हाय मैं महेश हूं। यह आज से दो साल पहले की सच्ची घटना है। जब मैं कॉलेज में पोस्ट ग्रेजुएशन कर रहा था। पहले मैं आपको अपने बारे में बता देता हूं। मेरी उम्र तेईस साल है और बात आज से दो साल पहले की है। मेरी हाइट पांच फुट सात इंच है और मैं काफी सुंदर भी हूं। चलो अब बातें तो बहुत होती रहेंगी मैं मुद्दे पर आ जाता हूं।
एक बार मैं और मेरा दोस्त मोहन स्टडी कर रहे थे मेरे घर पर। मैं पढ़ाई में हमेशा उससे आगे रहता था और हमेशा मुझसे ही पढ़ता था। तो एक दिन मोहन मुझसे कहने लगा कि यार तू सब चीज में उस्ताद है। पढ़ाई में तो बहुत ही अच्छा है और पढ़ाई में मेरी हेल्प भी करता है। यार तू मेरा एक काम करेगा क्या। मैंने उससे पूछा कि क्या काम है। तो उसने कहा कि यार तू सपना को भी हेल्प कर दे पढ़ाई में। सपना जो उसकी छोटी बहन का नाम था जो उसके साथ किराये के मकान में रहती थी और कॉलेज के सेकंड ईयर में पढ़ रही थी। मैंने कहा कि यार जैसे तेरी छोटी बहन वैसे ही मेरी छोटी बहन। मैं उसे पढ़ा दूंगा।
तो अगला दिन सेलेक्ट हुआ कि हम उसके घर में पढ़ेंगे। तो रात को ठीक आठ बजे मैं उसके घर पहुंच गया। उसकी छोटी बहन मोनू ने दरवाजा खोला और मुझसे पूछा कि आप कौन हैं। तो मैंने उसे बताया कि मैं मोहन का दोस्त हूं और आज हम लोग आपके घर ही पढ़ेंगे। तो उसने मुझे अंदर आने के लिए कहा और मैं जाकर सोफे पर बैठ गया। पर वहां पर मुझे मोहन नहीं दिखाई दिया। तो मैंने उससे पूछा कि मोहन कहां है। तो उसने बताया कि वो कहीं गए हैं अभी आते होंगे।
तो मैंने उससे फोन करके पूछा कि भाई तू कहां है। तो उसने मुझसे कहा कि भाई उसे आने में थोड़ी देर हो जाएगी और वो मोनू को पढ़ाना स्टार्ट कर दे और मैं एक-दो घंटे में आ जाऊंगा। तो मैं उसके कहने के बाद मोनू से कहा कि मैं एक्चुअली तुम्हें पढ़ाने आया हूं। तो वो अपनी बुक ले कर मेरे साथ सोफे पर बैठ गई और मैंने उसे पढ़ाना शुरू कर दिया।
तभी अचानक पढ़ाते-पढ़ते मेरा ध्यान उसके बूब्स पर चला गया। उसकी कॉलेज वाली टाइट टी-शर्ट के अंदर ब्रेस्ट उभर कर दिख रही थीं। बट पहली ही नजर में दिल ने कह दिया कि अब तो इसके साथ सुहागरात बनानी है। क्या गजब की ब्रेस्ट थी उसकी। और अंदर ब्रा भी नहीं थी। क्या मोटी-मोटी चूचियां थी उसकी। बस अब तो मन में आ ही चुका था कि आज तो सुहागरात मनानी है चाहे कुछ भी हो जाए।
तभी मैंने दोबारा मोहन को फोन किया कि भाई तू कहां है और कब तक आएगा। तो मोहन ने जवाब दिया कि यार आज रात शायद ना आ पाऊं। तू भाई वहीं पर सो जाना और सुबह चले जाना। और उसने अपनी बहन से भी यही कह दिया। फिर क्या मेरी तो समझो जैसे लॉटरी लग गई।
पढ़ाने के बाद मैं मोनू से इधर-उधर की बातें करने लग गया। मैंने उससे पूछा कि तुम्हारा कोई बीएफ नहीं है क्या। तो उसने कहा कि कोई उससे दोस्ती ही नहीं करता क्योंकि सब दोस्त कहते हैं कि तू कुछ नहीं जानती। तो मैंने कहा तो इसमें क्या है वो सब कुछ तुम्हें मैं सिखा दूंगा अगर तुम्हें कोई प्रॉब्लम ना हो तो। तो वो तुरंत मान गई।
तब मैं उससे कहा कि पहले तो वो कपड़े उतारे। तो वो थोड़ा घबरा गई। तब मैंने उसे समझाया तो वो मान गई। फिर क्या था मैंने उसके बूब्स को दबाना शुरू कर दिया। उसकी नरम और गर्म चूचियां हाथों में आते ही और सख्त हो गईं। और फिर उसके लिप्स पर किस स्टार्ट की और मैंने फिर उसकी पैंटी में हाथ दे दिया और फिर वो सिसकियां भरने लगी। तब मैं समझ गया कि वो गरम हो चुकी है। अब डालने का मजा है।
फिर मैंने उससे पूछा कि कुछ हो रहा है। तो उसने कहा कि हां मुझे नशा हो रहा है। तब मैं उसे लंड मुंह में लेने के लिए कहा और उससे यह भी कहा कि नशा इससे कम हो जाएगा। हाय क्या मजा आ रहा था उसे भी और मुझे तो बस। उसका मुंह गरम और गीला लग रहा था।
उसके बाद मैंने उसकी चूत को सहलाना शुरू किया और फिर क्या था मेरी सुपाड़ा भी बस तैयार था। बस फिर मैंने इंतजार किए बिना उसकी चूत में लंड दे ही दिया और वो इतनी जोर से चिल्लाई कि बस मुझे तो लगा कि वो मर गई। लेकिन फिर बाद में उसे भी मजा आता रहा और आराम से वो ओह्ह करती हुई सब कुछ करवाती रही जो मैं चाहता था। उसकी चूत टाइट और गर्म थी और हर बार अंदर जाते ही वो सिसक उठती थी।
उसके बाद हम बाथरूम में एक साथ नहाने गए। फिर वहां भी यही प्रोग्राम चला और फिर सारी रात यही प्रोग्राम चलता रहा। आज भी मेरे उससे कॉन्टैक्ट है। बस अब तो समझ लो वो मेरी परमानेंट ना होने वाली वाइफ है।
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