंने उनकी सलवार का नाड़ा खोल दिया और धीरे-धीरे डरते हुए हाथ नीचे रख दिया।
थोड़ी देर तक सास की तरफ से कोई विरोध न होते देख मेरी हिम्मत बढ़ गई और मैं और नीचे हाथ ले गया। मेरा हाथ उनकी चूत से निकले पानी से गीला हो गया।
मैं समझ गया कि सास भी गर्म हो चुकी हैं।
मैंने उनके साथ चुदाई करने का मन बना लिया।
अब मेरे मन में कोई संकोच या डर बिल्कुल नहीं बचा था। मैंने तुरंत अपना दूसरा हाथ उनकी ब्रा के अंदर सरका दिया। मेरी हथेली उनकी भरी हुई, नरम और गर्म छातियों को छूते ही एक तीव्र सनसनी पूरे शरीर में दौड़ गई। उनके मोटे-मोटे मम्मे मेरी उंगलियों के बीच पूरी तरह दब गए। मैंने उन्हें धीरे-धीरे लेकिन जोर से मसलना शुरू कर दिया। उनकी चिकनी त्वचा मेरी हथेली पर गर्म और मुलायम महसूस हो रही थी। मेरी उंगलियां उनकी काली और कड़ी हो चुकी निप्पल्स को पकड़कर हल्का-हल्का निचोड़ने लगीं। सास की सांसें तेज और भारी होने लगीं। उनकी छाती ऊपर-नीचे हिल रही थी और उनके शरीर में एक हल्का सा कंपन महसूस हो रहा था।
मेरी सास ने आंखें बंद कर लीं और मजा लेने लगीं।
उनके चेहरे पर एक गहरी तृप्ति और कामुकता की छाया छा गई थी। उनकी पलकें पूरी तरह बंद थीं और होंठ हल्के से खुले हुए थे। मैंने देखा कि उनकी छातियां मेरे दबाव से और भी सख्त हो रही थीं। उनकी निप्पल्स मेरी उंगलियों के बीच और भी कड़ी और लंबी हो गई थीं। अब मैंने धीरे-धीरे उनके सारे कपड़े उतार दिए।
पहले मैंने उनकी ब्रा का हुक खोल दिया और उसे एक तरफ फेंक दिया। फिर उनकी सलवार का नाड़ा खोलकर उसे दोनों पैरों से नीचे सरका दिया। उनकी पैंटी भी मैंने धीरे से कमर से खींचकर पूरी तरह उतार दी। उफ्फ क्या बला की खूबसूरत लग रही थी वो नंगा बदन।
उनका पूरा शरीर अब मेरे सामने पूरी तरह नंगा और चमकता हुआ था। उनकी गोरी त्वचा हल्की रोशनी में चमक रही थी। उनके बड़े-बड़े और भरे हुए मम्मे ऊपर की तरफ उठे हुए थे। उनकी पतली कमर, चौड़े कूल्हे और मोटी जांघें देखकर मेरा लंड और भी ज्यादा सख्त और खड़ा हो गया। मैं भी पूरा नंगा हो गया और उनके ऊपर चढ़ गया।
मैंने उनके होंठ चूसने शुरू कर दिए और अपना लंड उनकी फुद्दी के ऊपर घिसने लगा। मेरे होंठ उनके नरम और गर्म होंठों को जोर-जोर से चूस रहे थे। मेरी जीभ उनके मुंह के अंदर घुसकर उनकी जीभ से उलझ रही थी। मेरा सख्त और गर्म लंड उनकी गीली चूत की ऊपरी सतह पर बार-बार ऊपर-नीचे घिस रहा था। मेरी सास भी मेरा साथ देने लगीं। उन्होंने मुझे कसकर पकड़ लिया। जगह-जगह किस करने लगीं।
उनकी दोनों बाहें मेरी पीठ पर कसकर लिपट गईं। उनके नाखून मेरी पीठ पर हल्का-हल्का खरोंच रहे थे। उन्होंने मेरे गालों, गर्दन और कंधों पर गहरे-गहरे किस करने शुरू कर दिए। अब मैं उनके मम्मे चूसने लगा। उनके मुंह से सीत्कारें निकल रही थीं।
मैंने एक-एक करके उनके दोनों मोटे मम्मे मुंह में लिया। मेरी जीभ उनकी निप्पल्स को चाट रही थी और हल्का-हल्का काट भी रही थी। उनके मुंह से लगातार आह आह की सीत्कारें निकल रही थीं। उनकी सांसें अब और तेज हो गई थीं। उसके बाद मैं उनके पेट से होता हुआ उनकी फुद्दी के पास आ गया और उनके जिस्म को चाटने लगा।
मेरी जीभ उनके पेट की नाभि से नीचे उतर रही थी। मैंने उनकी जांघों को चाटा और धीरे-धीरे उनकी चूत के आस-पास की नरम त्वचा को चूम लिया। मेरी सास मेरा सर अपनी फुद्दी के ऊपर ले गईं और दबाने लगीं।
उनकी उंगलियां मेरे बालों में फंसी हुई थीं। उन्होंने मेरे सिर को अपनी गीली चूत पर जोर से दबा दिया। मैं समझ गया कि क्या करना है। मैंने उनकी फुद्दी के ऊपर दाने को चाटना शुरू कर दिया।
मेरी जीभ उनकी क्लिटोरिस पर तेजी से घूम रही थी। मैंने उसे चूसा, चाटा और हल्का-हल्का काटा भी। उनकी चूत से निकलने वाला गर्म और चिपचिपा पानी मेरी जीभ और ठोड़ी पर बह रहा था। अब तो मेरी सास की हालत बहुत खराब हो गई। वो जोर-जोर से आह आह आह ऊह ऊई करने लगीं।
उनका पूरा शरीर झनझना रहा था। उनकी जांघें मेरे सिर के दोनों तरफ कसकर दब रही थीं। मैंने भी अपनी स्पीड बढ़ा दी। एक-दो उंगली भी उनकी फुद्दी के अंदर बाहर करने लगा। उनको बहुत मजा आ रहा था।
मैंने अपनी दो उंगलियां उनकी चूत के अंदर डालीं और तेजी से अंदर-बाहर करने लगा। अंदर की गर्मी और नमी मेरी उंगलियों को पूरी तरह भिगो रही थी। अब उन्होंने मुझे अपने नीचे लिटा दिया और मेरे ऊपर चढ़ गईं और मुझे मजा देने लगीं। मेरे सारे जिस्म को चूसते-चाटते हुए मेरे लंड को मुंह में लेकर चूसने लग गईं।
वो बड़ा लंड चूसने में इतनी माहिर हैं कि उनका एक भी दांत मेरे लंड को नहीं चुभा।
उनकी गर्म और नरम जीभ मेरे लंड की पूरी लंबाई पर ऊपर-नीचे घूम रही थी। उन्होंने लंड को पूरी तरह मुंह में ले लिया और तेजी से ऊपर-नीचे करने लगीं। उन्होंने मेरा लंड चूस-चूस के मुझे पागल कर दिया। अब मेरा वीर्य छूटने वाला था।
मेरा लंड उनके मुंह में फड़कने लगा। मैंने उन्हें हटाया पर वो जोर-जोर से चूस रही थीं। मेरा थोड़ा सा छूट गया और उनके मुंह में वीर्य चला गया।
उन्होंने झट से थूक दिया और कहा उबकाई आ रही थी। बहुत ज्यादा लिसलिसा है।
अब मैंने कहा अब असली काम करते हैं।
तो वो बोली आप ऊपर आ जाओ मैं नीचे से चुदूंगी।
अब मैं उनके ऊपर चढ़ गया और फिर उन्हें गर्म करने लगा तो वो फिर से आग की तरह गर्म हो गईं।
और मैंने अपना छह इंच का लंड उनके छोले के ऊपर रगड़ना शुरू कर दिया और तब तक रगड़ता रहा जब तक उन्होंने खुद नहीं कहा कि जल्दी से मेरी फुद्दी के अंदर डाल दो।
मेरा सख्त और गर्म लंड उनकी गीली चूत की ऊपरी सतह पर बार बार जोर से रगड़ रहा था। हर रगड़ के साथ उनकी फुद्दी से निकलने वाला चिपचिपा और गर्म पानी मेरे लंड की पूरी लंबाई को भिगो रहा था। मैंने उनके मोटे कूल्हों को दोनों हाथों से कसकर पकड़ लिया था और उन्हें अपनी तरफ खींच खींच कर रगड़ रहा था। उनकी सांसें तेज और भारी हो चुकी थीं। उनके शरीर में हल्का सा कंपन शुरू हो गया था। उनकी जांघें मेरी कमर के चारों तरफ कस गई थीं और वे अपने कूल्हे हल्के हल्के उठा उठा कर मेरे लंड की रगड़ का जवाब दे रही थीं। उनकी चूत की नरम और गीली त्वचा मेरे लंड के सिरे को बार बार छू रही थी और हर बार एक तीव्र सनसनी मेरी रीढ़ में दौड़ जाती थी।
मेरी सास की आंखें पूरी तरह बंद थीं। उनके होंठ हल्के से खुले हुए थे और वे बार बार हल्की हल्की सीत्कारें निकाल रही थीं। मैंने अपना लंड उनकी क्लिटोरिस पर दबाकर तेजी से ऊपर नीचे घुमाना शुरू कर दिया। उनकी निप्पल्स बहुत कड़ी हो चुकी थीं और उनका पूरा बदन पसीने से चमक रहा था। आखिरकार वे अधीर होकर कांप उठीं और मुंह से निकला जल्दी से मेरी फुद्दी के अंदर डाल दो।
मैंने तुरंत अपना छह इंच का मोटा लंड उनकी गर्म और गीली चूत के मुंह पर रखा और एक जोरदार धक्का दिया। पूरा लंड एक ही झटके में उनकी फुद्दी के अंदर घुस गया। उनकी चूत बहुत तंग और गर्म थी। अंदर की नरम दीवारें मेरे लंड को कसकर जकड़ रही थीं। सास के मुंह से एक लंबी और गहरी आह निकली।
मैंने उन्हें पच्चीस मिनट तक चोदा।
शुरू में मैं धीरे धीरे लंबे लंबे स्ट्रोक मार रहा था। हर थ्रस्ट के साथ मेरा लंड उनकी चूत की सबसे गहराई तक जा रहा था और फिर बाहर निकलते समय उनकी चूत की नरम दीवारें मेरे लंड को चूस रही थीं। उनकी चूत से चुट चुट की आवाजें निकल रही थीं। उनके बड़े मम्मे हर धक्के के साथ ऊपर नीचे उछल रहे थे। मैंने उनके मम्मों को दोनों हाथों से दबाया और जोर जोर से चोदना जारी रखा। धीरे धीरे मेरी स्पीड बढ़ती गई। अब मैं तेज और गहरे धक्के मार रहा था। कमरे में हमारी चुदाई की आवाजें और उनकी सीत्कारें गूंज रही थीं। उनकी चूत का पानी मेरी जांघों तक बह रहा था। सास का पूरा शरीर पसीने से भीग गया था। उनकी निप्पल्स बहुत कड़ी हो चुकी थीं।
और वो भी मजे से चुद रही थीं।
वे अपने कूल्हे उठा उठाकर मेरे हर धक्के का जवाब दे रही थीं। उनकी उंगलियां मेरी पीठ पर खरोंच रही थीं। उन्होंने कई बार मेरे होंठ चूस लिए और मेरी गर्दन पर गहरे किस किए। उनका चेहरा कामुकता से लाल हो गया था। उनका पूरा बदन मेरे नीचे तनता और झुकता जा रहा था।
उनका दो बार निकल चुका था।
पहली बार जब उनका ऑर्गेज्म आया तो उनकी चूत मेरे लंड को बहुत जोर से सिकुड़ने लगी। उन्होंने जोर जोर से चीखते हुए अपना पूरा शरीर तन दिया। गर्म चूत का पानी मेरे लंड पर छूट गया और उनकी जांघें कांपने लगीं। कुछ देर बाद दूसरी बार फिर उनकी हालत खराब हो गई। वे कांप उठीं और उनके मुंह से लगातार आह ऊह की आवाजें निकलने लगीं। उनकी चूत की दीवारें मेरे लंड को और भी जोर से दबा रही थीं।
जब हम चुदाई करके अलग हुए तो मैंने कहा यह गलत काम हो गया।
तो वो बोली मेरी बेटी को लगता था कि आप बाहर किसी की फुद्दी मारकर आओगे इसलिए मेरा भी मन डोल गया और मैंने भी बहुत दिनों से आपके ससुर के साथ सेक्स नहीं किया था तो मेरा भी मन हो गया था।
मैं भी कामुक औरत हूं और हम दो-तीन दिन छोड़ के चुदाई करते हैं।
जब तक मैं यहां हूं आप मजा कर सकते हो लेकिन मेरी बेटी को पता न चले।
उसके बाद मैं आपको कभी नहीं दूंगी।
मैं मान गया और हमने खूब मजे किए जब तक मेरी बेटी नहीं हो गई उसके बाद मेरी सास अपने घर चली गई।
मेरी वाइफ बोली इतने दिन तक कैसे रहे फुद्दी के बगैर।
तो मैं हंसकर बोला अपना हाथ जगन्नाथ।
उसके बाद भी मैंने ससुराल में जाकर सास को कई बार ट्राई किया क्योंकि मेरी सास है ही इतनी सेक्सी कि बार-बार उनको चोदने का मन करता है।
लेकिन उन्होंने कहा जो हुआ मजबूरी में हुआ उसे बुरा सपना समझ के भूल जाओ इसी में हम दोनों की भलाई है।
और मैंने फिर कभी उनके साथ बात नहीं की।
और हम सब अब पहले की तरह रहते हैं।
Note : यहां पोस्ट की गई हर कहानी सिर्फ मनोरंजन के लिए है,कृपया वास्तव जीवन में कहानी में घटित कोई भी चित्र प्रयोग करना घातक हो सकता है और इसका जिम्मेदारी कहानी के लेखक या फिर कहानी प्रस्तुतकर्ता नहीं होंगे,तो कृपया इस सबको अपने निजी जिंदगी के साथ मत जोड़ें और अपने बुद्धि,विवेक के साथ काम लें।
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