बहन और भाभी एकसाथ चुदी (सामूहिक चुदाई) भाग-1

कैसे हो आपसब। उम्मीद करता हूँ खैरियत से होंगे। दोस्तों मेरा नाम सनाया है। मैं पंजाब करनाल की रहने वाली हूँ। हम दो भाई–बहन हैं। मेरे भाई मुझसे एक साल छोटा है। वह देखने में बहुत हैंडसम गोरा चिट्टा है। और उसका नाम विवेक है।

और मैं तो कयामत हूँ। 23 साल की हो गई हूँ। लेकिन मेरा भरा हुआ बदन 32-28-36 का फिगर है। मेरा भाई जितना हैंडसम है मैं उतनी ही खूबसूरत हूँ। मेरी 36 साइज की गोल मटोल गांड किसी साँचे में ढली हुई लगती है। ये घटना आज से 4 महीने पहले की है। हम दोनों भाई–बहन की शादी सेट हो गई। मेरी शादी दिल्ली के एक कारोबारी के बेटे से हुई है। मेरी शादी के 15 दिन बाद मेरे भाई की शादी थी। तो मैं ससुराल में मात्र 7 दिन रही और फिर मायके आ गई।

मेरे घर मे सभी शराब पीते हैं। मेरे भाई भी पिता है। तो भाई की भी शादी हो गई। मेरा भाई बहुत सेक्सी है शादी से पहले भी वो कई लड़कियों को चोद चुका है। मुझे सबकुछ पता है। वह मेरी चाची और बुआ को भी चोद चुका है। मैं कई बार उसे बुआ और चाची को चोदते हुए देखी हूँ तो शादी हुए 6 दिन बीत चुके थे। और अब तो सारे मेहमान भी जा चुके थे। और उस दिन माँ-पिताजी भी मामाजी के यहां चले गए।

क्योंकि मामाजी के यहां भी शादी थी। तो घर मे बस हम 3 लोग ही थे। मैं भाई और भाभी। शाम के करीब 7 बज रहे थे। भाई छत पर शराब पी रहा था। और मैं और भाभी नीचे किचन में थे। भाई जमकर शराब पी चुका था। लेकिन वह और पिए जा रहा था। और फिर वो भाभी को आवाज दिया और बोला कि नीचे से नमकीन लेकर आना। तब तक वह काफी पी चुका था। छत पर अंधेरा ही रहता था।

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तो भाभी मुझसे बोली कि दीदी मैं खाना बनाती हूँ आप उनको नमकीन दे आइए। मैं छत पर गई तो देखा पूरा अंधेरा है। बड़ी मुश्किल से विवेक दिख रहा था। मैंने बोला ये लो नमकीन। और उसने मेरा हाथ पकड़ा और खींच लिया मैं सीधा उसकी गोद मे गिरी। और वो मेरे होंठो पर अपना होंठ रखके किस करने लगा मैं छूटने की कोशिश करने लगी लेकिन वो जोर से पकड़ा हुआ था। करीब 5 मिनट तक वह मेरे होंठो को चूसता रहा।

और इस दौरान वह मेरी नाइटी में भी हाथ डाल चुका था। और पैंटी के ऊपर से मेरी चुत को मसल रहा था। वह पूरी तरह से नशे में था। उसके मुँह से शराब की तेज गंध आ रही थी। फिर मैंने उसे धक्का देने की कोशिश की और बोली, ये क्या कर रहे हो। लेकिन उसपर कोई असर नहीं हुआ और फिर से मेरी होंठो को किस करने लगा। और मेरी चुत को तेज तेज रगड़ने लगा।

फिर वह मेरी चुचियों को दबाने लगा मेरी चुचियाँ बिल्कुल कड़क हैं क्योंकि मेरी चुचियों को किसी ने आजतक टच नहीं किया था। हाँ मैं खुद ही कभी कभी चुत में उँगली करते समय चुचियों को दबा दिया करती थी। मैं छूटने की लगातार कोशिस कर रही थी। फिर उसने बोला साली आज मैं तुझे जम के चोदूँगा। मेरा लंड कबसे तुझे चोदने को खड़ा है। और फिर वह मेरे होंठो को फिर से चूसने लगा। और मेरी चुचियों और चुत को मसलने लगा। करीब फिर से ऐसे ही मुझे 5, 7 मिनट किस करता रहा और मेरी चुचियों और चुत को मसलता रहा।

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और फिर वह मेरी नाइटी को उतार दिया। अब मुझे भी मजा आ लगा था और मेरे जिस्म में भी चुदाई की आग भड़क चुकी थी इसलिए मैं विरोध ना के बराबर करने लगी। फिर वह एक झटके में ही मेरी ब्रा को फाड़ दिया और किनारे फेंक दिया। और मेरी चुचियों को मुँह में लेकर पीने लगा।

मुझे अब बहुत मजा आ रहा था। विवेक मेरी चुचियों को पीते हुए मेरी पैंटी में हाथ डाल दिया और चुत के दाने (क्लाइटोरिस) को रगड़ने लगा। मेरी चुत का दाना बहुत बड़ा है। वह नॉर्मली भी चुत के बाहर निकला रहता है।

जब वह मेरी चुत को मसल रहा था तो बोला क्या बात है आज तो तू कुछ ज्यादा ही चुदासी हो गई है। तेरी चुत के दाने तो बहुत मोटी हो गई है। आज मैं तेरी चुत को फाड़ डालूंगा।

अब मेरी मुँह से आहहहहहहहहहहहहह… उँहहहहहहहहहहहहहहहहह…. सससीईईईईईईसिईईईईईईईई… की आवाजें आने लगी। मैं जोर जोर से लेकिन दबी आवाज में सिसकारियां लेने लगी। तभी भाई ने एकसाथ 2 उँगली मेरी चुत में डाल दिया और अंदर बाहर करने लगा। मुझे बहुत मजा आ रहा था। उसकी 2 उंगलियां मेरी चुत में टाइट हो रही थी। क्योंकि शादी से पहले मैं सिर्फ क्लाइटोरिस को रगड़कर ही हस्तमैथुन करती थी। मैं अंदर कभी उँगली नहीं डाली क्योंकि दर्द होता था। फिर भाई मुझे लेटाया और एक झटके में मेरी पैंटी को निकाल के फेंक दिया। अब मैं भी भाई का सहयोग करने लगी थी।

फिर भाई मेरे पैरों के तरफ हो गया और मेरी चुत को हाथों से रगड़ने लगा। उसकी हाथ की तेज रगड़ मेरे अंदर ज्वाला भड़का दिया था। फिर वह मेरी दोनों पैरों को फैलाया और अपना मुँह मेरी रसीली चुत पर रख दिया। उसके जुबान का स्पर्श पड़ते ही मेरी बदन में तेज झटके का करंट दौड़ गया और अनायास ही मेरी कमर उछल गई। भाई मेरी चुत को रगड़ के चाटने लगा। और चुत के दाने (क्लाइटोरिस) को मसलने लगा। वह क्लाइटोरिस को होंठो से पकड़ के रबड़ की तरह ऊपर खिंचने लगा। मेरी दोनो हाथ उसके सर पर आ गया और मैं जोर से उसका सर चुत पर दबाने लगी।

वह अपने जीभ को टाइट किया और मेरी चुत में डाल दिया और अंदर बाहर करने लगा। मुझे ये एहसास पहले कभी नहीं मिला था। मेरे पति कभी मेरी चुत नहीं चाटे थे। साथ ही वह मेरे क्लाइट को तेजी से रगड़ रहा था। मानो मुझे स्वर्ग का एहसास हो रहा हो। जिंदगी में पहली बार कोई मेरी चुत को चाट रहा था। वो भी कुत्ते की तरह रगड़ के। मैं तो पागल हो गई। ऐसा सुखद एहसास मैं पहली बार पा रही थी। आज तक मैं चुत के चाटने के मजे से अनजान थी। लेकिन आज भाई से मुझे सबकुछ मिल रहा था।

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मेरे मुँह से लगातार आहहहहहहहहहहहहह… उँहहहहहहहहहहहहहहहहह…. सससीईईईईईईसिईईईईईईईई… आहहहहहहहहहहहहह… उँहहहहहहहहहहहहहहहहह…. सससीईईईईईईसिईईईईईईईई…उईईईईईईईईई….. ममानंन्नंन्नंन… की आवाजें आ रही थी। करीब 10 मिनट तक भाई मेरी चुत को चाटा इस दौरान मैं 2 बार झड़ गई।

फिर विवेक घुटनों पर बैठ गया और मेरी एक पैर अपने कंधे पर रखा और मेरी चुत पर लंड रगड़ने लगा मैं तो मानो पागल हो गई। और उसकी चूतड़ों को पकड के अपनी चुत की तरफ खींचने लगी। उसका लन्ड बहुत बड़ा था। भाई के लन्ड का टोपा मशरूम की तरह उभरा हुआ बड़ा सा था। भाई बिल्कुल गोरा है इस कारण उसका लन्ड भी बिल्कुक गोरा है। जब मेरी चुत के दाने (क्लाइटोरिस) पर वह अपना लन्ड रगड़ रहा था तभी मैं समझ गयी कि आज सच मे मैं मर ही जाऊंगी, इतना बड़ा लन्ड से चूदकर।

फिर वह अपना लंड मेरी चुत के छेद पर रखा और जोर का झटका मारा उसका लन्ड का सुपाड़ा ही मेरी चुत में गया लेकिन मेरी जान निकल गई। मेरी मुँह से चीख निकलते निकलते रह गई। वह जानवर बन चुका था। शराब के नशे में सिर्फ उसे चोदने का हवस था। उसे जरा भी दया नही आ रही थी।

फिर वह बोला क्या बात है आज तो सबकुछ बदला हुआ लग रहा है। तेरी चुत तो आज और भी ज्यादा टाइट हो गई है। और फिर वह एक और झटका मारा और समूचा लन्ड मेरी चुत में समा गया। मेरी चीख जोर से निकल रही थी लेकिन मैं खुद ही अपना हाथ मुँह पर रख दी और मेरी आँखें जैसे बाहर आ गई। मेरे आंखों से आंसू भी आ गए। मुझे चुत में बहुत तेज जलन और दर्द हो रहा था। मैन भाई को धक्का देकर हटाने की कोशिश की लेकिन भाई तो जैसे हबसी बन चुका था। वज राक्षस की तरह मेरी चुत पर टूट पड़ा था। ना जाने भाभी इसको कैसे झेल पा रही होगी।

लेकिन मेरा भाई तो जानवर बन चुका था। वह जोर जोर से चोदने लगा। और मेरी आँखों से आंसू बहने लगे। मजूझे बहुत तेज दर्द हो रहा था। भाभी को पता ना चल जाए इस कारण मैं चिल्ला भी नहीं पा रही थी। मैं कुछ बोल भी नहीं पा रही थी। लेकिन करीब 8, 10 धक्कों के बाद मुझे मजा आने लगा। अब मेरी चुत में दर्द की जगह अद्भुत आनंद आ रहा था। मेरी चुत से किसी झील की तरह पानी आने लगा था। और भाई मुझे जबरदस्त चोदे जा रहा था। उसकी चुदाई इतनी जबरदस्त थी कि मेरी चुत में उसका पूरा लन्ड गहराई तक जा रहा था। ऐसा लग रहा था जैसे मेरी बच्चेदानी को भी फाड़ देगा।

मेरी मुँह से अब आहहहहहहहहहहहहह… उँहहहहहहहहहहहहहहहहह…. सससीईईईईईईसिईईईईईईईई… आहहहहहहहहहहहहह… उँहहहहहहहहहहहहहहहहह…. सससीईईईईईईसिईईईईईईईई…उईईईईईईईईई….. ममानंन्नंन्नंन… की आवाजें आ रही थी। और मैं फुसफुसाहट की आवाज में बोल रही थी। चोदो आहहहहहहहहह… आहहहहहहहहहहहहह… उँहहहहहहहहहहहहहहहहह…. सससीईईईईईईसिईईईईईईईई… आहहहहहहहहहहहहह… उँहहहहहहहहहहहहहहहहह…. सससीईईईईईईसिईईईईईईईई…उईईईईईईईईई….. ममानंन्नंन्नंन…बहुत मजा आ रहा है…..।

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मेरी आवाज इतनी धीमी थी कि बमुश्किल भाई को भी सुनाई दे रहा था। फिर भाई मेरे ऊपर लेट गया और मेरी होंठो को चूसने लगा। और कमर उठा उठा के मेरी चुत चोदने लगा। दोस्तों मैं शादी से पहले कभी नहीं चुदी थी। यहाँ तक कि सुहागरात को भी मेरा हस्बैंड मुझे नहीं चोदा था। और 7 दिन ससुराल मैं रही लेकिन मात्र 3 बार चुदी थी। लेकिन उस चुदाई में मुझे कोई मजा नहीं आया था। क्योंकि मुझे आज पता चला कि मेरे हस्बैंड का लन्ड तो बहुत छोटा है। और वह ना मेरी चुचियों को टच किये थे ना ही मेरी चुत चाटे थे। वह आते थे और मेरे चुत में सीधा अपना लन्ड डाल देते थे। और 5, 7 धक्के मार के लुढ़क कर सो जाते थे।

आज चुदाई का असली आनंद आ रहा था। भाई मुझे जमकर चोद रहा था और मैं भी पूरा साथ दे रही थी। मैं नीचे से गांड़ उछाल रही थी जिससे भाई का लन्ड मेरी चुत में गहराई तक चोट कर रहा था। करीब 25 मिनट तक मेरा भाई मुझे चोदता रहा इस दौरान मैं 4 बार झड़ चुकी थी। फिर भाई की शरीर भी ऐंठने लगा। अब वो और जोर जोर से चोदने लगा। तो मैं समझ गई कि भाई का लंड रस छोड़ने वाला है। और तभी मुझे एहसास हुआ कि ढेर सारा गर्म रस मेरी चुत में आ रहा है। उसकी लंड से बहुत जूस निकला मेरी चुत किसी झिल की तरह लबालब भर गई। और फिर भाई मेरे ऊपर ही लेट गया।

करीब 5 मिनट बाद भाई बोला कि आज बहुत मजा आया तेरी चुत तो ढीली होने के बजाए और टाइट होते जा रही है। मैंने भी बोला कि हाँ भाई आज से पहले मेरी ऐसी चुदाई कभी नहीं हुई। इतना सुनते ही भाई उछल गया और उठ के बैठ गया और बोला सन्नो तू?

मैंने बोला हाँ भाई मैं ही नमकीन लेकर आई थी और तूने अपने बहन को चोद दिया। तुम्हारा लंड बहुत बड़ा है। बहुत मजा आया। मेरे पति का लन्ड तो तेरे से आधा भी नहीं है और वो 5, 7 मिनट ही चोदते हैं। भाई समझ गया कि मैं बहुत चुदासी हूँ और लन्ड की भूखी भी। तभी भाई फिर से मुझे जकड़ लिया। और किस करने लगा। लेकिन तभी सीढ़ियों पर पायल की आवाज सुनाई दी। मैं फट से नाइटी पहन ली और बैठ गई। भाभी आई और बोली अंधेरे में भाई बहन क्या बातें कर रहे हैं। चलिए खाना हो गया है खा लीजिए।

फिर मैंने बोला आप भाई को लेकर जाइए मैं आती हूँ। वो दोनों चले गए तो मैं पैंटी पहनी और फटी हुई ब्रा को छत से नीचे फेंक दी। और नीचे चली गई।

दोस्तों अगले भाग में बताएंगे कि कैसे मैं और भाभी एकसाथ भाई के लन्ड से चुदी।

हमे उम्मीद है कि आपको हमारी कहानियाँ पसंद आयी होगी और हम आपको बेहतरीन सेक्स कहानियां प्रदान करना जारी रखेंगे ।

Part 2: बहन और भाभी एकसाथ चुदी (सामूहिक चुदाई) भाग-2

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