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जन्मदिन पर पत्नी को विदेशी से चुदवाया

हाय दोस्तों, मेरा नाम विशाल है। मैं 34 साल का एक विवाहित पुरुष हूं।

आज मैं आपको अपनी बीवी की चुदाई की कहानी बताऊंगा। उम्मीद है कि भारतीय बीवी की यह चुदाई कहानी आपको पसंद आएगी।

मेरी बीवी का नाम नेहा है। उसकी उम्र 30 साल है। रंग गोरा है और देखने में बहुत सुंदर है। फिगर एकदम फिट रखा है। चूचियां भी बहुत शानदार हैं।

जो घटना मैं बताने जा रहा हूं, वह करीब एक साल पहले की है। उस समय हमारी शादी को 2 साल हुए थे।

शुरुआत के एक साल तक हम नियमित सेक्स करते रहे। फिर धीरे-धीरे दोनों के बीच सेक्स कम होने लगा। सेक्स में रोमांच नहीं रहा।

फिर हमने सोचा कि कुछ अलग करना चाहिए। हमारी लव मैरिज हुई थी और शादी से 2 साल पहले से ही रिश्ता था।

कॉलेज के दिनों में मैं बहुत सी पोर्न फिल्में देखता था। सेक्स कहानियां पढ़ना भी अच्छा लगता था।

कई कहानियों में पढ़ा था कि पति अपनी पत्नी की चुदाई गैर मर्द से करवा देता है। पत्नी को किसी और मर्द को सौंप देता है। ब्लू फिल्म में भी ऐसा दिखाया जाता था कि पति के सामने ही दूसरा आदमी पत्नी की चुदाई कर देता है।

उन कहानियों में पति कमरे के कोने में बैठकर देखता रहता था और पत्नी बिस्तर पर दूसरे मर्द के नीचे आहों से भर जाती थी। ब्लू फिल्म में भी वही दृश्य बार-बार आता था। पत्नी की साड़ी या कपड़े उतरते, चूचियां मुंह में भर ली जातीं और पति की आंखों के सामने ही चूत में लंड पेल दिया जाता था।

मुझे यह सब बहुत अच्छा लगता था। हमेशा लगता था कि काश कोई मेरी सेक्सी बीवी नेहा की भी मेरे सामने खूब चुदाई करे।

मगर मैं नेहा को खुले तौर पर यह नहीं बोल पा रहा था। डर था कि कहीं वह बुरा न मान जाए।

रात को बिस्तर पर उसकी गोरी पीठ से सटकर लेटता, तो जीभ पर बात आ जाती और गले में अटक जाती। उसकी सांस गर्दन पर गर्म पड़ती, चूचियां मेरे सीने से दबतीं, फिर भी मुंह नहीं खुलता। एक बार उसने पूछा भी था कि आज चुप क्यों हो। मैंने बहाना बना दिया कि थकान है। भीतर यही चलता रहता कि कह दूं, फिर उसकी आंखों का गुस्सा और शर्म दोनों एक साथ सोचकर चुप हो जाता।

मई का महीना चल रहा था और अगले सप्ताह मेरा जन्मदिन था।

गर्मी छत से उतर रही थी। नेहा रसोई में ठंडा शरबत बनाते हुए बोली कि इस बार घर पर केक नहीं काटना। कहीं बाहर चलें। मैंने गोवा का नाम लिया तो उसकी आंखें चमक उठीं। समुद्र, होटल और दो दिन की छुट्टी, बस यही उसके मन में था। मेरे मन में जन्मदिन की वह पुरानी इच्छा फिर से जाग गई।

हम दोनों ने गोवा जाकर जन्मदिन मनाने और मजे करने का प्लान बनाया। तो हम गोवा चले गए।

ट्रेन से उतरते ही नमकीन हवा चेहरे पर लगी। नेहा ने हल्की गुलाबी कुर्ती पहन रखी थी। बाल खुले थे और माथे पर पसीना चमक रहा था। रिक्शा में वह मेरी बांह पकड़े मुस्कुराती रही। मुझे हर मोड़ पर यही लग रहा था कि आज रात बात खुलनी है।

वहां एक अच्छे होटल में कमरा लिया।

कमरा तीसरी मंजिल पर समुद्र की तरफ था। बिस्तर चौड़ा था, सफेद चादर तनी हुई थी और बगल में सोफा पड़ा था। नेहा ने बैग रखा, खिड़की खोलकर गहरी सांस ली और बोली कि हवा बहुत अच्छी है। मैंने दरवाजा अंदर से बंद किया। एसी की ठंडी हवा उसकी गर्दन पर पड़ रही थी।

नेहा बोली, “आपका आज जन्मदिन है, बताओ आपको क्या उपहार दूं।”

उसने मेरे सामने आकर कमीज का कॉलर पकड़ लिया। होंठों पर हल्की लिपस्टिक थी। आंखों में शरारत थी, जैसे कोई छोटा सा मजाक सुनने की तैयारी हो।

मैंने कहा, “सब कुछ तो है, मुझे कुछ नहीं चाहिए।”

वह बोली, “नहीं, आप बताइए, मैं आपकी कोई भी एक इच्छा पूरी करना चाहती हूं आज।”

उसकी उंगलियां मेरे गाल पर रुक गईं। आवाज नरम थी। वादा उसके चेहरे पर लिखा था।

मैंने कहा, “तुम नहीं कर पाओगी।”

वह बोली, “आप बताओ तो सही, मैं आपकी इच्छा पूरी करूंगी। मैं वादा करती हूं।”

उसने छोटी उंगली मेरे आगे कर दी। मैंने देर तक उसकी आंखों में देखा। दिल की धड़कन कानों में सुनाई दे रही थी।

मैंने कहा, “मैं चाहता हूं कि तुम मेरे सामने किसी और मर्द के साथ शारीरिक संबंध बनाओ और मुझे देखने दो। मैं तुमको पराये मर्द के साथ सेक्स करते हुए देखना चाहता हूं।”

मेरी पत्नी यह बात सुनकर एकदम से सन्न रह गई।

उसके हाथ मेरी कमीज से छूट गए। मुस्कान गायब हो गई। होंठ थोड़े खुले रह गए और सांस एक पल को रुक सी गई। गालों का रंग उतर आया।

वह बोली, “यह आप क्या कह रहे हैं। मैं आपकी बीवी हूं।”

आवाज कांप रही थी। वह दो कदम पीछे हटी और बिस्तर की किनारी पकड़कर बैठ गई। नजर फर्श पर थी।

मैं उससे विनती करने लगा। जन्मदिन का हवाला दिया कि एक रात के लिए मान जाए, किसी को कुछ पता नहीं चलेगा।

मैं उसके घुटनों के पास बैठ गया। हाथ उसके हाथों पर रखे और धीरे से बोला कि यह केवल एक रात है। बाहर कोई नहीं जानेगा। होटल का कमरा बंद रहेगा। मैं पास ही रहूंगा। उसने सिर हिलाया और कहा कि यह गलत है। आंखें गीली हो आई थीं, पर आंसू नहीं गिरे।

बहुत समझाया, पर वह नहीं मान रही थी।

वह बार-बार यही दोहराती रही कि लोग क्या कहेंगे और वह मेरे अलावा किसी को छू भी नहीं सकती। मैंने उसे अपनी पुरानी इच्छा बताई। बताया कि सेक्स में रोमांच खत्म हो गया है और मुझे केवल देखना है। वह खिड़की की तरफ मुंह करके खड़ी हो गई। कंधे अकड़े हुए थे।

उसकी उंगलियां पर्दे की किनारी भींच रही थीं। समुद्र की आवाज कमरे में आ रही थी, पर वह मेरी तरफ नहीं घूमी। मैंने पीछे से उसकी कमर को हल्के से छुआ तो वह कांप गई। बोली कि यह बात दोबारा मत कहो। आवाज में गुस्सा कम और डर ज्यादा था।

फिर मैंने थोड़ा नाराज होने का नाटक किया। मेरी जिद के आगे आखिर वह मान गई।

मैं सोफे पर बैठ गया और चुप हो गया। उसने दो बार मेरा नाम लिया। मैंने जवाब नहीं दिया। तीसरी बार वह खुद पास आकर खड़ी हो गई। आंखें गीली थीं। धीरे से बोली कि एक रात के लिए मान रही हूं, पर किसी को पता नहीं चलना चाहिए। मैंने उसका हाथ पकड़ा और कहा कि बस इतना ही काफी है।

मैंने उसे आराम करने को कहा, क्योंकि रात में उसकी चुदाई भी होनी थी।

नेहा बिस्तर की किनारी पर बैठ गई। सांस अभी भी तेज थी। मैंने एसी धीमी कर दी और पानी का गिलास उसके हाथ में रख दिया। कहा कि शाम तक लेटी रहो, नहा लेना और ताकत बचाकर रखना। वह गिलास घूरती रही। होंठ भींचे हुए थे, पर इनकार अब उसके मुंह पर नहीं था।

नेहा को होटल में छोड़कर मैं अकेला बीच पर घूमने निकल गया। मुझे अपनी बीवी की चुदाई के लिए एक जवान लड़का चाहिए था।

रेत गर्म थी। समुद्र के किनारे विदेशी और देशी दोनों तरह के लोग टहल रहे थे। मैं उनकी उम्र और कद देखता हुआ आगे बढ़ा। मन में नेहा की गोरी कमर और तंग चूत घूम रही थी। कोई बहुत बूढ़ा नहीं चाहिए था। जवान, फिट और रात भर चलने वाला चाहिए था।

वहां मैंने एक दलाल से बात की। वह सेक्स के लिए लड़कियां मुहैया करवाता था।

वह झोपड़ी के पास कुर्सी पर बैठा बीड़ी पी रहा था। आंखें चलाक थीं। मैं पास गया तो उसने पहले लड़कियों का रेट बताया। मैंने कहा कि लड़की नहीं, लड़का चाहिए। वह एक पल को रुका, फिर मुस्कुराया और बोला कि काम वही है, बस माल दूसरा है।

मैंने उसे नेहा की फोटो दिखाई और कहा कि यह लड़की एक रात के लिए किसी विदेशी के साथ सोना चाहती है।

फोन की स्क्रीन पर नेहा लाल कुर्ती में हंस रही थी। दलाल ने फोटो पास लाकर देखा। गाल, गर्दन और छाती की ऊपरी रेखा पर नजर अटकी। बोला कि माल साफ है। विदेशी इसे देखते ही हां कर देगा।

मुझे पता था कि बहुत से विदेशी लोग भारतीय लड़की की चुदाई करने की इच्छा से आते हैं। इसके लिए अच्छे पैसे भी दे देते हैं। एक रात का 50000 तक मिल जाते हैं।

मैंने दलाल से कहा कि एक जवान लड़का चाहिए और उसे 30000 का रेट बताना। आधे पैसे तुम रख लेना और आधे मैं रख लूंगा। सब कुछ होटल में ही होगा।

उसने 30000 सुनकर भौंह उठाई। मैंने कहा कि आधे तुम्हारे, आधे मेरे। लड़का होटल के कमरे तक आएगा। बाहर कुछ नहीं होगा। दलाल ने ठोड़ी खुजाई और बोला कि जवान गोरा मिल जाए तो रेट चल जाएगा।

यह भी साफ कर दिया कि चुदाई कंडोम लगाकर ही होगी। मैंने दो बार दोहराया। बिना कंडोम एक धक्का भी नहीं। दलाल ने सिर हिलाया और कहा कि ग्राहक को पहले ही समझा दूंगा।

वह भी तैयार हो गया।

उसने मेरी हथेली में अपना नंबर लिखवाया और बोला कि शाम तक इंतजार करो। मैंने नेहा की फोटो उसके फोन में भेज दी। वह स्क्रीन घूरकर हंसा और कहा कि माल बिक जाएगा।

फिर मैं दलाल के पास नेहा का फोटो, हमारा फोन नंबर और होटल का पता छोड़कर आ गया।

शाम 7 बजे दलाल का फोन आया कि ग्राहक मिल गया है।

नेहा बाथरूम से निकल ही रही थी। तौलिया बालों पर था। मैं balcony में जाकर धीमी आवाज में बात करने लगा, ताकि वह पूरी बात न सुन ले।

उसने बताया कि 25-26 साल का एक जवान लड़का है, जो विदेश से आया है और कुछ दिन यहां रुका हुआ है। वह रात 10 बजे पहुंच जाएगा। दलाल ने उससे 15000 ले लिए थे।

मैंने रकम दोहराई। दलाल बोला कि लड़का गोरा है, कद लंबा है और फोटो देखकर हां कर चुका है। कंडोम की बात भी उसे बता दी गई है।

दलाल से बात के बाद हम खाना खाने चले गए।

नेहा ने थाली में कम चावल लिए। चम्मच बार-बार रुक रही थी। मैंने उसके हाथ पर हाथ रखा और कहा कि डरो मत। वह केवल सिर हिलाती रही। होटल के रेस्तरां की रोशनी उसकी गोरी गर्दन पर पड़ रही थी।

उसके बाद मैंने नेहा को तैयार होने को कहा। मैं भी तैयार होने में उसकी मदद करने लगा।

कमरे में लौटकर मैंने बैग खोल दिया। नेहा शीशे के सामने खड़ी थी। उंगलियां कांप रही थीं, इसलिए ब्लाउज के हुक अटक रहे थे। मैंने पीछे से हुक बंद किए। उसकी पीठ गर्म थी।

बैग से उसकी लाल साड़ी निकाली। उसने साड़ी पहन ली। फिर मैंने उसके हाथों में हरी चूड़ियां पहनाईं। पैरों में पायल पहनाई। होंठों पर लाल लिपस्टिक और आंखों में काजल लगा दिया।

चूड़ियां कलाइयों पर खनक उठीं। पायल बांधते समय मेरी उंगलियां उसके गोरे पैरों पर रुक गईं। लिपस्टिक लगाते हुए उसका निचला होंठ हल्का कांप रहा था। काजल लगते ही आंखें और गहरी लगने लगीं।

जब वह पूरी तैयार हो गई तो ऐसा लगा जैसे आज फिर सुहागरात मनाने जा रही हो। मेरी सुहागन पत्नी बहुत सुंदर लग रही थी।

लाल साड़ी में कमर की रेखा साफ झलक रही थी। ब्लाउज के ऊपर चूचियों का भारीपन उठ रहा था। मांग में सिंदूर था और गले में पतली चेन। मैं कुछ देर उसे घूरता रहा।

नेहा थोड़ी घबराई हुई थी, लेकिन मेरे अंदर रोमांच भरता जा रहा था। बीवी की चुदाई मैं अपनी आंखों के सामने देखने वाला था।

उसकी सांस छोटी-छोटी हो रही थी। मेरा लंड पहले ही पैंट में सख्त होने लगा था। मैंने उसे बिस्तर पर बैठाया और खुद सोफे की तरफ मुड़ गया।

फिर हम इंतजार करने लगे।

घड़ी की सुई धीरे चल रही थी। नेहा बार-बार साड़ी का पल्लू संभाल रही थी। मैं फोन का कैमरा जांच रहा था। कमरे में केवल एसी की आवाज थी।

10 बजे हमारे कमरे की घंटी बजी। मैं समझ गया कि विदेशी ग्राहक पहुंच चुका है।

नेहा की चूड़ियां एक झटके में खनक उठीं। उसने मेरी तरफ देखा। मैंने इशारे से कहा कि बैठी रहो।

जब मैंने दरवाजा खोला तो खुशी का ठिकाना न रहा।

एक यूरोपीय गोरा लड़का दरवाजे पर खड़ा था, जो काफी सुंदर था। बॉडी एकदम फिट थी और जिम करने वाला लग रहा था। उसका नाम रॉन था।

कमीज आधी बांहों तक चढ़ी हुई थी। कंधे चौड़े थे और छाती तनी हुई। हल्की दाढ़ी थी। उसने मुस्कुराकर हाथ बढ़ाया। पीछे से नेहा की लाल साड़ी उसे दिख गई और उसकी नजर एक पल को वहीं अटक गई।

हमने उसे अंदर आने को कहा। अंदर आकर उसने हमें 15000 रुपये दिए। फिर सारी बात उसे समझा दी।

नोटों की गड्डी मैंने दराज में रख दी। रॉन ने कमरा देखा, फिर बिस्तर पर बैठी नेहा को देखा। मैंने कहा कि चुदाई यहीं होगी, कंडोम लगेगा और मैं सोफे पर रहूंगा।

दलाल ने पहले से बता दिया होगा, फिर भी मैंने एक बार दोहरा दिया।

रॉन ने सिर हिलाया और धीमी अंग्रेजी में कहा कि वह समझ गया है। नेहा की नजर अभी भी फर्श पर थी।

उसके बाद मैं अपने मोबाइल का कैमरा चालू करके एक तरफ सोफे पर बैठ गया।

वीडियो रिकॉर्डिंग शुरू कर दी।

रॉन ने अपनी कमीज उतार दी और चलकर नेहा के पास गया।

कमीज कुर्सी पर गिरी। उसकी छाती और पेट की रेखाएं साफ थीं। नेहा की सांस तेज हो गई। रॉन बिस्तर के पास रुककर उसकी लाल साड़ी को घूरता रहा।

नेहा बिस्तर पर शांत बैठी थी। नजर नीचे झुकाए हुए थी।

हाथ गोद में जकड़े थे। हरी चूड़ियां हल्की खनखना रही थीं। काजल लगी आंखें पलकों के नीचे छिपी थीं।

मैं बहुत खुश था कि आज मेरी इच्छा पूरी होने जा रही थी। कितने दिनों से अपनी बीवी की लाइव चुदाई दूसरे मर्द से देखना चाह रहा था और आखिर वह दिन आ गया था।

कुछ ही देर में मेरी प्यारी नेहा एक पराये मर्द के सामने नंगी होने वाली थी। रात भर उसकी चूत में एक विदेशी लंड धूम मचाने वाला था। यह सोच-सोचकर मेरा लंड पहले ही खड़ा होने लगा था।

पैंट के अंदर लंड सख्त होकर ऊपर अटक गया। मैं सोफे पर टांग बदलकर बैठ गया और कैमरा नेहा के बिस्तर पर टिकाए रखा।

रॉन जाकर उसकी बगल में बैठ गया। फिर नेहा को अपनी बांहों में ले लिया। अंग्रेजी में बात कर रहा था।

उसकी गोरी बांह नेहा की कमर पर पड़ी। नेहा का कंधा उसके सीने से लग गया। रॉन धीमी आवाज में कुछ कह रहा था। नेहा केवल सिर हिला रही थी। उसकी सांस उसकी गर्दन पर गर्म पड़ रही थी।

बात करते-करते उसने नेहा को नीचे लिटा दिया और गालों को चूमने लगा।

पीठ चादर पर लगी। पायल हल्की खनकी। रॉन ने उसके दोनों गालों पर धीरे-धीरे होंठ रखे। नेहा की पलकें बंद हो गईं।

फिर मेरी बीवी के होंठों को चूमने लगा और ब्लाउज के ऊपर से ही चूचियों को दबाने लगा।

पहले चुंबन हल्का था। फिर उसने निचला होंठ अपने होंठों में लेकर दबाया। साथ ही हथेली ब्लाउज पर रखी चूची को मुट्ठी में भरने लगी। नेहा के मुंह से दबी सनसनाहट निकली।

अंग्रेजी में उसके स्तनों की तारीफ करते हुए कह रहा था कि तुम्हारी चूचियां बहुत अच्छी हैं।

उसकी उंगलियां ब्लाउज के कपड़े पर निप्पल ढूंढ रही थीं। नेहा की छाती तेजी से ऊपर-नीचे हो रही थी।

अब उसने नेहा की साड़ी खोलना शुरू कर दिया। साड़ी खोलकर अलग कर दी। अब नेहा पेटीकोट और ब्लाउज में थी।

पल्लू कंधे से खिसका। कमर का गाँठ उसने धीरे से खोला। लाल साड़ी बिस्तर के कोने पर सरक गई। पेटीकोट के नीचे गोरी नाभि और पेट की रेखा खुल गई।

मेरी जवान बीवी अभी भी घबरा रही थी, फिर भी रॉन का साथ दे रही थी।

उसके हाथ अभी भी अपनी साइड में जकड़े थे, पर वह रॉन को हटा नहीं रही थी। जब रॉन ने उसकी कलाई पकड़ी तो चूड़ियां खनक उठीं और वह हाथ ढीला छोड़ दिया।

रॉन के हाथ अब मेरी बीवी की गोरी जांघों पर फिर रहे थे। नेहा के बदन में भी गर्मी आने लगी थी। पेटीकोट चूत के पास तक ऊपर सरक आया था।

हथेली घुटने से ऊपर जांघ तक चढ़ रही थी। नेहा की जांघें पहले सिकुड़ीं, फिर धीरे से ढीली पड़ीं। पेटीकोट का कपड़ा चूत के मुंह तक सिमट आया। अंदर से गर्मी और हल्की गीली महक उठने लगी।

फिर रॉन ने नेहा का ब्लाउज खोल दिया और काली ब्रा दिखने लगी। फिर ब्रा भी खोल दी। स्तनों को नंगा कर लिया। मोटे-मोटे गोरे चूचे देखकर रॉन की आंखों में चमक आ गई।

हुक खुलते ही ब्लाउज दोनों तरफ गिरा। काली ब्रा में चूचियां कसी हुई थीं। उसने पीछे हाथ डालकर हुक खोला। ब्रा हटते ही भारी गोरी चूचियां आजाद होकर हल्की कांप उठीं। गुलाबी निप्पल सख्त होकर खड़े थे। रॉन एक पल उन्हें घूरता रहा।

अगले ही पल वह चूचियों को जोर से दबाते हुए एक-एक चूची मुंह में भरकर पीने लगा। नेहा के मुंह से आह निकल गई। वह अब गर्म होने लगी थी।

उसने दाहिनी चूची मुट्ठी में दबाई और निप्पल होंठों में लेकर चूसा। जीभ निप्पल के गोल पर घूम रही थी। नेहा की कमर चादर से ऊपर उठी। मुंह से लंबी आह टूटी, “आह्ह…”

बारी-बारी दोनों चूचियां चूस और दबा रहा था। नेहा भी अब उस विदेशी जवान लड़के के सिर को अपनी चूचियों पर दबाने लगी थी। काफी देर तक वह मेरी बीवी के चूचों को पीता रहा।

जब वह बाईं चूची पर गया तो नेहा की उंगलियां उसके बालों में घुस गईं। वह उसका सिर अपनी छाती पर और दबा रही थी। चूसने की आवाज कमरे में साफ सुनाई दे रही थी। निप्पल गीले होकर चमक रहे थे।

रॉन निप्पल को होंठों में दबाकर खींच रहा था। नेहा की कमर हर खिंचाव पर चादर से ऊपर उठ रही थी। उसके मुंह से टूटी आवाज निकली, “आह्ह… उह…”

फिर पेटीकोट खोल दिया। नेहा के बदन पर अब केवल पैंटी रह गई थी। पैंटी के ऊपर से मेरी बीवी की चूत को सहलाया और हाथ में पकड़कर भींच दिया।

नाड़ा खुलते ही पेटीकोट जांघों से नीचे सरक गया। काली पैंटी चूत पर चिपकी हुई थी। रॉन ने हथेली पूरे टीले पर रखी और उंगलियों से कपड़े समेत भींच लिया। नेहा के घुटने अपने आप सिकुड़ गए।

ये विदेशी गोरे लड़के देसी भारतीय चूत के कुछ ज्यादा ही दीवाने होते हैं।

रॉन मेरी पत्नी की चूत को बार-बार सहला और मसल रहा था। फिर पैंटी खींचकर उसे पूरी नंगी कर दिया।

मध्यमा उंगली पैंटी के ऊपर दरार पर ऊपर-नीचे फिरा रही थी। कपड़ा भीतर धंस रहा था। नेहा की सांस रुक-रुक कर निकल रही थी। फिर रॉन ने दोनों तरफ से पैंटी पकड़ी और जांघों से खींचकर पैरों के बाहर कर दी। चूत खुलकर सामने आ गई।

मुझे देखकर खुशी हो रही थी कि मेरी बीवी की चूत गीली हो चुकी थी। साफ पता चल रहा था कि नेहा भी मजा ले रही है। फिर वह उसकी चूत को जीभ से चाटने लगा।

होंठों पर पतली चमक थी। भीतरी मांस हल्का गुलाबी और सूजा हुआ लग रहा था। रॉन ने जांघें फैलाकर मुंह चूत पर रख दिया। जीभ ऊपर की कली से नीचे छेद तक एक लंबी चाट में गई। नेहा का पूरा बदन झटका।

नेहा एकदम सिसकारने लगी। अपनी चूचियों को धीरे-धीरे सहलाते हुए चूत चटवाने लगी। जैसे ही रॉन जीभ अंदर घुसाता, नेहा जांघें फैलाकर जीभ को अंदर तक रास्ता दे देती।

उसके मुंह से लगातार आवाज टूट रही थी, “आह्ह… हां… उह्ह…” दोनों हाथ चूचियों पर थे। उंगलियां निप्पल मसल रही थीं। रॉन की जीभ छेद में घुसती तो वह एड़ियां चादर पर घिसकर जांघें और खोल देती। गीला रस उसकी ठुड्डी तक लग रहा था।

काफी देर तक वह नेहा की चूत चाटता रहा। नेहा मदहोशी के कगार पर पहुंच गई। फिर रॉन उठा और पैंट उतारने लगा। पैंट उतारकर एक तरफ डाल दी।

नेहा की कमर अब अपने आप हिल रही थी। आंखें आधी बंद थीं और होंठ खुले हुए थे। रॉन खड़ा हुआ, बेल्ट खोली और पैंट उतारकर कुर्सी पर फेंक दी।

सफेद जांघिया में उसका लंबा लंड पूरा तना हुआ था। फिर बिस्तर पर वापस आ गया और नेहा के सामने घुटनों पर खड़ा हो गया।

जांघिए के कपड़े पर लंड की लंबी उभरी रेखा साफ थी। सिरा कपड़े को ऊपर उठाए हुए था। वह नेहा की छाती के पास घुटनों के बल आ गया।

चड्डी खींच दी और लंबा खीरे जैसा लंड नेहा के सामने उछलकर बाहर आ गया।

रॉन का लंड मेरे लंड से भी बड़ा था। उसे देख नेहा थोड़ी घबरा गई।

मोटा सुपारा चमक रहा था। नसें डंडी पर उभरी थीं। नेहा की नजर वहीं अटक गई और उसने निचला होंठ दांतों में दबा लिया।

अब रॉन ने कहा, “इसे चूसो।”

नेहा ने शर्म के मारे एक बार मेरी ओर देखा।

मैंने इशारे में कहा कि शरमाओ नहीं, मजा लो बस। लंड चूसने का इशारा कर दिया।

नेहा ने रॉन का लंड मुंह में ले लिया और चूसने लगी। कुछ पल बाद उसे बहुत मजा आने लगा और पूरे मूड में आकर चुसाई करने लगी।

पहले केवल सुपारा होंठों में गया। फिर उसने जीभ नीचे से फिराई और मुंह और खोल दिया। गीली चूसने की आवाज उठने लगी। उसके गले से दबी सिसकी निकल रही थी, “उम्म… आह्ह…”

रॉन भी उसके सिर को पकड़कर आहें भरता हुआ अपना लंड मेरी बीवी के मुंह में पेलता रहा।

उसकी उंगलियां नेहा के बालों में जमी थीं। कमर धीरे आगे आ रही थी। मुंह से टूटी आवाज निकल रही थी, “आह्ह… हां… उह्ह…” लंड उसके होंठों पर अंदर-बाहर हो रहा था।

काफी देर तक नेहा ने अच्छे से उस विदेशी लंड को चूसा।

उसके होंठ सुपारे पर भीगे हुए थे। जीभ डंडी के नीचे फिराकर वह बार-बार मुंह में गहरा ले रही थी। ठुड्डी पर थूक की धार चमक रही थी। रॉन की कमर हर चूसाई पर अकड़ जाती।

उसके बाद रॉन ने नेहा के हाथ में कंडोम दे दिया। नेहा समझ गई और उसके लंड पर कंडोम चढ़ा दिया।

पैकेट फटने की आवाज हुई। नेहा ने लंड मुट्ठी में पकड़ा, सुपारे पर रबर रखा और जड़ तक उतार दिया। लंड कंडोम में और तना हुआ लग रहा था।

फिर रॉन ने उसे सीधा लिटाया और टांगें चौड़ी कर दीं। चूत के द्वार पर लंड रखकर कहा, “प्रिय, क्या तुम तैयार हो।”

नेहा की पीठ चादर पर लगी। रॉन ने घुटनों से उसकी जांघें दोनों तरफ खोल दीं। सुपारा गीली दरार पर सटा हुआ था। नेहा की सांस रुक गई।

नेहा ने मुस्कुराकर कहा, “धीरे से डालना, कृपया।”

आवाज कांप रही थी। उसने रॉन की कलाई पकड़ रखी थी।

तब रॉन ने एक जोरदार धक्का दिया और आधा लंड नेहा की चूत में जा घुसा।

सुपारा छेद को फैलाता हुआ अंदर धंस गया। नेहा की कमर बिस्तर से उछली। अंदर की दीवारें लंड पर सिकुड़कर भींच गईं।

नेहा के मुंह से चीखनुमा तेज आवाज निकली, “आह्ह… धीरे, रॉन, धीरे।”

उसकी उंगलियां रॉन की पीठ में गड़ गईं। आंखें एक पल को मीच गईं। होंठ खुले रह गए।

वह असहज हुई तो रॉन भी रुक गया। लंड आधा चूत में घुसाए रखा और नेहा के ऊपर लेटकर होंठ चूसता रहा। नेहा भी उसके होंठों का रस पीती रही।

वह हिला नहीं। केवल सीने का भार नेहा पर रखा और उसके कांपते होंठ चूसता रहा। नेहा धीरे-धीरे उसकी जीभ का साथ देने लगी। चूत के अंदर लंड की गर्मी फैल रही थी।

फिर रॉन ने धीरे-धीरे लंड अंदर-बाहर करना शुरू किया और नेहा भी आहें भरने लगी।

पहला खिंचाव हल्का था। सुपारा छेद तक आया और फिर अंदर गया। नेहा के मुंह से टूटी आवाज निकली, “उह्ह… आह्ह… हां…” जांघें अब जकड़न छोड़ रही थीं।

रॉन ने धीरे-धीरे रफ्तार तेज करनी शुरू कर दी। उसका लंड अब पूरा का पूरा नेहा की चूत में अंदर-बाहर हो रहा था।

हर धक्के पर जड़ चूत के होंठों से टकरा रही थी। नेहा की चूचियां ऊपर-नीचे उछल रही थीं। गीली आवाज हर बार और साफ होने लगी।

रॉन ने रफ्तार बहुत बढ़ा दी और जोर-जोर से नेहा को चोदने लगा। नेहा ने हाथ से रॉन को पकड़ रखा था और पैर ऊपर करके उसे जैसे जकड़े हुए थी।

एड़ियां उसकी कमर पर जमी थीं। नाखून पीठ में धंस रहे थे। नेहा चीख-सी आवाज में बोल रही थी, “आह्ह… रॉन… उह्ह… और धीरे नहीं… आह्ह…”

पूरा कमरा नेहा की आहों से गूंज रहा था। हरी चूड़ियां चुदाई की आवाजों में खन-खन मिलाकर माहौल को और कामुक बना रही थीं।

हर धक्के पर कलाइयों की चूड़ियां बिस्तर से टकराकर बज रही थीं। पायल भी एड़ियों के हिलने से खनख रही थी।

मेरी बीवी की चूत अभी तंग थी, इसलिए रॉन को पूरा मजा आ रहा था। जब बड़ा लंड तंग चूत में जाता तो चट-चट की आवाज हो रही थी।

छेद लंड पर कसकर भींच रहा था। बाहर निकलते समय भीतरी होंठ रबर से चिपककर खिंच रहे थे। रॉन के दांत भींचे हुए थे और गरदन की नसें उभर आई थीं।

रॉन के धक्के काफी तेज थे, जिससे बिस्तर भी हल्का-हल्का हिल रहा था।

हेडबोर्ड दीवार से टक-टक बज रहा था। नेहा के बाल तकिए पर बिखर गए थे। पसीना दोनों के पेट के बीच चमक रहा था।

हर धक्के पर उसकी चूचियां रॉन की छाती से दबकर फैल रही थीं। जांघों के जोड़ पर उसकी एड़ियां कस गई थीं। मुंह से टूटी आवाज निकल रही थी, “आह्ह… उह्ह… रॉन… आह्ह…”

दोस्तों, सच में क्या मस्त माहौल था। मुझे भी पूरा मजा आ रहा था। मैं हर लम्हे को फोन के कैमरे में कैद कर रहा था।

सोफे पर बैठे-बैठे मेरा लंड पैंट में तना हुआ दुख रहा था। मैं जांघ भींचकर कैमरा साधे हुए था। स्क्रीन पर नेहा की खुली चूत और रॉन का अंदर-बाहर होता लंड साफ दिख रहा था।

लाइव चुदाई देखने में अलग ही मजा आता है। खासकर जब खुद की बीवी किसी और के लंड से चुद रही हो तो उत्तेजना और बढ़ जाती है।

मैं उन दोनों की चुदाई का पूरा आनंद ले रहा था।

नेहा की सिसकारियों से पता चल रहा था कि वह भी विदेशी लंड से चुदने का पूरा मजा ले रही है।

उसकी आंखें आधी बंद थीं। होंठ खुले थे और हर गहरे धक्के पर दबी चीख टूट रही थी, “हां… आह्ह… और… उह्ह…” कमर अब खुद रॉन की तरफ उठ रही थी।

फिर रॉन ने उसे घोड़ी बना लिया और पीछे से चूत में लंड पेल दिया। चूचियों को मसलते हुए मेरी बीवी की चूत को बेरहमी से चोदने लगा।

उसने नेहा की कमर पकड़कर घुमाया। नेहा घुटनों और हथेलियों के बल हो गई। पीठ झुक गई और चूत पीछे की तरफ खुल गई। रॉन ने सुपारा दरार पर घिसा और एक ही धक्के में लंड जड़ तक उतार दिया। दोनों हथेलियां लटकती चूचियों पर जमी थीं। निप्पल उंगलियों में दब रहे थे।

नेहा जोर-जोर से चीखने लगी। उसकी चीखें सुनकर मुझे और मजा आ रहा था। मैं चाहता था कि रॉन उसकी चूत को चोद-चोदकर थका दे।

तकिए में मुंह धंसाकर भी आवाज रुक नहीं रही थी, “आह्ह… रॉन… उह्ह… फाड़ रहे हो… आह्ह…” चूड़ियां हर झटके पर खनख रही थीं। उसके कूल्हे रॉन की जांघों से चट-चट टकरा रहे थे।

18-20 मिनट की जोरदार चुदाई के बाद रॉन के धक्के एकदम रुकने लगे। उसने मेरी बीवी की चूत में पानी छोड़ दिया।

आखिरी धक्के छोटे और गहरे हो गए। रॉन की कमर अकड़ गई। वह नेहा की कमर भींचकर अंदर ही रुका रहा। कंडोम चूत के भीतर फूल गया। नेहा कांपती आवाज में बोल रही थी, “आह्ह… उह्ह… रुक… आह्ह…”

नेहा की चूत से निकला रस बिस्तर पर भी गीलापन दे चुका था।

जांघों के अंदर का रस चादर पर गहरा दाग छोड़ चुका था। घोड़ी की मुद्रा में भी उसकी चूत से पतली धार टपक रही थी।

रॉन ने लंड बाहर निकाला और कंडोम निकालकर एक ओर फेंक दिया। फिर नेहा को बांहों में लेकर कुछ देर लेटा रहा।

लंड निकलते ही चूत के होंठ सिकुड़े और खुले रह गए। रॉन ने भरा कंडोम गांठ बांधकर फर्श की तरफ फेंका। नेहा को सीधा लिटाकर अपनी छाती से लगा लिया। दोनों की सांसें अभी तेज थीं।

थोड़ी देर बाद उसने फिर से मेरी बीवी की चूत में उंगली करनी शुरू कर दी।

दो उंगलियां गीली दरार पर फिरीं, फिर छेद में घुस गईं। अंदर अभी भी गर्म और फूला हुआ था। नेहा की कमर फिर से हिल उठी।

रॉन की मध्यमा अंदर-बाहर हो रही थी। अंगूठा कली पर रगड़ रहा था। नेहा के मुंह से दबी आवाज निकली, “उह्ह… आह्ह… रुको मत…” जांघें फिर से ढीली पड़ गईं।

नेहा दोबारा गर्म हो गई और रॉन ने अपना लंड उसके मुंह में दे दिया और चुसवाने लगा।

वह घुटनों के बल उसके चेहरे के पास आ गया। नरम लंड उसके होंठों पर टिकाया। नेहा ने सुपारा मुंह में लिया और जीभ से चाटने लगी। चूसते हुए उसके गले से सिसकी टूट रही थी, “उम्म… आह्ह…”

2 मिनट के अंदर ही नेहा ने रॉन के लंड को चूस-चूसकर खड़ा कर दिया।

लंड उसके होंठों में फूलकर तन गया। नसें फिर उभरीं। नेहा ने जड़ तक मुंह में लेने की कोशिश की और ठुड्डी पर थूक चमकने लगा।

एक बार फिर रॉन ने नेहा को नीचे गिराया और चूत पेलने लगा।

नया कंडोम चढ़ा। उसने नेहा की टांगें कंधों पर रखीं और सुपारा छेद पर सटाकर धक्का दिया। नेहा चीखी, “आह्ह… धीरे… उह्ह… अंदर आ गया…” इस बार चूत आसानी से खुल गई और लंड जड़ तक समा गया।

इस बार करीब 30 मिनट तक चुदाई चली होगी और दोनों थककर निढाल हो गए।

रॉन ने उसे करवट में भी लिया। पीछे से लंड पेलते हुए चूची मसलता रहा। नेहा तकिए को भींचकर बोल रही थी, “आह्ह… रॉन… उह्ह… और नहीं सह पा रही… आह्ह…” आखिर दोनों की कमर कांपने लगी और रॉन अंदर रुककर भर गया।

इस तरह उस रात उस विदेशी लड़के रॉन ने मेरी बीवी की चूत सुबह 6 बजे तक चोदी। उसने चुदाई के 4 राउंड लिए और मेरी बीवी को चोद-चोदकर बेहोशी के कगार पर ला दिया।

बीच-बीच में पानी और छोटी झपकी होती रही। हर बार वह नेहा की चूत चाटकर, चूचियां चूसकर और लंड मुंह में देकर फिर खड़ा होता। चारों बार कंडोम नया रहा। आखिरी राउंड में नेहा की आवाज टूट-टूट कर निकल रही थी।

चारों राउंड में अलग-अलग पोजीशन में चुदाई हुई, इसलिए नेहा का बदन बुरी तरह टूट गया था। हर राउंड की चुदाई का मैंने अलग-अलग वीडियो बना लिया।

सीधा लेटना, घोड़ी, करवट और ऊपर बैठकर, चारों मुद्राओं में उसका गोरा बदन हिला। जांघों पर उंगलियों के निशान पड़ गए। मैं हर राउंड का अलग वीडियो रोककर सहेजता रहा।

बीवी की चुदाई के वीडियो फोन में सहेजकर रख लिए। मैं इन यादों को अपने पास सुरक्षित रखना चाहता था।

रॉन का मन मेरी बीवी की चूत मारकर अब भी नहीं भरा था। वह कहने लगा कि एक राउंड और करने दो।

जबकि उसका समय 6 बजे तक ही था।

वह और ज्यादा पैसे देने की बात करने लगा।

खिड़की के बाहर उजाला फैल रहा था। रॉन ने नोटों की तरफ इशारा किया और नेहा की गीली जांघ सहलाई।

मगर नेहा बहुत थक गई थी, इसलिए मैंने मना कर दिया।

उसकी आंखें सूजी हुई थीं। कमर पकड़कर वह करवट में पड़ी थी। मैंने रॉन से कहा कि बस हो गया।

फिर नेहा ने मेरे चेहरे की ओर देखा और बोली, “चलो ठीक है, 6000 और ले लो। एक राउंड और करने दो इसे।”

आवाज थकी हुई थी, पर इनकार नहीं था। उसने रॉन की कलाई अपने पेट पर रख दी।

रॉन ने पैसे दिए और फिर से नेहा को लिटाकर चूसने लगा। कुछ ही देर में उसका लंड फिर खड़ा हो गया।

6000 की नोटें दराज में रखीं। रॉन ने उसकी चूचियां और चूत देर तक चूसी। नेहा सिसक रही थी, “उह्ह… आह्ह…” लंड मुंह में जाते ही फिर तन गया।

उसने एक राउंड चुदाई और की और नेहा को जमकर चोदा। फिर वह जाने लगा। जाते वक्त नेहा से उसका निजी मोबाइल नंबर भी ले गया।

आखिरी राउंड धीमा पर गहरा रहा। नेहा ने उसकी पीठ जकड़ रखी थी और हर धक्के पर “आह्ह… उह्ह…” बोल रही थी। निकलते समय रॉन ने उसका नंबर फोन में सहेजा और दरवाजे तक मुड़कर देखा।

रॉन के जाने के बाद मैंने नेहा को बांहों में भर लिया और कहा, “धन्यवाद जान, तुमने मेरी इच्छा पूरी कर दी। कोई तकलीफ तो नहीं है न तुम्हें।”

उसके बाल बिखरे थे। जांघों के बीच अब भी गर्मी थी। मैंने चादर उसके बदन पर खींच दी।

होठों पर लिपस्टिक धुंधली पड़ चुकी थी। गर्दन और चूचियों पर चूसने के निशान थे। वह मेरी छाती में मुंह छिपाकर धीमी सांस ले रही थी। कमर छूने पर हल्का सिसकी, पर दूर नहीं हटी।

वह बोली, “नहीं, कोई तकलीफ नहीं है। मुझे भी मजा आया।”

आवाज थकी हुई थी। उसने मेरी बांह अपनी कमर पर और कस ली। आंखें बंद होते हुए भी होंठों पर हल्की मुस्कान रह गई।

फिर मैं उसे बांहों में लेकर सो गया। हम दोनों रात भर जागे हुए थे, इसलिए शाम तक सोते रहे।

रॉन अब नेहा का दीवाना हो चुका था। फिर उसने फोन करके कहा कि वह एक और रात के लिए नेहा के साथ सोना चाहता है।

शाम को फोन बजा तो नेहा की भौंहें उठ गईं। रॉन बोल रहा था कि रात भर उसकी गोरी चूत और भारी चूचियां आंखों के सामने घूम रही हैं। एक और रात चाहिए। आवाज में वही लालसा थी।

इस बार और ज्यादा कीमत चुकाने को तैयार था।

मैंने भी नेहा को इसके लिए मना नहीं किया। अगले दिन रॉन फिर हमारे कमरे में आया। उसने एक रात को फिर से नेहा की चूत को जमकर चोदा।

नेहा ने फिर लाल साड़ी नहीं पहनी। हल्की नाइटी में थी। रॉन अंदर आते ही उसे बांहों में भरकर बिस्तर पर गिरा दिया। चूचियां चूसते हुए उसने पैंटी उतार दी। चूत पहले से गीली थी। कंडोम चढ़ाकर उसने सीधे लिटाकर लंड पेल दिया। नेहा चीखी, “आह्ह… रॉन… उह्ह… कल से सूजी है… आह्ह…” फिर जांघें खुद खुल गईं।

घोड़ी बनाकर भी चोदा। पीछे से चूचियां मसलते हुए धक्के गहरे थे। नेहा तकिया भींचकर बोल रही थी, “उह्ह… आह्ह… और अंदर… आह्ह…” रात में तीन राउंड चले। हर बार नया कंडोम रहा। आखिरी राउंड में वह नेहा के ऊपर ढेर होकर चूत में ही रुक गया।

मैंने दूसरी बार की चुदाई भी लाइव देखी और उसका भी वीडियो बना लिया। वहां रॉन और नेहा अच्छे मित्र बन गए। रॉन ने फिर से मिलने का वादा किया और चला गया। उन बातों को साल भर बीत गया है।

सुबह जाते समय रॉन ने नेहा के माथे पर चुंबन किया और कहा कि भारत लौटेगा तो पहले उसे ही देखेगा। नेहा ने हल्के से हाथ हिलाया। वीडियो फोन में अलग फोल्डर में सहेज लिए। साल भर में हमने वे वीडियो कई रात साथ बैठकर देखे।

हम दोनों रॉन का इंतजार कर रहे हैं। वह जब दोबारा भारत आएगा तो फिर वही मजा आएगा। हम इस बार भी गोवा जाने वाले हैं। रॉन के साथ अब उसके कुछ दोस्त भी आने की बात कर रहे थे, जो रॉन ने हमें फोन पर बताया था।

फोन पर रॉन ने कहा कि दो जवान दोस्त उसके साथ आना चाहते हैं। नेहा ने सहमति में सिर हिलाया। आंखों में घबराहट भी थी और वही पुरानी गर्मी भी।

उस दिन के लिए हम पति-पत्नी बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। मेरी बीवी की चुदाई अब मैं कई अनजान मर्दों से होते हुए देखने के लिए और ज्यादा उत्साहित हूं।

मैंने अपनी पत्नी की फोटो भी लगाई है, जरूर उसकी तारीफ में कुछ शब्द लिखें, मैं ये भी जानना चाहूंगा कि अगर आपको मौका मिले तो आप कैसे खुश करोगे मेरी प्यारी बीवी को।

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⚠️ महत्वपूर्ण अस्वीकरण

ये सभी कहानियाँ केवल काल्पनिक हैं।
इनका वास्तविक जीवन से कोई संबंध नहीं है।

सेक्स हमेशा सहमति पर आधारित होना चाहिए।
बिना सहमति के कोई भी कार्य गलत और दंडनीय है।

इन कहानियों से प्रेरित न हों।
बस पढ़ें, आनंद लें और भूल जाएं।