पड़ोसी औरत और उसकी लड़की को चोदा | Antarvasna Sex Xxx Kahani

नमस्कार दोस्तो, मैंने Antarvasna Sex Xxx Kahani को पढ़कर एक औरत और उसकी लड़की को चोदा।
मैं आपका समय बर्बाद नहीं करते हुए सीधे मुद्दे पर आता हूँ।

मैं 28 वर्षीय मध्य प्रदेश के जबलपुर शहर में रहता हूँ। मेरा काम किरायेदारों को कमरे किराए पर देना है।

मेरी पत्नी सावन के त्यौहार पर अपने घर गई हुई थी। ठीक उसी समय मेरे यहां किराये पर रहने के लिए एक पंडित परिवार का जोड़ा आया। पति का नाम शिव कुमार पांडे था और उम्र कम से कम चालिस वर्ष की थी। और उसकी पत्नी किसी भी लंड को देखते ही सलामी देने लगेगी। बिल्कुल दूध की सफेद गोरी की तरह।

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उसकी पत्नी Antarvasna Sex Xxx Kahani को देखकर मुझे आश्चर्य हुआ कि उसने इस आदमी से शादी कैसे की? उसकी बेटी, जो लगभग 19 साल की थी, और उसकी किस्मत उसकी युवावस्था में उसका पहला कदम था।

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लेकिन उसका शरीर क्या है? मेरे मुंह में पानी आ गया जब मैंने उसे देखा। किसी अप्सरा की तरह बहुत सुंदर, अपनी मां से भी अधिक गोरी।

इन किरायेदारों को आए हुए लगभग दो महीने हो गए थे। मेरे माता-पिता भी मेरे परिवार से बाहर गए हुए थे और मेरी पत्नी मायके गई हुई थी। घर में मैं बिल्कुल अकेला था।
मैं आपको बता दूं कि मेरा कमरा ऊपर था और मेरे माता-पिता का कमरा नीचे था। ऊपर को जाने के लिए एक सीढ़ी थी। जिसमें मेरा कमरा और किरायेदारों के सामने का कमरा था।
मेरे कमरे के सामने वाली सीढ़ी से किरायेदारों को अपने कपड़े डालने के लिए ऊपर छत जाना पड़ता था।

उसकी पत्नी गाउन में मुझे देखते हुए अक्सर ऊपर जाती रहती थी। मैं दरवाजा खोले बिना टीशर्ट पहने बैठा रहता था।

शुरू में वह मुझे देखकर कभी-कभी आंखें झुका लेती थी, लेकिन कुछ दिनों बाद वह मुझे देखकर मुस्कुराती हुई नीचे चली जाती थी। मैं भी अनजान था, इसलिए कुछ नहीं कहा।

पर एक दिन वह मुझे देखकर नीचे चली गई। मैं दिन भर अंतर्वासना में कहानी पढ़ते हुए चांस लेने का विचार करता रहा क्योंकि मेरी पत्नी नहीं थी।

वह वापस आने पर मैं भी उसे देखकर मुस्कुरा दिया। वह मेरे कमरे में आकर मुस्कुराकर पूछा, “आजकल आप बहुत उदास और उदास रहते हैं?”
मैंने कहा, हां भाभी।
“क्या हो गया?मैंने कहा कि मेरे मां-बाप और मेरी पत्नी चले गए हैं। और अकेले बैठे बैठे मुझे बुरा लगता है।
उन्होंने कहा कि आपको चिंता क्यों है? मैं हूँ ना..। मैं क्या करूँ? आपके लिए कुछ बनाऊँ?

मैं भूल गया था कि उनका नाम माधुरी था।
मैंने कहा, नहीं भाभी!

तब उन्होंने मेरी पत्नी से पूछा।
मैंने उनसे कहा कि हमारी जीवनशैली बहुत अच्छी चल रही है।
और कुछ समय बाद वह चली गई।

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फिर वह अकेले आकर बोलने लगती।

एक दिन वह कुछ उदास लगी। वह मुझे देखकर नीचे चली गई बिना कुछ कहे।

फिर मैं उनके कमरे में गया और माधुरी भाभी से पूछा कि तुम उदास क्यों हो? क्या हुआ? कोई परेशानी है? मैं तुम्हारे पति से बातचीत करूँगा।
तो वह मेरे लिए पानी ले आई और कुछ नहीं कहा।

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फिर उसने कहा कि तुम नहीं समझेंगे। हम पति-पत्नी हैं।
तो मैं उठकर चला गया।

फिर उन्होंने कहा, “सुनिए, तुम परेशान हो गए हो।”
मैंने कहा कि नहीं, मैं परेशान नहीं था। लेकिन अगर आप मुझे वह नहीं बता सकते, तो मैं आपकी तकलीफ कैसे दूर करूँगा?

“मेरे पति बहुत शराब पीते हैं और समय से घर नहीं आते,” उन्होंने कहा। मैं इससे बहुत परेशान हूँ और मेरी जिंदगी अच्छी नहीं चल रही है।
मैंने कहा कि आपको चिंता नहीं करनी चाहिए; मैं उन्हें समझा लूंगा और सब धीरे-धीरे ठीक हो जाएगा।

उसने कहा कि तुम बहुत अच्छे हो और मेरा हाथ पकड़ लिया।
जैसे ही वह मेरा हाथ पकड़ा..। शरीर में कुछ ऐसा महसूस हुआ जैसे करंट दौड़ गया हो। मेरा पूरा शरीर हल्का हो गया और हर रोम-रोम खिला हुआ था।

शायद वे समझ गए और पूछा: क्या है? पत्नी को याद आया।
तो मैं भी हँस पड़ा।

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फिर वह रसोई में चाय बनाने गई। साथ ही उनकी लड़की कोचिंग से बाहर गई हुई थी।

माधुरी भाभी मेरी ओर देखते हुए बार-बार मुस्कराती थी। मैं नहीं जानता कि क्या हो रहा था। मैं भी उनकी गोरी पीठ देख रहा था। और उनके उभरे हुए चूतड़ देखकर मुझे ऐसा लगा कि मेरा लंड कपड़े से बाहर निकल जाएगा।

मैं भी नहीं जानता कि मेरे ऊपर किस तरह की प्रेरणा थी..। मैं उनके पीछे पीछे खाना बनाने की ओर चला गया।

थोड़ी देर बाद वे मुझे देखकर पूछा, “आप यहां क्यों आए?” मैं सिर्फ चाय ला रहा था।

मैं रहा नहीं गया..। मैंने कसके को अपनी बाँहों में पकड़ा। वह भी रोने लगी।

फिर भाभी ने मुझे दूर करके कहा कि यह सब गलत है।
मैं भी भाभी को सही बताया। और मैं चला गया।

लेकिन जैसे ही मैं मुड़ा, भाभी ने मेरा हाथ पकड़ लिया और मुझे अपनी ओर खींच लिया और मुझे ऐसे प्यार से चुंबन दिया कि मेरा शरीर खिल गया।

फिर मैंने उनकी पेंटी में हाथ डालकर उनके गाऊन को ऊपर किया। भाभी की चूत पर बहुत सारे बाल थे, जैसे महीनों से उन्हें साफ नहीं किया गया हो। तब भी मैंने योनि में उंगली डालकर उनके गड्ढे की तलाश की।

Gori Bhabhi ki Chudai Gori Bhabhi ki Chudai लगता था कि वह स्वर्ग में चली गई। उन्हें खुशी मिलने लगी।
फिर मैंने उनके रसीले होंठों पर अपने होंठ चिपका दिए। मैंने ऐसा कम से कम पंद्रह मिनट तक किया।

फिर मैंने उनके गाऊन को उतारा। काली ब्रा पेंटी के साथ दूध जैसा गोरा शरीर अब तो मैं बेकाबू हो गया और पागलों की तरह उनको चाटने लगा।

जैसे ही मैं उनके शरीर को चाटने लगा, भाभी तेजी से सांस लेने लगी। मैंने उनको गोद में उठाया और बिस्तर पर ले गया। फिर मैंने उन्हें बिस्तर पर लेटाकर एक हाथ उसकी पैंटी में डालकर उनकी चूत जोर से मसलने लगा। माधुरी भाभी को जोर से किस करते हुए दूसरा हाथ उनकी गर्दन के नीचे रखने लगा।

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हम लोगों ने आधे घंटे तक ऐसा किया। मैंने उनके होंठ, गाल, आँखें, गला और ब्रा से बाहर निकले बूब्स चाटा।

यह भाभी को पूरी तरह से उत्साहित करता था, इसलिए उन्होंने जल्दी से मेरा अंडरवियर उतार दिया। भाभी मेरे लंड को देखकर बहुत खुश हुई। भाभी मेरा साढ़े सात इंच का लंड देखकर खुद को रोक नहीं पाई और उससे खेलने लगी।

मैंने पाया कि भाभी चुदाई के लिए भूखी हैं। फिर भाभी ने मेरा लंड उसके मुंह में डाला। आज तक मैंने ऐसा कभी नहीं किया था। मेरी पत्नी ने कभी ऐसा नहीं किया था।

भाभी ने मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर तेज चूसने लगा। यह मेरी पहली घटना थी। भाभी लॉलीपॉप की तरह मेरा लंड चूस रही थी!

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मैं अपने आप को दस मिनट तक संभालने के बाद उनके मुंह में झड़ गया। और भाभी हंसते हुए बाथरूम में घुस गई।

फिर भाभी मुंह धोकर मेरे पास आई और फिर मेरे लंड से खेलने लगी।

5 मिनट बाद मेरा लिंग फिर से खड़ा हो गया। फिर मैंने उनकी ब्रा को जोर से खींच लिया। उसकी पूरी तरह से नंगी चूचियां मेरे सामने आ गईं जब उनके हुक टूट गए। फिर मैंने उनके बूब्स को एक-एक करके दबाया और चूसा। जब मैं उनके बूब्स दबाता, वे एक हल्की आह निकालते।

ऐसा करते-करते लगभग पंद्रह मिनट बीत गए, तो उन्होंने पूछा, “ऊपर ही रहोगे?” तुम नहीं उठोगे?
जब मैंने उनका संकेत समझा और उनके पूरे शरीर को चूमकर नीचे आया, तो मैंने उनकी झांट के बालों को हटाकर उनकी योनि में उंगली डाली।

और जैसे ही मैंने योनि में उंगली डाली, मुझे लगा कि वह सातवें आसमान पर चली गई और “जोर से… और जोर से…” कहने लगी।
मैं फिर से भाभी की चूत में उंगली डालने लगा।

ऐसा करते हुए भाभी को पूरा आनन्द आया, तो वह झड़ गई और मुझे अपने सीने से चिपका लिया और कहा, “आज तक किसी ने मुझे ऐसा मजा नहीं दिया।”
फिर वे पूछा, “तुम सिर्फ उंगली से काम करोगे?” उसका उत्साह भी दिखाओ!

जैसे-जैसे मैं समझ गया, मैंने एक टांग ऊपर करके धीरे-धीरे अपना लंड उनके गड्ढे में डाला और एक जोरदार चीख निकल गयी।
मैं सिर्फ भयभीत हो गया। मैं थोड़ा रुका।

फिर मैंने उनसे मेरे दर्द का कारण पूछा तो उन्होंने कहा कि मेरे पति को सेक्स करने का बहुत शौक नहीं है, इसलिए मैं सिर्फ प्यासी रह जाती हूँ। उन्होंने इसे लगभग छह महीने पहले किया था।

मैं उनके दुःख को समझ गया। फिर मैंने फिर से भाभी की चूत में अपना लंड डाला। लेकिन इस बार मैं भाभी के होंठों के ऊपर अपने होंठ रख रहा था।

अब मैं झटके अधिक जोर से मारने लगा। भाभी भी मेरा साथ दे रही थी और अपने चूतड़ उठा उठा कर जल्दी से चुदाई करने के लिए कह रही थी।
मैं भी बहुत खुश था।

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हम लोग बहुत देर तक ऐसा करते रहे। फिर मैंने उनसे अपनी स्थिति बदलने को कहा, लेकिन उन्होंने कहा कि मैंने कभी पीछे नहीं करवाया।
मैंने उन्हें बताया कि मैं करूँगा।

फिर मैंने उनसे घी या तेल की मांग की। भाभी ने तेल लाया।

जब मैंने भाभी की गांड में तेल लगाया और उंगली अंदर डाली, तो मुझे लगा कि यह पहली बार था।

मैंने भाभी के पीछे के छेद में अपना लंड डाला। मैंने उनकी टांगें फैला दी और उनके दोनों हाथों को लंड पर जोर से दबाया। भाभी की गांड मेरे लंड से भरने लगी।
“धीरे-धीरे,” भाभी ने कहा।
भाभी की गांड मेरे आधे लंड से भर गई।

फिर मैंने एक तीव्र शॉट मारा जिससे मेरा पूरा लंड फूट गया। मैं डर गया जब भाभी ने इतनी जोरदार चीख दी।
मैं भाभी को रोते देखा।

फिर मैंने अपना लंड थोड़ा बाहर निकाला और उनके मुंह पर हाथ रखकर धीरे-धीरे अंदर-बाहर करने लगा। थोड़ी देर बाद मेरा दर्द कम हुआ, तो भाभी मेरा साथ देने लगी और उम्म्ह… अहह… हय… याह… की आवाज निकालने लगी।

मैं भाभी को गांड मारने में अब मज़ा आ रहा है। दस मिनट तक ऐसा करते-करते उन्होंने मुझे अपना लंड निकालने को कहा। मैंने लंड निकाला।
मैं तुम्हारा माल फिर से अपने मुंह में लेना चाहती हूँ, भाभी ने कहा।

मैं भी खुश हो गया जब मैंने उनके हाथ में अपना लंड दिया और वे उसे जोर से चूसने लगे। ऐसा करते-करते लगभग पांच मिनट बाद, वे माल निकालने लगे और उसे जोर से चूसने लगे।
मैं भी बहुत अच्छा अनुभव मिला।

फिर उन्होंने कहा कि जीवन में कभी ऐसा सुख नहीं मिला।
वह जोर से मुझसे लिपट गई।

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फिर हम जब भी मौका मिलता, सेक्स करते हैं।
जब पति और उनकी लड़की नहीं रहते, तो मैं कभी-कभी उनके घर जाता, या वह खुद कपड़े छत पर डालने के बहाने मेरे कमरे में आ जाती।

मैंने इसके बाद भी उनकी लड़की को चोदा। वह दूसरी कहानी में बता देगा।

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धन्यवाद.

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