दोस्तो, मैं आपको अपनी बड़ी बहन की चुत की चुदास की कहानी सुना रहा था।
कहानी का पिछला भाग: बड़ी बहन की गांड फटी तो भाई ने दवा लगाई
कुछ दिन बाद जब जीजी ने मलहम लगवाते समय मुझे कहा कि उनकी गांड का दर्द सही हो गया है।
तो मैंने उन्हें चुत चोदने की बात याद दिलाई।
वे बोलीं। ठीक है कल चोद लेना।
मैं खुश हो गया।
अगले दिन जीजा के जाते ही मैं जीजी के पास आ गया।
वे किचन में खड़ी थीं तो मैं पीछे से उनके दूध सहलाने लगा।
जीजी मुस्कुरा दीं और फर्श पर लेट गईं।
उन्होंने अपनी नाइटी हटा दी।
मैं जीजी की चुत चाटने लगा और जल्द ही जीजी ने अपनी चुत फैला कर कहा। अब चोद दे अपनी बहन को।
मैंने अपना लंड जीजी की चुत में पेला और उन्हें चोदने लगा।
मैं अनाड़ी चोदू था, तो कुछ ही मिनट में झड़ गया।
दीदी अब तक गर्म ही न हो सकी थीं।
उन्होंने झुंझला कर कहा। चल अब तेरी चुल्ल खत्म हुई। हट मेरे ऊपर से।
मैं जीजी को सही से चोद न पाने से उदास था।
दूसरे दिन जीजी को जीजा ने नहीं चोदा और उन दोनों में किसी बात को लेकर लड़ाई हो गई थी।
जीजा ऑफिस गए तो जीजी ने मुझे बुलाया और कहा। चल आज फिर से एक मौका दे रही हूं।
मैंने फिर से दीदी को चोदा मगर नतीजा वही दो तीन मिनट में खेल खत्म हो गया।
अब जीजी ने मुझे मना कर दिया और कहा। सिर्फ चुत चाटनी हुआ करे तो ही मेरे पास आना। बाकी तेरा लंड मेरे किसी काम का नहीं है।
मैं चुप रह गया।
इधर से जीजा ने दूसरी औरतों के साथ मुंह मारना शुरू कर दिया था तो जीजी और जीजा की लड़ाई रहने लगी।
कुछ दिनों के बाद जीजा ने अपनी पड़ोसन सुजाता का पीछा करना शुरू कर दिया था जो आंध्र की एक मध्यम आयु वर्ग की महिला थी।
उसका फिगर बहुत सेक्सी था, बड़ी टाइट चूचियां और गांड थी।
उसका पति बूढ़ा और शराबी था जो सुजाता को संतुष्ट नहीं कर सकता था।
सुजाता 43 साल की थी और उस वक्त वह लंड के लिए भकभका रही थी।
मेरे जीजा उसे फंसाने और चोदने की कोशिश कर रहे थे।
सुबह 4 बजे वह बाथरूम में नहा रही थी और उसी समय जीजा भी जाग जाते थे।
हम दोनों के घरों में बाथरूम के एक ही नल से पानी भरा जाता था।
नल से पानी भरते समय वे दोनों बातें किया करते थे।
दोनों परिवारों के बीच में एक ही बाथरूम था इसलिए कभी कभी किराएदार सुजाता पहले नहाती थी और कभी कभी मेरे जीजा नहाने लगते थे।
उस दिन जब मेरे जीजा नहाने गए तो सुजाता नहा रही थी।
उस दिन दरवाजे की कुंडी किसी वजह से बंद नहीं हो रही थी इसलिए उसने दरवाजा बंद नहीं किया था।
मेरे जीजा ने बिना जाने दरवाजा खोल दिया और वहां सुजाता पूरी तरह नग्न खड़ी नहा रही थी।
सुजाता का नग्न शरीर देख कर जीजा का लंड खड़ा हो गया।
सुजाता का फिगर 36 32 38 का था।
उसकी कमर में दो सिलवटें थीं और क्योंकि उसकी सेक्स लाइफ लगभग नहीं के बराबर थी तो उसकी चूचियां और चूतड़ एकदम टाइट और सख्त थे।
सुजाता की चूत झांटों से ढकी हुई थी और उसकी बगलों में भी बाल थे।
मेरे जीजा केवल अंडरवियर में थे।
सुजाता को नग्न देखकर वे चौंक गए।
फिर वे बाथरूम में घुस गए, उसे अन्दर देखकर सुजाता चौंक गई और उसने जीजा से बाहर जाने के लिए कहा।
जीजा ने कहा। मैं जानता हूं कि आपके पति आपको संतुष्ट नहीं कर पाते हैं क्योंकि वे बूढ़े हैं। मैं जवान हूं और ऊर्जा से भरपूर हूं। मैं आपकी यौन जरूरतों को पूरा कर सकता हूं।
यह कह कर जीजा ने अपना अंडरवियर उतार दिया और नंगे हो गए।
उनका 7 इंच मोटा झांटों से ढका लंड दिख रहा था और सुजाता की चूत को छू रहा था।
सुजाता महसूस कर सकती थी कि मेरे जीजा का कठोर लंड उसकी नंगी चूत को छू रहा है।
वह चुदास महसूस कर रही थी।
लेकिन तब भी उसने कहा। यह गलत है, हम दोनों शादीशुदा हैं हमें ऐसा नहीं करना चाहिए।
जीजा ने कहा। मैं भी अपनी पत्नी से खुश नहीं हूं और तुम भी नाखुश हो। हम दोनों एक दूसरे का आनन्द ले सकते हैं और अपनी यौन जरूरतों को पूरा कर सकते हैं।
यह कहकर जीजा ने उसे चूमना शुरू कर दिया और उसकी चूचियों को दबाना शुरू कर दिया।
कुछ देर प्रतिरोध करने के बाद सुजाता ने भी उसे वापस चूमना शुरू कर दिया और अपनी जीभ जीजा के मुंह में डाल दी।
वह जीजा से उम्र में बड़ी थी और पूरी तरह अनुभवी थी।
उसने जीजा का अंडरवियर उतार दिया और उसका लंड पकड़ कर अपनी चूत पर दबाने लगी।
जीजा ने तुरंत सुजाता को दीवार से टिकाया और उसकी एक टांग उठा कर अपना लंड उसकी चूत में डाल दिया। सुजाता ने आह की आवाज निकाली और जीजा ने उसे चोदना शुरू कर दिया।
दोनों ने कुछ देर तक चुदाई की और दोनों ने अपना वीर्य छोड़ दिया।
अब वे दोनों यह कहते हुए चूमने लगे कि बाकी बाद में करेंगे।
तभी मेरी जीजी ने बाथरूम में हो रही चुदाई को देख लिया।
मेरी जीजी ने यह सब देख लिया था तो उन्होंने जीजा पर चिल्लाना शुरू कर दिया।
जीजा सुजाता के ऊपर से झड़ कर उठ जरूर गए थे मगर उनका लंड अभी भी सख्त था।
उन्होंने जीजी को थप्पड़ मारा और कहा। मुझे तुम नहीं चाहिए, मैं वही करूंगा जो मैं चाहता हूं और तुम जो चाहो सो करो।
यह सुनकर जीजी ने कहा। अगर मैं किसी और के साथ चुदूं तो तुम्हें कैसा लगेगा।
उन्होंने कहा। तुम किसी के साथ भी चुदवाओ मुझे परवाह नहीं, मैं सुजाता के साथ रहूंगा और कोई भी मुझे रोक नहीं सकता।
यह कहकर उन्होंने फिर से सुजाता को चूमना शुरू कर दिया।
उधर सुजाता जीजा से अलग होने की कोशिश करने लगी थी।
उसने जल्दी ही जीजा से अलग होकर अपने कपड़े समेट कर बाहर चली गई।
मेरे जीजा भी नहा कर अपनी नौकरी पर चले गए।
जीजी रोने लगीं और अपने कमरे में आ गईं।
उस दिन के बाद से जीजी और जीजा ने कभी एक दूसरे को नहीं चोदा लेकिन जीजा सुजाता को रोजाना चोदते रहे।
यह 3 महीने तक चलता रहा।
जीजी को अब सेक्स न कर पाने का बुरा लग रहा था।
वे जल्द ही एक अच्छा जवान लंड चाहती थीं।
जीजी के घर में एक और किराएदार था, जिसका नाम नवीन था।
वह आंध्र का एक कुंवारा था, उसकी लंबाई 5 फीट 8 इंच थी, उसका शरीर सुडौल था।
वह सांवला और सुंदर था, उसे जीजा का सेक्स कांड पता चल गया था और वह मेरी जीजी के साथ सेक्स करना चाहता था।
एक दिन दोपहर में जीजी नल पर पानी भर रही थीं, पूरे घर में कोई नहीं था।
नवीन ने यह देखा और पानी भरने का नाटक करते हुए अपनी बाल्टी लेकर नल के पास आया।
जीजी को देखकर वह मुस्कुराया और उसने जीजी से नमस्ते की।
उस वक्त उसने सिर्फ लुंगी और बनियान पहनी हुई थी उसके फूले हुए लंड से साफ जाहिर हो रहा था कि उसने अंडरवियर नहीं पहना था।
उसके लंड की पहाड़ी ऊपर से ही दिखाई दे रही थी। उसकी छाती और बगल पर घने बाल थे, वह जीजी की चूचियों और उसकी गहरी नाभि को देख रहा था।
उधर जीजी भी उसकी लुंगी में उसके लंड को देख रही थीं।
जब जीजी की बाल्टी भर गई तो वह जीजी की बाल्टी उठाने लगा।
जीजी ने उससे कुछ नहीं कहा।
नवीन मेरी जीजी की मदद करने के बहाने से कमरे में आना चाहता था।
जब जीजी बाल्टी को पकड़ रही थीं, उस वक्त उसका हाथ जीजी के हाथ पर था।
उसने धीरे से हाथ को दबाया और कहा। मैं इसे आपके कमरे में ले चलता हूं। इस तरह मैं आपसे बात कर सकता हूं।
जब उसने जीजी के हाथ को छुआ तो जीजी को रोमांच महसूस हुआ।
हाथ के स्पर्श से नवीन का लंड और भी सख्त हो गया था।
उसके लंड ने लुंगी में तम्बू बना लिया था जो साफ दिखाई दे रहा था।
जीजी ने यह देखा और फैसला किया कि वह उसे फंसाएगी और उससे चुदवाएगी।
नवीन ने बाल्टी उठाई और जीजी के पीछे उनके कमरे में चला गया।
कमरे में आकर नवीन ने बाल्टी नीचे रख दी और वह जीजी को देखने लगा।
जीजी भी उसे देखती हुई खड़ी रहीं।
फिर जीजी ने उससे पूछा। तुम मुझसे अकेले में क्या बात करना चाहते थे।
नवीन ने कहा कि तुम्हारा पति बेवकूफ है जो इतनी खूबसूरत औरत जो जवान और सेक्सी है उसे छोड़कर एक बूढ़ी औरत को चोदने जा रहा है।
जीजी ने कहा। मुझे क्या करना चाहिए, आप मुझसे क्या करवाना चाहते हैं। इसमें आप मेरी क्या मदद कर सकते हैं।
जीजी ने जैसे ही यह सब खुल कर कहा, तो नवीन ने अचानक से जीजी का कंधा पकड़ लिया।
उसने कहा। मैं तुम्हें बहुत पसंद करता हूं और तुमसे अकेले में मिलना चाह रहा था।
जीजी ने पूछा। तुम अकेले में क्यों मिलना चाह रहे थे।
नवीन ने कहा। मैं तुमसे प्यार करता हूं और तुम्हें पाना चाहता हूं। मैं तुम्हारी हर जरूरत पूरी कर सकता हूं।
यह कहते हुए नवीन ने अपनी लुंगी में लंड बाहर निकाला। जीजी ने देखा कि उसका लंड 8 इंच लम्बा था।
नवीन ने लंड सहलाते हुए कहा। ये देखो, तुम्हारे पास रहने से ही मेरा लंड सख्त हो गया है और तुम्हें चोदना चाहता है।
जीजी जीजा से बड़ा और लंबा लंड देखकर रोमांचित थीं।
उन्होंने नवीन से कहा कि मैं भी तुम्हें पसंद करती हूं, लेकिन हमको पकड़े जाने से बचना होगा।
यह कहते हुए जीजी ने नवीन की लुंगी व बनियान हटा दी और उसके बालों वाली छाती से लग गईं।
जीजी ने अपना सिर उसकी छाती पर रखा और अपनी उंगलियां उसकी छाती के घने बालों और बगल में घुमाना शुरू कर दिया।
वे छाती को चूमने लगीं।
जीजी ने जल्द ही नवीन की छाती, बगल, पेट से लेकर लुंगी तक रगड़ना शुरू कर दिया।
उन्होंने चूमना और चूसना शुरू कर दिया।
जीजी ने नवीन के निप्पलों को चूसना और उन्हें काटना शुरू कर दिया।
नवीन ने जीजी का चेहरा उठाया और उनके मुंह पर एक गहरा चुम्बन देते हुए कहा। मैं हर तरह से तुम्हारा साथ दूंगा। मैं तुम्हें प्यार दूंगा और तुम्हारी चूत चूसकर तुम्हारी यौन जरूरतों को पूरी तरह से संतुष्ट करूंगा। जब तक तुम चाहोगी तब तक तुम्हें रोजाना चोदूंगा।
नवीन ने जीजी का सिर अपनी छाती पर रखा और कहा। प्यारी, मेरे निप्पलों को काटो।
जीजी ने उसके निप्पलों को काटना शुरू कर दिया, उसके बालों वाली बगल को सूंघा और उन्हें चाटा।
नवीन की बगलें पसीने के कारण नमकीन हो गई थीं और उनमें से सेक्स की गंध आ रही थी।
जीजी ने देर तक बगलों को चाटा और उसे देखने लगीं।
नवीन ने जीजी की चूत को उनकी साड़ी के ऊपर से रगड़ना शुरू कर दिया और उसे अपने हाथ में पकड़ कर जोर से चुटकी काट ली।
इससे जीजी खुशी से पागल हो गईं और ऐसे रिएक्ट करने लगीं मानो वे तुरंत नवीन का लंड अपनी चूत में ले लेना चाहती हों।
जीजी ने खुद से अपनी चूत को रगड़ना शुरू कर दिया।
वे नवीन के लंड से भी खेलने लगीं और अपनी उंगली उसके चूतड़ों के मध्य उसकी गांड में डालने लगीं।
गांड का छेद मिलते ही जीजी ने अपनी उंगली को अन्दर धकेल दिया।
नवीन मस्त हो गया और वह जीजी के दूध दबाने लगा।
जीजी ने उससे कहा। तुम कितने हैंडसम हो, जवान हो, तुम्हारा शरीर कितना हार्ड है और तुम्हारा लंड कितना शानदार और बड़ा है मेरी जान। आज मेरी प्यास बुझा दो मेरे राजा। मुझे मां बना दो मुझे खूब रोज चोदना। मुझे अपनी रखैल बना लो रंडी बना कर चोद दो मेरी जान। मेरी चूत का भोसड़ा बना दो आह खूब चोद लो।
जीजी ने यह कह कर नवीन का लंड रगड़ना शुरू कर दिया।
नवीन का लंड उसके हाथों के नीचे बड़ा और सख्त हो गया।
अब नवीन ने जीजी की साड़ी और ब्लाउज हटा दिए और पेटीकोट का नाड़ा खींचा दिया।
जीजी ब्रा पैंटी में रह गई थीं।
नवीन ने जीजी की ब्रा हटा दी और चूत के सामने से पैंटी फाड़ दी, जिससे जीजी की गीली टपकती झांटों वाली चूत उजागर हो गई।
अब नवीन जीजी की नंगी चूत को मसल रहा था और उनकी झांटों के ऊपर से उनकी चूत में उंगली से चुदाई कर रहा था।
जीजी ने काफी समय से अपनी चूत और बगल को शेव नहीं किया था इसलिए उनकी चूत और बगलों में घने बाल उग आए थे।
नवीन जीजी की चूचियों से खेलने लगा और बारी बारी से दोनों चूचियों को चूसने भी लगा।
उसने जीजी की बगलों को भी सूंघा और उन्हें बारी बारी से चाटा।
जीजी पूरी तरह से उत्तेजित हो चुकी थीं और वे जल्दी से नवीन का लंड अपनी चूत में लेना चाहती थीं।
दोनों पूरी तरह से उत्तेजित थे और एक दूसरे के शरीर को चूम रहे थे।
नवीन जीजी की चूचियां, उनकी नाभि, उनकी बगलों को और उनकी जांघों को बेताबी से चूम रहा था।
जीजी भी नवीन के निप्पलों, उसकी नाभि, उसकी बालों वाली जांघों और घने बालों वाली बगलों को चूस रही थीं।
अब जीजी इंतजार नहीं कर सकती थीं, वे 3 महीने से नहीं चुदी थीं।
इसलिए उन्होंने कहा। नवीन पहले मेरी चूत चोद दो। फिर तुम जो भी बताओगे, मैं करूंगी। मैं तुम्हारा लंड चूसूंगी, टट्टों को और तुम्हारी गांड भी चाटूंगी लेकिन पहले मुझे चोदो और मेरी चूत को अपने गाढ़े मलाईदार वीर्य से भर दो।
नवीन ने कहा। मैं तुम्हें चोदूंगा लेकिन पहले कुछ मिनट के लिए मेरा लंड चूसो।
जीजी ने कहा। मैं वह सब करूंगी, जो तुम चाहते हो लेकिन विनती है मेरे साथ चुदाई करो।
नवीन ने कहा। प्यारी, मैं तुम्हें आधे घंटे तक चोदूंगा लेकिन पहले तुम मेरे लंड को अपने थूक से गीला तो करो, फिर यह आसानी से तुम्हारी चूत में प्रवेश करेगा।
जीजी ने कहा। मेरी चूत पहले से ही गीली है, तुम्हें बस अपना लंड अन्दर धकेलना है और यह आसानी से प्रवेश कर जाएगा।
लेकिन नवीन इस बात पर अड़ा था कि जीजी पहले उसका लंड चूसे।
जीजी ने कहा। ठीक है। मेरे प्यार अपना लंड मुझे दो, मैं इसे चूसूंगी।
वे उसकी जांघों के बीच घुटनों के बल बैठ गईं और उसका लंड चूसने लगीं।
ढेर सारा थूक लगा कर उसे नवीन का लंड चूसना अच्छा लग रहा था।
कुछ मिनट के बाद नवीन ने अपना लंड जीजी की मुंह से बाहर निकाला और कहा। प्यारी, बिस्तर पर लेट जाओ और अपनी जांघें फैला लो। मेरा लंड अपनी खूबसूरत चूत में ले लो।
नवीन जीजी की जांघों के बीच में आ गया और अपना लंड जीजी की चूत के होंठों पर रगड़ने लगा।
जीजी परेशान हो गईं।
उन्होंने कहा। मुझे मत छेड़ो, अपना लंड मेरी चूत में डालो और जल्दी से मुझे चोदो। मैंने तीन महीने से सेक्स नहीं किया है इसलिए मैं एक ऐसे जवान लड़के की तलाश में थी जो मुझे संतुष्ट कर सके।
नवीन ने कहा कि मैं तुम्हें नियमित रूप से चोदूंगा और तुम्हें संतुष्ट करूंगा।
नवीन का पेट जीजी के पेट पर चिपका हुआ था।
वह मेरी जीजी के चूतड़ों को दबाने लगा।
नवीन का लंड जीजी की चूत को चूम रहा था।
मेरी बहन लंड के लिए व्याकुल थीं।
तभी नवीन ने अपना लंड जीजी की चुत में घुसेड़ दिया और उन्हें हचक कर चोदने लगा।
करीब 5 मिनट की चुदाई के बाद नवीन जीजी की चूत के दाने को अपने अंगूठे से रगड़ने लगा।
इससे जीजी की मस्ती बढ़ गई और जीजी झड़ने लगीं।
मैं देख रहा था कि मेरी बहन अपने पड़ोसी के लंड से चुद कर खुश थी।
मेरी बहन ने भी मुझे देख लिया था और वे मुस्कुरा रही थीं।
उधर नवीन झड़ा नहीं था तो वह वापस मेरी बहन की चुत में लंड पेल कर झटके देने लगा था।
कहानी का अगला भाग: पति चोदे बूढ़ी, बीवी ले जवान लंड
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