Tailor ne choda sex story: हेल्लो दोस्तों मेरा नाम निहारिका है। मैं आज आप लोगों के लिए अपनी कहानी को लेकर आई हूँ। दोस्तों मैं आप सभी लोगों की तरह ही सेक्सी कहानी पढ़ना पसंद करती हूँ। मुझे सेक्सी कहानी पढ़ना बहुत पसंद है। मैंने अभी तक बहुत कहानियां पढ़ी हैं और उनका पूरा मजा भी लिया है।
मैं जो आज कहानी आप लोगों के सामने पेश करने जा रही हूँ ये पहली कहानी है तो मैं आप सभी लोगों से उम्मीद करती हूँ कि आप सभी लोगों को मेरी कहानी पसंद आएगी और इस कहानी को पढ़ने में आप लोगों को मजा तो जरूर आएगा।
दोस्तों मैं कहानी को शुरू करने से पहले अपने बारे में बता देती हूँ। मैं रहने वाली लखनऊ की हूँ और मेरी उम्र 23 साल है। मेरा रंग साफ है जिसकी वजह से मैं दिखने में अच्छी लगती हूँ। इस उम्र में सब लड़कियों के मन में चुदाई की इच्छा आ जाती है और लड़कियों की चूत में खुजली होने लगती है उसी तरह मेरी भी चूत में खुजली होने लगी थी।
मैं जिस मोहल्ले में रहती थी उस मोहल्ले के लड़के मुझे लाइन मारते थे और मैं भी उनका फायदा उठाती थी। मेरी चढ़ती जवानी थी जिसकी वजह से मेरे बूब्स काफी ऊपर उठ गए थे और मेरी गांड काफी बड़ी थी। मेरी गांड बड़ी होने की वजह से जब मैं चलती थी तो मेरी गांड हिलती थी जिसको देखकर किसी की नियत खराब हो जाए।
ये कहानी अभी कुछ दिन पहले की है जब मैं अपने कपड़े सिलाने के लिए गई थी। मैं जब टेलर की दुकान पर पहुंची तो मैं उस टेलर को देखती रह गई थी। वो दिखने में किसी हीरो से कम नहीं लग रहा था। मैं उसको घूर घूर कर देख रही थी और वो मुझे बहुत चकित नजरों से देख रहा था।
मैं – हेल्लो जी क्या देख रहे हो इतना घूर घूर कर?
वो – जी कुछ नहीं क्या काम है?
मैं – कपड़े सिलवाने हैं।
वो मेरे कपड़े ले लिए और देखने लगा। वो मेरे कपड़े देखने के बाद मुझे सीधा खड़ा कर दिया और अपना फीता लिया और नापने लगा। वो जब मेरे कपड़े को नापने लगा तो मैं सीधे खड़ी हो गई थी। वो मेरे कपड़े नापने के साथ मुझसे बात कर रहा था।
वो मुझसे बोला तुम्हारा नाम क्या है?
मैंने उसे अपना नाम बता दिया और उससे उसका नाम पूछा। तब उसने अपना नाम जानू बताया और मुझसे बोला आप बहुत सुंदर हो। फिर मेरी छाती को नापने लगा तो मैं अपने सीने को थोड़ा सा फुला दिया जिससे मेरे बूब्स ऊपर की ओर उठ गए तो वो मेरे बूब्स पर फीता को रख कर मुझसे बोला कि इतना टाइट रखूं या और टाइट कर दूं। तब मैंने उससे कहा थोड़ा और टाइट कर दो तो उसने फीता को और टाइट किया और मेरे बूब्स में अपने हाथ को रगड़ दिया।
जब उसने मेरे बूब्स पर अपने हाथ को रगड़ दिया तो मुझे कुछ अजीब सा लगा। फिर उसने मेरी कमर की नाप ली और ऐसे ही करके मेरी पूरी नाप ली और मुझसे बोला कि आपकी कमर बहुत सेक्सी है। मैं उसके मुंह से ये बात सुनकर एक सेक्सी स्माइल दे दी जिससे वो समझ गया कि मैं भी उसके साथ कुछ करना चाहती हूँ।
मैं फिर बोली आप भी कुछ कम नहीं हो और वो मेरे मुंह से ये बात सुनकर मुझे अंदर ट्रायल रूम में ले गया और मुझे अपनी बांहों में भर लिया। जब उसने मुझे अपनी बांहों में भर लिया तो मैं भी उससे लिपट गई और वो मुझे चूमने लगा। वो मुझे चूम रहा था और मैं उसे चूम रही थी। फिर उसने अपनी होठों को मेरी होठों पर रख दिया और मेरी होठों को चूसने लगा।
वो मेरी होठों को मुंह में रख कर चूस रहा था और मैं उसकी होठों को मुंह में रख कर चूसने लगी। मैं उसकी होठों को मुंह में रख कर चूस रही थी और वो मेरी होठों को चूसने के साथ मेरे बड़े बूब्स को कपड़े के ऊपर से दबा दिया जिससे मेरे मुंह से आह निकल गई। मैं उसके साथ ये सब 3-4 मिनट तक करती रही।
फिर मैंने उसे मना किया और बाहर आ गई। जब मैं बाहर आ गई तो वो मुझे देखकर बोला कि तुम दो दिन बाद आना कपड़े लेने क्योंकि उस दिन मेरी दुकान पर और कोई नहीं होगा। दोस्तों मैं उसके कहने का मतलब समझ गई थी और मैं भी उसके साथ वो सब करना चाहती थी जिसके लिए मेरा मन बहुत कब से कर रहा था।
मैं उस दिन तो अपने घर चली आई और उसके बारे में सोचती रही। मुझे वो सब अपने मन में सोच कर बहुत मजा आ रहा था और जब मैं सेक्स करने के बारे में सोचती थी तो मेरी चूत गीली हो जाती थी।
मैं उसके 2 दिन बाद जब उसकी दुकान पर कपड़े लेने गई तो वो मुझे देखकर बहुत खुश हुआ और मेरे लिए कुर्सी डाली और मैं बैठ गई। फिर वो मुझसे बातें करने लगा और मैं उससे ऐसे ही कुछ देर तक बातें करती रही।
मैं कुछ देर बातें करने के बाद बोली कि मेरे कपड़े बन गए तो वो बोला यार तुम्हारे कपड़े तो बन गए हैं पर अभी थोड़ा कम करना बाकी है। वो मुझे इशारे कर रहा था अंदर चलने के लिए और मैं कुछ देर बाद अंदर चली गई। तब उसने दुकान को अंदर से बंद कर ली और वो भी अंदर आ गया।
फिर उसने मुझे पकड़ लिया और वहीं पर पड़ी चटाई पर लेटा दिया। मैं चटाई पर लेट गई और वो मुझे पकड़ कर मेरे साथ लेट गया और मेरी होठों पर अपनी होठों को रख कर मेरी होठों को चूसने लगा। वो मेरी होठों को मुंह में रख कर चूस रहा था और मैं उसकी होठों को चूस रही थी। मैं उसकी होठों को चूस रही थी और वो मेरी होठों को चूसने के साथ मेरे बूब्स को कपड़े के ऊपर से दबाने लगा।
वो जब मेरे बूब्स को दबाने लगा तो मैंने उसे कस के पकड़ लिया। फिर उसने मेरे कपड़े भी निकाल दिए जिससे मैं ब्रा और पैंटी में आ गई थी। वो मेरे कपड़े निकालने के बाद मेरे एक दूध को मुंह में रख कर चूसने लगा। वो मेरे एक दूध को ब्रा के ऊपर से चूसने के साथ मेरे बूब्स को दबा रहा था।
फिर उसने मेरी ब्रा को खोल दिया और मेरे दोनों दूध को एक एक करके चूसने लगा तो मेरे मुंह से निकलने वाली सांसें तेज हो गईं। मैं उसके सर को पकड़ कर अपने बूब्स को चूस रही थी। वो मेरे दोनों बूब्स को एक एक करके 5 मिनट तक चूसता रहा।
फिर उसने मेरी पैंटी को मुंह से पकड़ कर निकाल दिया। मेरी गुलाबी चूत में अपनी जीभ को घुसा दिया और रगड़ते हुए मेरी चूत को चाटने लगा। वो मेरी चूत को चाटने के साथ मेरी चूत में अपनी उंगली को घुसा दिया जिससे मेरे मुंह से आह ओह उई अह उई…. उई माई अह उई मई माँ हा… की आवाज करने लगी।
मैं सेक्सी आवाजें करती हुई अपने बूब्स के निप्पल को मसल रही थी। वो मेरी चूत में उंगली को घुसा कर जोर जोर से अंदर बाहर कर रहा था।
फिर उसने भी अपने कपड़े निकाल दिए और मैं उसका लंड को घूर घूर कर देखने लगी। दोस्तों उसका लंड लोहे के सामान खड़ा था और काफी बड़ा था जिसको मैं अपने हाथ में पकड़ कर मुंह में रख लिया।
मैं उसके लंड को मुंह में रख कर एक लॉलीपॉप की तरह चूसने लगी। मैं उसके लंड को मुंह में रख कर जोर जोर से चूस रही थी। वो मेरे सर को पकड़ कर अंदर बाहर कर रहा था। वो ऐसे ही कुछ देर तक लंड को चूसवाता रहा फिर लंड को मुंह से निकाल कर मेरी टांगों को ऊपर हवा में उठा दिया।
वो मेरी टांगों को उठाने के बाद अपने लंड को मेरी चूत में धीरे से थोड़ा घुसा दिया तो मुझे बहुत अच्छा लगा। फिर वो मेरी चूत में लंड को धीरे धीरे अंदर बाहर करते हुए एक धक्का जोर से मार दिया। उसने जैसे ही धक्का मारा तो उसका लंबा और मोटा लंड मेरी चूत को फाड़ते हुए अंदर घुस गया और मुझे उस टाइम ऐसा लगा कि मैं अब मर जाऊंगी और कुछ नहीं बोल पाई थी।
फिर कुछ देर तक दर्द की वजह से चटाई पर इधर उधर होती रही और कुछ देर बाद मेरा दर्द कम हुआ तो मैं उसके धक्कों के मजा लेने लगी और अह अह ऊ उह उह… आ आ आ उई उई मई… की सिसकियां लेती हुई चुदने लगी।
वो मेरी चूत में जोरदार धक्के मार रहा था और मैं मस्त धक्कों के मजा ले रही थी। वो मेरी चूत में ऐसे ही जोरदार धक्के मारता रहा और मैं उसके हर एक धक्के का मजा लेती हुई चुद रही थी।
फिर वो मुझे ऐसे ही 15 मिनट तक चोदने के बाद झड़ गया और सारा माल निकल दिया। तब मैंने अपने कपड़े पहन लिए और उसने अपने कपड़े पहन लिए।
मैं उस दिन अपनी चूत में उसके पूरे लंड को लेकर चुदी थी और वो मेरी चूत में जोरदार धक्के मारता रहा था। दोस्तों उसके दूसरे दिन जब मैं अपने कपड़े लेने गई थी तो उसने मुझसे रुपये भी नहीं लिए थे।
मैं उस दिन के बाद उससे बहुत बार चुदी हूँ और आज भी टाइम मिलने पर उसके लंड को चूत और गांड में लेती हूँ।
Note : यहां पोस्ट की गई हर कहानी सिर्फ मनोरंजन के लिए है,कृपया वास्तव जीवन में कहानी में घटित कोई भी चित्र प्रयोग करना घातक हो सकता है और इसका जिम्मेदारी कहानी के लेखक या फिर कहानी प्रस्तुतकर्ता नहीं होंगे,तो कृपया इस सबको अपने निजी जिंदगी के साथ मत जोड़ें और अपने बुद्धि,विवेक के साथ काम लें।
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