फिर सन्नी ने सीमा के मुंह से अपना लंड निकाला और बिस्तर पर लेट गया। वह चाहता था कि सीमा के साथ हर तरह की पोजीशन में सेक्स करे इसलिए उसने सीमा को अपने ऊपर आने को कहा।
सीमा उठकर सन्नी के ऊपर आ गई और अपने हाथ से उसका लंड पकड़ कर अपनी चूत के मुंह पर लगा दिया और धीरे से नीचे बैठने लगी जिससे कि सन्नी का लंड उसकी चूत में घुसने लगा।
जब लंड पूरा अंदर चला गया तो सीमा धीरे-धीरे उछलने लगी और उसकी चूत में सन्नी का लंड अंदर-बाहर होने लगा। सीमा के बाल सन्नी के चेहरे पर आ रहे थे।
सीमा के मुंह से “आह आह आआह्ह” की आवाजें आए जा रही थीं और सीमा के उछलने की गति भी तेज होती जा रही थी। सन्नी समझ गया कि ऐसे ही चलता रहा तो जल्दी ही दोनों अपने चरम पर होंगे।
वह अभी थोड़ा और मजा लेने के मूड में था। उसने सीमा को रुकने को कहा तो सीमा अनमने मन से रुक गई और बोली- “सन्नी प्लीज! अब बस भी करो ना। बाकी सब फिर कभी कर लेना, अभी मुझे स्खलित हो जाने दो।”
सन्नी- “बस थोड़ी देर और। अब तुम घोड़ी बन जाओ।”
सीमा तो जल्द से जल्द चरमानन्द पा लेना चाहती थी, इसलिए एक बार कहते ही वह घोड़ी बन गई। सन्नी ने सीमा के पीछे होकर अपना लंड उसकी चूत की सीध में रखा और आगे की ओर झटका लगाया।
सन्नी का पूरा लंड एक ही झटके में सीमा की चूत में जा घुसा। सीमा के मुंह से “सस्स्स्स्स्सी” की आवाज आई और तभी सन्नी ने पूरी गति से झटके लगाने शुरू कर दिए।
सीमा के गदराए नितंबों से सन्नी की जांघें टकरा रही थीं जिससे “टप-टप” की आवाज आने शुरू हो गई थी। सन्नी ने पूरा जोर लगाकर पूरी गति से झटके मारना जारी रखा।
तभी सीमा के मुंह से एक लंबी कामुक चींख निकली “ओओओह्ह्ह्ह्ह्ह्…” और वह स्खलित हो गई। जिस कारण उसकी चूत ने सन्नी के लंड को निचोड़ना शुरू कर दिया।
लंड पर इतना दबाव सन्नी को चरम पर पहुंचाने के लिए काफी था। अचानक उसके लंड से वीर्य की पिचकारी छूटी और सीमा की चूत में भर गई।
सीमा बिस्तर पर निढाल होकर गिर गई और सन्नी भी उसके ऊपर ही लेट गया। दोनों के शरीर पसीने से लथपथ थे और सांसें तेज चल रही थीं।
थोड़ी देर ऐसे ही पड़े रहने के बाद दोनों सामान्य हुए और सन्नी का लंड भी सीमा की चूत से बाहर फिसल आया। कुछ देर एक-दूसरे की बांहों में लेटे रहने के बाद सन्नी ने कहा- “तो दोबारा मौके का फायदा कब उठा रहे हैं हम?”
सीमा मुस्कुरा कर बोली- “बहुत जल्द!”
सन्नी- “आज का अनुभव कैसा रहा।”
सीमा- “शब्दों में बयान करना मुश्किल है। इतना मजा आएगा मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था। चलो अब काफी देर हो गई है, मेरे खयाल से हमें चलना चाहिए।”
सन्नी- “हां, ठीक है।” इतना कहकर सन्नी ने सीमा के होंठों को एक बार फिर से चूम लिया।
फिर दोनों ने कपड़े पहने और फ्लैट से बाहर आने लगे तो सीमा ने सन्नी से कहा- “पहले तुम जाओ। मैं पीछे आती हूं। कोई साथ में देखेगा तो शक करेगा।”
सन्नी वापस आने लगा तो रास्ते में उसे हॉस्टल की तरफ से आती हुई प्रियंका मिली, उसने कहा- “अरे सन्नी, तुम कहां से आ रहे हो? वो काजल तुम्हें ढूंढ रही थी।”
सन्नी- “हां, मैं बस काजल के ही पास जा रहा था।” कहकर सन्नी वापस क्लास की ओर चल पड़ा।
वापस आते हुए वह मन में एक ही बात सोच रहा था- “अभी तो काजल भी बाकी है!”
कहानी का अगला भाग: कॉलेज के दिन (भाग-2)
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