हेलो मैं अंश हूं। मैं बाईस साल का लड़का हूं। मैं दिल्ली में इंजीनियरिंग कर रहा हूं। मेरे परिवार में मां, पापा और दीदी हैं। दीदी का नाम मिंकी है। वह पिछले आठ साल से दसवीं के बोर्ड में मैथ्स में फेल हो रही है। दीदी छब्बीस साल की है, गोरी और भोली भाली मासूम लड़की है।
मेरी मां और दीदी दोनों बहुत भोली हैं। पापा से दोनों डरती हैं क्योंकि गांव में पुरुष प्रधान संस्कृति है। मैं दीदी को नाम से ही बुलाता हूं। दीदी मिंकी का साइज 32-28-36 है और मां सीमा का साइज 36-32-38 है। मैं उनकी मासूमियत का फायदा उठाता था। कभी मां के ब्लाउज में हाथ डालकर पर्स निकाल लेता था पैसे के लिए और कभी दीदी की गांड पर चाटे मार देता था। ये लोग कुछ नहीं बोलते थे।
तीसरे साल के फाइनल के बाद दो महीने की समर वेकेशन में घर आया था। एक दिन पापा गुस्से में बोले कि पिछले आठ साल यह साली एक एग्जाम पास नहीं कर पा रही है। दसवीं भी पास नहीं करेगी तो शादी भी अच्छे घर में नहीं होगी। दीदी बोली कि मुझसे ये मैथ्स के फॉर्मूले याद नहीं होते। मैंने कहा याद क्यों नहीं होते। दीदी बोली मुझे नहीं पता। पापा बोले बेटा तुम ही कुछ करो इसे पास कराओ। मैंने कुछ सोचा फिर बोला मैं करा दूंगा लेकिन कुछ शर्त माननी होगी। पापा ने पूछा कैसी शर्त। मैंने कहा मैं दीदी को पढ़ाऊंगा लेकिन मैं जो और जैसे बोलूं वैसे करना होगा दीदी को। पापा बोले अरे तुम जो बोलोगे वो करेगी। अगर नहीं करेगी तो मुझे बताना बस। यह सुनकर दीदी के डर के मारे गांड फट गई।
मैंने कहा ठीक है आज शाम से ट्यूशन शुरू होगा। रोज एक घंटा सुबह, दोपहर और शाम को मेरे रूम में तुम आ जाना। लेकिन आप दोनों भी हमें डिस्टर्ब नहीं करोगे इस टाइम वरना मैं कुछ नहीं करूंगा। पापा बोले ठीक है बेटा। अगर कोई तुम्हें डिस्टर्ब करे तो बस मुझे बताना। गुस्से में मां और दीदी की तरफ देखकर बोले। मैंने कहा ठीक।
फिर शाम को दीदी मेरे रूम में आई। मैंने कहा सुनो मैं एक बार तुम्हें सिखाऊंगा फिर कुछ क्वेश्चन दूंगा। एक भी गलत हुआ तो पनिशमेंट मिलेगी। दीदी सर नीचे करके बोली ठीक है। मैंने कहा आज क्वाड्रेटिक इक्वेशन सिखाऊंगा। फिर सिंपल सिखाया फिर तीन क्वेश्चन दिए। एक थोड़ा डिफिकल्ट दिया। दीदी ने दो सही किए एक गलत। फिर एक जोरदार थप्पड़ मारा फिर लगातार चार थप्पड़ मारे। दीदी के गाल लाल और आंखों में आंसू आ गए और बोली एक ही गलत हुआ। मैंने कहा ज्यादा बोलेगी पापा को बुलाऊं। दीदी बोली नहीं अब गलती नहीं होगी। फिर मैंने उसे वो क्वेश्चन समझाया फिर क्वेश्चन दिया। इस बार सही किया। मैंने कहा देखा सीख गई ना। तुम किसी भी चीज को पाने के लिए दर्द नहीं सहोगी तब तक नहीं होता है। तुम इस थप्पड़ के डर से तुम ये कभी नहीं भूलोगी। दीदी बोली हां। ठीक अब कल होगा।
फिर अगली सुबह दीदी मेरे रूम में आई। मैंने कहा तुम्हें आज ट्रिगोनोमेट्री सिखाऊंगा। बहुत मार्क्स का आता है एग्जाम में। दीदी बोली ट्रिगोनोमेट्री मेरे से नहीं होगा प्लीज कुछ और सिखा दो। मैंने एक थप्पड़ मारा। चुप साली जो बोल रहा हूं वो करो। दीदी बोली तुम गाली क्यों दे रहे हो। मैंने कहा रुको पापा को बुलाता हूं। दीदी बोली नहीं नहीं तुम जो बोलोगे मैं करूंगी। ठीक है फिर ट्रिगोनोमेट्री का सिन इक्वल टू पी बाई एच, कोस इक्वल टू बी बाई एच जैसे फॉर्मूला दिया। याद करो। ऐसे पांच मिनट बाद मैं पूछूंगा।
पांच मिनट के बाद मैंने कहा सिन इक्वल टू। दीदी बोली पी बाई एच। मैंने कहा टैन इक्वल टू। दीदी बोली आआ एच बाई पी। मैंने एक थप्पड़ मारा। दीदी रोते हुए बोली मुझसे नहीं होगा ये। मैंने कहा अच्छा मैं तो तुमसे करा के रहूंगा। तुम अपना सलवार और पैंटी उतारो। दीदी बोली पागल हो गया है क्या बोल रहा है। मैंने कहा रुको पापा को बुलाता हूं। दीदी बोली रुको मैं करती हूं। फिर नीचे से नंगी हो गई। उसका गोरा गांड और चिकनी चूत देखकर लंड टाइट होने लगा। क्या माल है ये मन में बोला।
मैंने कहा जितने बार गांड पर थप्पड़ मारूंगा उतनी बार तुम टैन इक्वल टू पी बाई बी बोलोगी। फिर एक जोरदार थप्पड़ गांड पर मारा। दीदी बोली आआ टैन इक्वल टू। मैंने और जोर से मारा। जोर से बोल साली। दीदी आआ मां टैन इक्वल टू। फिर ऐसे ही बीस बार किया टैन के लिए। मैंने कहा अब कभी भूलोगी। दीदी बोली जिंदगी भर नहीं भूलूंगी। मैंने कहा चलो अब कुर्ती और ब्रा उतारो। दीदी अब डरते डरते उतार दिया।
मैंने कहा अब कोस का फॉर्मूला रिपीट करना जितनी बार निप्पल पर बाइट करूं। फिर मैंने बूब्स को मुंह में लेकर चूसते हुए बीच बीच में बाइट करते गया। मैंने कहा बोलो टैन इक्वल टू। दीदी ने सही आंसर दिया। फिर कोस का भी सही आंसर दिया। मैंने कहा देखा याद हुआ ना। दीदी बोली हां। अब सेक के लिए मैं अपना लंड तुम्हारे मुंह डालूंगा। जितनी बार अंदर बाहर करूं उतनी बार तुम बोल उसका फॉर्मूला रिपीट करोगी। फिर लंड मुंह दे दिया। ओओओ रिपीट करने लगी। करीब सात मिनट लंड चूसाया।
अब कोट की बारी। तेरी चूत में लंड डालूंगा तुम रिपीट करोगी फॉर्मूला। दीदी बोली नहीं चूत में नहीं प्लीज। मैंने कहा चुप चाप डॉगी पोजीशन में आओ। डर के मारे वो आ गई। फिर चूत में लंड डालते नहीं गया स्लिप हो गया। फिर सही जगह टिकाकर घुसा दिया। दीदी छटपटाने लगी रोने लगी। मैं मर जाऊंगी प्लीज छोड़ दो। मैंने कहा बोलो कोट इक्वल टू। बाल पकड़कर हॉर्स राइडिंग करने लगा। दीदी कोट इक्वल टू आआ कोट इक्वल टू प्लीज निकालो। मैं कुछ देर धक्के लगाता रहा। दीदी दर्द भरी आवाज में रिपीट करती गई। कुछ देर बाद उसे भी मजा आने लगा। मैं करीब दस मिनट में झाड़ गया उसके चूत में।
अब कोसेक की बारी है। तुम अपनी गांड में लंड लोगी। दीदी बोली भाई नहीं प्लीज। मैंने अपना लंड गांड में लगाया। तुम जोरदार धक्का लगाया। दीदी मां मैं आज नहीं बचूंगी ये मार देगा मुझे। मैंने एक जोरदार थप्पड़ लगाया गांड पर। फॉर्मूला रिपीट करो। दीदी आआ कोसेक इक्वल टू उम्म आआ कोसेक। फिर करीब बारह मिनट में गांड में झाड़ गया। फिर दीदी को बोला देखा मेमोराइज हुआ सारे फॉर्मूले। दीदी बोली हां। मैंने कहा ऐसे ही सारे मैथ्स सिखा दूंगा। दीदी बोली ठीक है जैसे तुम बोलो। रात को दूसरा चैप्टर स्टार्ट होगा और हां अब से क्लास में नंगी रहोगी। दीदी हां डरते हुए बोली भाई मैं प्रेग्नेंट हो जाऊंगी तू तुम अंदर डाल दिया अपना। मैंने कहा कोई ना कल मेडिसिन ला दूंगा। दीदी बोली ठीक है।
ऐसे ही डिफरेंट पोजीशन में दीदी को चोद चोद कर मैथ्स पेपर क्लियर करा दिया। कैसे मां को भी चोदा अगले पार्ट में पढ़ो।
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