तलाक के बाद मौसी के साथ यौन संबंध। Penti Xxx Sex Kahani

Penti Xxx Sex Kahani मेरी मौसी की पैंटी है। मैंने मौसी की चड्डी चुराकर उसे सूँघकर मुठ मारता था। मौसी जान गई।

प्रिय, मेरी सगी मौसी अभी 47 साल की होगी, और जब मैंने उन्हें पहली बार चोदा, वे शायद 44 या 45 की थीं।

हमेशा उन पर मेरा यौन आकर्षण था और मुझे लगता था कि मैं उन्हें एक दिन चोदूंगा।

आपने मेरी पिछली कहानी माँ को डॉक्टर ने चोद दिया। Mom And Doctor Ki Sex Kahani

यदि आप भी अपनी कहानी इस वेबसाइट पर पब्लिक करवाना चाहते हैं तो नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करके अपने कहानी हम तक भेज सकते हैं, हम आपकी कहानी आपके जानकारी को गोपनीय रखते हुए अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित करेंगे

कहानी भेजने के लिए यहां क्लिक करें ✅ कहानी भेजें

पढ़ी थी।

जब उनके पति को कोई और लड़की से शारीरिक संबंध था, तो शादी के कुछ समय बाद ही उनका तलाक हो गया।

Mousi Sex Kahani In Hindi

वह कुछ मोटी हैं, लेकिन बहुत गोरी हैं। चुचे और बाल भी बड़े हैं। लेकिन मुझे फिगर की जगह का सही अंदाज़ा नहीं है।

उनका एक बेटा था, लेकिन वह अपने पिता के साथ रहता था और मौसी से घर पर आकर अपनी मां से मिलता था।

मैं मौसी के घर रहता हूँ, वह मुझे अपने बेटे से भी प्यार करती है। वह मुझे जो भी मांगूँ, लाकर देती हैं।

वह भी बहुत अमीर हैं क्योंकि उन्हें तलाक से बहुत पैसा मिला था।

मौसी का गांव में किराए पर दिया हुआ एक सुंदर घर भी है।

मैं नहीं जानता कि वे सेक्स में बहुत रुचि रखती हैं या नहीं।

हर रात मैं अपने कमरे में सोने से पहले उनके लैपटॉप पर ब्लूफिल्म देखता रहता हूँ।

मजेदार चुदाई वाली फिल्म देखकर मुठ मारना और फिल्मों में चुदाई की तरह आसन देखना बहुत अच्छा लगता है।

बाथरूम दो दरवाज़ों से जुड़ा है और मेरे कमरे से भी जुड़ा है।

जब भी कोई बाथरूम में जाएगा, दोनों दरवाजे अंदर से बंद करेगा।

रात को मैं उनकी पैंटी में अपना लंड रगड़ता हूँ और उनकी पैंटी से अपना रस पौंछता हूँ।

यह मैं हर दिन रात को सोने से पहले पैंटी से सेक्स करता हूँ और कभी-कभी बाथरूम में ही अपना वीर्य गिरा देता हूँ अगर पैंटी नहीं मिलती।

फिर एक दिन मौसी ने पैंटी पहनना बंद कर दिया और उनका व्यवहार बदल गया।

मुझसे गुस्से से बात करने लगीं।

जब मौसी मुझे सुबह उठाने आईं, करीब दो हफ्ते बाद, मैं उठ गया और उनकी तरफ देखे बिना फ्रेश होने चला गया।

जब मैं किचन में डाइनिंग टेबल पर गया, तो मैंने देखा कि उनका मूड कुछ अलग था।

आज मुझे लगता था कि पिछले दो हफ्तों में यह भावना बदल गई है।

उसने मुस्कराकर कहा।

नाश्ते के दौरान हम दोनों अलग-अलग बातें कर रहे थे।

हमारी ये चर्चा उनकी पढ़ाई, उनके परिचितों, उनकी पार्टियों और इतना कुछ थी।

फिर उसने पूछा: आज रविवार है? आज तुम कहीं पढ़ रहे हो?

मैं—मौसी, आज कोई ट्यूशन नहीं है..। क्या है?

मौसी: नहीं, मैंने सोचा कि अगर आज हम खाना खाने के बाद घूमने जाएँ तो कैसा होगा..। क्योंकि मैं बहुत थक गया हूँ। हम फिल्म देखने के बाद घर लौटेंगे।

इसे भी पढ़ें   पड़ोसन भाभी की चुत चाटने की इच्छा पूरी हुई। Antarvasna Xxx Bhabhi Ki Chut Chati

मैं—ठीक है, मौसी, मैं तैयार हूँ, और आप भी।

मुस्कान: ठीक है बेटा।

फिर हम एक मॉल गए। मौसी ने वहाँ कुछ शॉपिंग की।

उन्होंने मुझे चार कंप्यूटर गेम्स खरीद कर दिए क्योंकि मैं कंप्यूटर गेम्स का बहुत शौक करता था।

फिर हम दोनों ने मॉल में पिज़्ज़ा खाया और फिल्म देखने गए. फिल्म शुरू होने में दो घंटे बाकी थे।

हम चर्चा करने लगे।

मौसी ने अचानक कहा कि बेटा कुछ पूछेगा..। क्या सच सही होगा?

मैं-हाँ, मौसी पूछो।

मौसी: हर रात तुम मेरी पैंटी से खेलते हो ना?

उनकी बात सुनकर मुझे इतना डर लगा कि मैं एसी में बैठकर भी पसीना आने लगा।

बेटा, मैं कुछ नहीं कहूँगा, उन्होंने कहा।

मैं—वह मौसी—हां, मैं उस पैंटी से यौन संबंध बनाया था।

क्या करता था?

Indian Mousi Ki Chudai Kahani

लैपटॉप पर ब्लू फिल्म देखने के बाद मैं उस पर हमला करता था। मैं माफी चाहता हूँ और मैं अब कभी ऐसा नहीं करूँगा। मुझे एक बार माफ कर दो..। मौसी, कृपया क्रोधित मत होना।

मौसी: बेटा, खुश रहो..। ठीक है, मैं भी कभी-कभी रात को चूत में उंगली डालती हूँ। यह तो हर कोई करता है, इसमें गुस्सा होने की क्या जरूरत है?

उन्हें मुँह से चुत में उंगली करने की इतनी जल्दी बताने पर मुझे आश्चर्य हुआ।

मैंने इसके बावजूद कुछ नहीं किया।

मैं मौसी को धन्यवाद देता हूँ..। तुम बहुत अच्छी हो, मौसी।

मौसी: ठीक है बेटा।

फिर मैंने सोचा कि यह एक बहुत अच्छा अवसर है कि उन्हें पटाया जा सकता है और उनकी चुदाई की जुगाड़ पूरी की जा सकती है।

फिल्म शुरू होते ही मैं जानबूझकर उन्हें दिखाने लगा और अपने लंड को सहलाने लगा।

तिरछी नजरों से मौसी भी बार-बार मुझे देखती थीं।

कुछ देर बाद मैं उसकी मुठ मारने लगा, बिंदास लंड निकालकर।

मेरा लंड मौसी ने देखा।

दस मिनट बाद मैं झड़ने वाला था, तो मैंने मौसी से कहा कि मैं टॉयलेट जाकर आता हूँ।

मौसी: क्यों नहीं थोड़ी देर रुक जाओ? इंटरवेल के बाद जाना चाहिए।

मैं—मौसी, मुझे अभी जाना है।

मैं बैठ गया और मौसी ने मेरा हाथ पकड़ लिया।

मम्मी, अगर इतनी जल्दी है तो मैं पैंटी उतार दूं क्या?

मैं डर गया और मौसी से कहा, “नहीं, मौसी, ऐसा कुछ नहीं है।”

“कोई बात नहीं, चल, मैं भी चलता हूँ तुम्हारे साथ,” उन्होंने कहा।

फिर वह बाहर आई और कहा, “तुम यहीं पर रुक जाओ बेटा, मैं लेडिज टॉयलेट जाकर पैंटी उतार कर लाती हूँ।”

मैं: मौसी, क्या तुम मुझे पैंटी लाकर दोगी?

हाँ, रुक जाओ, मैं लाता हूँ।

फिर वो अंदर गईं, और मैं थक गया।

जब मौसी बाहर आईं, उन्होंने चुपचाप मेरे हाथ में अपनी पैंटी पकड़ी।

फिर मैंने देखा कि उनकी पैंटी थोड़ी भीगी हुई थी।

मैंने पाया कि वे भी गर्म हैं।

इसे भी पढ़ें   सगे भाई को पटाया और उसके लंड को अपनी चूत में डाल लिया | Dirty Sister Sex Kahani

Village Mousi Ki Hindi Sex Story

मैंने अपना वीर्य उनकी पैंटी पर डाल दिया और बाहर आकर चुपके से मौसी को पैंटी वापस दे दी।

मैंने सोचा कि वह अपने बैग में रख लेंगी, लेकिन वह टॉयलेट में गईं और मुझे बताईं कि मैंने पहन लिया है।

इससे मेरा उत्साह बढ़ा।

मैंने उनसे कहा कि तुमने पूरा गीला कर दिया।

मैंने हंसते हुए कहा, “मौसी, अगर मैं कुछ कहूँ तो तुम बुरा तो नहीं मानोगी ना?”

मौसी: बिल्कुल नहीं..। बेझिझक बोलें।

मैं, मौसी, आपने कहा कि आप भी कभी-कभी चूत में उंगली डालते हैं…। तुम भी मेरी अंडरवियर में सब कुछ कर लिया करो!

मौसी: बेटा! तुम वास्तव में बड़ा हो गया। लेकिन मैं उन्हें पूरा नहीं करूँगा। यह संभव नहीं है कि मैं तुम्हारी मौसी हूँ।

मैं- लेकिन अगर मैं कर सकता हूँ तो तुम क्यों नहीं, मौसी?

मौसी: ठीक है, लेकिन तुम्हारी माँ, पापा या किसी भी दूसरे को इस बारे में पता नहीं होना चाहिए। ठीक है?

मैं: ठीक है, मौसी।

फिर हम दोनों फिल्म देखकर घर वापस आए और बाहर से खाना मंगाया।

रात को खाना खाने के बाद मैंने मौसी से उनकी पैंटी मांगी।

मुझे अपनी पैंटी के साथ ब्रा भी दी, कहते हुए कि तुमने पैंटी में पहन लिया है, तो मेरी ब्रा क्यों बाकी रहे?

जब मैं उनके सामने उनकी ब्रा को सूंघने लगा तो वह शर्मा कर चली गईं।

मैं उनकी ब्रा को अपने लंड पर रगड़ते हुए थोड़ी देर बाद मेरे कमरे में घुस गया।

जब मैंने अपना टावल पहना और दरवाजा खोला, तो मैंने देखा कि वो नाईटी में हैं और मुझे घृणा से देख रहे हैं।

मुझे अपना अंडरवियर दे दो, मुझे कुछ काम है, मौसी ने कहा।

मैंने कहा, मौसी, काम अच्छे से करो।

वह मेरा अंडरवियर लेकर चली गईं और हंसने लगीं।

ऐसे कुछ दिन बीत गए।

मैं भी हर दिन दो बार उनसे उनकी पैंटी और ब्रा मांगता, जो वे उठाकर मुझे देतीं।

रात को वह मेरे कमरे से मेरा अंडरवियर ले जाती थीं। वह कभी-कभी बाहर जाने से पहले मेरे अंडरवियर में अपना रस डाल देतीं और मुझे देकर चली जातीं।

स्कूल जाने से पहले मैं उनसे अपना अंडरवियर मांगता था, जो हमेशा गीला रहता था।

मैं उन्हें बताता कि मौसी ने मुझे गीली अंडरवियर पहनने की आदत डाली है।

हां, मुझे भी।

फिर एक दिन लंच के दौरान मैंने उनसे कहा, “मौसी, अगर आप बुरा नहीं मानते तो मैं कुछ कहूँगा?”

मौसी: क्या आप हाँ कहते हैं?

मैं: मौसी, मैं तुम्हें देखना चाहता हूँ।

देखो, मैं तुम्हारे सामने बैठी हूँ और इस लड़की को देखकर क्या करूँगी?

मैं—मौसी, आप मुझे सेक्सी नहीं लगती बल्कि बुड्ढी लगती है। आपकी पैंटी की खुशबू मुझे बहुत पसंद है। वैसे भी, मैं आपको सू-सू करते हुए देखना चाहता हूँ।

मौसी: नहीं..। यह संभव नहीं है।

इसे भी पढ़ें   पापा ने माँ और विधवा मौसी को चोदा | Papa Mousi Ki Chudai Kahani

Antarvasna Sex Stories

मैं- नहीं, मौसी, मैं देखना चाहता हूँ..। कृपया।

मौसी: ठीक है, फिर कल सुबह देखो; मैं दरवाजा खुला छोड़ दूँगा।

मैं, मौसी, आपको बहुत धन्यवाद देता हूँ।

मौसी: फिर भी मैं तुम्हें जो कहूँगा, करना होगा..। विचार करें।

मौसी, मैं आपके लिए कुछ भी करूँगा।

मौसी: ठीक है..। शानदार रात्रि।

फिर हम सो गए।

मैं सुबह जल्दी जाग गया और देखा कि बाथरूम का दरवाजा खुला था. मैं दौड़कर गया और देखा कि मौसी अपना लोवर उतार रही थीं।

उसने मुझे देखा और कहा, “बेटा उठ गया..।” चलो।

उन्हें देखकर मैं मुस्कुरा उठा।

टॉयलेट कमोड पर बैठकर वो मूतने लगीं।

मैं झुककर उनकी चूत की झांटों को देखता रहा। मैं और पास गया और सूंघने लगा।

उनका कहना था कि वह काम कर रहा है।

नहीं, मैं इसे पसंद करता हूँ।

“बेटा, तुम मेरी पैंटी ले जा सकते हो,” उन्होंने कहा।

मैंने सोचा कि मैं मौसी में इधर ही बैठ जाऊँगा।

हां, उन्होंने कहा।

मैं तुरंत अपने पैंट उतार कर उनकी पैंटी को चाटने और सूंघने लगा।

मुझे पैंटी से सेक्स करते देखकर वो हैरान रह गईं।

वो मेरी पैंटी में अपना लंड रगड़ते हुए देख रही थीं।

फिर वह अचानक खड़ी हो गईं।

तो मैंने कहा, “मौसी, मैं आपकी गांड देखकर झड़ जाऊँगा।” प्लीज आप इसी तरह रहिए।

ठीक है, जरा जल्दी करो, उन्होंने कहा।

मैं उनकी गांड में अपना लंड सटाकर उनके छेद के बाहर ही झड़ गया।

ऊपर से पैंटी पहनकर, वे मेरा वीर्य अपनी गांड और चूत पर मलते रहे।

फिर वह मेरे लिंग को दबाकर चली गईं।

मैं और मौसी एक दूसरे के सामने नंगे रहने लगे, लेकिन मौसी ने मुझे अभी तक चुदाई नहीं करने दी, दोस्तों।

ये कहानी भी पढ़े – विधवा मौसी बनी मेरे बच्चे की माँ। Hot Mousi Hindi Sex Kahani

आगे जब मैं उनकी चुदाई करूँगा तो आपको अवश्य बताऊंगा।

इस सेक्स वेबसाइट पर बहुत सी चुदाई की कहानी पढ़ने को मिलेगी।

मगर चुदाई से पहले की सेक्स कहानी का कुछ अलग मजा है।

आप इस Penti Xxx Sex Kahani पर क्या विचार करते हैं?

Related Posts

Report this post

मैं रिया आपके कमेंट का इंतजार कर रही हूँ, कमेंट में स्टोरी कैसी लगी जरूर बताये।

Leave a Comment