गांव की लड़की की फिर से चुदाई
शनिवार का दिन था। बैंक दोपहर में बंद हो गया था और मैं घर पर ही था। कहानी का पिछला भाग: गाँव की लड़की बैंक मैनेजर के नीचे अचानक मुझे पानी निकालने की आवाज़ सुनाई दी। सोचा, इतनी दोपहर में कौन होगा। मैं उठा, मुख्य दरवाज़ा खोला तो देखा, आयशा पानी निकाल रही थी। दोपहर …