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डॉक्टर अंकल के दोस्तों ने मेरी चूत फाड़ दी

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम प्रिया है और मैं हरियाणा से हूँ। दोस्तों मैं आज आप सभी लोगों को अपनी एक सच्ची घटना बताने जा रही हूँ, जिसके बाद मेरा पूरा जीवन और उसके साथ साथ मेरा जीने का तरीका बिल्कुल बदल सा गया। मैं अब वो बातें सोचने लगी थी, जिनको मैं पहले कभी भी नहीं सोचती थी और यह बात तब की है, जब मैं 18 साल की थी और मैंने अभी अभी जवानी की पहली सीढ़ी पर अपना पहला कदम रखा था। मेरे बूब्स, गांड और उसके साथ साथ मेरे शरीर ने अपना आकार बदलना शुरू किया था और वैसे मैं सेक्स या उससे जुड़ी हुई कोई भी बातों के बारे में ज्यादा कुछ नहीं जानती थी।

दोस्तों मेरे घर के पास में एक डॉक्टर रहते थे, उनका हमारे घर पर बहुत आना जाना था और मेरे घर के सभी लोगों का व्यवहार बहुत अच्छा लगता था। वो दिखने में भी ठीक-ठाक थे और मुझे भी उनका बात करने का तरीका थोड़ा बहुत अच्छा लगता था। हम सभी उनकी बहुत इज्जत किया करते थे, वो मुझसे बहुत हंस हंसकर बातें किया करते थे और कई बार उन्होंने मुझे छुआ भी, लेकिन मैंने उस सबको इतना नहीं सोचा और ना ही उस पर इतना ध्यान दिया, लेकिन कुछ समय बाद मुझे उनकी मेरे ऊपर नियत गंदी का पता चला।

दोस्तों एक बार मेरे मम्मी पापा को 15 दिन के लिए किसी काम से हमारे गाँव जाना पड़ा और वो लोग किसी कारण से मुझे अपने घर पर अकेली छोड़कर चले गए। फिर मैं उन दिनों अपने घरवालों के कहने पर अपने उन अंकल के घर पर रहने चली गई और उससे पहले भी मैं बहुत बार उनके घर पर रह चुकी थी और अंकल मुझे देखकर बहुत खुश हो गए। दोस्तों उनके घर में अंकल, आंटी रहते थे, क्योंकि उनके दोनों बच्चे बाहर होस्टल में रहकर अपनी पढ़ाई कर रहे थे। दोस्तों मैं दिखने में बहुत गोरी, सुंदर थी, लेकिन मुझे मेरे बूब्स पसंद नहीं थे, क्योंकि वो आकार में बहुत बड़े थे और उनको देखकर हर कोई मुझे घूरता रहता था और वो सब मुझे बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगता था।

फिर जब रात को मैं सो रही थी तो अंकल मेरे पास आए और मेरे बूब्स को हल्के हल्के से छूने लगे और अपना एक हाथ मेरे बूब्स पर घुमाकर कुछ महसूस करने लगे, लेकिन मैं अपनी आँखें बंद करके सोने का नाटक करती रही और कुछ देर बाद वो चले गए, क्योंकि मैं अकेली दूसरे कमरे में सोती थी और अंकल, आंटी अपने कमरे में सोते थे, इसलिए उनको मेरे जिस्म को छूने का मौका हर समय मिल ही जाता था और जब आंटी घर पर नहीं होती थी तो वो मुझे हर किसी बहाने से इधर उधर छेड़ते रहते थे, लेकिन मैं वो सब अनदेखा कर देती थी। मैंने यह बात कभी किसी को नहीं बताई, इसलिए भी उन्हें आगे बढ़ने का मौका मिलता रहा।

एक दिन आंटी घर पर नहीं थी और उस समय मैं किचन में थी, उन्होंने पहले पीछे से आकर मेरी गांड को छुआ और उसके बाद वो मुस्कुराकर मुझसे पूछने लगे कि क्यों यह तुम्हारे बूब्स इतनी बड़ी कैसे है, किससे अपने बूब्स को चुसवा रही हो? तो मैंने कहा कि किसी से भी नहीं और आप मुझसे यह क्या पूछ रहे हो? दोस्तों उनसे इतना कहकर मैं बाहर चली आई और वो भी मेरे पीछे पीछे चले आए और मेरे जिस्म को घूरने लगे और उसी दिन बहुत रात को उनके कमरे में से मुझे रोने, चिल्लाने की आवाज़ आ रही थी। फिर मैं देखने के लिए उठी और मैंने उनके कमरे की खिड़की से अंदर झांककर देखा तो उस समय अंकल आंटी दोनों बिना कपड़ों के थे और अंकल आंटी को बहुत बुरी तरह से चोद रहे थे और वो चुदाई के साथ साथ आंटी को मार भी रहे थे।

उस समय आंटी बेड पर नीचे पड़ी हुई थी और वो उनके ऊपर अपना लंड डालकर लगातार ज़ोर ज़ोर से धक्के दिए जा रहे थे और आंटी उनके आगे हाथ पैर जोड़ रही थी कि प्लीज मुझे अब छोड़ दो, मुझे बहुत दर्द हो रहा है, लेकिन वो नहीं माने और उन्हें ज़ोर ज़ोर से चोदते रहे। फिर मैं कुछ देर उनकी चुदाई के मज़े लेकर वापस अपने कमरे में आ गई। मैंने मन ही मन सोचा कि अंकल कितने गंदे हैं वो आंटी को मार रहे हैं।

फिर उसके दूसरे दिन शाम को आंटी अचानक से मुझे बिना बताए उनके बड़े भैया की बहुत तबियत खराब थी, इसलिए चंडीगढ़ चली गईं तो मैंने अंकल से पूछा कि आंटी कहाँ है? तो उन्होंने मुझसे कहा कि वो कुछ दिन के लिए बाहर गई है आ जाएगी। फिर हमने एक साथ बैठकर खाना खाया और उसके कुछ देर बाद मैं अपने रूम में सोने चली गई और उसके थोड़ी देर बाद अंकल मेरे रूम में आ गए और वो आज मुझे बिना किसी डर के छेड़ने लगे, क्योंकि उस दिन घर पर बस हम दोनों ही थे।

फिर मैंने उनसे पूछा कि आप मेरे साथ यह क्या कर रहे हो? तो वो मुझसे बोले कि तुझे मैं आज एक औरत बनाने जा रहा हूँ, तुझे मेरे साथ आज बहुत मज़ा आएगा। फिर मैंने उन्हें कहा कि चले जाओ यहाँ से और उन्हें धक्का दे दिया और फिर उन्होंने मुझे एक बहुत ज़ोर का थप्पड़ मारा तो मैं रोने लगी और मेरी आँखों से आँसू बहने लगे। तभी उन्होंने मुझे अपनी बाहों में दबोच लिया और वो मेरे ऊपर चढ़कर मेरे बूब्स को दबाने लगे और काटने लगे, उन्होंने फटाफट से मेरे सारे कपड़े फाड़ दिए और वो बहुत बुरी तरह से मेरे बूब्स को काटने, दबाने लगे और कुछ देर बाद वो सीधे ही मेरी चूत पर हाथ लगाने लगे।

फिर मैं उनसे लगातार मना करती रही, लेकिन वो अपने काम में लगे रहे और मैं चीखती चिल्लाती रही। उसके कुछ देर बाद वो मेरे ऊपर से उठ गये और मैं तुरंत भागने की कोशिश करने लगी तो उन्होंने मुझे फटाफट से पकड़ लिया और मुझे अपनी गोद में उठाकर बेड पर ले जाकर पटक दिया और फिर उन्होंने मेरे दोनों हाथ बाँध दिए और उन्होंने मेरे मुँह में मेरी फटी हुई पेंटी को डाल दिया और अपने सारे कपड़े उतारे। मैं उनका लंड देखकर बहुत हैरान हो गई, इतना बड़ा और मोटा।

तब मुझे पता लगा कि आंटी उस दिन क्यों रो रही थी? वो अब मेरे ऊपर आ गए और उन्होंने जबरदस्ती मेरे दोनों पैरों को फैला दिया और फिर अपने लंड का टोपा मेरी चूत के मुँह पर रख दिया और ज़ोर लगाकर अंदर डालने की कोशिश करने लगे, जिसकी वजह से टोपा ही अंदर गया। फिर उन्होंने ज़ोर का धक्का मारा, लेकिन लंड फिर भी कुछ ही अंदर गया और मेरी आँखों से आँसू निकल गये, लेकिन मैं कुछ बोल ना सकी, क्योंकि उनका एक हाथ मेरे मुँह पर भी था और दूसरा हाथ मेरे बूब्स को निचोड़ रहा था।

फिर उन्होंने मौका देखकर एक और जोरदार धक्का मार दिया और लंड मेरी चूत को चीरता फाड़ता हुआ अंदर चला गया, उसकी वजह से मेरी सील टूट गई और वो धक्के मारते रहे और मैं चीखती, चिल्लाती उस दर्द से तड़पती और रोती रही। इस तरह से पूरा लंड उन्होंने मेरी चूत में डाल दिया और करीब 15 मिनट तक वो मुझे चोदते रहे, गालियाँ देते रहे, मेरी रानी आज तो मैंने तेरी चूत को फाड़ ही दिया है, बोल तुझे कैसा लगा, मैं अब औरों से भी तुझे चुदवाऊंगा, मैं आज तेरी गांड भी मारूँगा, तू बस मेरे साथ अपनी चुदाई के मज़े ले।

दोस्तों कुछ देर बाद वो मेरी चूत के अंदर ही झड़ गए और वो कुछ देर मेरे ऊपर लेटे रहे और अपना पूरा वीर्य मेरी चूत में टपकाते रहे और मैं उसकी एक एक बूंद की गरमी को महसूस करती रही। दोस्तों सच पूछो तो मुझे बहुत अच्छा लगने लगा था। मैंने उनके साथ चुदाई के पूरे मज़े लिए और उस दिन उन्होंने मुझे तीन बार चोदा और वो मुझे आज तक भी चोद रहे हैं।

फिर उसके बाद वो उठकर चले गये और मैं दर्द से तड़पती हुई सो गई, लेकिन थोड़ी देर बाद वो एक बार फिर से आए और उन्होंने मुझे एक गोली दी और चले गये। जाते समय वो मुझसे बोले कि तुम इसे खा लेना तुम्हें दर्द नहीं होगा। फिर मैंने वो गोली खा ली, लेकिन उस गोली को खाने के बाद मेरे मन में एक अजीब सा कुछ महसूस होने लगा, जैसे कि मुझे सेक्स का नशा चढ़ रहा हो और एक घंटे बाद वो फिर आए और मुझसे पूछने लगे कि क्या हुआ रंडी? अब मैं रोने लगी और फिर उन्होंने मुझे एक वीडियो दिखाया, जिसमें वो मुझे चोद रहे थे, जिसको देखकर मैं बहुत हैरान थी, मुझे कुछ भी समझ में नहीं आ रहा था कि यह सब मेरे साथ क्या हो रहा है, मैं अब क्या करूँ? और अब वो मुझे ब्लैकमेल करने लगे और बोले कि अगर मैंने किसी को कुछ भी बताया तो वो मेरी यह वीडियो नेट पर डाल देंगे।

फिर से वो पूरे नंगे हो गए और मुझे चोदने लगे। इस बार तो उन्होंने मुझे करीब 25 मिनट तक लगातार धक्के देकर चोदा और चुदाई खत्म होने के बाद वो ठंडे होकर अपना वीर्य मेरी चूत में डालकर वो भी वहीं पर मेरे पास में सो गये और अब मुझसे चला भी नहीं गया। मैं बहुत मुश्किल से उठकर बाथरूम तक गई और मैंने अपने आपको साफ किया और मैं वहीं पर रोने लगी, लेकिन वहाँ पर कौन मुझे सुनने वाला था। कुछ देर बाद मैं रूम में दोबारा आकर सोने की कोशिश करने लगी और मुझे कब नींद आ गई मुझे पता ही नहीं लगा, लेकिन जब मेरी नींद खुली तो मैंने अपने रूम में अंकल और उनके दोस्त को देखा तो मैं बिल्कुल हैरान हो गई।

फिर अंकल मुझसे बोले कि आओ इनको भी खुश करो तो मैं रोने लगी, प्लीज मुझे अब जाने दो, मुझे बहुत दर्द हो रहा है, लेकिन वो नहीं माने और मुझे अपने पास बुलाया और छेड़ने लगे, मैं उनके सामने रोती रही, बिलखती रही, लेकिन उन्हें कोई भी फर्क नहीं पड़ा। फिर उन्होंने मुझसे कहा कि नाचकर दिखाओ तो मैंने कहा कि मुझे नाचना नहीं आता और वो मेरा यह जवाब सुनकर मुझ पर चिल्लाने लगे तो मैंने नाचना शुरू किया तो उनमें से एक अंकल उठकर आए और मेरे सर पर शराब डाल दी और फिर मुझे ज़ोर की लीप किस करने लगे और इतने में दोनों अंकल आ गये और एक मेरे बूब्स सक करने लगा तो दूसरा मेरी चूत को सक करने लगा।

थोड़ी देर बाद एक अंकल अपना लंड पेंट से बाहर निकालकर मेरे मुँह में डालने लगा तो मैंने मना किया और उन्होंने मुझे एक थप्पड़ मारा और फिर उन्होंने जबरदस्ती मेरे मुँह में अपना लंड डाल दिया और उन तीनों ने बारी बारी से मेरे मुँह को चोदा और फिर सबने मेरी चूत पर हमला कर दिया।

एक अंकल मेरा मुँह चोद रहे थे तो दूसरे मेरे बूब्स और तीसरे ने अपना लंड मेरी चूत के मुँह पर रखा और धीरे धीरे रगड़ने लगा और अब उसने एकदम से अपना पूरा का पूरा लंड मेरी चूत में डाल दिया, जिसकी वजह से मैं चीखना चाहती थी, लेकिन मेरी आवाज़ बाहर नहीं निकल सकी, क्योंकि मेरे मुँह में एक मोटा लंबा लंड था और उसने मुझे करीब 15 मिनट तक चोदा और अपना पानी मेरी चूत में ही छोड़ दिया और इस तरह मुझे उन तीनों ने बारी बारी से एक एक करके चोदा और अंकल बैठकर देखते रहे।

फिर जब उनका सब काम खत्म हो गया तो अंकल उनसे बोले कि अगर यह गर्भवती हो गई तो क्या होगा? दूसरे अंकल बोले कि हमें क्या हमें तो इसकी चूत मारने से मतलब है और हमने ठीक वैसा ही किया। दोस्तों उसके बाद वो सभी चले गए, लेकिन उस दिन से लेकर आज तक मैं किसी ना किसी से चुद ही रही हूँ। अंकल ने मुझे बहुत बार चोदा और अब मुझे उनके लंड की एक आदत सी हो गई है और वो मेरी चुदाई करके हमेशा मुझे संतुष्ट करते हैं, मुझे उनके साथ चुदाई करने में बहुत मज़ा आता है।

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⚠️ महत्वपूर्ण अस्वीकरण

ये सभी कहानियाँ केवल काल्पनिक हैं।
इनका वास्तविक जीवन से कोई संबंध नहीं है।

सेक्स हमेशा सहमति पर आधारित होना चाहिए।
बिना सहमति के कोई भी कार्य गलत और दंडनीय है।

इन कहानियों से प्रेरित न हों।
बस पढ़ें, आनंद लें और भूल जाएं।
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