हाय गाइज मेरा नाम असगर है और यह स्टोरी मेरी और मेरी वाइफ की है। सबसे पहले अपना और अपनी वाइफ का इंट्रो दे दूं। मेरी उम्र तीस साल है हाइट पांच फीट छह इंच है और लंड का साइज पांच इंच है। मेरी वाइफ का नाम नाजिश है और वह बहुत सेक्सी है। उसकी उम्र छब्बीस साल है और उसका फिगर छत्तीस तैंतीस अड़तीस है।
यह स्टोरी मेरी वाइफ की है कि कैसे मैंने अपनी सालों की ख्वाहिश पूरी की और मैं कुकोल्ड बन गया और यह सब कैसे हुआ यह आप स्टोरी में पढ़ें।
दोस्तों यह स्टोरी अभी छह महीने पहले की है। हमारी शादी चार साल पहले हुई थी। मेरी वाइफ शुरू से बहुत शर्मीली थी पर हमारी सेक्स लाइफ बहुत अच्छी थी। मेरी वाइफ वर्जिन थी उसकी सील मैंने ही तोड़ी थी। मैंने उसे हर पोजीशन में सेक्स किया था। उसे लंड चूसने के लिए भी मैंने बहुत मुश्किल से मनाया था। एक साल बाद उसने मेरा मुंह में लिया था लेकिन चूसती अच्छी थी पर फिर भी ज्यादा खुलती नहीं थी। मुझे हमेशा से ओपन सेक्स का शौक था। मेरा दिल करता था कि कोई मेरी वाइफ को मेरे सामने चोदे पर यह कभी हो नहीं सका क्योंकि वाइफ मुझसे खुलती ही नहीं थी।
बस ऐसे ही लाइफ गुजरती रही कि एक दिन ऑफिस में था कि मेरी तबीयत थोड़ी खराब हो गई तो मैं ऑफिस से जल्दी निकल आया। घर पहुंचकर सीधा रूम के पास गया तो मेरी वाइफ की आह्ह आह्ह यस यस की आवाजें आ रही थीं। मेरे होश उड़ गए। मैंने आराम से दरवाजा खोला तो देखा कि मेरी वाइफ पोर्न देखकर उंगलियां कर रही थी। तब मैंने गौर से देखा तो वह बीबीसी वीडियो थी मतलब बिग ब्लैक कॉक और मेरी वाइफ आवाजें भी निकाल रही थी।
नाजिश: “आह्ह यस उफ्फ कितनी लकी है यह लड़की इतना मोटा ताजा लंड ले रही है मेरे ऐसे नसीब कब होंगे उफ्फ।”
मेरी वाइफ की बातें सुनकर और उसे ऐसे देखकर मैं बहुत हैरान हुआ कि यह वही मेरी शर्मीली वाइफ है जो सेक्स में आवाजें भी नहीं निकालती और अभी बड़े लंड के लिए तरप रही है। उसे ऐसे देखकर मेरा लंड खड़ा हो गया और मैं झट से पैंट उतारकर मुठ मारने लगा। मेरी वाइफ बहुत मजे ले रही थी। वीडियो में जब वह लड़की लंड चूस रही थी तो।
नाजिश: “इससे तो लंड चूसना भी नहीं आता मैं होती तो इतने बड़े लंड को इतना मजा देती कि यह भी याद करता। आह्ह मुझे भी ऐसा मजा चाहिए चूत में इतना बड़ा लंड चाहिए आह्ह।”
यह सब देखकर और सुनकर मैं समझ गया कि मेरी वाइफ प्यासी है और खासतौर पर उसे बड़ा लंड चाहिए। बस उस वक्त तो मैं उसे देखते देखते झड़ गया और मेरी वाइफ भी कुछ देर में फारिग हो गई। मैं फिर पैंट पहनकर बाहर गया और थोड़ी देर बाद आवाज करके अंदर आया। तब तक नाजिश भी सही हो गई थी।
नाजिश: “अरे आप इतनी जल्दी आ गए आज।”
मैं: “मेरी जान तुम्हारे लिए आया हूं।”
नाजिश: “अच्छा करना है।”
मैं: “हां ना।”
नाजिश: “ठीक है।”
मैं जब भी प्यासा होता तो मेरी वाइफ समझ जाती थी पर अभी हमारी सेक्स लाइफ काफी बोरिंग हो गई थी। महीना महीना हम सेक्स नहीं करते थे। फिर मुझे मेरी वाइफ को खोलने का एक आइडिया आया। मैं उसे किस करने लगा और उसकी मोटी गांड को मसलने लगा। क्या मस्त गांड है मेरी वाइफ की उफ्फ क्या बताऊं। किस करते करते मैंने उसे बेड पर लिटा दिया और उसके सारे कपड़े उतार दिए। मेरी वाइफ भी बहुत पैशनेट लग रही थी शायद पोर्न की वजह से उसका मूड और हो गया था। मैंने उसकी ब्रा उतारी और उसके गोल बूब्स और निप्पल को चूसने लगा। उसके बूब्स चौंतीस साइज के थे पर शादी के बाद मैंने छत्तीस कर दिए थे।
मैं: “मेरी जान तुम बहुत सेक्सी हो पोर्नस्टार्स भी तुम्हारे सामने कुछ नहीं।”
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नाजिश: “अच्छा।”
मैं: “मेरा लंड तुम्हें पसंद है।”
नाजिश: “हां पसंद तो है।”
मैं: “अच्छा जान फिर मुंह में लो ना।”
नाजिश: “हां।”
मेरी वाइफ अभी भी खुल नहीं रही थी मुझे पता था कि यह मुझसे खुलने वाली नहीं है। इसे कोई तगड़ा लंड वाला ही खोल सकता है। मेरी वाइफ मेरा लंड चूसने लगी उफ्फ क्या मस्त चूस रही थी। मेरा आइडिया यही था कि इसे प्यासी छोड़ना है। बस वह पैशनेटली मेरा लंड चूसने लगी चाटने लगी। मैंने फिर जानबूझकर अपना पानी उसके मुंह में निकाल दिया।
मैं: “आह्ह यस उफ्फ।”
नाजिश: “यह क्या किया आपने मुंह क्यों निकाल दिया।”
मैं: “बस निकल गया। मैं बहुत थक गया हूं सो रहा हूं।”
नाजिश: “पर जान मैं गरम हूं मेरा क्या होगा।”
मैं: “सॉरी मेरी जान गुजारा करो मेरी तबीयत ठीक नहीं।”
फिर क्या था वह मुंह बनाकर कपड़े पहनने लगी और मैं भी फिर सो गया। बस फिर मैं दूसरे दिन नाजिश को उसकी मां के घर छोड़ आया और वापस आकर सीसीटीवी वाले की दुकान गया और अपने घर में सीसीटीवी इंस्टॉल करवाए। ऐसे कैमरे लगाए जो नजर न आएं मेरी वाइफ को शक न हो इसलिए। बस फिर मैं अपनी वाइफ को रोज गरम करके प्यासी छोड़ने लगा। कभी मैं जल्दी झड़ जाता उसकी चूत में कभी उसके मुंह में। वह बहुत बार कहती कि मेरा कुछ करो पर मैं कुछ नहीं करता। ऐसे करते करते दो महीने हो गए पर मेरी वाइफ किसी के साथ अफेयर नहीं किया। मुझे लगा था वह प्यासी होगी तो किसी से चुद जाएगी पर ऐसा नहीं हुआ।
मैंने सोचा क्यों न मैं ही किसी को ढूंढकर अपनी वाइफ से मिलवाऊं पर ऐसे कि वह दोनों खुद एक दूसरे को पटाएं मैं उन्हें सेक्स का न कहूं। क्योंकि मेरे कहने से मेरी वाइफ खुलने वाली नहीं है। ऐसे ही मुझे याद आया कि मेरा एक दोस्त अहमद उसका भी लंड काफी बड़ा और मोटा है। क्यों न मैं उसको ही ले आऊं। वैसे भी वह थर्की था उसे कोई न कोई माल लड़की या औरत चाहिए होती थी। मैंने उसका लंड एक बार पिकनिक में देखा था जब उसने नंगे होकर झील में छलांग मारी थी। सब दोस्तों से बड़ा लंड उसका था। बस फिर एक दिन मैंने उसे कॉल की।
मैं: “क्या हाल है जानी।”
अहमद: “बस ठीक ठाक भाई तू सुना क्या हाल है। तूने आज कैसे याद कर लिया।”
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मैं: “भाई बस आजकल बहुत बिजी हो गए हैं हम लोग कभी टाइम निकाल फिर बैठते हैं।”
अहमद: “हां भाई वो तो है शादी के बाद मैं भी बिजी हूं तब ही और सुना भाभी कैसी है।”
मैं: “बस वो भी ठीक है तेरी वाइफ कैसी है।”
अहमद: “क्या बताऊं यार प्रेग्नेंट है मां के घर पर है दो महीने से प्यासा हूं।”
मैं: “अरे पर तू तो रंडियों का काम उतारता रहता है ना फिर कैसा प्यासा।”
अहमद: “अरे रंडी में आजकल वो मजा कहां है ऐसे ही कोई आंटी भाभी मिले तो मजा आए। और आजकल नसीब ऐसे हैं आंटी भी बाव नहीं देती।”
उसकी यह बात सुनकर मैं बहुत खुश हुआ। मैं समझ गया कि अगर मैंने इसे अपनी वाइफ के साथ छोड़ा तो यह उसकी ले लेगा। बस मैंने सोचा क्यों न इसे घर पर बुलाऊं और अपनी वाइफ पेश करूं।
अहमद: “अरे क्या हुआ किस खयाल में खो गया।”
मैं: “कुछ नहीं यार बस मैं सोच रहा था कि अगले हफ्ते कोई प्रोग्राम करें।”
अहमद: “चल ठीक है कहां चलें।”
मैं: “कहीं और क्यों चलें मेरे घर आ जा यहां खाना वगैरह सब कर लेंगे। तेरी भाभी बहुत अच्छा खाना बनाती है।”
अहमद: “अच्छा ऐसा है तो फिर तो जरूर आऊंगा इसी बहाने भाभी से भी मिल लूंगा। वरना तूने तो साथ पर्दे में रखा हुआ था कभी मिलवाया ही नहीं।”
मैं: “अरे ऐसा नहीं है वो तो बस टाइम ही नहीं मिला कभी अभी आएगा तो मिल लेना बस।”
अहमद: “अच्छा भाई ओके डन कर दे अगले हफ्ते पक्का आऊंगा।”
अहमद की रेपुटेशन बहुत खराब थी। वह किसी भी दोस्त की वाइफ को देखता तो बहुत घूरता और तारीफ करता इसलिए कोई दोस्त उसे घर नहीं बुलाता था। पर मुझे तो मेरी वाली के लिए इसकी जरूरत थी। अगर मैं सामने से इसे ऑफर देता तो पक्का मान जाता पर इसमें मजा नहीं आता। मैं चाहता था कि यह खुद मेरी वाइफ पर ट्राई मारे और मेरी वाइफ इसे पट जाए। बस फिर मैंने अपनी वाइफ को बता दिया कि मेरा दोस्त आएगा खाने पर अच्छा खाना बनाना।
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नाजिश: “हां वो तो मैं बना दूंगी पर आ कौन रहा है।”
मैं: “मेरा दोस्त है अहमद तुम उसे नहीं जानती।”
नाजिश: “अच्छा।”
मैं: “हां बंदा अच्छा है पर थर्की बहुत है रोज किसी न किसी लड़की का काम उतार रहा होता है।”
नाजिश: “अच्छा।”
मैं बस अपनी वाइफ का जहन बना रहा था कि मेरा दोस्त है जिसे चुदाई पसंद है ताकि वह ट्राई करे तो मेरी वाइफ भी रेस्पॉन्स दे। बस ऐसे ही हफ्ता निकल गया और सैटरडे वाले दिन अहमद पहुंच आया मेरे घर बिल्डिंग के नीचे आकर कॉल की फिर मैं उसे लेने गया।
अहमद: “भाई कहां रह गया।”
मैं: “अरे यहीं हूं भाई आ जा दूसरे फ्लोर पर है।”
बस फिर मैं उसे अपने घर ले गया दरवाजा खोला और सामने मेरी वाइफ को देखा उसने और देखता रह गया। मैंने अपनी वाइफ को जबरदस्ती फिट कपड़े पहनाए जिसमें उसके बूब्स और गांड उभरी हुई नजर आए। सच में क्या कयामत लग रही थी। दिल कर रहा था मैं ही चोद दूं पर आज की रात इन दोनों की थी। अहमद की नजर हट ही नहीं रही थी और नाजिश भी उसकी नजरों को पहचान गई।
मैं: “नाजिश इससे मिलो यह मेरा दोस्त है अहमद।”
अहमद: “भाभी कैसी हैं असगर तो बहुत छुपा रुस्तम निकला इतनी खूबसूरत बीवी छुपाकर बैठा था।”
नाजिश शर्माते हुए: “मैं ठीक हूं। ऐसा भी कुछ नहीं है।”
मैं: “अरे ऐसे ही है तुम बहुत खूबसूरत और हॉट हो मेरी जान। क्या अहमद सही कह रहा हूं ना।”
अहमद: “हां भाई बिल्कुल काश ऐसी वाइफ मेरी होती।” ऐसे बोलकर वह हवस की नजरों से मेरी वाइफ को देखने लगा।
नाजिश: “अच्छा अब बस भी करें आएं खाना खा लें।”
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हम फिर खाना खाने लगे और अचानक मैंने बहाने से अलार्म रखा मेरे मोबाइल पर और पांच मिनट में वह बजा और मैंने कॉल की तरह उठाया और ऐसे ही नाटक करते हुए बात की। फिर वाइफ और अहमद से कहा।
मैं: “अरे यार जॉब से कॉल आई है मुझे जाना पड़ेगा अर्जेंट है।”
नाजिश: “अरे पर आपके दोस्त आए हैं और आपका अभी जाना जरूरी है क्या।”
अहमद खुश होते हुए: “भाई मेरी फिकर मत कर जरूरी है तो भले चला जा मैं बैठा हूं यहां तू काम खत्म करके आ जा।”
मैं: “हां भाई जरूरी है। नाजिश तुम फिकर मत करो अहमद है अभी मैं बस एक दो घंटे में आता हूं।”
नाजिश: “अच्छा ठीक है।”
मैं घर से निकला और बिल्डिंग के पास ही नेट कैफे में बैठ गया और सीसीटीवी तो था ही मोबाइल में इन दोनों को लाइव देखने लगा। अहमद फुल ट्राई करने लगा मेरी वाइफ को पटाने की।
अहमद: “भाभी और बताएं आपकी लाइफ कैसी चल रही है।”
नाजिश: “हां ठीक है बस। आप सुनाएं आप कैसे हैं और आपकी वाइफ क्यों नहीं आई।”
अहमद: “भाभी वो प्रेग्नेंट है इसलिए नहीं आई।”
नाजिश: “अरे वाह मुबारक हो फिर तो मिठाई बनती है।”
अहमद: “हां भाभी आपके लिए मिठाई क्या जान भी हाजिर है।”
नाजिश: “अच्छा। कौन सा महीना है।”
अहमद: “भाभी सातवां महीना है। दो महीने से प्यासा हूं।”
नाजिश शर्माते हुए: “ओह अच्छा।”
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दोस्तों प्लीज मुझे बताइएगा कि आपको मेरी स्टोरी कैसी लगी। प्लीज बताएं आपको मेरी स्टोरी पसंद आई या नहीं।
कहानी का अगला भाग: मैं कुकोल्ड बन गया पार्ट – 02
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