हाय, मेरे प्यारे पाठकों! मेरी पिछली दो सच्ची कहानियों को इतना प्यार देने के लिए आपका बहुत-बहुत शुक्रिया। मुझे उम्मीद है कि आपने उन कहानियों को खूब एंजॉय किया होगा। मेरा नाम नाज़ूक खान है, ये तो आपको याद ही होगा। मेरा फिगर 38-32-38 का है, और मेरी हाइट 5 फीट 9 इंच है। मेरा रंग एकदम गोरा है, और मैं हैदराबाद में रहती हूँ।
कहानी का पिछला भाग: स्टूडेंट से चुद गयी – न चाहते हुए भी – 2
मेरी पिछली कहानी हर्ष के घर से वापस आने पर खत्म हुई थी। जब मैं घर वापस जा रही थी, तो मेरे मन में दो तरह की भावनाएँ थीं। एक तरफ, मैं सोच रही थी कि अपने पति इमरान का सामना कैसे करूँगी? उन्हें क्या कहूँगी? दूसरी तरफ, हर्ष का परिवार इतना प्यारा था। उन्होंने मुझे अपनेपन से ज्यादा प्यार दिया। मेरे दिल में एक अजीब सा उलझन था, लेकिन कहीं न कहीं हर्ष के साथ बिताए पल मुझे सुकून भी दे रहे थे।
घर पहुँचते ही इमरान ने कहा, “सलाम बेगम, आज बहुत लेट हो गई।”
मैंने हल्का सा मुस्कुराते हुए कहा, “जी, वो एक्सट्रा क्लास के बाद थोड़ा रेस्ट करने बैठ गई थी। फिर कार में कब नींद लग गई, पता ही नहीं चला।”
मैंने पूछा, “आपने खाना खाया?”
वो बोले, “हाँ, मैं दोस्तों के साथ बाहर खाकर आया हूँ।”
मैंने कहा, “अच्छा?”
वो मुस्कुराते हुए बोले, “हाँ, और तुम्हारे लिए बिरयानी लाया हूँ।”
मैंने हँसते हुए मन में सोचा, “अरे, बिरयानी! लेकिन कैसे खाऊँ? हर्ष ने तो कसम दी है कि बच्चे के जन्म तक नॉन-वेज नहीं खाना।” मैं मन ही मन परेशान थी।
इमरान ने पूछा, “क्या हुआ? तुम किस सोच में पड़ गई हो?”
मैंने जल्दी से कहा, “नहीं, कुछ नहीं। बस आज नॉन-वेज खाने का मन नहीं है।”
वो हैरानी से बोले, “बिरयानी तो तुम्हारी फेवरेट है।”
मैंने कहा, “हाँ, लेकिन आज मन नहीं है।”
मुझे बिरयानी खाने का बहुत मन था, लेकिन हर्ष की बात को भी तो नहीं टाल सकती थी। आखिर वो इस बच्चे का असली बाप था।
आप यह Cheating Wife sex story - धोखेबाज बीवी की कहानियाँ हमारी वेबसाइट फ्री सेक्स कहानी डॉट इन पर पढ़ रहे है। और ऐसी कहानियां पढ़ने के लिए दोबारा विजिट करें Free Sex Kahani
इमरान ने कहा, “जैसी तुम्हारी मर्जी।”
अगले दिन स्कूल में हर्ष मेरे पास आया और बोला, “हाय, नाज़ूक।”
मैंने डाँटते हुए कहा, “हर्ष, ये स्कूल है। मुझे नाम से मत बुलाओ।”
वो हँसते हुए बोला, “ओह, सॉरी मैम।”
मैंने कहा, “हाँ, अब ठीक है।”
वो बोला, “कैसी हो? और मेरा होने वाला बच्चा?”
मैंने मुस्कुराकर कहा, “हम दोनों ठीक हैं।”
वो अचानक बोला, “मेरी मम्मी ने कहा कि अगर तुम तैयार हो, तो मेरी पढ़ाई पूरी होने के बाद हमारी…”
मैंने बीच में टोका, “हर्ष, हमारी क्या?”
वो बोला, “शादी कर देंगे।”
मैं हैरान हो गई। मैंने कहा, “हर्ष, ये मुमकिन नहीं है। तुम जानते हो मैं शादीशुदा हूँ।”
वो बोला, “मुझे सब पता है, लेकिन मुझे परवाह नहीं।”
मैंने कहा, “लेकिन मुझे परवाह है। लोग क्या कहेंगे?”
वो बोला, “लोग तो कहते रहेंगे।”
मैंने समझाने की कोशिश की, “हर्ष, तुम्हारी उम्र बहुत छोटी है शादी के लिए।”
आप यह Cheating Wife sex story - धोखेबाज बीवी की कहानियाँ हमारी वेबसाइट फ्री सेक्स कहानी डॉट इन पर पढ़ रहे है। और ऐसी कहानियां पढ़ने के लिए दोबारा विजिट करें Free Sex Kahani
वो तुरंत बोला, “क्या, मलाइका अरोड़ा अर्जुन कपूर से छोटी है? और नाम लूँ?”
मैंने हँसते हुए कहा, “वो सब बड़े लोग हैं, यार।”
वो बोला, “हम भी कुछ कम नहीं।”
मैंने कहा, “हर्ष, ये मुमकिन नहीं। मैं अपने पति को तलाक नहीं दे सकती।”
वो बोला, “तो मत दो तलाक।”
मैंने हैरानी से कहा, “तो फिर तुमसे शादी कैसे कर सकती हूँ?”
वो बोला, “क्यों नहीं कर सकती?”
मैंने फिर कहा, “क्योंकि मैं पहले से शादीशुदा हूँ।”
वो शरारती अंदाज में बोला, “तो मैं दूसरा पति बन जाऊँगा।”
मैंने हँसते हुए कहा, “चुप पागल।”
वो बोला, “स्कूल के बाद मिलूँगा। सोचकर जवाब देना।”
मैंने कहा, “ठीक है, यहाँ से जाओ।”
मेरे मन में एक अजीब सी उलझन थी। मैं सोच रही थी, “वाह, दो पति! हमेशा मर्दों को ही क्यों मज़ा लेना चाहिए? हम क्यों नहीं?” लेकिन दिल में एक डर भी था कि ये गलत है।
स्कूल खत्म होने के बाद हर्ष फिर मेरे पास आया। उसने पूछा, “क्या सोचा तुमने?”
मैंने कहा, “हर्ष, देखो, बिना शादी के भी तो तुम मज़े ले रहे हो ना? और मुझे प्रेगनेंट भी कर चुके हो।”
आप यह Cheating Wife sex story - धोखेबाज बीवी की कहानियाँ हमारी वेबसाइट फ्री सेक्स कहानी डॉट इन पर पढ़ रहे है। और ऐसी कहानियां पढ़ने के लिए दोबारा विजिट करें Free Sex Kahani
वो गंभीर होकर बोला, “नाज़ूक, मज़े की बात नहीं है। मुझे तुम्हारी मांग भरनी है।”
मैंने कहा, “हर्ष, ये कैसे हो सकता है? मैं दो घर और जॉब कैसे संभालूँगी?”
वो बोला, “मैंने सब सोच लिया है, बेबी।”
मैंने उत्सुकता से पूछा, “अच्छा, मुझे भी बताओ, क्या सोचा है?”
वो बोला, “ऐसे नहीं। पहले बोलो कि शादी करोगी।”
मैंने हँसते हुए कहा, “ठीक है बाबा, अगर आइडिया अच्छा लगा तो।”
वो बोला, “तो चलो, अपनी जगह पर चुदाई करते वक्त समझाऊँगा।”
मैंने कहा, “हम्म, ठीक है, चलो।”
हम स्कूल के बाद उसी क्लासरूम में गए जहाँ हर्ष मेरी चुदाई करता था। जैसे ही हम अंदर गए, उसने मुझे अपनी बाहों में खींच लिया और ज़ोर-ज़ोर से किस करने लगा। उसकी जीभ मेरे होंठों पर फिसल रही थी, और मेरे शरीर में गर्मी बढ़ रही थी। मैंने कहा, “बताओ भी, क्या आइडिया है?”
वो बोला, “पहले मेरे लंड को उसकी जगह जाने दो, फिर बताऊँगा।”
मैंने अपनी साड़ी ऊपर की और पैंटी उतार दी। मैंने कहा, “ठीक है, डाल दो अंदर।”
वो बोला, “हाँ, क्यों नहीं।”
उसने अपना 7 इंच का लंड मेरी चूत पर रखा और धीरे से अंदर डाला। मुझे हल्का सा दर्द हुआ, और मैंने कहा, “आह… थोड़ा धीरे करो ना…”
वो हँसते हुए बोला, “मैं क्या करूँ, बेबी? तुम्हारी चूत ही बहुत टाइट है।”
मैंने कहा, “ठीक है बाबा, जैसा करना है करो। बस आइडिया बताओ।”
आप यह Cheating Wife sex story - धोखेबाज बीवी की कहानियाँ हमारी वेबसाइट फ्री सेक्स कहानी डॉट इन पर पढ़ रहे है। और ऐसी कहानियां पढ़ने के लिए दोबारा विजिट करें Free Sex Kahani
वो धक्के लगाते हुए बोला, “बेबी, तुम घर से स्कूल आती हो ना?”
मैंने सिसकारी भरते हुए कहा, “हाँ… आह…”
वो बोला, “शादी के बाद तुम जॉब के बहाने मेरे घर आ जाना। वही सैलरी मैं दूँगा।”
मैंने कहा, “समझी नहीं।”
वो और ज़ोर से धक्के मारते हुए बोला, “बेबी, जो काम हम यहाँ कर रहे हैं, अब हम अपने बेडरूम में करेंगे।”
मैंने सिसकारी भरते हुए कहा, “वो कैसे… आह…?”
वो बोला, “दिन में तुम मेरे घर मेरी बीवी बनकर रहोगी। रात में अपने पति के साथ।”
मैंने कहा, “और तुम्हारे घरवाले क्या कहेंगे?”
वो बोला, “बस कह देंगे कि तुम नाइट शिफ्ट करती हो। कंपनी शादी के बाद भी छोड़ने नहीं दे रही। टाइम लगेगा।”
मैंने सिसकारी लेते हुए कहा, “बहुत कॉम्प्लिकेशन्स हैं, हर्ष।”
वो बोला, “बेबी, हमारे होने वाले बच्चे की कसम, मना मत करना।”
मैंने कहा, “अरे, लेकिन… आह…”
वो बोला, “कोई लेकिन-वेकिन नहीं।”
मैंने कहा, “पर शादी के लिए पति से क्या कहूँगी?”
वो बोला, “बेबी, इतना तो तुम हैंडल कर सकती हो।”
आप यह Cheating Wife sex story - धोखेबाज बीवी की कहानियाँ हमारी वेबसाइट फ्री सेक्स कहानी डॉट इन पर पढ़ रहे है। और ऐसी कहानियां पढ़ने के लिए दोबारा विजिट करें Free Sex Kahani
मैंने हाँफते हुए कहा, “ठीक है, ट्राई करते हैं… उफ्फ, अब निकालो भी, दर्द हो रहा है।”
वो बोला, “नाज़ूक, अभी तो शुरुआत की है।”
वो और ज़ोर-ज़ोर से धक्के मारने लगा। मेरी सिसकारियाँ पूरे कमरे में गूँज रही थीं। “आह… ऊह… थप-थप…” करीब 15 मिनट तक उसने मुझे चोदा, और फिर उसने अपना सारा माल मेरी चूत में डाल दिया। मैं हाँफ रही थी। मैंने जल्दी से साड़ी ठीक की और घर चली गई।
घर पहुँचते ही इमरान ने कहा, “बेगम, हम कुछ दिनों के लिए दिल्ली जा रहे हैं। तुम साथ चलोगी?”
मैं घबरा गई। मैंने कहा, “नहीं, अभी एग्जाम्स आने वाले हैं। मैं नहीं जा सकती।”
वो बोले, “हाँ, ठीक है, कोई बात नहीं।”
मैं मन ही मन सोच रही थी, “ये क्या, ऊपरवाले ने मेरे लिए खुद रास्ता बना दिया!”
मैंने तुरंत हर्ष को मैसेज किया, “जो भी करना है, अगले हफ्ते ही करना होगा। पति 8 दिन के लिए बाहर जा रहे हैं।”
हर्ष ने जवाब दिया, “ग्रेट! मैं अपने पेरेंट्स को मनाने की कोशिश करता हूँ।”
अगले दिन स्कूल में हर्ष मेरे पास आया और बोला, “कोई नहीं देख रहा, मुझे एक किस चाहिए।”
मैंने कहा, “क्यों?”
वो बोला, “गेस व्हाट? दादाजी ने पापा को मना लिया।”
मैंने हैरानी से कहा, “इतनी जल्दी?”
वो बोला, “पहले किस, फिर सब बताऊँगा।”
मैंने कहा, “हर्ष, कोई देख लेगा।”
आप यह Cheating Wife sex story - धोखेबाज बीवी की कहानियाँ हमारी वेबसाइट फ्री सेक्स कहानी डॉट इन पर पढ़ रहे है। और ऐसी कहानियां पढ़ने के लिए दोबारा विजिट करें Free Sex Kahani
वो बोला, “तो क्या हुआ? अपनी होने वाली बीवी से किस ले रहा हूँ।”
मैंने उसे एक छोटा सा किस किया। वो बोला, “जान, भगवान भी यही चाहते हैं कि तुम मेरी बीवी बनो।”
मैंने कहा, “हम्म…”
वो बोला, “बेबी, रविवार को किसी भी तरह घर आना होगा।”
मैंने पूछा, “क्यों, जान?”
वो बोला, “एक पूजा है, जिसमें तुम्हारा नामकरण होगा और धर्म परिवर्तन।”
मैंने कहा, “हर्ष, मुझे ये सब पसंद नहीं।”
वो बोला, “बेबी, मुझे पता है। लेकिन मेरे घरवालों की यही शर्त है। प्लीज़, मान जाओ।”
मैंने कहा, “हाँ, मानना तो पड़ेगा ही। मेरे बच्चे के बाप ने जो कहा है।”
फिर रविवार की सुबह आई। मैंने इमरान को नाश्ता दिया और कहा, “मैं दोस्तों के साथ शॉपिंग के लिए जा रही हूँ। आपके लिए कुछ लाऊँ?”
वो बोले, “नहीं, मुझे कुछ नहीं चाहिए। तुम जाओ, एंजॉय करो।”
मैंने हँसते हुए कहा, “वही तो करने जा रही हूँ।”
मैंने एक खूबसूरत साड़ी पहनी, बैकलेस और डीप कट वाला ब्लाउज़। इमरान के सामने बुरका पहनकर निकल गई। हर्ष के घर पहुँचकर मैंने बुरका उतारा और बैग में रख लिया।
हर्ष ने मेरा हाथ पकड़ा और एक साइड में ले जाकर मुझे किस करने लगा। उसका एक हाथ मेरी कमर पर था, और दूसरा मेरे गाल को सहला रहा था। मैंने कहा, “ये क्या कर रहे हो? लिपस्टिक खराब हो जाएगी।”
वो बोला, “होने वाली बीवी हो, कुछ भी कर सकता हूँ।”
आप यह Cheating Wife sex story - धोखेबाज बीवी की कहानियाँ हमारी वेबसाइट फ्री सेक्स कहानी डॉट इन पर पढ़ रहे है। और ऐसी कहानियां पढ़ने के लिए दोबारा विजिट करें Free Sex Kahani
मैंने हँसते हुए कहा, “सब कुछ तो कर चुके। और क्या करोगे, जानू?”
वो बोला, “बहुत कुछ बाकी है। सुहागरात को करके दिखाऊँगा।”
मैंने कहा, “अब चलो अंदर, सब वेट कर रहे हैं।”
अंदर जाकर मैंने सबके पैर छुए, और सबने मुझे आशीर्वाद दिया। फिर पंडित जी ने पूजा शुरू की। मुझे आग के सामने बैठने को कहा गया। पंडित जी ने मेरे माथे पर बड़ा सा तिलक लगाया और आरती करवाई। कुछ देर बाद पंडित जी ने मेरा नाम रखा—वैभवी।
उस पल में मैं नाज़ूक से वैभवी बन गई। फिर मैंने सबके पैर छुए और आशीर्वाद लिया। पंडित जी ने कहा कि 4 महीने बाद का मुहूर्त अच्छा है, इसलिए हमारी शादी 4 महीने बाद तय हुई।
मैंने हर्ष से कहा, “मैंने कहा था कि जो भी करना है, इस हफ्ते करना होगा। 4 महीने बाद तो मेरा पेट भी बाहर आ जाएगा।”
वो बोला, “रुको, मैं कुछ करता हूँ।”
हर्ष ने पंडित जी से कहा, “पंडित जी, 4 महीने नहीं, 4 दिन में शादी कर सकते हैं?”
पंडित जी बोले, “मैंने पहले ही कहा था, अगर 4 दिन में शादी कर लोगे, तो ये सात जन्मों का बंधन होगा।”
हर्ष ने दादाजी की तरफ देखा। दादाजी बोले, “हाँ, 4 दिन बाद की शादी रखो।”
पापाजी बोले, “लेकिन बापूजी, इतनी तैयारियाँ कैसे होंगी?”
दादाजी बोले, “सब हो जाएगा, बस तू कर।”
पापाजी बोले, “जी, बापूजी।”
पंडित जी ने मुझसे कहा, “बेटा वैभवी, अब भगवान के चरणों में माथा रख दो कुछ देर के लिए।”
फिर हम सबने साथ में खाना खाया। खाने के बाद मैं और हर्ष उसके कमरे में गए। हमने एक-दूसरे को कसकर गले लगाया और ज़ोर-ज़ोर से किस किया। मैं बहुत इमोशनल हो गई।
आप यह Cheating Wife sex story - धोखेबाज बीवी की कहानियाँ हमारी वेबसाइट फ्री सेक्स कहानी डॉट इन पर पढ़ रहे है। और ऐसी कहानियां पढ़ने के लिए दोबारा विजिट करें Free Sex Kahani
मैंने रोते हुए कहा, “हर्ष, सब कुछ के लिए थैंक यू।”
वो बोला, “नाज़ूक, तुम रो क्यों रही हो? मैंने तुमसे सच्चा प्यार किया है, पगली।”
मैंने कहा, “नाज़ूक नहीं, वैभवी।”
वो हँसते हुए बोला, “हाँ, वैभवी।”
फिर हर्ष की माँ ने मुझे बुला लिया।
हमारी शादी कैसे हुई, शादी की शॉपिंग कैसे हुई, सुहागरात में क्या हुआ, और मैंने दो पतियों को कैसे मैनेज किया, ये सब आपको मेरी अगली कहानी में पता चलेगा। आपका क्या ख्याल है, क्या मुझे हर्ष के साथ शादी करनी चाहिए?
Can you finish the all story I am excited to see👀 and read
Next Part ..?