टेलीग्राम चैनल जॉइन करें - रोज़ाना नई कहानी अपडेट के लिए

कॉलेज के दिन (भाग-1)

सन्नी- “अरे पगली, असली प्यार तो होता ही वही है, जो बिना कपड़ों के किया जाता है।”

काजल- “सच? इतना गंदा होता है प्यार?”

सन्नी- “जब कर लोगी तो कहोगी कि प्यार जैसा अच्छा काम तो दुनिया में दूसरा है ही नहीं। अच्छा, क्या कर रहे थे उसमें लड़का-लड़की नंगे होकर?”

काजल की सांसें अब कुछ तेज होने लगी थीं और सन्नी ने यह भांप लिया था। फिर काजल ने कहा- “उसमें वो लड़का लड़की के साथ चिपका हुआ था और लड़की के साथ कुछ कर रहा था।”

सन्नी- “क्या कर रहा था? जरा खुल कर बताओ ना। ऐसे छुपाओगी तो मैं सिखाऊंगा कैसे?”

काजल- “अच्छा बता रही हूं ना। वो लड़की ने लड़के का वो अपने मुंह में लिया हुआ था और ऐसे चूस रही थी जैसे लड़की को बड़ा अच्छा लग रहा हो।”

सन्नी- “लड़के का ‘वो’ क्या होता है? उसे ‘लंड’ कहते हैं बुद्धू। और क्या-क्या देखा तुमने उसमें?”

काजल- “और फिर लड़के ने अपना वो, मतलब अपना लंड लड़की के आगे घुसा दिया।”

सन्नी- “लड़की के आगे क्या होता है? तुम लड़की हो और तुम्हें उसका नाम तक नहीं पता? क्या है वो जो तुम्हारे आगे है?”

काजल- “पता नहीं, कभी नाम की जरूरत ही नहीं पड़ी। बस इशारों-इशारों में ही सब लड़कियां समझ जाती हैं कि किसके बारे में बात हो रही है।”

टेलीग्राम चैनल जॉइन करें - रोज़ाना नई कहानी अपडेट के लिए
इसे भी पढ़ें  जिम में मेरे खड़े लंड पर गांड रगड़ने लगी आंटी