दीदी की फ्रेश चूत के लिए बम्बू बना मेरा लंड 3

चुत चुदाई के सभी खिलाड़ियों को मेरा प्रणाम। मैं रोहित 24साल का नौजवान लोंडा हूं। मेरा लण्ड 6 इंच लंबा है जो किसी भी चुत की गहराई में उतर कर उसे अच्छी तरह से नाप सकता है। मेरे लण्ड को अक्सर अनुभवी औरते बहुत ज्यादा पसंद है। चाहे वो भाभी, चाची या आँटी कोई भी हो, सब लंड को भरपूर मज़ा देती है। मौका मिलने पर मैं मस्त नई नवेली कलियों को भी चोद लेता हूँ। Sis Doggy Position Sex

उस टाइम मैं 19 साल का था और कॉलेज में पढ़ रहा था। अब मेरे लण्ड को चूत की ज़रूरत महसूस होने लगी थी। वो मुझसे चूत मांगने लगा था लेकिन मेरे लण्ड को चूत नहीं मिल रही थी। फिर मेरी वैशाली दीदी को मैंने सेट् कर लिया और मैने दीदी की चूत की सील तोड़ दी। मैंने मेरी पिछली कहानी ”दीदी की फ्रेश चूत के लिए बम्बू बना मेरा लन्ड 2” मे आपको बताया था कि कैसे वैशाली दीदी मेरे लंड के नीचे आई।

मेरी वैशाली दीदी मेरी कजिन सिस्टर है। वो लगभग 24 साल की एकदम बिंदास माल है। दीदी की छलकती जवानी, टाइट बूब्स और मस्त सेक्सी गाँड़, ऊंची हाइट किसी के लण्ड में भी आग लगा दे। दीदी के मस्त बड़े बड़े टाइट बूब्स लगभग 32 साइज के है।

मैंने दीदी के बोबो को खूब चूसा था। दीदी की मस्त सेक्सी कमर लगभग 30 साइज की है और कमर के नीचे दीदी की मस्त सेक्सी गाँड़ लगभग 32 साइज की है। पहली बार मे ही मैंने दीदी की चुत् के साथ उनकी गांड की भी सील तोड़ दी थी।

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एकबार दीदी को बजाने के बाद मेरा लंड फिर से दीदी की चूत लेना चाहता था लेकिन जॉइंट फेमेली होने के कारण मुझे दीदी को बजाने का मौका नही मिल रहा था। मै दीदी को हवस भरी नज़रो से ताड़ रहा था। दीदी मेरे लंड की प्यास् को अच्छे से समझ रही थी लेकिन वो कुछ कहने को तैयार नही हो रही थी।

मै दीदी को बजाने के लिए बहुत उतावला हो रहा था। अब एक दिन रात् मे दीदी छत पर टहल रही थी। दीदी के साथ उनकी मम्मी भी थी। अब मै भी छत पर आ गया और दीदी के साथ टहलने लगा। हम तीनो आपस के बातें कर रहे थे। मेरी नजर दीदी पर थी और दीदी भी इस बात को अच्छे से समझ रही थी। तभी थोड़ी देर बाद दीदी की मम्मी नीचे चली गई। अब छत पर मै और दीदी ही थी। तभी मैंने मौका देखकर दीदी की गांड पर चपेड् मार दी।

“आईई सिसस्। रोहित क्या कर रहा है यार कोई देख लेगा?”

“कोई नही देखेगा दीदी। थोड़ी तो आपकी गांड बजाने दो। आह्म क्या मस्त गांड है आह्ह।”

“बजा तो ली तूने उस दिन्। अब और क्या चाहिए।”

“दीदी एकबार बजाने से मन नही भरा। मुझे फिर से आपकी गांड और चुत् चाहिए।”

तभी मैंने दीदी की गांड पर फिर से दो तीन चपेड मार दी।

“रोहित यार अब कोई मौका नही है। और तू ऐसे मत किया कर। किसी दिन् मम्मी ने देख लिया तो शक हो जाएगा।”

“तो फिर दीदी। कोई जुगाड़ भिड़ाओ ना। मुझे आपको बजाने की बहुत इच्छा हो रही है।”

“यार रोहित अभी कोई जुगाड़ नही है।”

“दीदी आप कोशिश करो तो जुगाड़ हो सकता है।”

“नही रोहित। कोई रिस्क् नही लेनी है। जिस दिन मौका मिलेगा तब जो करना है कर लेना।”

“मौका तो पता नही दीदी कब मिलेगा।”

“थोड़ा सब्र कर यार।”

मस्त हिंदी सेक्स स्टोरी : 

अब दीदी नीचे चली गई और मैं लँड पकड़ता ही रह गया। ऐसे ही इंतज़ार करते करते दो चार दिन निकल गए लेकिन दीदी को बजाने का मौका नही मिला। अब एक दिन मम्मी और दादी शाम को मार्केट गई हुई थी। घर पर सिर्फ चाची और बच्चे थे।

दीदी ऊपर वाले रूम मे थी। तभी मौका देखकर मेरा लंड फडक उठा। अब मैं तुरंत दीदी के रूम् मे चला गया। दीदी पढ़ाई कर रही थी। अब मैंने तुरंत गेट बंद कर दिया और झट से दीदी को बेड से मेरी तरह खीच लिया। तभी डर के मारे दीदी की गांड फटने लगी।

“रोहित क्या कर रहा है यार। मम्मी देख लेगी।”

“मम्मी तो नीचे है।”

तभी मैंने दीदी के गुलाबी होंठो पर मेरे होंठो को रख दिया और दीदी को बाँहों मे कस्कर उनके होंठो को खाने लगा। दीदी खुद को मुझसे दूर हटाने की कोशिश कर रही थी लेकिन मैंने दीदी को अच्छी तरह से कस लिया था। अब मैं दीदी के होठो को खाने के साथ ही उनकी मदमस्त गांड को भी मसलने लगा।

इधर मेरा लंड दीदी की चुत फाड़ने के लिए तैयार हो चुका था। दीदी भी थोड़ी देर मे ही गर्म हो चुकी थी। तभी मैंने दीदी की टशीर्ट खोल फेंकी। अब दीदी भी गर्म होकर मेरे होंठो को बुरी तरह से चूसने लगी। दीदी की चूत मे भी अब आग भड़क चुकी थी। तभी मैंने दीदी को तुरंत बेड पर पटक दिया और मैं उनका पजामा भी खोलने लगा। तभी दीदी ने पजामा पकड़ लिया।

“रोहित यार मम्मी आ जाएगी।”

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“नही आएगी मम्मी।”

“नही यार। मत कर।”

“दीदी अब मैं नही रुक सकता। जल्दी से डालने दो।”

तभी मैंने दीदी का पैजामा खोल फेंका। अब मैने मेरा लंड बाहर निकाल लिया और दीदी की चड्डी खोलकर उनकी चूत मे लंड सेट कर दिया। अब मैंने दीदी की चूत मे लंड पेल दिया।

“आईई मम्मी मर गईई। आईई।”

अब मैं दीदी को झमाझम बजाने लगा। दीदी की चूत मे मेरे लंड को बहुत ठंडक मिल रही थी। मै दीदी को बाँहों मे कसकर चोद रहा था। तभी दीदी की दर्द भरी चीखे निकलने लगी।”आह्हा ओह्ह्ह् आईई आहह आईई।” मै जमकर दीदी को चोद् रहा था। दीदी थोड़ी देर मे ही मेरे लंड के झटको से पसीने पसीने होने लगी थी। मै दीदी की जमकर ले रहा था। “Sis Doggy Position Sex”

“आईई आईई ओह्ह्ह रोहित आह्हा आह्म उन्ह आह्म।”तभी दीदी का पानी निकल गया। अब मेरा लंड दीदी की चूत मे भीग गया। तभी चाची की आवाज आई।

“वैशाली, जरा नीचे आना।”

“आईई मम्मी।”

तभी दीदी ने मुझे धक्का दिया और झट से खड़ी हो गई। साला ये मेरे लंड के लिए बहुत बड़ा झटका था। अभी मेरा लंड दीदी की चूत मे पूरा भीगा भी नही था कि चाची ने बीच मे ही खलल डाल दिया। अब दीदी ने फटाफट से पजामा और टीशर्ट पहन ली।

अब दीदी तुरंत नीचे चली गई। अब् मैं लंड मसलता ही रह गया। फिर कपड़े पहनकर मैं भी नीचे आ गया। देखा तो दीदी चाची की खाना बनाने मे हेल्प करा रही थी। दीदी आराम से चाची के साथ किचन मे काम कर रही थी। दीदी को देख कर लग ही नही रहा था कि वो थोड़ी देर पहले मेरा लँड ले रही थी। फिर रात् को छत पर वापस दीदी से मेरी बात हुई।

“आज तो रोहित तूने मरवा दिया होता।”

“अब क्या करूँ दीदी। लंड ही बहुत प्यासा है।”

“वो सब ठीक है। मै तुझे तेरी प्यास बुझाने के लिए मना नही कर रही हूँ लेकिन थोड़ा अच्छा मौका मिलने दे।”

“दीदी आपकी बात सही है लेकिन मुझसे इंतजार नही हो रहा है।”

“थोड़ा इंतज़ार तो कर यार।”

फिर हम दोनो नीचे आ गए। दीदी को अच्छे से बजाने का इंतज़ार बढ़ता जा रहा था। अब एक दिन दोपहर मे मैं स्टैडी करने का बहाना बनाकर दीदी के पास चला गया। दीदी भी स्टेड़ी कर रही थी। घर के बाकी सबलोग सो रहे थे। तभी मौका देखकर मै दीदी को बजाने की सोचने लगा। “Sis Doggy Position Sex”

“दीदी सभी सो रहे है आज तो।”

“तो, क्या करे?”

“वो ही करे जो करना चाहिए।”

“रोहित तुझे जिस दिन का पता है ना यार। मम्मी आ गई थी। बड़ी मुश्किल से उस दिन बची थी। अब आज फिर से नही।”

“अरे दीदी रोज ऐसा नही होता है।”

“नही यार। रोहित रिस्क बिल्कल भी नही।”

दीदी को चुदाने मे बहुत डर लग रहा था लेकिन दीदी को बजाने के लिए मेर लंड फडक रहा था। तभी मैंने मौका देखा और चौका लगाने की ठान ली। तभी मैंने दीदी को मेरी तरफ खीचा और उन्हे बेड पर पटक कर दीदी पर चढ़ गया। तभी दीदी की ड़र् के मारे गांड फटने लगी।”रोहित मम्मी………..

तभी मै ताबड़तोड़ दीदी के मस्त पंखुड़ी जैसे होंठो को चूसने लगा। दीदी मुझे उनके ऊपर से हटाने की कोशिश कर रही थी लेकिन मैंने दीदी को अच्छी तरह से दबोच रखा था। मै भूखे शेर की तरह दीदी के होंठो को चुस् रहा था। तभी दीदी भी मेरे होंठो को खाने लगी। अब माहौल गर्म हो चुका था। तभी मैंने दीदी की टीशीर्ट खोल फेंकी। तभी दीदी मुँह बिगाडकार बोली ”रोहित यार…………

अब मै दीदी के बोबो पर टूट पड़ा और झमाझम उन्हे मसलने। लगा। तभी दीदी दर्द के मारे उछलने लगी।

“आह्हा उन्ह ओह्ह्ह् सिसस आह्हा। आराम से दबा रोहित आह्हा आईई उँह सिसस्।”

“आह्हा क्या मस्त कड़क बोबे है दीदी आपके आह्हा। ऊँह दबाने दो दीदी।”

तभी दीदी कुछ नही कह पाई। मै दीदी के बोबो को बुरी तरह से निचोड़ रहा था। दर्द के मारे दीदी की गांड फट रही थी।

“आईई ओह्ह्ह्ह् सियस। आईई मम्मी।”

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फिर मैंने थोड़ी मे ही दीदी के बोबो को बुरी तरह से निचोड़ डाला। अब मैं नीचे सरका और दीदी का पजामा खोलने लगा तभी दीदी फिर से डरने लगी।

“रोहित यार मम्मी आ जाएगी।”

“नहीं आयेगी मम्मी। डालने दो यार जल्दी से।”

“यार मुझे बहुत डर लग रहा है।”

“अरे यार दीदी एक तो आप बहुत डरती हो।”

तभी मैने दीदी का पजामा और पेंटी एकसाथ खोल फेंका। अब दीदी उनके पाजामे को देखती ही रह गई। तभी मैने मेरा मस्त हथियार बाहर निकाल लिया और दीदी की चिकनी चूत पर घिसने लगा। अब मैंने दीदी की टाँगे उठाकर कंधों पर रख ली और लण्ड को दीदी की चूत में सेट कर दिया। अब मेंने ज़ोर का झटका दिया मेरा लण्ड दन दनाता हुआ दीदी की को फाड़ता हुआ उसकी जड़ तक जा पहुँचा।

“आईईईईई मम्म्मी।मर्रर्रर्रर्र गईईईई। सिसस्ससस्स आह्ह”

एक ही झटके में मेरा लण्ड दीदी की चूत की गहराई में डूब चूका था। अब मै दीदी को झमाझम चोदने लगा। मेरा लण्ड दीदी की चूत के परखच्चे उड़ा रहा था। मेरे लंड के झटको से दीदी के बोबे उछल रहे थे। दीदी को चोदने में मुझे बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा था। दीदी दर्द से करहा रही थी। “Sis Doggy Position Sex”

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“आह्ह आह्ह सिसस्स आह्ह ओह आहा आह्ह आह्ह ओह मम्मी मर्रर्रर्रर्र गैईईईई। ओह साले । धीरेरेरे,,,, धिरेरेरे।”

“साली आज तो मै तेरी चूत फाड़ दुंगा। आह्ह बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा है तुझे बजाने में।आह्ह।”

“आराम से चोद साले। आह्ह आहह ओह्ह्ह्।”

“मै तो ऐसे ही बजाऊंगा साली।”

दीदी बहुत बुरी तरह से ठुक रही थी। दीदी को चोदने में मुझे आज अलग ही जोश चढ़ा हुआ था। मेरा लण्ड दीदी में जमकर घमासान मचा रहा था। ताबड़तोड़ ठुकाई से दीदी का पानी निकल गया और दीदी पसीने से भीग गई।

“आह्ह आह्ह ओह साले हारामी। आह्ह आह्ह सिससस्स ओह आह्ह आह्ह।”

अब मेरे लण्ड का हर एक झटका दीदी को जमकर मज़ा दे रहा था। वो बुरी तरह से पानी पानी हो चुकी थी।

“ओह साले म आह्ह बहुत मज़ा आ रहा है। आह्ह तेरा लण्ड तो कमाल का है। आह्ह ज़ोर ज़ोर से चोद मुझे। आह्ह।”

“हां साली आज तो तेरी खैर नहीं। ले साली।”

तभी मेने फिर से दीदी को बजाने की स्पीड बढ़ा दी। अब फूल स्पीड में दीदी को बजा रहा था। दीदी अब दर्द भूलकर मस्ती में डूब चुकी थी।

“आईईईई आईईईई सिससस्स आह्ह आह्ह सिसस्ससस्स आह्ह उन्ह ओह आह्ह आह्ह। ओह मज़ा आ रहा है आह्ह आह्ह चोद मुझे आह्ह आह्ह ज़ोर ज़ोर से…….. फक्कक् मी वेरी फ़्फ़्फ़स्ट आह्हा ओह्ह्ह् फक्कक् ओह्ह्ह्।”

“एसस् बेब्बी फक्क यू आह्ह आह्म ओह्ह्ह्।”

“ओह्ह्ह् मम्मी आह्हा फक्कक् मी वेरी वेरी फास्ट आह्हा।”

दीदी चूत में जमकर लण्ड ले रही थी। आज वो अपनी खुजली को मिटाने की सोच चुकी थी। मेरा लण्ड दीदी की चूत के परखच्चे उड़ा रहा था। तभी दीदी की चूत फिर से गरमा गरम पानी से भर गया।

“ओह्ह्ह् कुत्ते मर गईई आह्हा आह्हा।”

अब मैनें दीदी को फोल्ड कर दिया। अब दीदी की टाँगे उनके सिर से होते हुए पीछे जा चुकी थी। अब मैं दीदी को फोल्ड करके उनकी चूत में दे दना दन लंड पेलने लगा।

“आह्ह आह्ह आह्ह सिसस्ससस्स आह्ह ओह मम्मी। आह्ह रोहित फाकक्क मी आह्हा ओह्ह्ह् फाकक्क मी।”

“ओह मेरी रानी आह्ह आज तो तेरी चूत की खैर नहीं।”

“ओह मेरे सैया। आह्ह पेल ले। आह्ह बहुत मज़ा आ रहा है।”

मैं खड़ा होकर दीदी की चूत में ताबड़तोड लण्ड पेल रहा था। मेरा लंड फूल स्पीड में दीदी की चूत में अंदर बहार हो रहा था। दीदी मेरे लण्ड की ताबड़तोड़ ठुकाई से बुरी तरह से पस्त हो रही थी।

मस्तराम की गन्दी चुदाई की कहानी : 

“आईईईई आह्ह आहा आह्ह सिससस्स आह्ह ओह सिससस्स आह्ह ओह सिससस्स।”

“ओह मेरी रानी।”

अब दीदी ताबड़तोड ठुकाई से बुरी तरह से झल्ला रही थी। मेरा लण्ड एकदम सीधा दीदी की चूत में खालबली मचा रहा था। अब दीदी बुरी तरह से चिल्ला रही थी.

“ओह रोहित मरर्रर्र गाईईई मैं तो आह्ह बहुत दर्द हो रहा है। अब मत चोद ऐसे।”

“ओह दीदी चोदने दो। आह्ह बहुत मज़ा आ रहा है।”

अब दीदी भला क्या कहती! वो चुप हो गई। मैं दे दना दन दीदी की चूत में लण्ड पेल रहा था। मुझे दीदी को फोल्ड करके चोदने में बहुत मज़ा आ रहा था। फिर मैंने दीदी को बहुत देर तक फोल्ड कर बजाया।

“ओह रोहित बहुत बुरी तरह से बजाया तूने तो यार।”

“बहुत दिनों से आपको बजाया नहीं था तो खतरनाक ठुकाई तो होनी ही थी।”

अब मैंने दीदी को बेड से नीचे खीच लिया और बेड के किनारे पर बैठ गया। अब मैने दीदी से मेरा लंड चूसने के लिए कहा तभी दीदी नखरे दिखाने लगी।

“यार रोहित अभी लंड चूसने का टाइम नही है। तू जल्दी से काम् निपटा ले।”

“दीदी अब इतनी गांड फट्टू मत बनो। लंड चुसो जल्दी से।”

“यार मम्मी आ जाएगी।”

“नही आयेगी। आप तो लंड चूसो।”

अब दीदी ने मेरा लंड पकड लिया और लंड को धीरे धीरे मेरे लंड को मसलने लगी। वो मुट्टी मे भरकर मेरे लंड को अच्छी तरह से मसल रही थी। मेरा लंड फूलकर बम्बु बन रहा था।

“ओह्ह्ह् दीदी आह्हा। सिसस्।”

दीदी मेरे लंड को मसले जा रही थी। उन्हे मेरा मोटा तगडा लंड मसलने मे बहुत मज़ा आ रहा था। मेरा लँड लाल हो चुका था। अब मैंने दीदी को मुँह मे लंड लेने के लिए कहा। अब दीदी ने मेरे लंड को मसल कर मुंह मे ले लिया और अब दीदी मेरे लंड को अच्छी तरह से चूसने लगी।

“ओह्ह्ह् दीदी आह्हा बहुत अच्छा लग रहा है। आह्हा सिसस् आह्हा ओह्ह्ह् उन्ह।”

अब दीदी काम् शुरू करने के बाद लबालब मेरे लंड को चुस् रही थी। तभी मैंने दीदी की चोटी खोल दी। अब दीदी की काली घनी घटाये बिखर चुकी थी। दीदी पूरी नंगी होकर घपघप् मेरे लंड को चुस् रही थी। मुझे भी दीदी को लंड चुस्वाने मे बहुत मज़ा आ रहा था। “Sis Doggy Position Sex”

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“ओह्ह्ह दीदी आह्हा आप तो बहुत मस्त तरीके से लंड चुस्ती हो आहह बहुत मज़ा आ रहा है। आह्ह।”

दीदी अच्छी तरह से अपनी स्टाइल से लंड चूस रही थी। अब दीदी मेरा लंड चूसने मे पागल सी हो गई थी। वो मेरे लंड को लोपिपोप् बना रही थी। मै दीदी के बालों को सम्हाल रहा था।

“ओह्ह्ह दीदी। आहहा बहुत अच्छा लग रहा है। आहहा आज बहुत दिनों के बाद मेरे लंड को ठंडक मिल रही है। अहहा।”

दीदी लंड को चूसे जा रही थी। दीदी मेरे लंड को चूस चुस कर लाल कर चुकी थी। फिर दीदी ने बहुत देर तक मेरे लंड को चूसा। अब मै खडा हो गया और मैंने दीदी के मुँह मे लंड सेट कर दिया और फिर गांड हिला हिलाकर दीदी के मुँह को चोदने लगा।

“आह्ह दीदी बहुत मज़ा आ रहा है आह् मेरा लंड तो कब से इस मजे के लिए तड़प रहा था। आह्हा ओह्ह्ह।”

मै दीदी के सिर को पकड कर उनके मुँह मे लंड पेले जा रहा था। दीदी के मुँह को बजाने मे मुझे बहुत मज़ा आ रहा था। मै पूरे लंड को दीदी के मुँह मे डालने की कोशिश कर रहा था।

“ओह्ह्ह दीदी आहह सिसस ओह्ह्ह आह्हा।”

अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरीज : 

मै जमकर दीदी के मुँह मे लंड पेल रहा था। फिर मैंने बहुत देर तक दीदी के मुँह की ठुकाई की। अब मैने दीदी को उठाया और उन्हे बेड पकड कर घोड़ी बनने के लिए कहा।

“रोहित यार इतना टाइम नही है। प्लीज़ घोड़ी फिर कभी बना लेना।”

“नही आप तो आज ही घोड़ी बनो।”

“अरे यार तू मरवायेगा फिर………”

तभी दीदी बेड पकड कर घोड़ी बन गई।

“प्लीज़ गांड मे मत डालना।”

“अभी तो मै चुत् मे ही डाल रहा हूँ।”

तभी मैंने तुरंत दीदी की चूत में लण्ड सेट कर दिया और फिर दीदी की कमर को पकड़ कर ज़ोर से उसकी की चूत में लण्ड ठोक दिया। चूत में लण्ड की दस्तक होते ही दीदी की फिर से चीखे निकल पड़ी।

“आईईईईई, मम्मी आह्हा आईई मर् गईई।”

मेरा लण्ड एक ही झटके में पूरा दीदी की चूत में घुस चूका था। अब मै दीदी की कमर पकड़ कर दे दना दन चोदने लगा। मेरा लण्ड झमाझम दीदी की चूत में अंदर बाहर हो रहा था। दीदी मेरे लण्ड के झटकों के साथ ही बुरी तरह से हिल रही थी।

“आईईईईई आईईईईई आईईईई सिससस्स आह्ह आह्ह आह्ह आह्ह सिससस् फक्कक् मी।रोहित आह्हा फाकक्क आह्हा।”

“ओह मेरी रानी, तुझे घोड़ी बनाकर पेलने में बहुत ही मज़ा आ रहा है।आह्ह”

“आह्हा आह्हा ओह्ह्ह् आह्हा। ओह्ह्ह् मम्मी।”

“आई फाकक्क यू बैबी आह्हा।”

मैं ज़ोर जोर से दीदी की चूत में लण्ड पेल रहा था। दीदी को घोड़ी बनाकर बजाने में मुझे बहुत ही ज्यादा मज़ा आ रहा था। मेरा लण्ड दीदी की चूत के टाइट छेद को गहरा करने मे लग गया था। मेरे लण्ड की ठुकाई से दीदी बुरी तरह से पसीने पसीने हो रही थी लेकिन चूत की आग बुझाने के लिए गरिमा आज सबकुछ सहने को तैयार थी।

“आह्हा आह्हा आईई आह्हा ओह्ह्ह्ह् मम्मी। आह्हा आह्हा आह्हा आईई उँह आह्हा आह्हा।”

“ओह्ह्ह्ह् दीदी आहह बहुत मज़ा आ रहा है। आह्हा।”

“फाकक्क मी वेरी फास्ट आह्हा फाकक्क मी रोहित।”

“एस वैशाली आह्हा आई फाकक्क यू।”

मै दीदी को घोड़ी बनाकर जमकर बजा रहा था। तभी कुछ देर बाद दीदी कांपने सी लगी और जल्दी ही दीदी की चूत में से गरमा गरम लावा फुट पड़ा। अब मेरे लण्ड के धक्कों से दीदी का लावा नीचे टपकने लगा। दीदी की दर्द भरी सिसकारियां माहौल को और ज्यादा गर्म कर रही थी। “Sis Doggy Position Sex”

“आह्ह आह्ह आह्ह सिससस्स आह्ह सिससस्स ओह उन्ह ओह सिसस्ससस्स ओह।”

“ओह्ह्ह्ह् दीदी। आह्हा। बहुत ही गजब की माल है तू। आह्हा। आह्हा।”

कामुकता हिंदी सेक्स स्टोरी : 

मैं दीदी को कसकर बजा रहा था। दीदी की चूत से निकलकर जांघो से होता हुआ गरमा गरम माल फर्श पर गिर रहा था। दीदी दर्द से कराहती हुई जमकर चूत में लण्ड ले रही थी। मै दीदी की जमकर ठुकाई कर रहा था। “Sis Doggy Position Sex”

“आह्हा आह्हा ओह्ह्ह्ह् आईई आहह।”

अब मेर लंड हिचकोले खाने लगा था तभी मैने दीदी की चुत् मे लंड रोक दिया और फिर दीदी की चूत को मेरे लंड के माल से भर दिया। कहानी जारी रहेगी…… मेल करके बताए कहानी कैसी लगी –ajayrokk24@gmail.com

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