Teacher student full chudai sex story, Madam ki chut mein cum sex story: हेलो फ्रेंड्स, मैं थोर अपनी टीचर-स्टूडेंट सेक्स स्टोरी लेकर आया हूं। उम्मीद है आपको मेरी ये सेक्स कहानी पसंद आएगी। ये स्टोरी मुझे दीपक ने भेजी है आगरा से। चलिए अब कहानी शुरू करते हैं दीपक के शब्दों में।
दोस्तों मेरा नाम दीपक है, और मैं आगरा का रहने वाला हूं। मैं 23 साल का हूं, लेकिन मेरी ये कहानी 3 साल पहले की है, जब मैं 20 साल का था, और नया-नया कॉलेज में आया था। मेरी हाइट 5’9″ है, और लंड मेरा 6 इंच का है। इस कहानी में मैं आपको बताऊंगा कैसे बिना कोई मेहनत मुझे टीचर की चुदाई करने को मिली।
मैं नया-नया कॉलेज में आया था, और बहुत एक्साइटेड था। 2-3 लड़कों को मैं वहां पहले से जानता था, क्योंकि वो मेरे साथ मेरे स्कूल में पढ़ते थे। सब नए टीचर्स ने हमारा इंट्रोडक्शन लिया। मैं पढ़ाई में अच्छा था, और मेरे 12वीं में अच्छे मार्क्स आए थे, तो टीचर्स मुझसे इम्प्रेस हो रहे थे।
फिर हमारी रेगुलर क्लासेस लगने लगीं, और मैं सीरियस होके पढ़ने लगा। जब से क्लासेस शुरू हुई थीं, हमारे मेड्स के टीचर नहीं आ रहे थे। मैनेजमेंट से पूछने पर पता चला कि उनको कुछ दिन लगेंगे। उन्होंने हमें चिंता ना करने को कहा, और बोला कि हमारा सिलेबस पूरा करवा दिया जाएगा।
फिर कुछ दिन बाद एक लेडी हमारी क्लास में एंटर हुई। किसी को नहीं पता था कि वो कौन थी, और क्या करने आई थी। वो दिखने में 30-35 की लग रही थी। उसका रंग हल्का सांवला था, और उसने साड़ी पहन रखी थी। फिगर उसका 36-30-36 के आस-पास लग रहा था। तभी उसने कहा-
लेडी: मेरा नाम अनुपमा है, और मैं आपकी न्यू मेड्स टीचर हूं।
ये सुनकर सब बहुत खुश हुए। मेरे साथ बैठे लड़के ने कहा-
लड़का: अरे ये तो बहुत सेक्सी है। अब तो मजा आएगा।
वैसे तो मैं किसी टीचर को वैसी नजर से नहीं देखता था। लेकिन लड़के के ऐसे बोलने पर मैंने भी ध्यान से मेडम को ऊपर से नीचे देखा। और हां, सच में वो बहुत सेक्सी लग रही थी। तभी मेडम की नजर मुझ पर पड़ी। उनके देखते ही मैंने उन पर से अपनी नजर हटा ली।
क्योंकि मैं क्लास का मॉनिटर था, तो मेडम ने मुझे सिलेबस स्टेटस पूछा। मैंने मेडम को बता दिया कि अभी कुछ शुरू नहीं हुआ था। फिर उन्होंने पढ़ाना शुरू किया।
कुछ दिन ऐसे ही बीत गए। मेरे अंदर मेडम को लेकर उत्तेजना बढ़ती जा रही थी। वो रोज अलग-अलग रंग की साड़ी पहनती थी, और मैं उनके जिस्म को बिना कपड़ों के इमेजिन करता रहता। अब तो मैं मेडम के नाम पर भी मुठ मारने लगा था।
साथ वाले लड़कों ने दूसरे टीचर्स से पता किया कि अनुपमा मेडम डिवोर्स्ड थी, और अकेली रहती थी। वैसे वो दिल्ली से थी, और यहां पर रेंट के फ्लैट में रहती थी। मेरे मन में आने लगा कि अगर डिवोर्स्ड थी, तो चुदाई तो पक्का होगी। मैं सोचने लगा कि इसको भी लंड तो चाहिए ही होगा, तो काश मुझे एक बार दे दे ये।
पता नहीं ऊपर बैठे भगवान ने शायद मेरी बात सुन ली, और मुझे मेडम की चुदाई का मौका मिल गया।
हुआ कुछ ऐसा कि हमारे एग्जाम्स आने वाले थे, और क्लास में रिवीजन चल रही थी। मुझे एक प्रॉब्लम समझ में नहीं आ रही थी, तो मैंने मेडम को वो पूछी। जब तक मेडम प्रॉब्लम सॉल्व करतीं, कॉलेज खत्म होने की घंटी बज गई। फिर मेडम ने मुझे कहा-
मेडम: दीपक तुम ये कल समझ लेना।
मैं: मेडम कल से तो प्रिपरेटरी हॉलिडेज हैं। अब सीधे एग्जाम में ही आना है।
मेडम: अरे, ये तो दिक्कत हो गई। बस वाला इतनी देर वेट नहीं करेगा।
मैं: कोई बात नहीं मेडम, आप जाओ, मैं मैनेज कर लूंगा।
मेडम: अरे नहीं-नहीं। तुम मुझे अपना नंबर दो। मैं तुम्हें लोकेशन भेजूंगी। तुम शाम को मेरे घर आके समझ लेना।
मैं ये सुनकर खुश हो गया, और मैंने हां बोला। फिर मैंने मेडम को अपना नंबर दे दिया, और हम वहां से निकल गए। अब मैं उत्सुक होकर उनके मैसेज की वेट करने लगा।
कॉलेज से आने के आधे घंटे बाद मुझे मेडम का मैसेज और उनके घर की लोकेशन आ गई। अब मेरे मन में बहुत सारे सपने थे। मैं तैयार हुआ, और वहां चला गया। मैंने उनके घर पहुंचकर बेल बजाई, और मेडम ने दरवाजा खोला।
उन्हें देखते ही मैं हैरान हो गया। मेडम ने लेगिंग्स और टी-शर्ट डाली हुई थी। इन कपड़ों में वो साड़ी से बहुत सेक्सी लग रही थी। उनकी जांघें काफी हेवी थीं, जिनको टाइट लेगिंग्स में देखकर मेरे मुंह में पानी आ रहा था। टी-शर्ट उनकी टाइट नहीं थी, लेकिन उसमें मेडम के बड़े-बड़े चूचों का उभार साफ-साफ नजर आ रहा था।
मैंने मेडम को गुड ईवनिंग बोला, और मेडम ने मुझे अंदर आने को बोला। मैं दरवाजे से अंदर जाकर खड़ा हो गया। फिर मेडम ने दरवाजा बंद किया, और अंदर चलते हुए बोली-
मेडम: आओ अंदर आओ।
अब मेडम अंदर-अंदर चल रही थी, और मैं उनके पीछे-पीछे था। पीछे से लेगिंग्स में उनकी गांड बहुत बड़ी और टाइट लग रही थी। उनके चलने पर जैसे उनकी गांड मटक रही थी, वो देखकर मेरे मुंह में पानी आ गया। दिल तो कर रहा था कि अभी मेडम को घोड़ी बनाऊं, और पीछे से लेगिंग्स और पैंटी फाड़कर, उसकी गरम चूत में अपना लंड घुसाकर, उसे चोदने लग जाऊं। लेकिन इतनी हिम्मत नहीं थी मुझमें।
अब हम हॉल में पहुंच चुके थे, और मेडम ने मुझे सोफा पर बैठने को कहा। मैं सोफा पर बैठ गया, और मेडम किचन की तरफ चली गई। मेरी नजर अभी भी मेडम की मटकती गांड पर ही थी। किचन से मेडम एक ट्रे में कोल्ड ड्रिंक का ग्लास लेकर आई, और मेरे सामने रख दिया।
जैसे ही वो झुकी, मेरी नजर सीधे उनके बूब्स पर गई। मुझे लगा कि उनके झुकने की वजह से मुझे उनके लटकते बूब्स का नजारा देखने को मिलेगा, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ।
कोल्ड ड्रिंक सर्व करके वो मेरे सामने बैठ गई, और मुझे कोल्ड ड्रिंक पीने को कहा। मैंने ग्लास उठाया, और कोल्ड ड्रिंक पीने लगा।
मैं कोल्ड ड्रिंक पी रहा था, और मेडम मेरे सामने बैठी हुई थी। वो टांग पर टांग चढ़ाकर बैठी थी, और मेरी नजर बार-बार उनकी सेक्सी जांघों पर पड़ रही थी। एक-दो बार तो उन्होंने भी मुझे उनको घूरते देख लिया था। लेकिन मैं नजर चुराकर बार-बार देख रहा था। मैं करता भी क्या, मुझसे कंट्रोल नहीं हो रहा था।
फिर मैंने कोल्ड ड्रिंक पी ली, और बुक्स निकाल लीं। मेडम मुझे एक टेबल पर ले गईं, जहां एक चेयर पर मैं, और दूसरी चेयर पर वो बैठ गईं। अब मेडम मुझे प्रॉब्लम समझने लगीं।
वो टेबल पर झुककर नोटबुक पर प्रॉब्लम लिख रही थीं। उनके बूब्स टेबल के ऊपर आ रहे थे, और टेबल के दबाव की वजह से उनकी क्लीवेज बड़ी सेक्सी बन रही थी। मेरी नजर नोटबुक पर नहीं, बल्कि उनकी क्लीवेज पर थी। मैं तो खो सा गया था उनकी क्लीवेज में, कि अगर मुझे ये मिल जाए तो मैं क्या-क्या करूंगा।
तभी मेडम ने मुझे आवाज दी, जिससे मेरा ध्यान टूटा। मैंने कहा-
मैं: जी मेडम।
मेडम: जी क्या? समझ में आया कि नहीं?
मैं: मेडम वो…
मेडम: तुम्हारा ध्यान कहां है?
मैं: वो मैं कुछ सोचने लग गया था। आप एक बार दोबारा से रिपीट कर दो।
मेडम ने मुझे फिर से समझाना शुरू कर दिया। मैं ध्यान देने की कोशिश कर रहा था, लेकिन मेरा ध्यान बार-बार उनकी क्लीवेज की तरफ जा रहा था। इस बार मेडम भी मुझ पर नजर रखे हुए थीं। जब दूसरी-तीसरी बार मेरा ध्यान मेडम की क्लीवेज की तरफ गया, तो उन्होंने मेरे सिर पर पेन मारा। फिर वो बोलीं-
मेडम: ये कहां देख रहा है तू?
मैं: मेडम मैं वो… कहीं नहीं।
मेडम: झूठ मत बोलो। मैंने देखा है तुम्हें मेरी क्लीवेज देखते हुए।
मैं: सॉरी मेडम, वो बार-बार गलती से ध्यान उधर ही जा रहा है।
मेडम: अच्छा, गलती से जा रहा है! और जो क्लास में तुम्हारी नजर मुझ पर रहती है, उसका क्या?
मैं उनकी बात सुनकर हैरान हो गया, कि उन्हें सब पता था। अब मेरे पास कोई बहाना नहीं था बनाने के लिए। फिर वो बोलीं-
मेडम: अब बोल, मुंह बंद करके क्यों बैठ गया है?
मैंने सोचा कि अब पकड़ा तो गया ही था, तो बोल देता हूं जो दिल में है। फिर मैंने बोला-
मैं: मेडम आप इतनी हॉट हो, कि आप पर ना चाहते हुए भी ध्यान चला जाता है। मैं ही नहीं, कॉलेज के सारे लड़के आप पर फिदा हैं। अभी ही देख लो, सीन ही इतना हॉट था, कि मैं चाहकर भी ध्यान हटा नहीं पा रहा था।
मेरी ये बातें सुनकर मेडम हंसने लगीं। फिर वो बोलीं-
मेडम: तुझे डर नहीं लग रहा ये सब बोलते हुए?
मैं: मेडम सच तो सच है ना।
मेडम: और अगर मैं कंप्लेंट कर दूं तेरी, तो?
मैं: तो क्या होगा, मुझे कॉलेज से रास्टिकेट कर देंगे। लेकिन आप ऐसा करोगी नहीं।
मेडम: क्यों?
मैं: आप मेरी अच्छी मेडम हैं ना!
मेडम: हाहा, ह्म। गर्लफ्रेंड नहीं है तेरी?
मैं: इस महंगाई के जमाने में गर्लफ्रेंड अफोर्ड कैसे करूं?
मेडम: हाहा, हर बात का जवाब है, है ना?
मैं: आपका बॉयफ्रेंड है?
मेडम: नहीं।
मैं: मुझे बनाओगी।
मेडम (तीखी नजर से देखते हुए): तू बच्चा है अभी।
मैं: वो तो करके ही पता चलेगा।
मेडम: क्या करके?
मैं: जो लड़का-लड़की करते हैं।
मेडम: तू मुझे खुश नहीं कर पाएगा।
मैं: ट्राई करके देख लो।
मेडम: चल आ मेरे साथ।
ये बोलकर वो उठ गईं, और अपने बेडरूम की तरफ जाने लगीं। मैं पीछे-पीछे था। मुझे जरा भी आइडिया नहीं था कि वो क्या करने वाली थीं। वो बेडरूम में एंटर हुईं, उन्होंने अपनी लेगिंग्स और पैंटी निकाली, और सीधी होके बेड पर लेट गईं। अब उनकी नंगी चूत मेरे सामने थी, जिसको देखकर मेरे होश उड़ गए।
मैंने आज तक सिर्फ पॉर्न में चूत देखी थी। असल में चूत देखकर मेरा लंड फटने को हो गया। फिर मेडम बोलीं-
मेडम: चल चाट इसको। देखते हैं तुझमें कितना दम है।
मुझे अपने कानों पर विश्वास नहीं हो रहा था। मैं तोड़ा घबरा गया था। लेकिन फिर मैंने खुद से कहा कि अगर अभी मैंने कुछ नहीं किया, तो सारी लाइफ रिग्रेट करूंगा। ये सोचकर मैं आगे बढ़ा, और उनकी टांगों के बीच आके घुटनों पर बैठ गया।
फिर मैंने अपना मुंह मेडम की चूत पर लगाया। क्या मस्त खुशबू आ रही थी उनकी चूत से। फिर मैंने उनकी चूत को चाटना शुरू कर दिया। शुरू में मुझे तोड़ा अजीब लगा, लेकिन बाद में मजा आने लगा। मैं बिल्कुल पॉर्न वीडियो की तरह चूत चाटने लगा। क्लिटोरिस पर जीभ घुमाता, अंदर तक जीभ डालता, और चूसता रहता।
मेडम के मुंह से सिसकियां निकल रही थीं। फिर वो मेरे मुंह को चूत में दबाने लगीं, और गांड हिलने लगी। मैं समझ गया था कि मैं अच्छा कर रहा था, तो मैंने स्पीड बढ़ा दी। कुछ ही देर में उनकी चूत ने पानी छोड़ा, जो मैंने सारा पी लिया।
पानी पीने के बाद मैं खड़ा हो गया। मेडम अभी भी लेटी हुई थीं, और तेज सांसें ले रही थीं। उन्होंने मेरी तरफ देखा, और एक कामुक स्माइल दी। फिर वो बोलीं-
मेडम: मजा आ गया। चूत तो मस्त चूसता है तू।
फिर उन्होंने मेरे लंड की तरफ देखा, जिसका उभार मेरी पैंट में से साफ दिखाई दे रहा था। फिर वो खड़ी हुईं, और मेरी तरफ आईं। उन्होंने मेरी पैंट की बेल्ट खोली, जिप नीचे की, और मेरी पैंट और अंडरवियर एक साथ नीचे कर दीं। मेरा 6 इंच का लंड सीधा खड़ा होकर उनपर ताक रहा था।
मेडम ने उसे हाथ में पकड़ा, और हल्के से सहलाने लगीं। फिर बोलीं-
मेडम: अच्छा लंड है तेरा। अब देखते हैं तू कितना चोद सकता है।
ये कहकर उन्होंने मुझे बेड पर धक्का दिया, और खुद मेरे ऊपर चढ़ गईं। उन्होंने अपनी टी-शर्ट भी उतार दी। अब उनके बड़े-बड़े चूचे मेरे सामने थे। मैंने दोनों हाथों से उन्हें पकड़ा, और दबाने लगा। निप्पल्स को चूसने लगा। मेडम सिसकारियां ले रही थीं।
फिर मेडम ने मेरे लंड को अपनी चूत पर रगड़ा, और धीरे-धीरे अंदर लेना शुरू किया। उनकी चूत गीली थी, इसलिए लंड आसानी से अंदर चला गया। मेडम ऊपर-नीचे होने लगीं। मैं उनके चूचे दबाता रहा, और नीचे से धक्के मारने लगा।
कुछ देर बाद मेडम बोलीं-
मेडम: अब पीछे से कर। मुझे घोड़ी बनाकर चोद।
मैंने उन्हें घोड़ी बनाया। पीछे से उनकी गांड देखकर और मजा आ रहा था। मैंने लंड उनकी चूत में घुसाया, और जोर-जोर से चोदने लगा। थप्पड़ मारते हुए, बाल खींचते हुए, कमर पकड़कर धक्के मार रहा था। मेडम की सिसकियां तेज हो गईं।
मेडम: आह्ह्ह… जोर से… चोद मुझे… फाड़ दे मेरी चूत…
मैंने स्पीड बढ़ा दी। कुछ मिनट बाद मैंने महसूस किया कि मैं झड़ने वाला हूं। मैंने बोला-
मैं: मेडम मैं आने वाला हूं।
मेडम: अंदर ही डाल दे… मुझे गर्म रस चाहिए…
मैंने जोर का धक्का मारा, और सारा रस उनकी चूत में छोड़ दिया। दोनों थककर बेड पर लेट गए। मेडम ने मुझे गले लगाया, और बोलीं-
मेडम: बहुत अच्छा किया तूने। अब से जब मन करे, आ जाना।
हम दोनों कुछ देर ऐसे ही लेटे रहे। फिर मैंने कपड़े पहने, और घर चला गया। लेकिन वो रात मेरी जिंदगी की सबसे यादगार रात बन गई।
ये थी मेरी अनुपमा मेडम के साथ चुदाई की पूरी कहानी। उम्मीद है आपको मजा आया होगा। कमेंट करके जरूर बताएं।
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