काम्या पूरी मस्ती में सन्नी के लंड को चूस रही थी। कभी वो बड़े प्यार से टोपे पर जीभ फेरती, तो कभी वाइल्ड होकर उसे दाँतों से काटने लगती। कभी टोपे के छेद में जीभ की नोक डालती, तो कभी शाफ्ट को दाँतों से चबा लेती। सन्नी जैसा धैर्यवान मर्द भी अधीर हो रहा था। उसके मुँह से अजीब-सी आवाजें निकलने लगीं। इन आवाजों ने काम्या को और जंगली बना दिया। वो अब सन्नी के अंडों को भी नाज़ुक ढंग से सहलाने लगी, क्योंकि उसे पता था कि मर्दों का ये हिस्सा बेहद संवेदनशील होता है।
कहानी का पिछला भाग: बहकती बहू-35
सन्नी भी बावला हो रहा था। वो काम्या के हर नाज़ुक अंग को मसल रहा था। उसकी चूचियों को बेदर्दी से मसलने लगा, लेकिन काम्या चुपचाप सब सह रही थी और अपने हर उभार को मसलवाने का मज़ा ले रही थी। सन्नी उसके नितंबों, जाँघों और चूचियों को नोच-खसोट रहा था, और काम्या को उसका हर सितम प्यारा लग रहा था। जब काम्या के अंदर का लावा मचलने लगा, वो बोली,
काम्या: भैया, अब सहन नहीं होता! प्लीज़ डाल दो! चोद डालो मुझे, अपनी प्यारी बहन को चोद डालो!
सन्नी भी अब अपने को रोक नहीं पा रहा था। उसने काम्या की कमर पकड़कर उसे चौपाया बनाया और पीछे से अपना मूसल उसकी गीली बुर में पेल दिया। जीजा के कमरे में भाई-बहन के प्यार का तूफान आ गया। सन्नी ज़ोर-ज़ोर से पीछे से लंड पेलता, और काम्या भी उतनी ही ज़ोर से अपने नितंब पीछे करके लंड राजा का स्वागत करती। दोनों वासना के सैलाब में डूबते चले गए।
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काम्या आज तीसरी बार चुद रही थी—एक बार पति से, दो बार भैया से, और मज़े की बात कि तीनों बार पीछे से ही धुनाई हुई थी। वो सोचने लगी, “पता नहीं ये मर्द औरत को हमेशा कुतिया ही क्यों बनाते हैं!” दोनों ज़ोरदार ढंग से दौड़े जा रहे थे, लेकिन मंज़िल तो आनी ही थी। दोनों ने प्रेमरस बहाकर एक-दूसरे की बाहों में पसर गए।
चुदाई के बाद दोनों एक-दूसरे की बाहों में सो गए। काम्या के चेहरे पर असीम तृप्ति थी। सुनील सेक्स के बाद उसे इस तरह बाहों में लेकर नहीं सोता था, जैसा सन्नी सो रहा था। आधे घंटे बाद सन्नी ने कपड़े पहने, और काम्या भी साफ-सुथरी होकर तैयार हो गई। सन्नी अपनी शराफत दिखाने के लिए होटल के बाहर चला गया और पान ठेले पर अखबार पढ़ने लगा। तभी उसे सुनील मिल गया। दोनों साथ काम्या के कमरे में आए।
काम्या बिस्तर पर पड़ी थी, उसके बदन में अभी भी सन्नी की चुदाई का खुमार चढ़ा था। सन्नी के कहने पर सुनील भी घूमने को तैयार हो गया। सन्नी दिल ही दिल में खुश था कि आज सुबह ही उसने अपनी रानी की दो बार बजा ली, वरना आज का दिन काम होना मुश्किल था। सबने ग्वारीघाट घूमने का प्रोग्राम बनाया। काम्या सलवार सूट में जाना चाहती थी, लेकिन सुनील के ज़ोर देने पर उसने स्कर्ट और स्लीवलेस टॉप पहना। इस ड्रेस में होटल का सारा स्टाफ उसे देखकर आहें भर रहा था। आखिर वो थी ही सेक्स बम!
ग्वारीघाट पर सबने कुछ समय बिताया। काम्या ने वहाँ जल में किलकारियाँ भरीं और अपने पति व प्रेमी दोनों को नयन सुख पहुँचाया। सुनील को खास फर्क नहीं पड़ रहा था, लेकिन सन्नी समझ गया कि आज रात नींद आना मुश्किल है। जब काम्या एक चट्टान से दूसरी पर कूदती, तो उसकी स्कर्ट उछल जाती, और उसकी गुदाज़ जाँघें आसपास के मर्दों के दिलों पर कहर ढातीं। सन्नी तो बस उसे देखता रहा।
दो घंटे बाद वे वहाँ से मॉल में फिल्म देखने चले गए। बाजीराव मस्तानी के कई सीन सन्नी को मस्त कर रहे थे, लेकिन उसकी मस्तानी जीजा के बगल में बैठी थी, सो मस्ती का कोई चांस नहीं था। तीनों हॉल में सबसे पीछे की सीट पर थे। सन्नी पीछे से काम्या की गोरी, चिकनी पीठ और बाहें सहलाने लगा। अचानक सुनील टॉयलेट के लिए गया, तो सन्नी ने काम्या को खींचा और उसके बूब्स दबाने लगा। काम्या मना करती रही, लेकिन वो नहीं माना और स्कर्ट के अंदर हाथ डालकर उसकी गीली चूत सहलाने लगा। सुनील के लौटने तक वो अपनी दो उंगलियाँ उसकी बुर में अंदर-बाहर करता रहा। उसकी इस दिलेरी ने काम्या के बदन में कामाग्नि भड़का दी।
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फिल्म के बाद वे पैदल होटल की ओर लौट रहे थे, तभी रास्ते में एक वाइन शॉप दिखी। सन्नी ने नोट किया कि सुनील बार-बार दुकान की ओर देख रहा था। मौका सही समझकर उसने कहा,
सन्नी: जीजा जी, लेते हो क्या?
सुनील: यार, कभी-कभी मुंबई में ले लेता हूँ।
सन्नी: तब तो यहाँ पार्टी बनती है। हनीमून में न लिया, तो क्या एन्जॉय किया?
काम्या: सन्नी, लगता है तुम भी पीते हो, तभी तुम्हें ज़्यादा तलब लगी है।
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सन्नी: दीदी, मैं तो तीज-त्योहार में ले लेता हूँ। जीजा जी, बोलो तो ले आऊँ?
काम्या: रहने दो, कोई ज़रूरी है क्या?
काम्या की बात सुनकर सुनील चुप हो गया। वो उसकी बात नहीं काटता था। लेकिन होटल के गेट पर आते-आते जीजा और साले में आँखों ही आँखों में कुछ बात हुई, और सुनील ने सन्नी को इशारा कर दिया। कमरे में पहुँचने के पाँच मिनट बाद सुनील फिर बाहर निकल गया। सन्नी आज जीजा को जी भरकर पिलाने के मूड में था। वो शराब लेने गया और अपनी योजना पर विचार करने लगा। वो नींद की गोली का पत्ता लेकर आया था। अगर आज वो इसका कामयाबी से इस्तेमाल कर पाया, तो पूरी रात वो काम्या के कमरे में गुज़ार सकता था। सन्नी ने बढ़िया अद्धी और नमकीन वगैरह लिया और अपने कमरे में आ गया।
Note : यहां पोस्ट की गई हर कहानी सिर्फ मनोरंजन के लिए है,कृपया वास्तव जीवन में कहानी में घटित कोई भी चित्र प्रयोग करना घातक हो सकता है और इसका जिम्मेदारी कहानी के लेखक या फिर कहानी प्रस्तुतकर्ता नहीं होंगे,तो कृपया इस सबको अपने निजी जिंदगी के साथ मत जोड़ें और अपने बुद्धि,विवेक के साथ काम लें।
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