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चुदक्कड़ मम्मी की चुदाई

Chudakkad mummy ki chudai: मेरे घर में तीन लोग रहते हैं। मैं सोनू, मेरी मम्मी और पापा। मम्मी का नाम कविता है जो बिल्कुल कार्टून पॉर्न सविता भाभी जैसी लगती है। मम्मी की उम्र उनतीस साल की है। उनका फिगर चौंतीस बी तीस छत्तीस का है। उनके स्तन बड़े, भरे हुए और गोलाकार हैं। जब वे चलती हैं तो स्तन हिलते-डुलते रहते हैं। उनकी कमर पतली है और कूल्हे चौड़े व भारी हैं। उनकी गांड मोटी और लहरदार है। उनका रंग बहुत ही मस्त गोरा है। जैसे दूध की तरह चमकता रहता है। पापा की मेडिकल की दुकान है। कभी-कभी उन्हें शहर से बाहर भी जाना पड़ता है। पापा की उम्र चौवालीस साल की है।

जब से मुझे सेक्स के बारे में पता चला मैं मम्मी सेक्स स्टोरी पढ़ता था। उन कहानियों में बेटा अपनी मम्मी को चोदता था। पढ़ते-पढ़ते मेरा लंड खड़ा हो जाता था। मम्मी को देखकर तो मेरा लंड तुरंत खड़ा हो जाता था। मैं रोज मम्मी को नंगी नहाते देखता था। मम्मी पूरी नंगी हो जाती थीं।

बाथरूम का दरवाजा थोड़ा सा खुला रहता था। मैं चुपके से झांककर देखता था। मम्मी कपड़े उतारतीं। पहले ब्लाउज के हुक खोलतीं। उनके गोरे स्तन बाहर आ जाते। निप्पल गुलाबी रंग के और सख्त दिखते। फिर वे पेटीकोट की डोरी खोलतीं। पेटीकोट गिर जाता। उनकी चूत साफ दिखती। कभी बाल रहते तो कभी बिल्कुल साफ। मम्मी शावर खोलतीं। गर्म पानी उनके शरीर पर बरसता। पानी की धार सबसे पहले उनके सिर पर पड़ती। फिर गले से होते हुए स्तनों तक आती। पानी की बूंदें स्तनों पर टपकतीं और नीचे उनकी चूत तक जातीं। मम्मी साबुन लगातीं। उनके हाथ स्तनों पर घूमते। वे स्तनों को मसलतीं और ऊपर उठातीं। स्तन उछलते और हिलते रहते। मेरा लंड इतना खड़ा हो जाता कि दर्द होने लगता। प्रीकम की गर्म बूंदें मेरे लंड के सिरे से टपकने लगतीं। मैं चुपके से लंड को हाथ से दबाता।

मम्मी अपनी चूत पर साबुन लगातीं। उंगलियां चूत के होठों पर फिरतीं। वे चूत के अंदर उंगली डालकर साफ करतीं। चूत गीली हो जाती। मम्मी की सांसें भारी हो जातीं। कभी-कभी उनके मुंह से हल्की सी आह निकलती। मैं देखता रहता। मेरा लंड फड़फड़ाता। प्रीकम की बूंदें मेरे अंडरवियर को गीला कर देतीं। मम्मी पीछे मुड़तीं। उनकी गांड पूरी दिखती। वे झुककर पैर धोतीं। गांड के चीरे खुलते। मम्मी पानी से पूरा शरीर धोतीं। पानी की बूंदें उनके शरीर से टपकती रहतीं। मैं चुपके से अपना लंड सहलाता। लेकिन जोर से नहीं। कहीं आवाज न हो जाए।

उनके स्तन ऐसे उछलते थे कि मेरा पानी टपकने लगता था। हमारे यहां के लड़के मम्मी को घूरते रहते थे। जब मम्मी बाजार जातीं तो लड़के उनकी गांड और स्तनों को देखते रहते। मम्मी की गोरी त्वचा और मोटी गांड सबकी नजरों में रहती।

एक बार सर्दियों की बात है। पापा रात में दुकान बंद करते समय एक कंडोम का पैकेट जेब में डाल लिया। मैंने कुछ ध्यान नहीं दिया। घर आकर खाना खाया और सोने की तैयारी करने लगे। मैं जल्दी सो गया लेकिन नींद नहीं आ रही थी। करीब ग्यारह बजे पापा मम्मी के कमरे में गए जो मेरे कमरे के ऊपर है। हमारे यहां एक ही अटैच्ड बाथरूम है।

पापा नीचे आए और बाथरूम में गए। मुझे कुछ आवाज आई जैसे पॉलीथिन की। शायद कंडोम का पैकेट खोलने या फेंकने की आवाज थी। मैंने सुना कि पापा कुछ डस्टबिन में डाल रहे हैं और कुछ वापस जेब में रख दिया। शायद खाली पैकेट डस्टबिन में गिरा और कंडोम जेब में रख लिया। पापा टॉयलेट करके ऊपर चले गए। फिर मम्मी नीचे आईं टॉयलेट की और मेरे कमरे में झांककर देखा। उन्हें लगा मैं सो गया हूं। फिर मम्मी भी कमरे में चली गईं।

मैं उठा धीरे से और डस्टबिन देखा तो उसमें कंडोम का रैपर पड़ा था। मुझे समझ में आ गया कि क्या प्रोग्राम है। मैं धीरे से ऊपर गया और खिड़की से छुपकर देखा तो मम्मी नंगी हो गई थीं और पापा अपना लंड पकड़कर हिला रहे थे। मेरा भी लंड तन गया। पापा ने मम्मी को पकड़ा और बेड पर लिटा दिया और बोले सविता तू तो अभी भी वैसी ही है जैसी पहले थी। मम्मी शरमा गईं और बोलीं लेकिन आप थोड़े बूढ़े हो गए हो। दोनों हंसने लगे।

फिर पापा ने मम्मी के स्तनों को दबाना शुरू किया। वाह यार क्या स्तन हैं मम्मी के एकदम गोल-गोल टाइट निप्पल हल्के ब्राउन रंग के गर्म हो रही थीं और मैं भी गर्म हो गया था। फिर मैंने देखा पापा मम्मी के स्तन चूसते हुए नाभि को चाटते हुए चूत के पास अपनी जीभ घुमा रहे थे। मम्मी बोलीं आह्ह्ह क्या करते हो सोनू के पापा उफ्फ याह्ह्ह उफ्फ चूसो आह्ह आह्ह आह्ह। मम्मी बहुत उछल रही थीं।

मम्मी की आंखें बंद थीं और पापा मम्मी की सिसकारियां सुनकर और एक्साइटेड हो रहे थे। थोड़ी देर मम्मी की चूत चूसने के बाद मम्मी बहुत गर्म हो गईं और पापा का लंड पकड़कर बोलीं इसे चूसूं क्या। और मम्मी लंड को चूसने लगीं। इधर मेरा पानी दो बार निकल चुका था। मैं फिर एक्साइटेड हो रहा था कि अब क्या होगा।

थोड़ी देर तक मम्मी पापा का लंड चूसती रहीं। उनके होंठ लंड के सिरे पर कसकर लगे हुए थे। जीभ नीचे की नस पर घूम रही थी। लंड गला तक अंदर जाता तो मम्मी की आंखों से पानी आ जाता। लेकिन वे रुकती नहीं थीं। लार की धारें लंड से बहकर उनके स्तनों पर गिर रही थीं। पापा का लंड चमक रहा था मम्मी की लार से। मम्मी कभी सिरे को चूसतीं कभी पूरी लंबाई निगलने की कोशिश करतीं। उनके गले से हल्की-हल्की गगिंग की आवाज आ रही थी। पापा की सांसें तेज हो गई थीं। उनका लंड मम्मी के मुंह में फड़फड़ा रहा था।

मैं खिड़की के बाहर खड़ा था। मेरा लंड हाथ में था। मैं तेजी से उसे सहला रहा था। दो बार पहले ही पानी निकल चुका था। मेरे पैरों के पास जमीन पर मेरे वीर्य के दो धब्बे पड़े थे। लेकिन मेरा लंड अभी भी खड़ा था। मैं देख रहा था कि मम्मी कैसे पापा का लंड चूस रही हैं। उनकी गोरी पीठ झुक रही थी। उनके स्तन नीचे लटक रहे थे और हिल रहे थे। मैं और जोर से लंड सहलाने लगा।

थोड़ी देर लंड चूसने के बाद पापा ने कंडोम लगाया और मम्मी के होंठों पर किस ली। पापा ने कंडोम का पैकेट फाड़ा। पतला लेटेक्स का कवर उन्होंने अपने गीले और चमकदार लंड पर चढ़ाया। लंड अब चमक रहा था। फिर पापा झुके और मम्मी के होंठों पर गहरा किस किया। उनकी जीभें एक-दूसरे के मुंह में घुस गईं। मम्मी ने भी पापा का मुंह चूमा। उनके होंठ चिपक गए थे। पापा का कंडोम वाला लंड मम्मी की गीली चूत पर रगड़ रहा था। मम्मी की चूत से निकलने वाला रस कंडोम पर लग रहा था।

और मम्मी की एक टांग उठाकर लंड चूत के ऊपर रगड़ना शुरू किया। पापा ने मम्मी की एक टांग ऊपर उठा ली। उनकी मोटी जांघ पापा के कंधे पर टिकी हुई थी। पापा का लंड मम्मी की चूत के होठों पर ऊपर-नीचे रगड़ रहा था। लंड का सिरा चूत के छेद पर दबता फिर हट जाता। मम्मी की चूत और ज्यादा गीली हो रही थी। रस की चमक दिख रही थी। पापा जानबूझकर अंदर नहीं घुसा रहे थे। सिर्फ रगड़ रहे थे। मम्मी की सांसें और तेज हो गईं।

मम्मी बोलीं क्यों तड़पाते हो आह याह्ह उफ्फ इस्स ऐसा ना करो हर बार आप ऐसा ही करते हो कुछ तो नया करो। मम्मी की आवाज में दर्द और खुशी दोनों थी। वे अपनी कमर ऊपर उठा रही थीं ताकि लंड अंदर घुस जाए। लेकिन पापा हंसते हुए और ज्यादा रगड़ रहे थे। मम्मी की चूत के होठ लंड के सिरे को चूम रहे थे। हर रगड़ पर मम्मी का शरीर कांप रहा था। उनकी आंखें अभी भी बंद थीं। मुंह खुला हुआ था। जीभ बाहर निकली हुई थी।

पापा बोले मेरी रानी सविता डार्लिंग तेरी चूत का मजा मस्त है। रोज चोदने का मन करता है। तुझे तो जवान लौंडे भी चोदना चाहें। पापा की आवाज में जुनून था। वे लंड को और जोर से चूत पर रगड़ रहे थे। मम्मी की चूत से निकलने वाला गर्म रस उनके कंडोम पर फैल रहा था। पापा के शब्द सुनकर मम्मी और ज्यादा उत्तेजित हो गईं। उनकी जांघें कांप रही थीं।

मम्मी बोलीं आह्ह आप भी ना। कुछ भी आह उफ्फ चोदो आह। मम्मी की बात अधूरी रह गई। वे बीच-बीच में आहें भर रही थीं। उनकी सांसें फूल रही थीं। पापा का लंड अब चूत के अंदर घुसने के लिए तैयार था। मम्मी की चूत पूरी तरह खुल चुकी थी। गुलाबी अंदरूनी हिस्सा दिख रहा था। रस टपक रहा था।

पापा ने स्तन पकड़कर लंड को मम्मी की चूत के अंदर घुसा दिया और मम्मी ने आंखें बंद करते हुए बोलीं आह्हघ्ह्ह चोद लो आह्ह आह्ह आहाह। पापा ने मम्मी के दोनों स्तनों को मजबूती से पकड़ लिया। उंगलियां गोरे मांस में धंस गईं। फिर उन्होंने कमर आगे बढ़ाई। उनका मोटा लंड मम्मी की गीली और गर्म चूत में एक ही झटके में घुस गया। मम्मी की आंखें तुरंत बंद हो गईं। मुंह से लंबी और जोरदार चीख निकली आह्हघ्ह्ह। उनका शरीर बिस्तर से ऊपर उठ गया। पीठ पूरी तरह झुक गई।

मम्मी की लाल-लाल चूत में पापा का लंड अंदर-बाहर जा रहा था और मम्मी उछल रही थीं और अपने स्तन मसल रही थीं निप्पल काट रही थीं और पापा मम्मी की आवाज से लंड को जोर-जोर से अंदर-बाहर कर रहे थे। पापा का लंड पूरी तरह अंदर जाता फिर बाहर निकलता। कंडोम पर मम्मी की चूत का सफेद रस लगा हुआ था। हर धक्के पर गीली आवाज आ रही थी। मम्मी अपनी दोनों हथेलियों से अपने स्तनों को जोर से मसल रही थीं। निप्पल को उंगलियों से खींच रही थीं और कभी मुंह में लेकर काट रही थीं। उनके स्तन लाल हो गए थे। पापा और जोर से चोद रहे थे। बिस्तर की लकड़ी चरमरा रही थी।

मम्मी बोल रही थीं आह्ह सोनू के पापा अब रुक जाओ आह्ह। मम्मी की आवाज कांप रही थी। वे बार-बार उछल रही थीं। उनका शरीर पसीने से भीग रहा था। गोरी त्वचा चमक रही थी। पापा का लंड उनकी चूत में तेजी से आ-जा रहा था। मम्मी की चूत लंड को कसकर पकड़ रही थी। हर बार जब लंड बाहर आता तो मम्मी की सांस रुक जाती। फिर अंदर घुसते ही वे चीख उठतीं।

पापा बोले क्यों मेरी जान।

मम्मी बोलीं मुझे टॉयलेट जाना है। पापा ने बोला रुक जा और लंड बाहर निकाला। मम्मी बोलीं रुक जाओ मेरे राजा सोनू को भी देख आती हूं कि मेरी चुदाई की आवाज से जग तो नहीं गया। फिर मम्मी नाइटी पहन रही थीं कि मैं वहां से छुपकर कमरे में आकर सो गया। मम्मी आईं टॉयलेट की और मुझे देखकर वापस चली गईं।

मैं थोड़ी देर बाद वापस देखने गया कि अब क्या हो रहा होगा। मैंने देखा कि पापा ने मम्मी को गोदी बनाया हुआ है और झटके लगा-लगाकर चोद रहे थे और मम्मी उछल-उछलकर चुदवा रही थीं। मम्मी की आवाज से कमरे में मस्ती छा गई थी। फक फक फक फक की आवाज आ रही थी। मम्मी बोल रही थीं आह्ह आह्ह आज बड़े जोर में हो आह उफ्फ येस येस उह उह उह याह्ह सोनू के पापा याह्ह आह्ह।

फिर कुछ देर गोदी बनाकर चोदने के बाद मम्मी ने मस्त हॉट सिसकारी ली जैसे कोई पोर्नस्टार लेती है। मम्मी करवट लेकर सो गईं फिर पापा मम्मी के पीछे आकर लंड को चूत में घुसाया और चुदाई शुरू कर दी। और पापा मम्मी के स्तन दबा-दबाकर चोदे जा रहे थे। मम्मी भी पूरा मजा उठा रही थीं।

थोड़ी देर तक ऐसे ही चोदते हुए मम्मी बोलीं आह्ह आह्ह उफ्फ मेरा पानी निकलने वाला है आह्ह। पापा बोले रुक जा सविता मुझे लंड निकालने दे। और जैसे ही पापा ने लंड बाहर निकाला मम्मी का पानी निकल आया। पापा बोले मेरी जान मैं इसे साफ करता हूं। पापा ने चूत को साफ किया और फिर मम्मी के स्तन चूसने लगे।

फिर मम्मी सिसकारी लेना शुरू हो गई। मुझे समझ आ गया कि अब मम्मी वापस चुदाई के लिए रेडी है। मेरा अभी तक तीन बार पानी निकल चुका था। इधर मम्मी ने पापा का लंड पकड़कर चूत में गुसवा दिया और बोलीं सोनू के पापा इसको मेरी चूत में ही डाल दो आह्ह आह चोदो चोदो फक उहुहुहोस। पापा ने मम्मी की चूत चाटी और एक टांग उठाकर अपना लंड घुसा दिया एक बार में।

मम्मी मचल पड़ी और सिसकारी लेने लगीं ओह्ह उफ्फ ओ आह आह अस आह्ह आह्ह आह्ह ओह उफ्फ सोनू के पापा कंडोम निकाल दो और चूत में पानी डाल दो। मैं शॉक हो गया कि मम्मी क्या बोल रही हैं। मुझे लगा मम्मी प्रेग्नेंट होना चाहती हैं। फिर पापा रुककर बोले सविता तूने पिल ली हुई है क्या। मम्मी बोलीं हां अभी मैं नीचे गई थी तो ले ली थी।

फिर पापा को और जोश आया और कंडोम निकाल फेंक दिया। लंड चूत में घुसाते हुए जोर-जोर से चोदने लगे। मैं मम्मी की चूत में थोड़ा-थोड़ा सफेद रस देख रहा था। कुछ ही देर में पापा ने मम्मी के स्तन जोर से दबाते हुए बोले सविता आह्ह्ह ले आह्ह्ह। मम्मी भी आह्ह्ह येस पानी डाल दो आह्ह्ह आह चूत में मेरी उफ उफ उफ येस सोनू के पापा आह्ह्ह।

और मैंने देखा पापा ने मम्मी की चूत में अपना पानी छोड़ दिया था। धीरे-धीरे लंड हिलाते हुए बाहर निकाला। मम्मी के स्तन चूसते हुए प्यार से किस लिया। इस तरह मैंने भी हिला-हिलाकर अपना पानी निकाल दिया।

फिर दोनों ऐसे ही एक-दूसरे को प्यार करते हुए सो गए। मैं भी जाकर नीचे कमरे में सो गया। फ्रेंड्स आपको कैसी लगी मेरी हॉट मॉम सविता की चुदाई की स्टोरी। लाइक करें और कमेंट करें। ये मेरी पहली हिंदी सेक्स स्टोरी है तो कुछ आगे पीछे हो गया होगा। लेकिन फ्रेंड्स मेरी स्टोरी को जरूर पढ़ें ताकि मैं और बहुत सी स्टोरी आपको सुना सकूं।

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⚠️ महत्वपूर्ण अस्वीकरण

ये सभी कहानियाँ केवल काल्पनिक हैं।
इनका वास्तविक जीवन से कोई संबंध नहीं है।

सेक्स हमेशा सहमति पर आधारित होना चाहिए।
बिना सहमति के कोई भी कार्य गलत और दंडनीय है।

इन कहानियों से प्रेरित न हों।
बस पढ़ें, आनंद लें और भूल जाएं।