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बहन के घर उसकी नन्द की पहली चुदाई

Jija ki behan ki pehli chudai sex story – Tight bur se khoon nikla: हेलो दोस्तों मेरा नाम किशन चौहान है और मैं 20 साल का हूँ, एक महीने पहले मेरी बहन की शादी हुई थी और उस शादी में मुझे एक लड़की बहुत पसंद आयी जो मेरे जीजा की छोटी बहन थी, उसका नाम रविना था और जब मैंने उसे पहली बार देखा तो मैं उसी में खो गया, शादी के पूरे समय मेरी नजर सिर्फ रविना पर टिकी रही क्योंकि वो मुझे सबसे ज्यादा सुन्दर लग रही थी, वो गोरे रंग की थी, कजरारी आँखें थीं, लंबे बाल थे और उसका फिगर देखकर ही लंड खड़ा हो जाता था।

अब रविना के बारे में बताता हूँ, वो 21 साल की थी, सेक्सी बॉडी वाली थी, उसका साइज 32-28-36 था, गोरा रंग था, शादी में वो लहंगा पहने थी जो उसके कर्व्स को और हाइलाइट कर रहा था, मैं बार बार उसे घूरता रहता था।

मैंने रविना से बात करने की कोशिश की, थोड़ी सी कोशिश के बाद वो भी मुझसे बात करने लगी, बातों बातों में हम अच्छे दोस्त बन गए, फिर मैंने नंबर ले लिया और हम मैसेज पर बातें करने लगे, धीरे धीरे फोन पर भी बातें होने लगीं, ऐसे ही कई दिन बीत गए और हम एक दूसरे से फुल फ्रेंडली हो गए, बात करते करते हमें छह महीने हो चुके थे।

मेरे जीजा जी शहर में नौकरी करते थे, बहन और जीजा शहर में ही रहते थे, बहन को बच्चा होने वाला था और वो सात महीने की प्रेग्नेंट थी, इसलिए घर के काम में दिक्कत होती थी, बहन ने पापा को फोन करके मुझे बुलाने को कहा, मैं घर से बहन के घर चला गया, जीजा जी ने अपनी बहन रविना को भी बुला लिया, रविना को देखकर मैं बहुत खुश हो गया, वो सलवार सूट में थी, बाल खोले हुए थे, मुस्कुरा रही थी।

हम दोनों साथ में घर का काम करते थे, झाड़ू लगाना, बर्तन धोना, सब्जी काटना, ऐसे में हम और करीब आ गए, एक दिन हम बाजार सामान लेने बाइक पर गए, रविना पीछे बैठी थी, उसके हाथ मेरी कमर पर थे, आते समय मेरी नियत खराब हो गई, मैं बार बार ब्रेक मारने लगा ताकि उसके बूब्स मेरी पीठ से टकराएं।

हर ब्रेक पर रविना के नरम बूब्स मेरी पीठ से दबते थे, उसकी बॉडी की खुशबू मेरे नाक में घुस रही थी, मैं कंट्रोल खो बैठा, लंड पैंट में टाइट हो गया, रविना ने पीछे से कहा किशन आज ब्रेक ज्यादा लग रही है, क्या इरादा है तेरा।

मैंने हिम्मत करके कहा रविना तुझे कुछ कहना है, वो बोली बोलो, मैंने कहा तुझे मेरी कसम किसी को बताना मत, रविना समझ गई थी कि मैं क्या कहने वाला हूँ, वो भी मुझे पसंद करती थी लेकिन कहना नहीं चाहती थी, मैंने कहा रविना मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूँ।

ये सुनकर रविना चुप हो गई, कुछ नहीं बोली, थोड़ी देर बाद बोली मैं सोचकर बताऊँगी, हम घर पहुँचे तो बहन घर पर नहीं थी, मैंने जीजा जी को फोन किया, उन्होंने बताया वो दोनों अर्जेंट काम से बाहर गए हैं, पड़ोसी से चाबी ले लेना, घर का ध्यान रखना और रविना को भी बोल देना।

हम पड़ोसी से चाबी लेकर घर में घुसे, घर में सिर्फ मैं और रविना अकेले थे, रविना बाजार से थकी हुई थी, बोली मैं नहाने जा रही हूँ, वो बाथरूम में चली गई, मैं बाहर बैठा इंतजार कर रहा था, दिल तेज धड़क रहा था।

कुछ देर बाद रविना की आवाज आई किशन इधर आना, मैं उसके कमरे की तरफ गया, देखा उसने तौलिया बाहर भूल दिया था, मैंने कहा क्या काम है, वो बोली तौलिया पकड़ा दे, मैं बाहर से ही देता लेकिन मन में कुछ और चल रहा था, लग रहा था आज रविना भी चुदवाना चाहती है।

मैंने दरवाजा खोला तो रविना ने हाथ आगे किया तौलिया लेने, उसका नंगा बदन थोड़ा सा दिख गया, पानी की बूँदें उसके गोरे बदन पर चमक रही थीं, बूब्स के निप्पल खड़े थे, मैं कंट्रोल खो बैठा, दरवाजा पूरा खोल दिया और रविना के नंगे बदन से चिपक गया, वो शॉवर के नीचे खड़ी थी।

रविना बोली किशन पागल हो गया क्या, मैंने कहा हाँ तेरे प्यार में पागल हूँ, वो बोली छोड़ मुझे भाई को बता दूँगी, मैंने कहा मैं तेरे लिए मर मिटने को तैयार हूँ, रविना बोली मुझे पता है तुझे मुझसे नहीं मेरी चूत से प्यार है, मैंने कहा जो समझना है समझ ले।

मैंने रविना को कसकर पकड़ रखा था, वो छुड़ाने की कोशिश करने लगी, मैं उसके गले को चूसने लगा, होंठ गले पर फिराते हुए चूस रहा था, बूब्स को हाथ से मसल रहा था, निप्पल्स को उँगलियों से मरोड़ रहा था, रविना की साँसें तेज हो गईं, वो धीरे धीरे मूड में आने लगी।

वो बोली किशन हाथ जोड़ती हूँ छोड़ दे, भाई को पता चला तो मार डालेगा, मैंने नहीं माना, चूसता रहा, अब रविना गर्म हो चुकी थी, बोली बाप रे छोड़ दे किसी को नहीं बताऊँगी, दर्द हो रहा है, मैंने छोड़ा तो वो खुद मुझे पकड़कर मेरे होंठ चूमने लगी, उसके गुलाबी होंठों का रस पीने लगा मैं भी।

रविना बोली मैं भी तुमसे बहुत प्यार करती हूँ, मैंने उसे दीवार से चिपका दिया, उसके बूब्स मुँह में ले लिए, जीभ से निप्पल्स चाटने लगा, वो मेरे बाल सहलाने लगी, फिर रविना ने मुझे दूर किया, घुटनों पर बैठ गई, मेरी लोवर नीचे की, मेरा लंड बाहर निकला जो पूरी तरह खड़ा था, मोटा और लंबा।

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रविना ने लंड हाथ में लिया, ऊपर नीचे हिलाने लगी, फिर जीभ से टोपे को चाटने लगी, मुझे अलग ही मजा आने लगा, मैंने उसकी चोटी पकड़ी और लंड मुँह में डाल दिया, जोर जोर से चुसवाने लगा, पहले वो नखरे करने लगी लेकिन फिर मजा आने लगा, वो जोर जोर से चूसने लगी, गले तक ले जा रही थी, मेरा बुरा हाल था।

मैंने रविना को खड़ा किया, उसका एक पैर उठाया, चूत पर लंड रगड़ने लगा, साबुन लगा था इसलिए फिसल रहा था, रविना ने खुद हाथ से पकड़कर चूत पर सेट किया, मैंने जोर का झटका मारा, लंड उसकी टाइट चूत में घुस गया, रविना चीख पड़ी, मुझे दूर धकेलने लगी।

रविना की आँखों में आँसू आ गए, बोली किशन बाहर निकाल, बहुत दर्द हो रहा है, आह्ह्ह… आआ… मम्मी मर गई, मैंने उसे किस किया, शांत किया, लंड थोड़ा बाहर निकाला फिर धीरे से अंदर, वो फिर चिल्लाई जलन हो रही है, मैंने चूमा और बोला थोड़ा दर्द तो होगा, धीरे धीरे अंदर बाहर करने लगा, अब उसे मजा आने लगा।

रविना बोली दो मिनट पैर छोड़, मैंने छोड़ा, वो बोली नीचे फर्श पर लेट जा, मैं लेट गया, शॉवर ऑन था, हम भीग रहे थे, रविना ने लंड हाथ में पकड़ा, ऊपर बैठने लगी, जैसे जैसे लंड चूत में घुस रहा था, वो आआह्ह… ऊउफ्फ… की आवाजें निकाल रही थी, पूरा लंड अंदर ले लिया, साँस छोड़ी और मेरे ऊपर लेट गई।

मुझे बहुत मजा आ रहा था, मैंने उसकी गांड पर जोर से चांटा मारा, गांड लाल हो गई, चूत से खून की बूँदें आने लगीं, रविना लंड पर कूदने लगी, मैंने दोनों बूब्स पकड़ लिए, जोर जोर से दबाता रहा, वो ऊपर नीचे हो रही थी, चप चप की आवाजें आ रही थीं, हम पन्द्रह मिनट तक ऐसे चुदाई करते रहे।

फिर रविना का शरीर अकड़ने लगा, मैंने उसे बेड पर लिटाया, वो पानी छोड़ने लगी, आआआह्ह… हाँँ… की आवाजें, कुछ देर बाद मेरा भी माल निकलने वाला था, मैंने स्पीड बढ़ाई, थप थप की आवाजें, फिर पूरा माल उसकी चूत में छोड़ दिया।

मुझे बहुत थकान हो गई थी, मैं वैसे ही सो गया।

जब भी मिलते थे जमकर चुदाई करते थे, रविना मेरे लंड को लॉलीपॉप की तरह चूसने लग गई थी।

तो ये थी रविना की चुदाई की कहानी।

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⚠️ महत्वपूर्ण अस्वीकरण

ये सभी कहानियाँ केवल काल्पनिक हैं।
इनका वास्तविक जीवन से कोई संबंध नहीं है।

सेक्स हमेशा सहमति पर आधारित होना चाहिए।
बिना सहमति के कोई भी कार्य गलत और दंडनीय है।

इन कहानियों से प्रेरित न हों।
बस पढ़ें, आनंद लें और भूल जाएं।

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