मेरे इस दोस्त का नाम राहुल है। हम दोनों पक्के दोस्त हैं। जैसे ही हम दोनों उसके घर पहुंचे तो राहुल ने दरवाजे की घंटी बजाई। कुछ पल बाद उसके घर का दरवाजा खुला तो मेरा माथा ठनक गया।
मेरे सामने उसकी बहन चुस्त टीशर्ट और शॉर्ट्स में क्या मस्त लग रही थी। टीशर्ट इतनी टाइट थी कि उसके बड़े चूचे साफ तने हुए दिख रहे थे और बीच की दरार गहरी लाइन बना रही थी। शॉर्ट्स ऊपर चढ़े हुए थे और उसकी गोरी जांघें चमक रही थीं। मैं आज तक उसे इस तरह के कपड़ों में नहीं देखा था।
आज तक मैंने उसको देखकर अपने मन में कभी कुछ गलत ख्याल नहीं लाया था क्योंकि वो जब भी मुझे दिखती थी तो एक साधारण सा सलवार सूट पहनी हुई दिखाई देती थी। उसका चेहरा सांवला और आंखें बड़ी हिरनी जैसी थीं लेकिन कपड़े ढीले होने से बदन का आकार छुपा रहता था। अभी वो दो साल बाद बाहर अपने मामा के घर रहकर वापस आई थी तो कुछ अलग ही माल बनकर आई थी।
उसके कपड़े पहनने का सलीका भी बदल गया था। अब वो कमर तक टाइट कपड़े पहनती और बाल खुले छोड़ देती। उसकी चाल में भी नखरा आ गया था और शरीर गदराया हुआ लग रहा था।
उसका नाम जिनल था, वो एक सांवली सी लड़की थी। उसके बड़े बड़े चूचे, गदराया बदन और हिरनी सी आंखें थीं। उसका फिगर 34-30-36 का हो गया था।
आज मैं कह सकता हूं कि उसके इस हुस्न को देखकर किसी का भी लंड खड़ा हो जाएगा। उसके सांवले रंग पर टाइट टीशर्ट चिपकी हुई थी और चूचों का भारी वजन साफ महसूस हो रहा था। गदराया पेट और चौड़ी कमर देखकर मन में हलचल मच गई।
उसको देखकर मेरा मन भी किया कि अभी उसके कपड़े फाड़कर चूचे मुंह में भर लूं और साली को चोद दूं। टीशर्ट के नीचे निप्पल के निशान हल्के दिख रहे थे और शॉर्ट्स में जांघें मोटी लग रही थीं। मैं उसके बदन को घूरता रहा और लंड पैंट में कस गया।
तभी जिनल की आवाज आई। उसने मेरा वेलकम किया और मुझे देखकर मुस्कुरा दी। उसकी मुस्कान में नखरा था और होंठ गीले लग रहे थे। उसकी और मेरी आंखें एक दूसरे को ही देख रही थीं। मैं उसकी आंखों में खो गया और उसने भी मेरी नजर को टालने की कोशिश नहीं की।
तभी उसने कहा कहां खो गए भैया। मैंने कहा कुछ नहीं तुझे काफी दिनों बाद देखा तो बस हैरान हो गया था। मेरी आवाज थोड़ी फंसी हुई निकली क्योंकि बदन अभी भी उसके हुस्न में अटका था। वो हंसती हुई अंदर चली गई और हम दोनों राहुल के कमरे में पढ़ाई करने आ गए।
मेरे मन में अपने दोस्त की बहन की जवानी घर कर गई थी।
अब मैं हर रोज ऐसे ही कुछ न कुछ बहाने राहुल के घर जाने लगा था और उसकी बड़े चूचे वाली बहन को देखकर उसको आंखों से चोद लेता।
मैं जानबूझकर किताबें या नोट्स का बहाना बनाता और शाम को उसके घर पहुंच जाता। जिनल अक्सर हॉल में बैठी होती और टाइट टीशर्ट में उसके भारी चूचे हिलते नजर आते। मैं दूर से उसकी छाती की दरार और मोटे निप्पल के निशान घूरता रहता और मन ही मन उसकी चूत में लंड घुसाकर चोदने की कल्पना करता।
जैसे जैसे समय बीतता गया हम दोनों में बातें होने लगीं। हम दोनों अब अच्छे दोस्त बन गए। हमारे बीच बातें ज्यादा होने लगीं।
धीरे धीरे व्हाट्सएप में हमारी मजाक वाली बातें होने लगीं। हाय हैलो के अलावा मैं उसको गंदे चुटकुले भी भेज देता और उसके जवाब पर चुंबन के इमोजी भेज देता। वो भी इस सबका बुरा नहीं मानती और रिप्लाई भी नार्मल दे देती, चुंबन की इमोजी पर स्माइल कर देती।
मैं हर रोज उसके नाम की मुठ मार लेता उसको देखकर मन करता था कि साली को पकड़कर रगड़ के चोदूं। टाइट टाइट टीशर्ट पहनकर मेरे सामने आती और मेरा लंड खड़ा हो जाता। कभी कभी उसका भी ध्यान मेरे फूले लंड पर जाता था मगर साली इग्नोर कर देती थी।
फिर एक दिन मेरे दोस्त का मैसेज आया अर्जुन मुझे तुझसे काम है। मैं हां बोलो न क्या काम है।
राहुल मेरी बहन का परसों मैथ्स का पेपर है तू उसकी तैयारी करवा दे। आगे उसके कंपटीशन भी हैं तो तू उसको रोज पढ़ा दिया कर। ये सुनकर मेरे मन में तो जैसे लड्डू फूटने लगे थे।
मैंने झट से हां कह दी। राहुल ने कहा शनिवार शाम को 7 बजे तू घर आ जाना। फिर वो दिन आ गया। मैं अच्छे से तैयार होकर गया।
मैंने नीचे जानबूझकर अंडरवियर नहीं पहना था ताकि उसे मेरा फूला लंड कुछ ज्यादा समझ आ जाए। पैंट के अंदर लंड खुला था और चलते समय वह रगड़ खाकर और भी सख्त हो गया। मैं उसकी बहन के लिए अपने साथ चॉकलेट्स लेकर गया था।
मैंने जैसे ही दरवाजे को नॉक किया तुरंत उसकी हॉट बहन ने दरवाजा खोला। साली रंडी क्या मस्त लग रही थी। एकदम टाइट सफेद टीशर्ट और शॉर्ट्स पहनी थी। उसकी सफेद टीशर्ट में उसके बड़े बड़े चूचे साफ तने हुए दिख रहे थे।
लग रहा था कि साली ने ब्रा ही नहीं पहनी थी। निप्पल के गोल निशान कपड़े से बाहर उभर रहे थे और चूचों का भारी वजन नीचे की ओर खींच रहा था। जिनल हैलो सर। एक कातिलाना स्माइल देते हुए उसने मुझे सर कहकर मजाक किया तो बस मेरा मन उफ्फ करके तड़फ गया।
मैंने उसके दूध देखते हुए आंख दबा दी और कहा हाय माय क्यूट स्टूडेंट। उसकी टाइट टीशर्ट में भारी चूचे इतने पास थे कि मैं नजर हटा ही नहीं पा रहा था।
जिनल क्या बात है मेरे अर्जुन सर आज कुछ ज्यादा ही हैंडसम लग रहे हो। किसी को पटाने के इरादा है क्या। मैं फिलहाल तो एक ही है जिसे पढ़ाने आया हूं। मैंने हॉटी शब्द काटते हुए कहा।
जिनल अर्जुन जी अंदर तो आइए मेरा भी आपसे मिलने का बहुत मन कर रहा था। फिर हम दोनों अंदर आ गए। उसकी मम्मी अंदर बेडरूम में सो रही थीं और उसका भाई दूसरे रूम में लैपटॉप पर काम कर रहा था।
हम दोनों हॉल में सोफे पर बैठ गए। जिनल मेरे सामने एक कुर्सी खींचकर बैठ गई। साली जैसे ही झुकी उफ्फ रंडी के आधे चूचे और बीच की दरार वाली लाइन दिख गई।
उसे देखकर लंड ने आंदोलन शुरू कर दिया। उसकी दूधिया घाटी देखकर किसी का भी लंड खड़ा हो जाए ऐसी मस्त दरार थी। गहरी दरार में पसीने की हल्की चमक थी और चूचों का नरम वजन कपड़े को खींच रहा था। मेरा ध्यान उस जगह पर ही टिक गया।
जिनल क्या हुआ सर कहां खो गए। मैं उसके चूचों पर से नजर हटाते हुए बोला कहीं नहीं बस ऐसे ही। तभी जिनल ने एक धमाका किया। मुझे उम्मीद ही नहीं थी कि वो ऐसा कहेगी।
वो मेरी आंखों में झांकती हुई बोली डरते क्यों हो बता ना साले भड़वे मेरे चूचे देख रहा था ना बोल ना।
उसके मुंह से ऐसी भाषा सुनकर मैं हैरान रह गया कि साली को पढ़ाई करने का मन नहीं है कुतिया मेरा लंड लेने के लिए तड़प रही है पहले से ही साली में गर्मी बढ़ी हुई है।
उसे मुझसे ऐसा कहा और अपनी शर्ट का एक बटन खोल दिया। आह मेरे सामने उसके मस्त रसीले दूध क्या दिख रहे थे। भारी चूचों के ऊपर का नरम हिस्सा खुला था और सांवली त्वचा पर हल्की चमक थी।
मेरा लंड एकदम टाइट होने लगा था। पैंट के अंदर वह फड़कने लगा और गर्मी ऊपर चढ़ गई। मैंने कहा अरे मेरी जान तुझे तो पहले दिन से ही रगड़कर चोदने का दिल कर रहा है। मैं तेरे इन रसीले चूचों को मसलकर चूसना चाहता हूं।
जिनल तो साले रंडीबाज किसने रोका है ले पी ले इसीलिए तो ब्रा नहीं पहनी ताकि तुझे दिखाकर चुसवा सकूं। बस वो साली इतना कहकर मेरी गोद में आकर बैठ गई और मेरा मुंह अपने मम्मों के अंदर दबा दिया।
इस्स आंह। साली की महक ने मेरा दिन बना दिया था बहनचोद रंडी कितनी अच्छी खुशबू लगाए हुई थी। गर्म शरीर की मीठी गंध नाक में भर गई और चूचों का नरम वजन मेरे चेहरे पर दबा।
मैं अपनी नाक से उसके मम्मों को रगड़कर बस सूंघता ही रहा। फिर पूरी जीभ निकालकर दूध चाटने लगा।
वो भी कम न थी। साली मादरचोदी ने अपना हाथ मेरे कड़क हो चुके लंड पर रख दिया और पैंट के ऊपर से ही जोर जोर से दबाने लगी।
उसकी उंगलियां पैंट के कपड़े से लंड की लंबाई और मोटाई को महसूस कर रही थीं और बार बार ऊपर नीचे घिस रही थीं। हम दोनों खो गए इस हवस की आग में भूल गए थे कि मेरा दोस्त और उसकी मम्मी घर पर ही हैं।
वो मेरी गोदी में बैठी थी और मैं उसके मम्मों को जोर जोर से दबा रहा था। नरम चूचों को हथेलियों में भरकर मसल रहा था और निप्पल उंगलियों से खींच रहा था। वो भी मेरा लंड मेरी पैंट में से ही दबा रही थी।
जिनल धीरे धीरे बोल रही थी आंह इस्स आह आ मेरी जान साले भड़वे मेरे चूचे निकालकर चूस बहुत तंग कर रहे हैं इतने बड़े बड़े हो गए हैं और कोई मादरचोद इन्हें चूसने वाला ही नहीं है। आह साले चूस ले आज मैं तेरी रांड हूं खोल के खा ले भोसड़ी के।
ये सुनकर मैंने तुरंत उसकी शर्ट के बटन खोल दिए और उसके नंगे हो चुके दोनों मम्मों को चूसने लगा जोर जोर से दबाने लगा। काले निप्पल मुंह में लेकर जोर से चूसा और जीभ से घुमाया। वो भी मेरे लंड को जोर जोर से दबाने लगी।
उस साली के काले निप्पल वाले चूचे कितना मस्त सॉफ्ट मोटे थे मजा आ गया। फिर उसने मेरी जिप खोली और मेरा काला बड़ा लंड देखकर दंग रह गई।
जिनल डार्लिंग मेरे चोदू तेरा ये लौड़ा मेरी मां चोद देगा इतना बड़ा लंड कैसे अंदर जाएगा मुझे दर्द होगा जान।
मैं मेरी जान मैं हूं न ले चूस पहले अच्छे से इसको साली छिनाल ले मुंह में और पूरा अंदर डालकर चूस।
साली ने एक मिनट की देर नहीं लगाई। मेरे लंड चूसने की कहते ही किसी प्रोफेशनल रंडी की तरह मुंह में लंड लेकर चूसने लगी।
गु गु गुंग। उसके मुंह में से आवाज निकल रही थी साली पूरा लंड मुंह में लेकर चूस रही थी। गीली जीभ लंड के चारों ओर घूम रही थी और होंठ कसकर खींच रही थीं।
मैं भी इसके मुंह को चोदे जा रहा था आहह आह यस यस साली रंडी आह ले भैन की लौड़ी और अंदर लेकर चूस साली। मैं उसके बाल पकड़कर अंदर तक चोद रहा था उसकी आंखें लाल हो गई थीं।
फिर भी मैं उसका मुंह चोदे जा रहा था। गले तक लंड घुसा रहा था और उसके मुंह से लार टपक रही थी। बड़ा मजा आ रहा था मगर उसी पल साली किस्मत ही गांडू निकली।
उसकी मम्मी की जोर से आवाज आई जिनल। आवाज सुनकर हम दोनों डर गए और उसने मेरे लंड को मुंह से निकाल दिया।
झट से कपड़े ठीक करके वो जल्दी से मम्मी के बेडरूम में चली गई। मेरा लंड ऐसे ही रह गया बिना पानी निकाले मुरझा गया।
फिर मैंने घर जाकर उसके नाम की 3 बार मुठ मारी तब जाकर राहत मिली।
अब ऐसे ही रोज होने लगा था। ऊपर ऊपर से मैं उसके चूचे चूसता और वो मेरा लंड चूसकर मुझे शांत कर देती।
जब भी मौका मिलता हॉल में या कमरे के कोने में हम जल्दी से एक दूसरे के कपड़े खोल लेते। मैं उसके भारी मम्मों को मुंह में भरकर चूसता और वो पैंट के अंदर हाथ डालकर लंड को जोर से दबाती और मुंह में लेकर चूसती।
ऐसे ही हम चैट्स में कॉल्स में एक दूसरे शांत करते पर अब दोनों की हवस इतनी बढ़ गई थी कि बस चुदाई का मौका मिलने की जुगाड़ में थे। रात को फोन पर गंदी बातें करके मुठ मारते और दिन में चूसने तक सीमित रहते।
कहते हैं न कि इंतजार का फल मीठा होता है। ऐसे ही एक दिन मेरे दोस्त का फोन आया सुन यार मैं 2 दिन के लिए अपनी मम्मी के साथ बाहर जा रहा हूं। तू मेरी बहन का ध्यान रखना।
मेरी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। मैंने तुरंत अपनी जान को कॉल किया और उसे बताया कि तैयार रहना आज तेरी सुहागरात है।
जिनल मैं भी कब से तैयार हूं आपके लंड के लिए मेरे राजा जल्दी आना। उसी दिन शाम को मेरे दोस्त की ट्रेन थी और मैं ही उसे आंटी के साथ छोड़ने के लिए गया था।
जैसे ही उसे ट्रेन में बिठाकर बाहर आया तो तुरंत एक मेडिकल शॉप पर रुक गया। मैंने सोचा कंडोम ले लूं लेकिन फिर याद आया कि जिनल शायद कुंवारी है या बहुत कम बार चुदी है। उसकी चूत बहुत टाइट होगी और कंडोम पहनने से दर्द और ज्यादा हो सकता है। इसलिए मैंने गर्भनिरोधक गोलियां ले लीं ताकि बिना किसी रुकावट के उसका पूरा मजा ले सकूं। अपनी रांड को चोदने उसके घर चला गया।
दरवाजे की घंटी बजाने पर जैसे ही उसने दरवाजा खोला मेरी आंखें फटी की फटी रह गईं। साली ने जांघों तक आने वाली एक वन पीस वाली नाइटी पहनी थी।
क्या लग रही थी उसमें भी बाल खुले डीप क्लीवेज इस्स उफ्फ बहुत हॉट लग रही थी। नाइटी के पतले कपड़े से उसके भारी चूचों का आकार और गहरा क्लीवेज साफ दिख रहा था। बाल खुले होने से चेहरे पर गिर रहे थे और होंठ चमक रहे थे।
मैं तो उसे देखकर दंग रह गया। उसके हुस्न के जादू में खो सा गया। उसने मुझे हाथ से पकड़कर अंदर खींचा और ये कहकर अंदर ले गई दरवाजे पर ही चोद देगा क्या।
मैंने भी दरवाजा बंद किया और हम दोनों एक दूसरे पर टूट पड़े। उसके कपड़े फाड़कर उसको दीवार के सहारे टिकाया और उसके हाथ पकड़कर सब जगह उसको किस करने लगा।
साली रंडी की गर्दन पर बाईट करते हुए मैंने उसकी बगलों से आती मादक महक को सूंघा और चाटना शुरू कर दिया। आंह कितना मजा आ रहा था। गर्म त्वचा की मीठी गंध नाक में भर गई और जीभ से चाटने पर नमकीन स्वाद आया।
फिर मैं उसके मम्मों को जोर जोर से दबाकर चूसने लगा उसके निप्पलों को काटने लगा। मेरे दोस्त की बहन आह कितनी सॉफ्ट थी रंडी मजा आ गया। उसके चूचे इतना सॉफ्ट और बड़े थे कि कोई भी देखकर दबाकर चूसना चाहेगा।
फिर धीरे धीरे उसके पेट के नाभि को किस किया चाट लिया। सच में बड़ा मजा आ रहा था। फिर मैंने उसकी पैंटी को सूंघा क्या महक थी मजा आ गया।
साली ने आज अपनी जवानी की महक से भिगो रखा था। मैं पैंटी के ऊपर से ही लग गया। अपना मुंह उसकी चूत में दबा रहा था और वो पागल हुई जा रही थी।
पतली पैंटी के कपड़े से चूत की गर्मी और गीलापन महसूस हो रहा था। मैं नाक और मुंह से जोर से रगड़ रहा था और सूंघ रहा था। वो मुझे अपने हाथों से समेटे हुए गंदी गंदी गालियां दिए जा रही थी आंह भोसड़ी के चोद दे अब नहीं रहा जा रहा मादरचोद तेरी मां की चूत पेल दे अपने बड़े लंड को आआआ।
मैंने उसको गोद में उठाया और उसके बेडरूम में ले जाकर बिस्तर पर धकेल दिया। फिर उसकी पैंटी फाड़कर पूरी जीभ चुत में डाल दी और चुत चाटने लगा चूसने लगा।
चूत के होंठ खोलकर जीभ अंदर घुसाई और रस चाटने लगा। नमकीन मीठा स्वाद मुंह में भर गया और वह कराहती रही। वो मेरा सर अपने पैरों के बीच में दबाकर चुत चुसवाने लगी आंह मेरी जान मेरे भड़वे चूस ले आंह बहुत परेशान करती है साली आज फाड़ दे इसे तू जो बोलेगा वो करूंगी तेरी रंडी बन जाऊंगी आह चोद दे मेरे राजा।
मैंने तुरंत 69 में आकर मेरा लंड उसके मुंह में डाल दिया वो जोर जोर से चूसने लगी। आह चूस रंडी चूस। आज मुझको इतना मजा आ रहा था कि मैं सोच भी नहीं सकता था।
फिर वो बेड पर सीधी हो गई और उसने अपने दोनों पैर खोल दिए। मैंने उसकी चूत पर लंड सैट किया और धीरे धीरे लंड अंदर डाला।
लंड लेते ही वो दर्द के मारे चिल्लाने लगी मुझे रोकने लगी छोड़ दे नहीं चुदवाना मुझे दर्द हो रहा है रुक जा कमीने। चूत बहुत टाइट थी और लंड का सिरा अंदर जाते ही उसने कमर हिलाकर रोकने की कोशिश की।
मैंने सोचा था कि वो कुंवारी हो सकती है और सच में चूत इतनी तंग थी कि लंड अंदर धकेलना मुश्किल हो रहा था। थोड़ा खून भी निकल आया और चूत के होंठों पर लाल दाग लग गए।
मैं थोड़ा रुक गया। अब मैं उसके बूब्स चूसने लगा और अपने लंड को वहीं रोक दिया। नरम मम्मों को मुंह में भरकर चूसा और निप्पल जीभ से घुमाए। मैं धीरे धीरे उसको सहलाने लगा उसके लिप्स पर किस करने लगा। आखिर वो शांत हो गई। जैसे ही वो शांत हुई मैंने फिर से जोर लगाकर शॉट मारा और अपना पूरा लंड पेल दिया।
लंड उसकी चूत चीरते हुए अंदर घुस गया। उसकी चीख कुछ ज्यादा ही तेज निकल गई थी। वो रोने लगी थी। जिनल साले रंडी की औलाद फाड़ दी मेरी चूत मार डाला तूने। वो बेहोश होने लगी। मैंने लंड चुत के अंदर ही रखा और उसको किस करने लगा। उसके मम्मों को चूसा।
निप्पलों को चूसा। हल्के हल्के से खींचकर उसे चुत के दर्द से निजात दिलाने की कोशिश की। कुछ देर बाद वो सामान्य अवस्था में आ गई।
ऐसे ही उसे प्यार करता हुआ मैं धीरे धीरे फिर से लंड को अंदर बाहर करता गया। अब उसको भी मजा आने लगा उम्म आआह इस्स उसकी आवाज आ रही थी।
लंड की हर हलचल पर चूत सिकुड़ रही थी और गीला रस बह रहा था। मैं कैसा लग रहा है मेरी जान बोल ना अह।
जिनल अब मजा आ रहा है चोद दे जोर से चोद आह फक मी मेरे भड़वे चोद दे जोर से बना ले अपनी रखैल आह इतना मजा कभी नहीं आया चोद साले बहनचोद।
मैं आह ये ले मैं जोर जोर से चोद रहा हूं। मुझको इतना मजा किसी को चोदकर नहीं आया। आह रंडी साली रात दिन चोदूंगा आह ये ले साली छिनाल आआह।
जिनल को मैंने घोड़ी बनने के लिए कहा वो तुरंत कुतिया बन गई।
उसकी गांड उफ्फ बड़ी और मोटी मेरे सामने हिल रही थी। मैंने जोर से थप्पड़ मारते हुए उसकी चूत में लंड जोर से डाल दिया।
गांड की चर्बी हिल रही थी और हर थप्पड़ पर वह और पीछे को धकेल रही थी। वो जोर जोर से चुदवाने के लिए चिल्लाने लगी आह साले पेल दे मजा आ रहा है और चोद साले भड़वे चोद दे आज मुझे।
मैं जोर जोर से चोद रहा था। पूरे रूम में चुदाई की आवाजें आ रही थीं। गीली चूत की चप-चप आवाज और उसकी कराहें गूंज रही थीं। ऐसे ही उसको मैंने बीस मिनट तक चोदा।
इस चुदाई में वो दो बार झड़ गई। पहली बार कमर कांपकर और दूसरी बार पूरी तरह सिहरकर। मैंने झड़ने के समय उससे पूछा मैं कहां निकालूं।
उसने कहा अंदर ही डाल दे मुझे महसूस करना है मां बना दे अपने बच्चे की आह बहुत मजा आ गया। फिर दो दिन तक हम दोनों ने दिन रात बस चुदाई की।
बिस्तर पर, सोफे पर और दीवार पर अलग अलग पोजीशन में चोदते रहे। फिर जब भी मौका मिलता हम दोनों एक दूसरे की हवस मिटा लेते।
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