Chacha ki sali sex story: मेरा नाम मीत है और मैं भरतपुर राजस्थान से हूं। यह कहानी मेरी और मेरे चाचा की साली की है जो बहुत ही हॉट और सेक्सी है। अब आप यह सोच रहे होंगे कि मैंने अपनी चाचा की साली के साथ ऐसा क्यों किया। दोस्तों चूत और लंड कभी भी रिश्तों को नहीं देखते। जहां मिले चूत और लंड का मजा लो और दूसरों को भी दो। अब मैं आपका समय ज्यादा न लेकर कहानी पर आता हूं।
मेरे चाचा की साली का नाम पूनम था। वह सच में बहुत ही सेक्सी और हॉट दिखती थी। उसका फिगर तीस बत्तीस तीस का था। उसके स्तन बड़े और गोल थे जो कमीज के नीचे उभर आते थे। कमर पतली थी और कूल्हे भरे हुए थे जो चलते वक्त लहराते थे। उसकी गोरी त्वचा पर पसीना चमकता रहता था। अक्सर वह मुझे घूरकर देखा करती थी लेकिन मैं उसे इग्नोर कर देता था।
एक दिन की बात है। मैं अपनी छत पर अकेला लेटा अपने फोन में सेक्सी फिल्म देख रहा था। रात का अंधेरा चारों तरफ फैला हुआ था। हल्की हवा चल रही थी जो मेरे गर्म शरीर को थोड़ी राहत दे रही थी। स्क्रीन पर एक मर्द एक औरत को जोर से चोद रहा था। वह अपनी मोटी लंड को उस औरत की गीली चूत में जोर जोर से ठेल रहा था और तेजी से बाहर खींच रहा था। औरत की कराहें और चीखें फोन से निकल रही थीं। वह जोर जोर से चिल्ला रही थी जैसे उसका पूरा शरीर सुख से कांप रहा हो। मेरा लंड पैंट में सख्त होकर तन गया था। वह फड़क रहा था और गर्मी से भर गया था। मैं धीरे से उसे दबा रहा था ताकि थोड़ी राहत मिल सके।
अचानक मुझे एहसास हुआ कि मेरे पीछे कोई खड़ा है। मेरा दिल तेज धड़कने लगा। मैं घबरा गया। मेरा हाथ कांपने लगा और फोन की स्क्रीन पर से हट गया।
उसने पूछा कि क्या देख रहे हो तुम। उसकी आवाज में शरारत थी। मैंने कहा कुछ नहीं। मेरा गला सूख गया। उसने कहा मुझे सब पता है कि तुम क्या देख रहे थे। मैंने कहा किसी को मत बताना प्लीज। उसने कहा एक शर्त पर। मैंने पूछा क्या। उसने कहा तुम मुझे भी दिखाओगे। मैंने फोन फिर चालू किया और हम दोनों एक साथ फिल्म देखने लगे।
फिल्म में अब मर्द औरत की चूत चाट रहा था। वह अपनी लंबी जीभ को उसकी चमकदार चूत के हर हिस्से पर फेर रहा था। वह उसकी चूत के होठों को चूस रहा था और जीभ से क्लिट को रगड़ रहा था। औरत उसके सिर को दोनों हाथों से जोर से दबा रही थी। उसकी उंगलियां उसके बालों में उलझी हुई थीं। पूनम मेरे पास बैठ गई। उसकी गर्म जांघ मेरी जांघ से छू रही थी। उसकी सांसें मेरे कान के पास आ रही थीं। मेरा लंड और सख्त हो गया था। वह अब पैंट के कपड़े को खींच रहा था। फिल्म में मर्द ने लंड निकाला और औरत के मुँह में डाल दिया। पूनम की सांसें भारी हो गई थीं। हम दोनों चुप थे लेकिन शरीर की गर्मी महसूस हो रही थी।
फिल्म खत्म होने के बाद वह चली गई। उसने मेरी तरफ देखा और बिना बोले नीचे चली गई। रात को मैं दोस्तों के साथ घूमकर आया। शरीर थका और पसीने से तर था। मैं सोने की जगह ब्लू फिल्म देखने लगा। स्क्रीन पर एक लड़की को पीछे से चोदा जा रहा था। मेरा लंड फिर खड़ा हो गया। मैंने उसे बाहर निकालकर सहलाया लेकिन ज्यादा कुछ नहीं किया। फिर मैं मम्मी पापा और भाई के साथ सो गया।
रात को लाइट चली गई। अंधेरा हो गया और गर्मी बढ़ गई। पंखा बंद था। मुझे नींद नहीं आ रही थी। पसीना निकल रहा था। मन में फिल्म के दृश्य और पूनम की यादें थीं। मेरा लंड हल्का उभरा था। मैं चाचा के कमरे में चला गया। चाचा चाची और पूनम सोए थे। चाचा ने कहा यहीं सो जा। मैं एक जगह लेट गया।
थोड़ी देर बाद मुझे पैर पर काटा। तेज दर्द हुआ जैसे दांत गड़ गए हों। मुझे लगा चूहे ने काटा होगा। मैंने पैर हिलाया और आँखें बंद कर लीं। मैं सो गया।
थोड़ी देर बाद फिर काटा। मुझे एहसास हुआ कि वहां कोई चूहा नहीं बल्कि चाचा की साली थी जो मुझे काट रही है। मैंने अपनी सोने की साइड बदली और मेरा चेहरा उसके चेहरे के सामने था।
उसने मेरा हाथ पकड़ा। मैंने वह हाथ हटा दिया। लेकिन जब उसने दूसरी बार मेरा हाथ पकड़ा तो मैंने भी सोचा कि मैं भी काफी परेशान हूं तो क्यों न इसका ही फायदा उठा लूं।
और मैंने अपने हाथ उसके स्तनों पर प्रेस किया। उसको थोड़ा दर्द हुआ क्योंकि काफी टाइट थे उसके स्तन। फिर उसके बाद मैंने उसके होंठों को चूमना शुरू कर दिया। काफी समय तक चूमा मैंने और मुझे कब नींद आ गई मुझे पता ही नहीं चला।
सुबह में वह मुझे देख कर मुस्कुरा रही थी। मैंने भी मुस्कुराहट पास की। उसको अच्छा लगा।
मम्मी ने मुझे खाना दिया तो वह भी मेरे साथ खाना खाने लगी। मैंने मना कर दिया। उसको बुरा लगा पर वह वहां से चली गई।
रात को मैंने उसको इशारा करके ऊपर बुलाया। पहले मैंने उसको होंठों को चूमा। फिर उसको स्तनों को दबाने के बाद मैंने उसकी पैंटी में हाथ डाला तो उसकी चूत गीली थी।
मैंने कहा, मुझे तेरे साथ चुदाई करनी है। तो उसने कहा, अभी नहीं, रात को दो बजे करेंगे। मैंने कहा, नहीं, अभी करनी है। मेरे ज्यादा जोर देने पर वह मान गई।
उसके मान जाने के बाद मैंने उसे अपनी बाहों में कस कर खींच लिया और उसके नरम होंठों पर जोर से चुम्बन किया। हमारी सांसें मिल गईं। उसकी जीभ मेरी जीभ से लिपट गई। मैंने उसके शरीर को सहलाते हुए उसके नीचे के कपड़े धीरे से उतारना शुरू किया।
पहले उसके लोअर को खींचा। उसकी चिकनी और गोरी जांघें मेरी आंखों के सामने आ गईं। फिर उसकी पैंटी को उतार दिया। उसकी चूत पूरी तरह नंगी हो गई। वह पहले से ही थोड़ी गीली थी। मैंने अपनी उंगलियों से उसके चूत के कोमल होठों को छुआ। वह कांप उठी और सांस अंदर खींच ली।
मैंने खुद भी अपने सभी कपड़े उतार दिए। मेरा लंड खड़ा होकर तड़प रहा था। उसका अगला हिस्सा चमक रहा था और उसमें से थोड़ा सा पानी निकल रहा था।
फिर मैंने उसे बिस्तर पर लिटा दिया और उसकी दोनों टांगें खोल दीं। मैं उसके बीच में झुका और उसकी भीतरी जांघों पर हल्के चुम्बन किए। उसके शरीर में सिहरन दौड़ गई। फिर मैंने अपनी जीभ निकाली और उसके चूत के होठों को धीरे से चाटना शुरू किया। उसका स्वाद नमकीन और मीठा मिश्रण था। मैंने उसके चूत के अंदर जीभ घुसाई और चूसने लगा। वह जोर से चीख पड़ी।
आह्ह्ह… मीत… ओह्ह… तुम्हारी जीभ से मेरी चूत गीली हो गई… आह्ह… उफ्फ्फ…
उसने मेरे सिर को पकड़ कर खींचा और हम दोनों 69 पोजीशन में आ गए। मेरा लंड उसके मुंह के ठीक सामने था और उसकी चूत मेरे मुंह के पास। उसने मेरे लंड को अपनी नरम हथेलियों में लिया और उसके सिरे को चूमा। फिर धीरे धीरे मुंह में डाल कर चूसने लगी। उम्म्म… स्लर्प… स्लर्प… उसकी चूसने की आवाजें कमरे में गूंज रही थीं। मैंने भी उसकी गीली चूत को जोर से चाटा। एक उंगली उसके अंदर डाल कर आगे पीछे करने लगा। वह मेरे लंड को और गहराई तक ले जा रही थी। दोनों की तरफ से moans निकल रहे थे।
आह्ह… हां मेरी जान… ऐसे ही चूसो… आह्ह… उफ्फ…
हमने काफी देर तक एक दूसरे के साथ मुंह से चुदाई की। उसके रस मेरे मुंह में भर रहे थे और मेरा प्रीकम उसकी जीभ पर लग रहा था।
फिर मैंने पोजीशन बदल दी। मैं उसके ऊपर आ गया और उसके बीच में बैठ गया। मैंने अपना मोटा लंड उसकी चूत के गीले होठों पर रगड़ा। ऊपर से नीचे तक घुमाया। वह बेचैन होकर कमर उठाने लगी।
आह्ह… मीत… अब मत सताओ… डाल दो अपना लंड… मेरी चूत को चोदो… आह्ह्ह…
मैंने अपने लंड को उसकी चूत पर लगाया और हल्का सा झटका दिया। लंड अंदर चला गया। उसको थोड़ा दर्द हुआ।
आह्ह… दर्द हो रहा है… मीत… धीरे से… वह फुसफुसाई। मैंने और जोर लगाया। मेरा लंड उसकी तंग चूत में धीरे धीरे घुसता गया। उसकी चूत की गर्म दीवारें मेरे लंड को कस कर पकड़ रही थीं। दर्द उसके चेहरे पर साफ दिख रहा था लेकिन जल्दी ही वह आनंद में बदलने लगा। वह अपनी कमर को हिलाने लगी।
अब मैंने चुदाई शुरू कर दी। पहले धीरे धीरे धक्के लगाए। मेरा लंड अंदर जाता और बाहर आता। वह जोर जोर से चुदवा रही थी।
आह्ह्ह… मीत… मैं तुमसे प्यार करती हूं… आह्ह… तेरे इस मोटे लंड से चुदवाना मुझे बहुत अच्छा लगता है… जोर से चोदो मुझे… आह्ह उफ्फ…
मैंने भी कहा, हां मेरी रानी… आह्ह… मैं भी तुमसे प्यार करता हूं… तेरी चूत कितनी गर्म और टाइट है… उफ्फ… आह्ह…
फिर मैंने रफ्तार बढ़ा दी। जोर जोर से धक्के लगाने लगा। उसकी चूत से गीली पुच पुच की आवाजें आने लगीं। उसका पूरा शरीर मेरे नीचे कांप रहा था। उसकी सांसें बहुत तेज हो गई थीं। वह लगातार जोर जोर से moan कर रही थी।
आह आह आह… ओह्ह मीत… और जोर से… मेरी चूत फट रही है… आह्ह्ह… हां ऐसे ही चोदो…
मैंने उसकी टांगें अपने कंधों पर रख लीं। अब मेरे धक्के और भी गहरे और जोरदार हो गए। मेरा लंड उसके सबसे अंदर तक जा रहा था। वह जोर से चीखने लगी।
आह्ह… हां मीत… गहरा… आह्ह… मैं मर जाऊंगी इस मजेदार चुदाई से… उफ्फ…
कुछ देर बाद मैंने रफ्तार को धीमा कर दिया। अब धीरे लेकिन बहुत गहरे धक्के लगाए। पूरा लंड बाहर निकाल कर फिर एक जोरदार झटके से अंदर घुसा दिया। वह सिसकने लगी।
आह्ह… मीत… बहुत अच्छा लग रहा है… आह्ह… ऐसे ही धीरे धीरे…
फिर से मैं तेज हो गया। हम दोनों पसीने से भीग चुके थे। उसकी चूत बार बार मेरे लंड को निगल रही थी और छोड़ रही थी।
काफी देर चुदाई करने के बाद मैंने अपना दम तोड़ दिया और मेरा ढेर सारा माल उसकी चूत में डाल दिया। मेरे लंड ने जोर जोर से फड़कते हुए गाढ़ा और गर्म माल उसके अंदर छोड़ा। एक के बाद एक लंबी धार उसके गर्भाशय तक गई। उसको आनंद आया। वह भी जोर से पूरे शरीर से कांप उठी।
आह्ह्ह… मीत… मैं भी झड़ रही हूं… आह्ह आह्ह… ओह्ह…
फिर वह चली गई। अब जब भी हम दोनों को मौका मिलता है हम चुदाई कर लेते हैं। अगर किसी को चूत मिली हो तो उसको ले लेना चाहिए।